सती अनुसुइया की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता लखीमपुर खीरी। धौरहरा कस्बे के रामनवमी मंदिर में नैमिषारण्य धाम से पधारे कथावाचक ज्ञानी महाराज तथा कथा व्यास कीर्ति के द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का गुड़गान किया जा रहा है इस अवसर पर करुणाशंकर,,,महेश की संगीतवादन की धुन के साथ कथाव्यास ज्ञानी महाराज जी ने दिन में राम जी की महिमा सुनाई और सुन्दर – सुन्दर भजन गाए तो वहीं कथा व्यास कीर्ति ने रात्रि के बेला में सती अनुसूईया का प्रसंग सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। स्थानीय समेत आसपास के गांवों के भक्त कथा सुनने पहुंचे। व्यास जी ने कथा सुनाते हुए कहा कि नारद जी ने लक्ष्मी, पार्वती व ब्राह्मणी के सामने माता सती अनुसूईया की प्रशंसा की। क्योंकि, एक स्त्री दूसरी स्त्री की तारीफ नहीं सुन सकती। इस पर लक्ष्मी ने विष्णु, पार्वती ने शिव व ब्रह्माणी ने ब्रह्मा जी को माता सती अनुसूया की परीक्षा लेने भेजा। तीनों साधू रूप धारण का माता अनुसुइया के पास अलख जगाते हैं कि माता हमें भोजन करवाओ। हम कई दिन के भूखे हैं। माता उन्हें घर में ले गई और भोजन की व्यवस्था करने लगी। साधू बोले कि उन्हें भोजन करवाना है तो नग्न अवस्था में करवाओ, नहीं तो वह चले जाएंगे। इतना कहने पर माता ने तीनों को छह मास के बालक बनाकर पालने में डाल दिया और प्रत्येक को बारी-बारी से दूध पिलाने लगीं। जब कई मास बीत गए तो माता लक्ष्मी, पार्वती व ब्राह्मणी अपने-अपने पतियों को लेने के लिए आईं। सती अनुसूया ने उन्हें अपना-अपना पति ले जाने की अनुमति दी, लेकिन तीनों पति को पहचानने में असमर्थ थीं। अनुसुइया की कथा सुनकर सभी भक्त भाव विभोर हो गए। इस दौरान मंदिर समिति के सदस्यों के साथ – साथ सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।
सती अनुसुइया की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता लखीमपुर खीरी। धौरहरा कस्बे के रामनवमी मंदिर में नैमिषारण्य धाम से पधारे कथावाचक ज्ञानी महाराज तथा कथा व्यास कीर्ति के द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का गुड़गान किया जा रहा है इस अवसर पर करुणाशंकर,,,महेश की संगीतवादन की धुन के साथ कथाव्यास ज्ञानी महाराज जी ने दिन में राम जी की महिमा सुनाई और सुन्दर – सुन्दर भजन गाए तो वहीं कथा व्यास कीर्ति ने रात्रि के बेला में सती अनुसूईया का प्रसंग सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। स्थानीय समेत आसपास के गांवों के भक्त कथा सुनने पहुंचे। व्यास जी ने कथा सुनाते हुए कहा कि नारद जी ने लक्ष्मी, पार्वती व ब्राह्मणी के सामने माता सती अनुसूईया की प्रशंसा की। क्योंकि, एक स्त्री दूसरी स्त्री की तारीफ नहीं सुन सकती। इस पर लक्ष्मी ने विष्णु, पार्वती ने शिव व ब्रह्माणी ने ब्रह्मा जी को
माता सती अनुसूया की परीक्षा लेने भेजा। तीनों साधू रूप धारण का माता अनुसुइया के पास अलख जगाते हैं कि माता हमें भोजन करवाओ। हम कई दिन के भूखे हैं। माता उन्हें घर में ले गई और भोजन की व्यवस्था करने लगी। साधू बोले कि उन्हें भोजन करवाना है तो नग्न अवस्था में करवाओ, नहीं तो वह चले जाएंगे। इतना कहने पर माता ने तीनों को छह मास के बालक बनाकर पालने में डाल दिया और प्रत्येक को बारी-बारी से दूध पिलाने लगीं। जब कई मास बीत गए तो माता लक्ष्मी, पार्वती व ब्राह्मणी अपने-अपने पतियों को लेने के लिए आईं। सती अनुसूया ने उन्हें अपना-अपना पति ले जाने की अनुमति दी, लेकिन तीनों पति को पहचानने में असमर्थ थीं। अनुसुइया की कथा सुनकर सभी भक्त भाव विभोर हो गए। इस दौरान मंदिर समिति के सदस्यों के साथ – साथ सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।
