घरेलू गैस सिलेंडर लेने आ रहे एक परिवार के एक लोग व छोटे बच्चे सहित चालक की मौत घायल माँ का हो रहा इलाज नानपारा में गैस सिलेंडर लेने जा रहे एक परिवार के ई-रिक्शा को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दो युवकों और एक पांच माह के मासूम बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। रिक्शा में सवार बच्चे की मां गंभीर रूप से घायल हो गई है। यह घटना शनिवार दोपहर लगभग 2 बजे हुई। ई-रिक्शा पर कौवा भारी लक्ष्मणपुर मटेही निवासी मौजी लाल (42 वर्ष) अपने भाई की पत्नी अंजना देवी और पांच माह के मासूम सतगुरुपाल (पुत्र मंजीत पाल) के साथ नानपारा गैस सिलेंडर लेने जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस टक्कर में मौजी लाल, मासूम सतगुरुपाल और ई-रिक्शा चालक शकील (33 वर्ष, पुत्र छोट्टन) की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस रजवपुर मोड़ पर पहुंची। एम्बुलेंस की मदद से तीनों मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल अंजना देवी का प्राथमिक उपचार जारी है। चौकी इंचार्ज गुरुगुट्टा, सुरपति त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मृतकों को अस्पताल पहुंचाया। सड़क को खाली कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायतनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और अज्ञात वाहन की तलाश जारी है।
घरेलू गैस सिलेंडर लेने आ रहे एक परिवार के एक लोग व छोटे बच्चे सहित चालक की मौत घायल माँ का हो रहा इलाज नानपारा में गैस सिलेंडर लेने जा रहे एक परिवार के ई-रिक्शा को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दो युवकों और एक पांच माह के मासूम बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। रिक्शा में सवार बच्चे की मां गंभीर रूप से घायल हो गई है। यह घटना शनिवार दोपहर लगभग 2 बजे हुई। ई-रिक्शा पर कौवा भारी लक्ष्मणपुर मटेही निवासी मौजी लाल (42 वर्ष) अपने भाई की पत्नी अंजना देवी और पांच माह के मासूम सतगुरुपाल (पुत्र मंजीत पाल) के साथ नानपारा गैस सिलेंडर लेने जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस टक्कर में मौजी लाल, मासूम सतगुरुपाल और ई-रिक्शा चालक शकील (33 वर्ष, पुत्र छोट्टन) की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस रजवपुर मोड़ पर पहुंची। एम्बुलेंस की मदद से तीनों मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल अंजना देवी का प्राथमिक उपचार जारी है। चौकी इंचार्ज गुरुगुट्टा, सुरपति त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मृतकों को अस्पताल पहुंचाया। सड़क को खाली कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायतनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और अज्ञात वाहन की तलाश जारी है।
- Hidayat KhanMihinpurwa Motipur, Bahraich🙏11 hrs ago
- Hidayat KhanMihinpurwa Motipur, Bahraich🙏11 hrs ago
- जनपद बहराइच होमगार्ड भर्ती परीक्षा केन्द्रों का डीएम व एसपी ने किया निरीक्षण सुचितापूर्ण ढंग से सकुशल परीक्षा सम्पन्न कराने के दिये गये निर्देश प्रथम पाली में 3600 के सापेक्ष अनुपस्थित परीक्षार्थियों की संख्या 913 द्वितीय पाली में अनुपस्थित रहे परीक्षार्थियों की संख्या 825 भारत न्यूज चैनल एडिटर अब्दुल नासिर बहराइच 25 अप्रैल। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा 25, 26 एवं 27 अप्रैल 2026 को प्रति दिन 02 पालियों में आयोजित होने वाली उ.