दाउदनगर (औरंगाबाद), 16 फरवरी 2026। दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्र में सोमवार को उस समय राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई जब एमपी/एमएलए न्यायालय, औरंगाबाद ने वर्ष 2012 के बहुचर्चित औरंगाबाद कांड में काराकाट सांसद राजाराम सिंह सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले की सूचना मिलते ही दाउदनगर और आसपास के इलाकों में समर्थकों ने खुशी जाहिर की। 2 मई 2012 के प्रदर्शन से जुड़ा था मामला सूत्रों के अनुसार, 2 मई 2012 को छोटू कुशवाहा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर औरंगाबाद में एक बड़ा जनप्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में सांसद राजाराम सिंह समेत कई लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद सोमवार को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। दाउदनगर में जश्न फैसले की खबर मिलते ही दाउदनगर बाजार, हसपुरा रोड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। कई स्थानों पर पटाखे भी फोड़े गए। स्थानीय लोगों ने इसे “न्याय की जीत” बताया। राजनीतिक हलकों में हलचल राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर काराकाट संसदीय क्षेत्र की राजनीति पर भी पड़ सकता है। क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया है। करीब 14 वर्षों तक चले इस मामले में आए फैसले को क्षेत्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, अदालत के निर्णय के बाद सभी आरोपियों को मामले से पूर्ण राहत मिल गई है।
दाउदनगर (औरंगाबाद), 16 फरवरी 2026। दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्र में सोमवार को उस समय राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई जब एमपी/एमएलए न्यायालय, औरंगाबाद ने वर्ष 2012 के बहुचर्चित औरंगाबाद कांड में काराकाट सांसद राजाराम सिंह सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले की सूचना मिलते ही दाउदनगर और आसपास के इलाकों में समर्थकों ने खुशी जाहिर की। 2 मई 2012 के प्रदर्शन से जुड़ा था मामला सूत्रों के अनुसार, 2 मई 2012 को छोटू कुशवाहा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर औरंगाबाद में एक बड़ा जनप्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में सांसद राजाराम सिंह समेत कई लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद सोमवार को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। दाउदनगर में जश्न फैसले की खबर मिलते ही दाउदनगर बाजार, हसपुरा रोड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। कई स्थानों पर पटाखे भी फोड़े गए। स्थानीय लोगों ने इसे “न्याय की जीत” बताया। राजनीतिक हलकों में हलचल राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर काराकाट संसदीय क्षेत्र की राजनीति पर भी पड़ सकता है। क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया है। करीब 14 वर्षों तक चले इस मामले में आए फैसले को क्षेत्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, अदालत के निर्णय के बाद सभी आरोपियों को मामले से पूर्ण राहत मिल गई है।
- Atul Kushwaha (पत्रकार)Daudnagar, Aurangabad😤9 hrs ago
- 2 मई 2012 को छोटू कुशवाहा के हत्या के बाद उपजे जन आंदोलन का सरकार द्वारा दमन किया गया था, शान द्वारा लाठी चार्ज किया था जिसमें भारी मात्रा पर लोग घायल हुए थे, आज राजाराम सिंह 14 साल के बाद सभी आरोपों से बड़ी हो गए हैं, साथ में अन्य आरोपी भी बड़ी हुए हैं करले पहुंचकर राजाराम सिंह जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की1
- हसपुरा औरंगाबाद, विजिलेंस की टीम ने अंचल में कार्यरत लिपिक को घुस लेते गिरफ्तार किया1
- ट्रक वाला बहुत गलती किया ध्यान से देखिए टेंपू को1
- Post by Dharmendar Pathak1
- रफीगंज के सरावक शिव कुटिया पर शिवरात्रि के अवसर पर आयोजित अखंड कीर्तन सोमवार को संपन्न हुआ। सोमवार को अखंड कीर्तन संपन्न होने के उपरांत भंडारा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री श्री 108 गोपालाचार्य जी महाराज, कासमा थाना अध्यक्ष अक्षयवर सिंह, ए एस आई नवीन कुमार सहित अन्य लोग रहे। अतिथियों ने फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। आसपास के लोगों ने प्रसाद का ग्रहण किया। सोमवार संध्या 5:00 बजे मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि नव युवक संघ समिति सरवाक द्वारा प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि के अवसर पर भंडारा का आयोजन किया जाता है। संध्या में होली मिलन समारोह का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर मंटू शर्मा, पूर्व मुखिया प्रत्याशी प्रवीण सिंह, लाला सिंह, झूलन सिंह, विवेक कुमार, रोहित कुमार, मोहित कुमार, आनंद सिंह, रामानुज सिंह, श्याम सिंह, जीतन महतो, एडवोकेट क्लर्क संजीत कुमार गुप्ता, विकास कुमार सिंह, रामानुज सिंह, बनवारी सिंह, सुनील सिंह अशोक सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- महाशिवरात्रि के दिन अरवल जिला के प्रसिद्ध मंदिर में लगा श्रद्धालु भक्तों का भीड़ #news #newsbihar #mahashivratri #mahadev #mahakal1
- अरवल। ड्राईवर एसोसिएशन ऑफ बिहार का जिला कार्यालय का उद्घाटन सह सभा का आयोजन1
- दाउदनगर (औरंगाबाद), 16 फरवरी 2026। दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्र में सोमवार को उस समय राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई जब एमपी/एमएलए न्यायालय, औरंगाबाद ने वर्ष 2012 के बहुचर्चित औरंगाबाद कांड में काराकाट सांसद राजाराम सिंह सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले की सूचना मिलते ही दाउदनगर और आसपास के इलाकों में समर्थकों ने खुशी जाहिर की। 2 मई 2012 के प्रदर्शन से जुड़ा था मामला सूत्रों के अनुसार, 2 मई 2012 को छोटू कुशवाहा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर औरंगाबाद में एक बड़ा जनप्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में सांसद राजाराम सिंह समेत कई लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद सोमवार को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। दाउदनगर में जश्न फैसले की खबर मिलते ही दाउदनगर बाजार, हसपुरा रोड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। कई स्थानों पर पटाखे भी फोड़े गए। स्थानीय लोगों ने इसे “न्याय की जीत” बताया। राजनीतिक हलकों में हलचल राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर काराकाट संसदीय क्षेत्र की राजनीति पर भी पड़ सकता है। क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया है। करीब 14 वर्षों तक चले इस मामले में आए फैसले को क्षेत्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, अदालत के निर्णय के बाद सभी आरोपियों को मामले से पूर्ण राहत मिल गई है।1