7 जून 2026 को नई दिल्ली के ऐतिहासिक तालकटोरा स्टेडियम में मथुरा अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद का आयोजन सनातन समाज और भगवान श्री कृष्ण के भक्तों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटना होगी। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाला यह तीन घंटे का जन जागरण कार्यक्रम न केवल वैचारिक क्रांति का सूत्रपात करेगा, बल्कि संपूर्ण सनातन जगत को एकजुट करने में भी एक बड़ी भूमिका निभाएगा। इस संसद का मुख्य उद्देश्य मथुरा में स्थित भगवान श्री कृष्ण की वास्तविक जन्मभूमि की पूर्ण मुक्ति के लिए संतों और श्रद्धालुओं द्वारा एक सामूहिक तथा शक्तिशाली हुंकार भरना है। देश-विदेश से आने वाले पूज्य संतों, महामंडलेश्वरों और विचारकों के मार्गदर्शन में सनातन धर्म के गौरव, इसकी रक्षा और सांस्कृतिक चेतना को जगाने पर गहन मंथन किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस मंच से उठने वाली आवाज पूरी दुनिया में रह रहे सनातनी भक्तों तक पहुंचेगी, जिससे इस आंदोलन को एक नई दिशा और वैश्विक समर्थन प्राप्त होगा। "जहां धर्म है, वहीं विजय है" के सिद्धांत पर आधारित यह समागम भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि की गरिमा और उसके वैभव को पुनःस्थापित करने हेतु हर राष्ट्रभक्त और सनातन प्रेमी के लिए प्रेरणादायक बताया गया है।
7 जून 2026 को नई दिल्ली के ऐतिहासिक तालकटोरा स्टेडियम में मथुरा अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद का आयोजन सनातन समाज और भगवान श्री कृष्ण के भक्तों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटना होगी। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाला यह तीन घंटे का जन
जागरण कार्यक्रम न केवल वैचारिक क्रांति का सूत्रपात करेगा, बल्कि संपूर्ण सनातन जगत को एकजुट करने में भी एक बड़ी भूमिका निभाएगा। इस संसद का मुख्य उद्देश्य मथुरा में स्थित भगवान श्री कृष्ण की वास्तविक जन्मभूमि की पूर्ण मुक्ति के लिए संतों और श्रद्धालुओं द्वारा एक सामूहिक तथा शक्तिशाली हुंकार
भरना है। देश-विदेश से आने वाले पूज्य संतों, महामंडलेश्वरों और विचारकों के मार्गदर्शन में सनातन धर्म के गौरव, इसकी रक्षा और सांस्कृतिक चेतना को जगाने पर गहन मंथन किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस मंच से उठने वाली आवाज पूरी दुनिया में रह रहे सनातनी भक्तों तक पहुंचेगी, जिससे इस
आंदोलन को एक नई दिशा और वैश्विक समर्थन प्राप्त होगा। "जहां धर्म है, वहीं विजय है" के सिद्धांत पर आधारित यह समागम भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि की गरिमा और उसके वैभव को पुनःस्थापित करने हेतु हर राष्ट्रभक्त और सनातन प्रेमी के लिए प्रेरणादायक बताया गया है।
- 7 जून 2026 को नई दिल्ली के ऐतिहासिक तालकटोरा स्टेडियम में मथुरा अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद का आयोजन सनातन समाज और भगवान श्री कृष्ण के भक्तों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटना होगी। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाला यह तीन घंटे का जन जागरण कार्यक्रम न केवल वैचारिक क्रांति का सूत्रपात करेगा, बल्कि संपूर्ण सनातन जगत को एकजुट करने में भी एक बड़ी भूमिका निभाएगा। इस संसद का मुख्य उद्देश्य मथुरा में स्थित भगवान श्री कृष्ण की वास्तविक जन्मभूमि की पूर्ण मुक्ति के लिए संतों और श्रद्धालुओं द्वारा एक सामूहिक तथा शक्तिशाली हुंकार भरना है। देश-विदेश से आने वाले पूज्य संतों, महामंडलेश्वरों और विचारकों के मार्गदर्शन में सनातन धर्म के गौरव, इसकी रक्षा और सांस्कृतिक चेतना को जगाने पर गहन मंथन किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस मंच से उठने वाली आवाज पूरी दुनिया में रह रहे सनातनी भक्तों तक पहुंचेगी, जिससे इस आंदोलन को एक नई दिशा और वैश्विक समर्थन प्राप्त होगा। "जहां धर्म है, वहीं विजय है" के सिद्धांत पर आधारित यह समागम भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि की गरिमा और उसके वैभव को पुनःस्थापित करने हेतु हर राष्ट्रभक्त और सनातन प्रेमी के लिए प्रेरणादायक बताया गया है।4
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- बरसाना राधारानी मंदिर में सेवायतों के बीच एक 'गृहयुद्ध' छिड़ा हुआ है। इस आंतरिक कलह के कारण, मंदिर के अधिग्रहण को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आख़िर इसकी ज़रूरत क्यों महसूस की जा रही है।1