लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के अम्बरगंज वार्ड में वर्ष 2023 के नगर निकाय चुनाव को लेकर शुरू हुई राजनीतिक रंजिश एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा कार्यकर्ता नावेद मुस्तफा ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 के पार्षद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनीता यादव के पक्ष में सक्रिय रूप से प्रचार करने के कारण उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी चुनावी रंजिश के चलते समाजवादी पार्टी के एक पूर्व पार्षद ने उनके विरुद्ध सआदतगंज थाने में झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। नावेद का कहना है कि क्षेत्र में भाजपा के प्रचार-प्रसार को लेकर उन्हें पहले भी कई बार रोका गया था। इस मामले में भाजपा की पूर्व पार्षद प्रत्याशी अनीता यादव के पति एवं वार्ड अध्यक्ष ओमकार सिंह यादव भी नावेद मुस्तफा के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक द्वेष के चलते नावेद को निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा, नावेद मुस्तफा ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और बयान प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। भाजपा के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी नावेद मुस्तफा के समर्थन में लामबंद हो गए हैं। ये कार्यकर्ता जल्द ही पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग करेंगे।
लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के अम्बरगंज वार्ड में वर्ष 2023 के नगर निकाय चुनाव को लेकर शुरू हुई राजनीतिक रंजिश एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा कार्यकर्ता नावेद मुस्तफा ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 के पार्षद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनीता यादव के पक्ष में सक्रिय रूप से प्रचार करने के कारण उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी चुनावी रंजिश के चलते समाजवादी पार्टी के एक पूर्व पार्षद ने उनके विरुद्ध सआदतगंज थाने में झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। नावेद का कहना है कि क्षेत्र में भाजपा के प्रचार-प्रसार को लेकर उन्हें पहले भी कई बार रोका गया था। इस मामले में भाजपा की पूर्व पार्षद प्रत्याशी अनीता यादव के पति एवं वार्ड अध्यक्ष ओमकार सिंह यादव भी नावेद मुस्तफा के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक द्वेष के चलते नावेद को निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा, नावेद मुस्तफा ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और बयान प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। भाजपा के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी नावेद मुस्तफा के समर्थन में लामबंद हो गए हैं। ये कार्यकर्ता जल्द ही पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग करेंगे।
- उत्तर प्रदेश विधानसभा स्पीकर सतीश महाना पर चंदा चोरों का बचाव करने का सीधा आरोप लगाया गया है। स्पीकर सतीश महाना का कहना है कि जिन लोगों ने गलत भावना के साथ चंदा दिया था, इसलिए उनका चंदा चोरी हुआ है। उनके इस तर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए इसकी तुलना उन लोगों की मानसिकता से की गई है जो बलात्कार होने पर छोटे कपड़ों को दोष देते हैं। इस तीखे मामले को रिपोर्टर और एडिटर मो. जुनैद ने सामने रखा है।1
- देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। पिछले महज 10 दिनों के भीतर पेट्रोल के दामों में चार बार बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे कुल ₹7.5 का बड़ा उछाल आया है। इस वृद्धि का सीधा असर आम मध्यम वर्ग और गरीब लोगों पर पड़ रहा है। पेट्रोल महंगा होने से न सिर्फ परिवहन का खर्च बढ़ा है, बल्कि दैनिक जीवन के खर्चे भी बढ़ गए हैं और हर चीज पर इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ रहा है। इस संकट के बीच साल 2014 से पहले के रवैये को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। तब जब भी पेट्रोल के दाम बढ़ते थे, विपक्ष चिल्लाता था कि सरकार निकम्मी है और दिल्ली में बैठकर कुछ नहीं कर रही है। यहाँ तक कि मोदी जी खुद अपने भाषणों में कहते थे कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी देश की जनता पर हमला है और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। लेकिन आज जब कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, तो वही सवाल पूछने वाले लोग पूरी तरह खामोश हैं। आज सरकार के समर्थक तर्क दे रहे हैं कि पेट्रोल के दाम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और टैक्स की वजह से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल पूछा जा रहा है कि यही तर्क साल 2014 से पहले क्यों स्वीकार नहीं किया गया था? क्या तब पेट्रोल की कीमत केवल एक राजनीतिक मुद्दा थी और आज यह आर्थिक मजबूरी बन गई है, या फिर सत्ता में आते ही मापदंड बदल जाते हैं? लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल पूछना है, लेकिन जनता के लिए भी पुराने बयानों और आज की हकीकत की तुलना करना बेहद जरूरी है। अंत में एक सीधा सवाल उठाया गया है कि अगर तब सरकार की अक्षमता थी, तो आज क्या है?1
- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा है कि बाबा बागेश्वर डरे हुए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पर्ची निकालने के बाद अब बचना मुश्किल होगा।1
- लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र में स्थित गीता पुरी ज्वेलरी शॉप में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने सफल खुलासा किया है। इस बड़ी कामयाबी के तहत पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 15 से 20 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद कर लिए हैं। इस मामले का खुलासा एडीसीपी पूर्वी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। पुलिस के अनुसार, चोरी की इस वारदात का सफल अनावरण करते हुए बरामदगी सुनिश्चित की गई है। इस प्रकरण में पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)' आंदोलन को समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अपना समर्थन दिया है। गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचीं डिंपल यादव ने वहां मौजूद आंदोलनकारियों से मुलाकात की और शिक्षा व युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस आंदोलन को उनके अलावा विपक्ष के कई अन्य नेताओं ने भी अपना समर्थन दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग की उपायुक्त अंबिका सिंह को ₹50 हजार की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दरअसल, एक व्यापारी की जीएसटी फाइल के निस्तारण के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस को मिली थी, जिसके सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया और उन्हें कथित तौर पर रिश्वत लेते पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान अंबिका सिंह ने टीम का विरोध किया और वहां से निकलने की कोशिश भी की, लेकिन विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1