logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

🔥बाल योगी का बड़ा यू-टर्न! भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल के घर पहुंचे

9 hrs ago
user_RPR NEWS TV
RPR NEWS TV
Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
9 hrs ago

🔥बाल योगी का बड़ा यू-टर्न! भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल के घर पहुंचे

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मथुरा की आरती गौड बनीं ग्राम पंचायत अधिकारी परिजनों में खुशी की लहर मथुरा की आरती गौड बनीं ग्राम पंचायत अधिकारी
    1
    मथुरा की आरती गौड बनीं ग्राम पंचायत अधिकारी परिजनों में खुशी की लहर
मथुरा की आरती गौड बनीं ग्राम पंचायत अधिकारी
    user_Police Ki Aawaz News
    Police Ki Aawaz News
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • 🔥बाल योगी का बड़ा यू-टर्न! भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल के घर पहुंचे
    1
    🔥बाल योगी का बड़ा यू-टर्न! भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल के घर पहुंचे
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • मथुरा की जागृति चौधरी ने जीता गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया 2026 का ताज क्षेत्र का बढ़ाया मान ​मथुरा ब्रज की पावन धरा की रहने वाली जागृति चौधरी ने प्रतिष्ठित गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया 2026 GrahLakshmi Mrs India 2026 का खिताब अपने नाम कर मथुरा और पूरे ब्रज क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है यह जीत केवल एक ब्यूटी पेजेंट की सफलता नहीं बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच सपनों को साकार करने के अटूट संकल्प की मिसाल है​दो बच्चों की मां और बेटी की शादी के बाद अब तीन बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहीं जागृति एक सफल बिजनेस वुमन फिटनेस कोच और मैराथन रनर भी हैं उन्होंने यह साबित कर दिया कि अपने सपनों को उड़ान देने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती फिनाले के मंच पर अपने प्रेरणादायक संबोधन में जागृति चौधरी ने कहा उम्र ने मुझे रोकने की बहुत कोशिश की मगर मेरे सपनों ने मुझे कभी रुकने नहीं दिया खूबसूरती सिर्फ चेहरे में नहीं बल्कि आपके आत्मविश्वास में होती है अपने टैलेंट को पहचानिए और अपने सपनों को जीने का साहस रखिए जागृति की इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर उनके पति श्री कृष्ण चौधरी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि एक पत्नी मां बिजनेस वुमन और फिटनेस कोच के रूप में सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभाते हुए जागृति ने यह मुकाम हासिल किया है मथुरा और ब्रज की बेटी बहू की यह उपलब्धि पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक एवं गर्व का क्षण है ​गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया 2026 का यह ताज जागृति चौधरी के समर्पण फिटनेस और बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है जो आज देश की उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो अक्सर जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को पीछे छोड़ देती हैं
    4
    मथुरा की जागृति चौधरी ने जीता गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया 2026 का ताज क्षेत्र का बढ़ाया मान
​मथुरा ब्रज की पावन धरा की रहने वाली जागृति चौधरी ने प्रतिष्ठित गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया 2026 GrahLakshmi Mrs India 2026 का खिताब अपने नाम कर मथुरा और पूरे ब्रज क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है यह जीत केवल एक ब्यूटी पेजेंट की सफलता नहीं बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच सपनों को साकार करने के अटूट संकल्प की मिसाल है​दो बच्चों की मां और बेटी की शादी के बाद अब तीन बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहीं जागृति एक सफल बिजनेस वुमन फिटनेस कोच और मैराथन रनर भी हैं उन्होंने यह साबित कर दिया कि अपने सपनों को उड़ान देने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती फिनाले के मंच पर अपने प्रेरणादायक संबोधन में जागृति चौधरी ने कहा उम्र ने मुझे रोकने की बहुत कोशिश की मगर मेरे सपनों ने मुझे कभी रुकने नहीं दिया खूबसूरती सिर्फ चेहरे में नहीं बल्कि आपके आत्मविश्वास में होती है अपने टैलेंट को पहचानिए और अपने सपनों को जीने का साहस रखिए जागृति की इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर उनके पति श्री कृष्ण चौधरी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि एक पत्नी मां बिजनेस वुमन और फिटनेस कोच के रूप में सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभाते हुए जागृति ने यह मुकाम हासिल किया है मथुरा और ब्रज की बेटी बहू की यह उपलब्धि पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक एवं गर्व का क्षण है ​गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया 2026 का यह ताज जागृति चौधरी के समर्पण फिटनेस और बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है जो आज देश की उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो अक्सर जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को पीछे छोड़ देती हैं