- दाहोरा पुल के पास मौत का खेल जारी! प्रशासन मौन क्यों? लखीमपुर खीरी धौरहरा दाहोरा पुल के पास चंद दिन पहले हुए भीषण हादसे में एक महिला की दर्दनाक मौत और कई लोग घायल हुए थे। लेकिन हैरानी की बात ये है कि खबरें चलने के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूटी! सड़कों पर आज भी खुलेआम ओवरलोड/हाइट लोड वाहन दौड़ रहे हैं नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी खामोश बैठे हैं क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? हर हादसे के बाद वही कहानी— गरीब किसान, मजदूर अपनी जान गंवाते हैं… बच्चे अनाथ हो जाते हैं… मां का साया हमेशा के लिए उठ जाता है… सवाल सीधा है — अगर फिर कोई बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? क्या लखीमपुर खीरी प्रशासन सिर्फ कागजों में ही जागता है? अब वक्त है जवाब का, कार्रवाई का… वरना ये खामोशी ही अगली मौत की वजह बनेगी। हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्र दिनेश आचार्य 89489833881
- सिसैया | रामलोक_कल्याण_समिति मातारानी के पावन दरबार में भक्ति का सागर उमड़ पड़ा, जहां भगवत_कथा का रसपान कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल, जयकारों की गूंज और आस्था की अद्भुत छटा देखने को मिली। लखीमपुर खीरी में माता रानी का भव्य जगराता, जहां देर रात तक भजन-कीर्तन और कथा के माध्यम से भक्तों ने लिया दिव्य आनंद। इस पावन अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) परिवार धौरहरा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने आयोजन की शोभा बढ़ाई। उपस्थित प्रमुख लोग: Rakesh Tikait, Rajveer Singh Jadaun, Rajpal Sharma, Anuj Singh, Dilbag Singh, Monu Yadav, Mohan Bajpai, Yogendra Mishra, धर्मेन्द्र पटेल, महापात्रा दिनेश आचार्य महापात्रा, सन्नो आचार्य, नन्हा सिपाही, तहसील अध्यक्ष पवन पाठक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। “हक की आवाज न्यूज़” के माध्यम से जन-जन तक पहुंची आस्था, भक्ति और एकता की ये अनोखी मिसाल। पूरा समागम बना श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक। हक की आवाज न्यूज़ चैनल ऑल इंडिया प्रेस महापात्र शन्नो आचार्य 90058991491
- लखीमपुर खीरी। धौरहरा कस्बे के रामनवमी मंदिर में नैमिषारण्य धाम से पधारे कथावाचक ज्ञानी महाराज तथा कथा व्यास कीर्ति के द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का गुड़गान किया जा रहा है इस अवसर पर करुणाशंकर,,,महेश की संगीतवादन की धुन के साथ कथाव्यास ज्ञानी महाराज जी ने दिन में राम जी की महिमा सुनाई और सुन्दर – सुन्दर भजन गाए तो वहीं कथा व्यास कीर्ति ने रात्रि के बेला में सती अनुसूईया का प्रसंग सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। स्थानीय समेत आसपास के गांवों के भक्त कथा सुनने पहुंचे। व्यास जी ने कथा सुनाते हुए कहा कि नारद जी ने लक्ष्मी, पार्वती व ब्राह्मणी के सामने माता सती अनुसूईया की प्रशंसा की। क्योंकि, एक स्त्री दूसरी स्त्री की तारीफ नहीं सुन सकती। इस पर लक्ष्मी ने विष्णु, पार्वती ने शिव व ब्रह्माणी ने ब्रह्मा जी को माता सती अनुसूया की परीक्षा लेने भेजा। तीनों साधू रूप धारण का माता अनुसुइया के पास अलख जगाते हैं कि माता हमें भोजन करवाओ। हम कई दिन के भूखे हैं। माता उन्हें घर में ले गई और भोजन की व्यवस्था करने लगी। साधू बोले कि उन्हें भोजन करवाना है तो नग्न अवस्था