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उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि यहाँ समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते हैं, जिससे इलाज में काफी देरी होती है और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में डॉक्टर वार्डों का नियमित निरीक्षण भी नहीं करते हैं, जिसके कारण मरीज लंबे समय तक केवल उपचार की आस में इंतजार करते रहते हैं। इस अव्यवस्था से त्रस्त मरीजों का कहना है कि उन्हें समय पर न तो उचित इलाज मिल रहा है और न ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिल पा रही है। परेशान मरीजों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने तथा नियमित चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
Pravendra Singh
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि यहाँ समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते हैं, जिससे इलाज में काफी देरी होती है और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में डॉक्टर वार्डों का नियमित निरीक्षण भी नहीं करते हैं, जिसके कारण मरीज लंबे समय तक केवल उपचार की आस में इंतजार करते रहते हैं। इस अव्यवस्था से त्रस्त मरीजों का कहना है कि उन्हें समय पर न तो उचित इलाज मिल रहा है और न ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिल पा रही है। परेशान मरीजों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने तथा नियमित चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
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- बदायूं के दातागंज में हजरतपुर थाना क्षेत्र के पिपला गांव के पास मजिस्ट्रेट ने अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अवैध खनन सामग्री ले जाते हुए दो ट्रैक्टरों को पकड़ा गया, जिससे खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। लेकिन इस मामले में ग्रामीणों और सूत्रों ने मजिस्ट्रेट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मजिस्ट्रेट ने पकड़े गए इन सभी ट्रैक्टरों को आर्थिक साठ-गांठ करके छोड़ दिया है। सूत्रों के मुताबिक भी मजिस्ट्रेट द्वारा पकड़े गए ट्रैक्टरों को आर्थिक साठ-गांठ के बाद छोड़ देने की बात कही जा रही है।3
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में स्थित कॉलेज में पेपर खत्म होने के बाद छात्रों की भारी भीड़ देखने को मिली है। बदायूं कॉलेज में पेपर समाप्त होने के बाद वहां बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स एकत्रित हो गए, जिससे भारी भीड़ की स्थिति बन गई।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि यहाँ समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते हैं, जिससे इलाज में काफी देरी होती है और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में डॉक्टर वार्डों का नियमित निरीक्षण भी नहीं करते हैं, जिसके कारण मरीज लंबे समय तक केवल उपचार की आस में इंतजार करते रहते हैं। इस अव्यवस्था से त्रस्त मरीजों का कहना है कि उन्हें समय पर न तो उचित इलाज मिल रहा है और न ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिल पा रही है। परेशान मरीजों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने तथा नियमित चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र के पिपला गांव के पास अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दातागंज के मजिस्ट्रेट ने छापेमारी के दौरान खनन सामग्री ले जा रहे दो ट्रैक्टरों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के बाद मामला उस समय चर्चा में आ गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पकड़े गए ट्रैक्टरों को कथित तौर पर छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वाहन अवैध खनन में संलिप्त थे, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए थी। हालांकि, ट्रैक्टर छोड़े जाने के आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल पूरे मामले पर क्षेत्र की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं।2
- बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। दातागंज के मजिस्ट्रेट ने पिपला गांव के पास छापेमारी कर अवैध खनन सामग्री ले जा रहे दो ट्रैक्टरों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक मुस्तैदी की चर्चा होने लगी। हालांकि, इस कार्रवाई के तुरंत बाद मामला उस समय बेहद विवादित हो गया जब स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि पकड़े गए ट्रैक्टरों को कथित आर्थिक साठगांठ के बाद बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि अवैध खनन के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की गई थी, तो पकड़े गए वाहनों पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी। फिलहाल ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी किया गया है। यदि ग्रामीणों के आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो सकती है। पिपला गांव के पास हुई इस पूरी घटना के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और इस पर आने वाले आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।4
- बदायूं के थाना जरीफनगर क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर कलां में गुरुवार की रात अज्ञात चोरों ने आईडीबीआई बैंक की मिनी शाखा को अपना निशाना बनाया। चोरों ने बैंक की मिनी शाखा के शटर के ताले तोड़कर वहां रखी नगदी सहित लाखों का माल चुरा लिया और मौके से फरार हो गए। शुक्रवार की सुबह जब मिनी शाखा इंचार्ज अर्जुन बैंक शाखा खोलने पहुंचे, तो शटर के ताले टूटे देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद पीड़ित ने तत्काल थाना जरीफनगर पहुंचकर अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी। सूचना मिलने पर थाना जरीफनगर पुलिस ने मौके का मुआयना कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक महिला के अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ जाने से हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी फैल गई। महिला को टावर पर चढ़ा देख घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे आसपास का माहौल काफी तनावपूर्ण बन गया। इस घटना की वजह से मौके पर घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और महिला को नीचे उतारने के लिए काफी देर तक समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद टीम महिला को सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही, जिसके बाद उसे आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया। फिलहाल पुलिस महिला के टावर पर चढ़ने के कारणों की जांच कर रही है और इस जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1