    user_नितिन कर्दम
    नितिन कर्दम
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • वृंदावन में धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर टूटा दुखों का पहाड़, बांके बिहारी के दर्शन के बाद महिला की मौत वृंदावन। दिल्ली से धार्मिक यात्रा पर वृंदावन पहुंची 60 वर्षीय महिला की बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। महिला मंदिर की चौखट से बाहर निकलते ही अचानक अचेत होकर गिर पड़ी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद धार्मिक यात्रा पर साथ आए अन्य लोगों में कोहराम मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को दिल्ली की मधुवन कॉलोनी निवासी करीब 60 वर्षीय शालिनी कुछ लोगों के साथ धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आई थीं। सभी लोग बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन करने के बाद जैसे ही शालिनी मंदिर की चौखट से बाहर निकलीं, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह कुछ दूरी पर अचेत होकर गिर पड़ीं। महिला की हालत बिगड़ते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से महिला को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साथ आई घरेलू सहायिका संगीता अवस्थी ने बताया कि शालिनी बांके बिहारी के दर्शन करने की इच्छा लेकर वृंदावन आई थीं। उन्होंने मंदिर में दर्शन भी किए, लेकिन बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धार्मिक यात्रा के दौरान हुई अचानक मौत से साथ आए लोगों के बीच मातम पसर गया। जिस यात्रा में सभी लोग बांके बिहारी के दर्शन कर सुख-शांति की कामना लेकर आए थे, वही यात्रा अचानक गमगीन हो गई। बताया गया कि साथ आए लोगों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे शव को अपने साथ दिल्ली ले गए।
    3
    वृंदावन में धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर टूटा दुखों का पहाड़, बांके बिहारी के दर्शन के बाद महिला की मौत
वृंदावन। दिल्ली से धार्मिक यात्रा पर वृंदावन पहुंची 60 वर्षीय महिला की बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। महिला मंदिर की चौखट से बाहर निकलते ही अचानक अचेत होकर गिर पड़ी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद धार्मिक यात्रा पर साथ आए अन्य लोगों में कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को दिल्ली की मधुवन कॉलोनी निवासी करीब 60 वर्षीय शालिनी कुछ लोगों के साथ धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आई थीं। सभी लोग बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन करने के बाद जैसे ही शालिनी मंदिर की चौखट से बाहर निकलीं, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह कुछ दूरी पर अचेत होकर गिर पड़ीं।
महिला की हालत बिगड़ते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से महिला को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
साथ आई घरेलू सहायिका संगीता अवस्थी ने बताया कि शालिनी बांके बिहारी के दर्शन करने की इच्छा लेकर वृंदावन आई थीं। उन्होंने मंदिर में दर्शन भी किए, लेकिन बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
धार्मिक यात्रा के दौरान हुई अचानक मौत से साथ आए लोगों के बीच मातम पसर गया। जिस यात्रा में सभी लोग बांके बिहारी के दर्शन कर सुख-शांति की कामना लेकर आए थे, वही यात्रा अचानक गमगीन हो गई।
बताया गया कि साथ आए लोगों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे शव को अपने साथ दिल्ली ले गए।
    user_Manish Sharma Anb News
    Manish Sharma Anb News
    Local News Reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण जमीन हमारी है, एक इंच भूमि नहीं देंगे : महेंद्र प्रताप तीसरी बार हुई समझौता वार्ता में मुस्लिम पक्ष नहीं हुआ उपस्थित, हिंदू पक्षकारों ने दर्ज कराई आपत्ति मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को विशेष लोक अदालत में समझौता वार्ता का तीसरा प्रयास हुआ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार यादव (द्वितीय) की लोक अदालत में हुई सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष उपस्थित नहीं हुआ, जबकि हिंदू पक्षकार मौजूद रहे। मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति के चलते समझौता वार्ता की पत्रावली को निस्तारित कर दिया गया। अगली समझौता वार्ता 21, 22 अथवा 23 अगस्त में से किसी एक तिथि