में करवाओ, नहीं तो वह चले जाएंगे। इतना कहने पर माता ने तीनों को छह मास के बालक बनाकर पालने में डाल दिया और प्रत्येक को बारी-बारी से दूध पिलाने लगीं। जब कई मास बीत गए तो माता लक्ष्मी, पार्वती व ब्राह्मणी अपने-अपने पतियों को लेने के लिए आईं। सती अनुसूया ने उन्हें अपना-अपना पति ले जाने की अनुमति दी, लेकिन तीनों पति को पहचानने में असमर्थ थीं। अनुसुइया की कथा सुनकर सभी भक्त भाव विभोर हो गए। इस दौरान मंदिर समिति के सदस्यों के साथ – साथ सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।2
- ✍️✍️ थाना नीमगांव क्षेत्रान्तर्गत सड़क दुर्घटना के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी मितौली यादवेन्द्र यादव ने दी जानकारी।1
- 🚨 प्रशासन के वादों पर BKU टिकैत का अल्टीमेटम! 🚨 📍 धौरहरा/कटौली मामला भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) परिवार और पीड़ित ब्रजेश सिंह से तहसील प्रशासन द्वारा किए गए 3 दिन में समाधान के वादे, अब एक हफ्ते बाद भी अधूरे हैं ❗ ⚠️ 22 मार्च को BKU टिकैत के मध्यांचल प्रभारी बलवीर जी ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी — 👉 अगर 23 मार्च 2027 तक सभी वादे पूरे नहीं किए गए, तो आंदोलन और बड़ा और उग्र किया जाएगा 💥 🔥 बड़ी चेतावनी: इस बार सिर्फ पीड़ित परिवार नहीं… 👉 पूरा BKU टिकैत परिवार मैदान में उतरेगा 💧 और अगर मजबूरी आई तो — 🚨 पानी की टंकी पर ब्रजेश सिंह का परिवार नहीं, बल्कि BKU टिकैत के सभी पदाधिकारी चढ़ेंगे! 🚨 😡 अब यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और न्याय की लड़ाई बन चुकी है 📢 प्रशासन के लिए सीधा संदेश — वादे पूरे करो, वरना आंदोलन के लिए तैयार रहो! #BKU #Tikait #किसान_आंदोलन #न्याय_दो #प्रशासन_जवाब_दो #धौरहरा #खीरी #BreakingNews1
- Post by Manoj kumar chursya1
- नौकरी का झांसा देकर 17 लाख की ठगी लखीमपुर खीरी। थाना फरधान क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। दो सगे भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने एक युवक से सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 17 लाख रुपये ठग लिए। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी न मिलने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने इंकार कर दिया और धमकियां भी दीं। पीड़ित ने फरधान थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।1
- लखीमपुर खीरी / महेवागंज महेवागंज में कल हुई मारपीट का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि 6-7 दबंग एकजुट होकर एक दुकान संचालक पर उसकी ही दुकान के अंदर घुसकर बेरहमी से हमला कर रहे हैं। घटना के दौरान मौके पर पुलिस भी पहुंचती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी भारी मौजूदगी के बावजूद पुलिस एक भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई। वीडियो में साफ दिख रहा है कि हमलावर आराम से मौके से भाग निकलते हैं, जबकि पुलिस बेबस नजर आती है। 👉 सबसे बड़ा सवाल क्या दबंग खुद भाग गए या उन्हें भगाने में किसी ने मदद की? 👉 स्थानीय लोगों में आक्रोश घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस मौके पर मौजूद थी, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? 👉 प्रशासन पर उठे सवाल क्या पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े नहीं होते? क्या आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई? आखिर कानून का खौफ खत्म क्यों हो रहा है? मांग उठी स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।1