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जय निषादराज जय गंगा मैया बसंत पंचमी पर गंगा मंदिर का होगा भूमि पूजन
Pushpendra hatta Press reporter
जय निषादराज जय गंगा मैया बसंत पंचमी पर गंगा मंदिर का होगा भूमि पूजन
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- अनुभूति कार्यक्रम मे छात्रों ने जंगल की सैर और वन की सुरक्षा का कर्तव्य निभाएंगे कुम्हारी - वन विभाग के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन सलैया वन चौकी मे हुआ जिसमें छात्र-छात्राओं ने जंगल में 5 किलोमीटर तक पेड़ पौधे जंगली जानवर पेड़ों की प्रजाति आदि से जुड़ी हुई जानकारी वन विभाग की टीम के द्वारा उन्हें बताई गई वन हमारे लिए जीवन देने वाले मानव सभ्यता में वन की अहम भूमिका है | वन से ही पर्यावरण वर्षा निर्भर होती है वनों की सुरक्षा का दायित्व हमारा मुख्य उद्देश्य होता है अधिक से अधिक हम पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे ताकि पर्यावरण का संतुलन सही रहे अनुभूति कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर बी एल रोहित रिटायर्ड शिक्षक जिन्हें 2013 में राष्ट्रपति, राज्यपाल, पुरस्कार दोनों से सम्मानित जिन्होंने छात्र-छात्राओं को वन सभ्यता से जुड़ी जानकारी और वातावरण को दूषित करने में प्लास्टिक की अहम भूमिका होती है जो 400 वर्षों तक जीवित रहती है जो हमारी मिट्टी को भी दूषित करती है उसका उपयोग हम बिल्कुल भी ना करें अनुभूति कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय तृतीय छात्र जिन्होंने अपने स्थान पाया उन्हें पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र दिया गया कार्यक्रम में रेंजर अखिलेश चौरसिया डिप्टी रेंजर मुकेश पाराशर, जगदीश समदड़िया, अब्दुल सईद बलवंत सिंह, रसीद कुरैशी, वनपाल दुर्गेशअहिरवारआदि स्टॉफ वही विद्यालय प्रबंधन से प्रभारी प्राचार्य हरिशंकर लोधी भरत सिंह अमित जैन, राकेश झरिया,सपना ताम्रकार,मीना जैन, लोकेन्द्र सीग आदि की उपस्थिति रही अनुभूति कार्यक्रम में 130 छात्र-छात्राओं ने भ्रमण किया और जंगल के प्रति हमारा क्या दायित्व है,क्या कर्तव्य है, संबंधित जानकारी सनी बड़ों से मिलने वाली औषधि जो हमारे लिए जीवनदायनी होती हैं उनका संरक्षण सुरक्षा करना मानव का मुख्य कर्तव्य है |1
- https://youtu.be/9slbnEpTuxs?si=mgCiy73z7CaCFuPM पूरा वीडियो यूट्यूब चैनल पर... 1 से 3 लाख रुपए तक की यह फसल प्रति एकड़ में निकलती है।1
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- सत्ता का दबाव तेंदूखेड़ा क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष पर सरपंचों के गंभीर आरोप ➡️ सरपंचों का सवाल “यह मामला अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि पंचायती राज व्यवस्था की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बन गया है। ➡️ ऑडियो वायरल, कार्रवाई शून्य भाजपा तारादेही मंडल अध्यक्ष का एक ऑडियो वायरल बताया जा रहा है। हालांकि हम ऑडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं करते, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ➡️ निष्पक्ष जांच की मांग सरपंचों ने सरकार और पार्टी संगठन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- नौगांव तोरण द्वार हादसा में मजदूर की मौत पर परिजनों का हंगामा प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप । तोरण द्वार निर्माण कार्य की निगरानी नगर पालिका नौगांव में पदस्थ इलेक्ट्रीशियन इंजीनियर गगन सूर्यवंशी द्वारा की जा रही थी जिनके पास सिविल कार्य का कोई भी डिप्लोमा नहीं है । हालांकि नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है दैनिक दी बेस्ट न्यूज़ नौगांव1
- भट्टा मोहल्ला में भूजल पर हमला! इंडियन कॉफी हाउस के पीछे खदान को मलबे से भरने का खेल, प्रशासनिक आदेशों की उड़ाई धज्जियां कटनी। भट्टा मोहल्ला स्थित इंडियन कॉफी हाउस के पीछे मौजूद पुरानी खदान को सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे से भरा जा रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी हैं कि खदानों को पाटना पूर्णतः प्रतिबंधित है। कारण साफ है—ये खदानें वॉटर चार्जिंग जोन के रूप में कार्य करती हैं और भूजल संचयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद नगर निगम क्षेत्र में खुलेआम खनन स्थल को डंपिंग यार्ड में तब्दील किया जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आने वाले समय में जल संकट को भी न्योता दे सकता है। ⚠️ भूजल संचयन खत्म करने की साजिश? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खदानें वर्षा जल को धरती में समाहित कर जलस्तर बनाए रखने में सहायक होती हैं। इन्हें मलबे से भरना सीधे तौर पर भूजल स्रोतों की हत्या के समान है। 🤝 नगर निगम–नेता गठजोड़ की बू? स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे को जानबूझकर खदान में डलवाया जा रहा है, जो नगर निगम के कुछ अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यदि प्रशासन के आदेश स्पष्ट हैं, तो फिर यह कार्य किसकी अनुमति से हो रहा है—यह बड़ा सवाल है। ❓ प्रशासन की चुप्पी क्यों? क्या पर्यावरण नियम केवल कागजों तक सीमित हैं? क्या खदान भरने के बदले किसी प्रकार का लाभ लिया जा रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? 📢 जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल हस्तक्षेप, मलबा डालने पर तुरंत रोक और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका खामियाजा पूरे शहर को जल संकट के रूप में भुगतना पड़ेगा।1