को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित है। समझौता वार्ता के बाद हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष का बार-बार वार्ता में उपस्थित न होना इस प्रकरण को लंबित रखने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की विवादित भूमि भगवान श्रीकृष्ण की भूमि है और उसके बदले किसी अन्य स्थान पर जमीन देने का सवाल ही नहीं उठता। महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा, "हमारा स्पष्ट मत है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की करीब ढाई एकड़ विवादित भूमि भगवान श्रीकृष्ण की है। अपने गोविंद की भूमि और उसके बदले किसी अन्य स्थान पर भूमि देने वाले हम कौन होते हैं। जमीन हमारी है, इसलिए एक इंच भूमि भी नहीं देंगे।" उन्होंने कहा, "हम न्यायालय के समक्ष इस बात को पूरी मजबूती से रखेंगे कि जिस भूमि को हम श्रीकृष्ण जन्मभूमि मानते हैं, उसके बदले किसी दूसरे स्थान पर भूमि स्वीकार करना हमारे अधिकार और आस्था दोनों के अनुरूप नहीं है।" महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, "हमारा आरोप है कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत में मंदिरों को तोड़कर धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण किया। मथुरा का यह प्रकरण भी उसी ऐतिहासिक विवाद से जुड़ा हुआ है। हमारे अनुसार वर्ष 1670 में औरंगजेब के समय श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मंदिर को क्षति पहुंचाई गई और उसके स्थान पर ईदगाह का निर्माण कराया गया। इसी अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर हम छह वर्ष से अधिक समय से न्यायालय में संघर्ष कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "यदि अतिक्रमित भूमि के बदले अतिक्रमण करने वालों को दूसरी भूमि देने का सिद्धांत स्वीकार किया गया तो देशभर में मंदिरों से जुड़े ऐसे विवादों में हिंदुओं को ही जमीन देने वाला पक्ष बनना पड़ेगा। अतिक्रमण हटाने के लिए अतिक्रमित भूमि के बदले दूसरी भूमि देना समाधान नहीं हो सकता।" महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व की समझौता वार्ताओं में कुछ हिंदू पक्षकारों और अन्य लोगों की ओर से शाही ईदगाह मस्जिद को हटाकर अन्य स्थान पर भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव सामने आया था। उन्होंने कहा, "श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह के ऊपर वर्तमान में जो निर्माण है, वह हमारे लिए केवल भवन का विवाद नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि से जुड़ा विषय है। हमारा प्रयास न्यायालय के माध्यम से इस विवाद का न्यायपूर्ण समाधान कराने का है।" उन्होंने मुस्लिम पक्ष के वार्ता में उपस्थित नहीं होने पर कहा, "पहली लोक अदालत में मुस्लिम पक्ष उपस्थित नहीं हुआ था। दूसरी बार में वार्ता में दोनों पक्ष उपस्थित हुए, लेकिन आपसी बातचीत से कोई सहमति नहीं बन सकी। मंगलवार को हुई तीसरी वार्ता में भी मुस्लिम पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इससे यह प्रतीत होता है कि मामले को लंबित रखने की कोशिश की जा रही है। हम चाहते हैं कि मामले का शीघ्र न्यायिक निस्तारण हो।" महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, "हम समझौते के विरोधी नहीं हैं, लेकिन समझौता न्याय और अधिकार के आधार पर होना चाहिए। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की भूमि को किसी अन्य स्थान की भूमि से बदलने का प्रश्न ही नहीं है। हमारा पक्ष स्पष्ट है और हम इसे न्यायालय में पूरी मजबूती के साथ रखेंगे।" इस दौरान हिंदू पक्षकार अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह, दिनेश फलाहारी, महेश खंडेलवाल, कपिल शर्मा, विजय बहादुर सिंह, हरेराम त्रिपाठी, प्रदीप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
    1
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण

जमीन हमारी है, एक इंच भूमि नहीं देंगे : महेंद्र प्रताप
तीसरी बार हुई समझौता वार्ता में मुस्लिम पक्ष नहीं हुआ उपस्थित, हिंदू पक्षकारों ने दर्ज कराई आपत्ति


मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को विशेष लोक अदालत में समझौता वार्ता का तीसरा प्रयास हुआ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार यादव (द्वितीय) की लोक अदालत में हुई सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष उपस्थित नहीं हुआ, जबकि हिंदू पक्षकार मौजूद रहे। मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति के चलते समझौता वार्ता की पत्रावली को निस्तारित कर दिया गया। अगली समझौता वार्ता 21, 22 अथवा 23 अगस्त में से किसी एक तिथि को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित है।
समझौता वार्ता के बाद हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष का बार-बार वार्ता में उपस्थित न होना इस प्रकरण को लंबित रखने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की विवादित भूमि भगवान श्रीकृष्ण की भूमि है और उसके बदले किसी अन्य स्थान पर जमीन देने का सवाल ही नहीं उठता।
महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा, "हमारा स्पष्ट मत है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की करीब ढाई एकड़ विवादित भूमि भगवान श्रीकृष्ण की है। अपने गोविंद की भूमि और उसके बदले किसी अन्य स्थान पर भूमि देने वाले हम कौन होते हैं। जमीन हमारी है, इसलिए एक इंच भूमि भी नहीं देंगे।"
उन्होंने कहा, "हम न्यायालय के समक्ष इस बात को पूरी मजबूती से रखेंगे कि जिस भूमि को हम श्रीकृष्ण जन्मभूमि मानते हैं, उसके बदले किसी दूसरे स्थान पर भूमि स्वीकार करना हमारे अधिकार और आस्था दोनों के अनुरूप नहीं है।"
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, "हमारा आरोप है कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत में मंदिरों को तोड़कर धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण किया। मथुरा का यह प्रकरण भी उसी ऐतिहासिक विवाद से जुड़ा हुआ है। हमारे अनुसार वर्ष 1670 में औरंगजेब के समय श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मंदिर को क्षति पहुंचाई गई और उसके स्थान पर ईदगाह का निर्माण कराया गया। इसी अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर हम छह वर्ष से अधिक समय से न्यायालय में संघर्ष कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "यदि अतिक्रमित भूमि के बदले अतिक्रमण करने वालों को दूसरी भूमि देने का सिद्धांत स्वीकार किया गया तो देशभर में मंदिरों से जुड़े ऐसे विवादों में हिंदुओं को ही जमीन देने वाला पक्ष बनना पड़ेगा। अतिक्रमण हटाने के लिए अतिक्रमित भूमि के बदले दूसरी भूमि देना समाधान नहीं हो सकता।"
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व की समझौता वार्ताओं में कुछ हिंदू पक्षकारों और अन्य लोगों की ओर से शाही ईदगाह मस्जिद को हटाकर अन्य स्थान पर भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव सामने आया था। 
उन्होंने कहा, "श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह के ऊपर वर्तमान में जो निर्माण है, वह हमारे लिए केवल भवन का विवाद नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि से जुड़ा विषय है। हमारा प्रयास न्यायालय के माध्यम से इस विवाद का न्यायपूर्ण समाधान कराने का है।"
उन्होंने मुस्लिम पक्ष के वार्ता में उपस्थित नहीं होने पर कहा, "पहली लोक अदालत में मुस्लिम पक्ष उपस्थित नहीं हुआ था। दूसरी  बार में वार्ता में दोनों पक्ष उपस्थित हुए, लेकिन आपसी बातचीत से कोई सहमति नहीं बन सकी।  मंगलवार को हुई तीसरी वार्ता में भी मुस्लिम पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इससे यह प्रतीत होता है कि मामले को लंबित रखने की कोशिश की जा रही है। हम चाहते हैं कि मामले का शीघ्र न्यायिक निस्तारण हो।"
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, "हम समझौते के विरोधी नहीं हैं, लेकिन समझौता न्याय और अधिकार के आधार पर होना चाहिए। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की भूमि को किसी अन्य स्थान की भूमि से बदलने का प्रश्न ही नहीं है। हमारा पक्ष स्पष्ट है और हम इसे न्यायालय में पूरी मजबूती के साथ रखेंगे।"
इस दौरान हिंदू पक्षकार अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह, दिनेश फलाहारी, महेश खंडेलवाल, कपिल शर्मा, विजय बहादुर सिंह, हरेराम त्रिपाठी, प्रदीप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
    user_मथुरा से लक्ष्मण सिंह पत्रकार
    मथुरा से लक्ष्मण सिंह पत्रकार
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • चामुंडा कट के पास साधु वेशधारी व्यक्ति की हत्या, दो साथी घायल चामुंडा कट के पास साधु वेशधारी व्यक्ति की हत्या, दो साथी घायल
    1
    चामुंडा कट के पास साधु वेशधारी व्यक्ति की हत्या, दो साथी घायल
चामुंडा कट के पास साधु वेशधारी व्यक्ति की हत्या, दो साथी घायल
    user_Pandit Rahul brijwasi
    Pandit Rahul brijwasi
    Mathura, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • Post by Gajendra Singh
    1
    Post by Gajendra Singh
    user_Gajendra Singh
    Gajendra Singh
    गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • छाता शुगर मिल की लड़ाई अब होगी आर-पार—बादा नहीं, काम चाहिए; शिलान्यास नहीं, मिल चालू चाहिए छाता शुगर मिल की लड़ाई अब होगी आर-पार—बादा नहीं, काम चाहिए; शिलान्यास नहीं, मिल चालू चाहिए
    1
    छाता शुगर मिल की लड़ाई अब होगी आर-पार—बादा नहीं, काम चाहिए; शिलान्यास नहीं, मिल चालू चाहिए
छाता शुगर मिल की लड़ाई अब होगी आर-पार—बादा नहीं, काम चाहिए; शिलान्यास नहीं, मिल चालू चाहिए
    user_Police Ki Aawaz News
    Police Ki Aawaz News
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.