ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदायूं के अपने दौरे पर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकारों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चंपत राय को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने अयोध्या में चंदे के कथित दुरुपयोग, जिसे उन्होंने 'चंदा चोरी' करार दिया, के संबंध में अपनी बात रखी और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। अपने संबोधन में, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भी सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कई राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर व्यक्त की। बताया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौ सेवा और गौ संरक्षण के उद्देश्य से यात्रा पर निकले हैं। उनके इस दौरे के दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक और श्रद्धालु भी मौजूद रहे। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 'अयोध्या चंदा चोरी' का आरोप स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बयान है। जब तक किसी सक्षम जांच एजेंसी या न्यायालय द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हो जाती, इसे एक आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदायूं के अपने दौरे पर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकारों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चंपत राय को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने अयोध्या में चंदे के कथित दुरुपयोग, जिसे उन्होंने 'चंदा चोरी' करार दिया, के संबंध में अपनी बात रखी और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। अपने संबोधन में, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भी सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कई राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर व्यक्त की। बताया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौ सेवा और गौ संरक्षण के उद्देश्य से यात्रा पर निकले हैं। उनके इस दौरे के दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक और श्रद्धालु भी मौजूद रहे। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 'अयोध्या चंदा चोरी' का आरोप स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बयान है। जब तक किसी सक्षम जांच एजेंसी या न्यायालय द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हो जाती, इसे एक आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
- उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस के भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया गया है, जिसे एक शिकायतकर्ता ने 'खुली पोल' बताया है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से विशेष विनती और प्रार्थना की है कि ऐसे भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंका जाए। इस अपील में आरोप लगाया गया है कि ट्रैफिक पुलिस ने 'भोजपुरी के नाम से देश में बवाल मचा रखा है', और इस तरह के कृत्यों को 'सख्त मानवी अपराध' माना गया है। मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया गया है कि भ्रष्टाचार को समाप्त कर आने वाले समाज को एक नई ऊर्जा दिलाई जाए।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी से संबंधित मामले में सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी किया गया है।1
- बदायूं में भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण के महानायक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, परम पूज्य गुरुदेव युगऋषि वेदमूर्ति, तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की पुण्यतिथि पर प्रखर बाल संस्कारशाला के कैंप कार्यालय में वेद मंत्रोच्चारण के साथ पूजन और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। गायत्री शक्तिपीठ के वरिष्ठ ट्रस्टी सुखपाल शर्मा ने बताया कि युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की प्रथम पुण्यतिथि पर 27 जून 1991 को भारत सरकार ने उनके अद्वितीय राष्ट्र एवं समाजसेवी योगदान के सम्मान में एक रुपये के 8 लाख स्मारक डाक टिकट जारी किए थे। राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक गरिमामय राष्ट्रीय समारोह में तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा ने इन डाक टिकटों का विधिवत विमोचन किया था। इसके अतिरिक्त, अखिल विश्व गायत्री परिवार गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के स्वर्ण जयंती वर्ष (1971-2021) के उपलक्ष्य में दूसरी बार भारत सरकार ने पांच रुपये मूल्य के 4,02,525 टिकट जारी किए। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का जीवन राष्ट्रभक्ति, तप, त्याग, सेवा और आध्यात्मिक क्रांति का अद्भुत संगम था। उन्होंने अपनी युवावस्था में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय योगदान दिया और आजादी के बाद समाज में नैतिक एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण का विराट अभियान प्रारंभ किया। आचार्यश्री ने अपना संपूर्ण जीवन मानव मात्र के उत्थान, विचार क्रांति और चरित्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज (हरिद्वार), ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान, गायत्री तपोभूमि मथुरा और अखण्ड ज्योति संस्थान मथुरा जैसे अनेक संस्थानों की स्थापना कर अध्यात्म और विज्ञान के समन्वय का नया अध्याय शुरू किया। उनके द्वारा लिखित 3200 से अधिक पुस्तकें, 25 ग्रह-नक्षत्रों पर ग्रंथ, 19वां पुराण 'प्रज्ञा पुराण', चारों वेदों का भाष्य, 81 से अधिक वाड़्मय और अनेकों ग्रंथ आज भी जीवन निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास के मार्गदर्शक माने जाते हैं। गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन रघुनाथ सिंह ने परम पूज्य गुरुदेव के गायत्री साधना, यज्ञ संस्कृति, संस्कार