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खजौली खजौली पीएचसी के पुराने भवन में लगी आग,अफरातफरी
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खजौली खजौली पीएचसी के पुराने भवन में लगी आग,अफरातफरी
More news from बिहार and nearby areas
- खजौली पीएचसी के पुराने भवन में लगी आग,अफरातफरी3
- Post by Pawan Mahto Reporter1
- मधुबनी जिले के प्रसिद्ध जितवारपुर गांव को शिल्पग्राम के रूप में विकसित करने का कार्य शनिवार से शुरू हो गया। इस मौके पर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक कला और कलाकारों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।1
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- गजहरा 2 करोड़ डकैती में 1 और गिरफ्तार किया नेपाल पुलिस ने नेपाल से शाम में उनके घर से उठाया है1
- जयनगर में अवर निबंधक सहित 12 पर प्राथमिकी, भूमि विवाद पहले से न्यायालय में लंबित 24/2/2026 जयनगर (मधुबनी)। जयनगर बाजार वार्ड संख्या 11 निवासी दीनानाथ गुप्ता द्वारा स्थानीय थाने में एक गंभीर प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। शिकायत में जयनगर के अवर निबंधक समेत कुल 12 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। मामला एक विवादित भूमि की रजिस्ट्री से जुड़ा है, जो पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित भूमि पर न्यायालय द्वारा पूर्व में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश (इंजंक्शन) जारी किया गया था। ऐसे आदेश के तहत संपत्ति की स्थिति में किसी प्रकार का बदलाव — जैसे बिक्री, रजिस्ट्री या स्वामित्व हस्तांतरण — नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद आरोप है कि भूमि की रजिस्ट्री कर दी गई या कराने का प्रयास किया गया। दीनानाथ गुप्ता का आरोप है कि अवर निबंधक कार्यालय की भूमिका संदिग्ध रही और न्यायालय के आदेश को नजरअंदाज करते हुए दस्तावेज पंजीकृत किए गए। प्राथमिकी में कथित खरीदार, बिचौलिये और अन्य सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया है। स्थानीय थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय के रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेजों और न्यायालय के आदेश की प्रति की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जाएगी। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी भूमि पर न्यायालय का स्थगन आदेश लागू है, तो रजिस्ट्री से पहले उसकी विधिवत जांच आवश्यक होती है। आदेश की अनदेखी होने पर न्यायालय की अवमानना, धोखाधड़ी या आपराधिक साजिश जैसी धाराएं लागू हो सकती हैं। इस घटना ने क्षेत्र में भूमि पंजीकरण प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- जयनगर के कमला रोड स्थित एक निजी क्लिनिक में प्रसव के दौरान नवजात की मौत जांच में जुटी पुलिस1