प्र. होगार्डस के पदों पर एनरोलमेंट 2025 की लिखित परीक्षा को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी, सुचितापूर्ण ढंग से सकुशल सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव व अपर पलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह के साथ परीक्षा केन्द्र राजकीय इण्टर कालेज व महाराज सिंह इण्टर कालेज का निरीक्षण कर केन्द्र व्यवस्थापकों एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों से जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। डीएम ने केन्द्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें तथा महत्वपूर्ण चरणों की कार्यवाही करते समय पूरी सावधानी बरती जाये। उल्लेखनीय है कि जनपद के 10 परीक्षा केन्द्रों पर सम्पन्न हुई प्रथम पाली की परीक्षा में सरस्वती इण्टर कालेज रिसिया में 480 के सापेक्ष 355, राजकीय बालिका इण्टर कालेज में 384 के सापेक्ष 278, महाराज सिंह इण्टर कालेज में 384 के सापेक्ष 303, राजकीय इण्टर कालेज में 384 के सापेक्ष 278, तारा महिला इण्टर कालेज में 240 के सापेक्ष 166, आज़ाद इण्टर कालेज में 384 के सापेक्ष 299, चौधरी सियाराम इण्टर कालेज फखरपुर में 480 के सापेक्ष 355, जवाहर नवोदय विद्यालय कीर्तनपुर में 240 के सापेक्ष 173, आर्य कन्या इण्टर कालेज में 240 के सापेक्ष ं179 तथा वैद्य भगवानदीन मिश्र गांधी इण्टर कालेज 384 के सापेक्ष 301 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इस प्रकार कुल 3600 के सापेक्ष 2687 परीक्षार्थी उपस्थित रहे जबकि 913 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार द्वितीय पाली की परीक्षा में सरस्वती इण्टर कालेज रिसिया में 480 के सापेक्ष 357, राजकीय बालिका इण्टर कालेज में 384 के सापेक्ष 303, महाराज सिंह इण्टर कालेज में 384 के सापेक्ष 289, राजकीय इण्टर कालेज में 384 के सापेक्ष 302, तारा महिला इण्टर कालेज में 240 के सापेक्ष 185, आज़ाद इण्टर कालेज में 384 के सापेक्ष 295, चौधरी सियाराम इण्टर कालेज फखरपुर में 480 के सापेक्ष 371, जवाहर नवोदय विद्यालय कीर्तनपुर में 240 के सापेक्ष 193, आर्य कन्या इण्टर कालेज में 240 के सापेक्ष 190 तथा वैद्य भगवानदीन मिश्र गांधी इण्टर कालेज 384 के सापेक्ष 290 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इसी प्रकार द्वितीय पाली की परीक्षा में 3600 के सापेक्ष 2775 परीक्षार्थी उपस्थित तथा 825 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।2
- नानपारा में गैस सिलेंडर लेने जा रहे एक परिवार के ई-रिक्शा को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दो युवकों और एक पांच माह के मासूम बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। रिक्शा में सवार बच्चे की मां गंभीर रूप से घायल हो गई है। यह घटना शनिवार दोपहर लगभग 2 बजे हुई। ई-रिक्शा पर कौवा भारी लक्ष्मणपुर मटेही निवासी मौजी लाल (42 वर्ष) अपने भाई की पत्नी अंजना देवी और पांच माह के मासूम सतगुरुपाल (पुत्र मंजीत पाल) के साथ नानपारा गैस सिलेंडर लेने जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस टक्कर में मौजी लाल, मासूम सतगुरुपाल और ई-रिक्शा चालक शकील (33 वर्ष, पुत्र छोट्टन) की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस रजवपुर मोड़ पर पहुंची। एम्बुलेंस की मदद से तीनों मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल अंजना देवी का प्राथमिक उपचार जारी है। चौकी इंचार्ज गुरुगुट्टा, सुरपति त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मृतकों को अस्पताल पहुंचाया। सड़क को खाली कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायतनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और अज्ञात वाहन की तलाश जारी है।1
- बहराइच। खैरीघाट थाना क्षेत्र के गड़ेरियन पुरवा गांव से दहेज हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मारी पुत्र रमन निवासी गड़ेरियन पुरवा को उपनिरीक्षक दीनबंधु दुबे व कांस्टेबल दिलीप प्रजापति की टीम ने शनिवार दोपहर करीब 3 बजे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया गया। ज्ञात हो कि बीते 20 अप्रैल को एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए खैरीघाट थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।2