परंपरा, नारी जागरण, युवा चेतना, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और सामाजिक समरसता जैसे अभियानों को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान को रेखांकित किया। वहीं, गायत्री परिवार के इं. नत्थूलाल शर्मा ने बताया कि युगऋषि का उद्घोष "हम बदलेंगे—युग बदलेगा, हम सुधरेंगे—युग सुधरेगा" आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका मानना था कि समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम व्यक्ति का आत्मपरिष्कार है। इसी विचार को आधार बनाकर उन्होंने विचार क्रांति अभियान चलाया, जिसने देश-विदेश में लाखों लोगों को संयम, सेवा, सदाचार और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में प्रेरित किया। श्रीराम शर्मा आचार्य ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने जीवन को राष्ट्र और समाज के लिए उपयोगी बनाएं तथा शिक्षा के साथ संस्कार, विज्ञान के साथ अध्यात्म और प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों के समन्वय पर विशेष बल दिया। उनके मार्गदर्शन में प्रारंभ हुए लाखों यज्ञ, संस्कार, प्रज्ञा संस्थान, साथ ही विश्व भर में 24000 से अधिक शक्तिपीठ और प्रज्ञा मंडल आज भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मृत्युंजय शर्मा, देवेंद्र पाल, मान्या शर्मा, भूमि शर्मा, दीप्ति शर्मा, सौरभ सहित अनेक लोग मौजूद रहे।1
- बरेली के सिरौली थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने अवैध डोडा पोस्त की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रुखाड़ा मोड़ के पास घेराबंदी की और 28 किलो 802 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया। इस दौरान, पुलिस को देखते ही दो तस्करों में से एक बोरा फेंककर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे आरोपी यादराम, निवासी मुगलपुर प्रथम, को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है, वहीं फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।1
- त्रिण्दडी देव सेवा आश्रम, बल्लिया में वर्षों से चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतर्गत शनिवार को भगवान लक्ष्मी नारायण की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव से पहले एक भव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा आश्रम से शुरू होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आश्रम के संस्थापक वैकुंठ वासी स्वामी राजेन्द्राचार्य महाराज का यह वर्षों पुराना संकल्प था कि बल्लिया कस्बे में वैष्णव धर्म के प्रचार-प्रसार हेतु भगवान लक्ष्मी नारायण का भव्य मंदिर स्थापित किया जाए। श्रद्धालुओं के सहयोग और अथक प्रयासों से अब यह संकल्प साकार होने जा रहा है। यह पूरा कार्यक्रम आश्रम के उत्तराधिकारी जगद्गुरु स्वामी गोविंदाचार्य महाराज के सान्निध्य और तत्वावधान में आयोजित किया गया है। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और जयघोष करते हुए भगवान की शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस महायज्ञ के यजमानों में प्रमोद पाठक, अवनीश शर्मा, अमित दीक्षित, रामपाल जायसवाल, रामनिवास वर्मा, कुलदीप गुप्ता और सुनील यादव शामिल हैं। यज्ञाचार्य के रूप में काशी से पधारे पंडित मधुरंजन तिवारी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराएंगे, उनके साथ अन्य विद्वान आचार्य भी उपस्थित हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए यज्ञ समिति के सभी सदस्य, आश्रम के सेवादार संजू शर्मा, राजाराम शर्मा, ठाकुर नत्थू सिंह, भूरे यादव, पं. सुदीप शर्मा सहित कई अन्य श्रद्धालु भी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। आश्रम के पुजारी दामोदर दास (दुर्गपाल) ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।4
- बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और ट्रस्ट से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राम मंदिर से जुड़े हर व्यक्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी इसमें दोषी पाया जाए, उसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। सांसद यादव ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल औपचारिकता निभा रही है। उनके मुताबिक, जांच के नाम पर समय सिर्फ इसलिए दिया जा रहा है ताकि इस प्रकरण में शामिल बड़े लोगों को बचाया जा सके। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि जब सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी उन्हीं लोगों को रिपोर्ट सौंप रही है जो स्वयं ट्रस्ट से संबंधित हैं, तो ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है? आदित्य यादव ने यह भी कहा कि चंपत राय का इस्तीफा देना कोई सजा नहीं है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। उनका दावा है कि इस पूरे मामले में अभी तक कई अहम नाम सामने नहीं आए हैं, जिसके लिए प्रकरण की गहराई से जांच बेहद ज़रूरी है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीराम सब जानते हैं, और इसी वजह से वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को जवाब दिया। सांसद यादव ने चंदे की कथित चोरी की पूरी वसूली करने और जमीन घोटालों में शामिल लोगों से भी वसूली किए जाने की मांग की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जनता की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, और जांच पूरी तरह से पारदर्शी व निष्पक्ष होनी चाहिए।3
- जनपद बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में एक टेम्पो और बाइक की टक्कर के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए। यह मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस पथराव में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसने हालात पर काबू पाते हुए 10 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। फिलहाल, इस्लामनगर क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।1