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**“प्रशासन बनाम शिक्षक: 72 घंटे की जंग शुरू” एफआईआर वापसी नहीं तो छह जिलों में पढ़ाई-परीक्षा बंद, उग्र आंदोलन की चेतावनी**
पत्रकार नीलम सिंह
**“प्रशासन बनाम शिक्षक: 72 घंटे की जंग शुरू” एफआईआर वापसी नहीं तो छह जिलों में पढ़ाई-परीक्षा बंद, उग्र आंदोलन की चेतावनी**
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- Post by Sonu Ayodhya1
- श्री अयोध्या जी रिक्शा कल्याण समिति ट्रस्ट कृष्णा नन्द फाउंडेशन ई रिक्शा यूनियन ई रिक्शा चालक पर छाया संकट टेढ़ी बजार से लता चौक तक ई रिक्शा प्रतिबंधित कर दिया गया जिससे ई रिक्शा चालक के जीवन यापन आरही कठिनाई आरही है1
- जिला अस्पताल में अचानक मचा हड़कंप सेना के वाहनों ने किया मरीजों को अस्पताल में भर्ती अयोध्या । जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक आकस्मिक स्थिति उत्पन्न होने का भ्रम पैदा हो गया, जब भारतीय सेना के कई वाहन तेजी से अस्पताल परिसर में दाखिल हुए। स्थानीय लोगों और अस्पताल में भर्ती मरीजों में शुरुआत में खलबली मच गई, क्योंकि सेना के जवान सैन्य वर्दी में उतरे और करीब दस मरीजों को तुरंत भर्ती कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। यह देखकर अस्पताल परिसर में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों में बेचैनी बढ़ गई। कई लोग यह सोचकर घबरा गए कि कहीं कोई आपातकालीन स्थिति या बड़ा हादसा तो नहीं हो गया है। जानकारी के अनुसार ये मरीज अयोध्या कैंट (कैंटोनमेंट) स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल से लाए गए थे। पुलिस ने पूरे रास्ते को साफ करवाया और सेना की गाड़ियों को सुरक्षित तरीके से जिला अस्पताल तक पहुंचाया। सेना के जवानों ने मरीजों को अस्पताल के आयुष्मान भारत वार्ड में व्यवस्थित रूप से भर्ती कराया। आयुष्मान वार्ड में पहले से मौजूद मरीजों और स्टाफ में यह देखकर उत्सुकता और चिंता दोनों ही बढ़ गईं। कुछ मरीजों ने तो अपने परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, ताकि घरवालों को सूचना दे सकें। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि यह कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं, बल्कि एक सुनियोजित मॉकड्रिल थी। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य युद्ध जैसी स्थिति, सामूहिक हादसे या किसी बड़े संकट में घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने की तैयारियों का परीक्षण करना था। सेना और जिला अस्पताल के बीच समन्वय स्थापित कर इस अभ्यास को अंजाम दिया गया, जिसमें मरीजों को ट्रांसफर करने, भर्ती करने, इलाज शुरू करने और संसाधनों के उपयोग जैसे सभी चरणों को परखा गया। यह मॉकड्रिल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी और अस्पताल प्रबंधक राजेंद्र तिवारी की मौजूदगी में संपन्न हुई। डॉ. चौधरी ने बताया कि ऐसे अभ्यास समय-समय पर आवश्यक होते हैं, ताकि असल आपात स्थिति में कोई चूक न हो। उन्होंने कहा हमने 10 मरीजों को 'भर्ती' कर उनके इलाज की पूरी प्रक्रिया को सिमुलेट किया। स्टाफ ने बेहद तेजी और समन्वय से काम किया। अन्य मरीजों को बाद में बताया गया कि यह केवल एक अभ्यास था, ताकि उनकी बेचैनी दूर हो सके। अस्पताल के एक स्टाफ सदस्य ने बताया कि सेना के वाहनों के आने से शुरुआत में सब हैरान थे, लेकिन जैसे ही यह मॉकड्रिल का हिस्सा बताया गया, सबने राहत की सांस ली। पुलिस ने भी रास्ते की निगरानी कर सहयोग दिया, जिससे अभ्यास सुचारु रूप से चला।1
- **“प्रशासन बनाम शिक्षक: 72 घंटे की जंग शुरू” एफआईआर वापसी नहीं तो छह जिलों में पढ़ाई-परीक्षा बंद, उग्र आंदोलन की चेतावनी**1
- प्रशासन बनाम शिक्षक 72 घंटे की जंग शुरू एफआईआर वापसी नहीं हुई तो 6 जिलों की परिक्षा बंद होगा उग्र आंदोलन की चेतावनी1
- Post by अमनपटेल A1
- बीकापुर अयोध्या । मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 90 फरियादियों ने अपनी अपनी शिकायतें दर्ज कराई जिनमें से 10 शिकायत का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया । जबकि शेष शिकायतों के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार ने समय अवधि के अन्दर गुणवत्ता निस्तारण करने । संपूर्ण समाधान दिवस में थरियाकला निवासी शिवकुमार ने प्रार्थना पत्र देकर खलिहान की भूमि पर अवैध मिट्टी खनन तथा अवैध कब्जा करने से की शिकायत की है । आरोप है कि गांव के खलिहान की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवध मिट्टी खुदाई का कार्य किया जा रहा है । चवरढार निवासी सर्वेस तिवारी ने प्रार्थना पत्र देकर अपने राशन कार्ड में अपने पौत्र का नाम जुड़वाए जाने की मांग की है । संपूर्ण समाधान दिवस में उपजिला अधिकारी श्रेया , क्षेत्राधिकारी पुलिस पियूष ,तहसीलदार दिनेश कुमार , नायब तहसीलदार रामखेलावन सहित तहसील स्तरीय सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे ।1
- प्रशासन बनाम शिक्षक 72 घंटे में एफआईआर वापस नहीं ली गई तो छह जिलों द्वारा शिक्षकों का होगा उग्र आंदोलन1