- बहराइच में अवैध खनन का खेल तेज, इमामगंज क्षेत्र में धरती का सीना चीर रहे माफिया बहराइच। जनपद बहराइच के थाना खैरी घाट क्षेत्र अंतर्गत इमामगंज में अवैध खनन का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। क्षेत्र में खनन माफिया खुलेआम धरती माता का सीना चीरकर मिट्टी और बालू का दोहन कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रॉली और भारी वाहनों के माध्यम से खनन कार्य किया जा रहा है। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि आखिरकार कब तक यह अवैध खनन यूं ही चलता रहेगा। सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया इस अवैध कारोबार से मोटी कमाई कर रहे हैं और शासन-प्रशासन की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, लगातार हो रहे खनन से जमीन की उर्वरता प्रभावित हो रही है और आसपास के इलाकों में हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अवैध खनन पर रोक लगाई जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बना रहे और भविष्य में किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।1
- Post by आशीष मिश्र बहराइच1
- चौपहिया वाहन के आगे लकड़ी का लट्ठा फेंक नगदी व जेवरात लुटे। शुक्रवार देर शाम लगभग शाम सात बजे मल्हीपुर के रामपुर से थाना1
- Dosti karo बार-बार Bharosa karo ek bar 💯🥹1
- बहराइच में अस्पताल माफिया का काला साम्राज्य! नानपारा में जारी मरीजों से वसूल की जा रही मोटी रकम नानपारा में अस्पतालों के सिंडिकेट पर उठे सवाल नानपारा पाली क्लीनिक हॉस्पिटल चर्चा में मोहल्ला बेलदारन टोला नानपारा स्थित अस्पताल जनपद बहराइच में कथित अस्पताल माफियाओं का नेटवर्क कितना मजबूत है, इसका अंदाजा तहसील नानपारा गुड़ियन टोला के स्थित अली पाली क्लीनिक हॉस्पिटल पर लगे ताजा मामला अस्पताल में भेड़ बकरी की तरह मरीज़ को भरा गया है कई मरीज के परिजनों द्वारा मोटी रकम वसूल की जाती हैं स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उस समय फर्जी डिग्री और अनियमित संचालन के आरोप भी चर्चा में आए थे। इसके बावजूद यदि वही लोग नए नाम, नए बोर्ड और नए ठिकानों पर अस्पताल चला रहे हैं, तो यह प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। सूत्र बताते हैं कि जिले में 5 से 6 अस्पतालों का पूरा सिंडिकेट सक्रिय है, जिनमें नानपारा समेत कई क्षेत्रों में इनके लोगों की भूमिका बताई जाती है। एक जगह विवाद बढ़ता है तो दूसरी जगह नया अस्पताल खोल दिया जाता है।गंभीर आरोप यह भी हैं कि इन अस्पतालों में न पर्याप्त उपकरण हैं, न प्रशिक्षित स्टाफ, न विशेषज्ञ डॉक्टर। मरीजों को भर्ती कर मोटी रकम वसूली की जाती है, फिर हालत बिगड़ने पर रेफर कर दिया जाता है जिम्मेदारी से बचा जाता है। गरीब परिवार इलाज के नाम पर कर्ज में डूब जाते हैं कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है। इसके बावजूद यदि ऐसे अस्पताल खुलेआम संचालित हो रहे हैं तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा धब्बा माना जा रहा है।और भी गंभीर आरोप यह हैं कि जब पत्रकार इन अस्पतालों की सच्चाई उजागर करते हैं, तो उनके विरुद्ध षड्यंत्र रचकर उन्हें फंसाने की कोशिश की जाती है। विगत दिनों में कुछ तथाकथित डॉक्टरों द्वारा ऐसी हरकतें किए जाने की चर्चा भी क्षेत्र में रही है। इससे साफ है कि स्वास्थ्य माफिया का मनोबल कितना बढ़ा हुआ है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी ईमानदार छवि, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। अब बहराइच की जनता की नजर मुख्यमंत्री पर टिकी है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या गरीबों की जान से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल माफियाओं पर भी बुलडोजर चलेगा या यह मौत का कारोबार यूं ही चलता रहेगा?जनता की मांग है कि अली पाली क्लीनिक हॉस्पिटल, चल रहे पूरे कथित नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। अस्पतालों के लाइसेंस सत्यापित हों, डॉक्टरों की डिग्री जांची जाए, स्टाफ की योग्यता देखी जाए, मौत के मामलों की फाइलें खोली जाएं और दोषी पाए जाने पर अस्पतालों को तत्काल सील कर संचालकों पर हत्या, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और अवैध चिकित्सा संचालन की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।अब सवाल सिर्फ एक है—जनता की जिंदगी बचेगी या अस्पताल माफियाओं की दुकान चलती रहेगी?2