कानपुर देहात के राजपुर कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ बंदरों के झुंड बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। ताजा घटना में, रविवार सुबह करीब 11 बजे कन्हैया नगर निवासी रिहाना की 8 वर्षीय बेटी रमसा पर बंदरों ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, रमसा जब घर के आंगन में लघुशंका के लिए जा रही थी, तभी वहाँ बैठे बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। एक बंदर बच्ची के बाएं हाथ से लिपट गया और उसका मांस नोच लिया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे बंदरों से बचाया, लेकिन तब तक उसके हाथ से काफी खून बह चुका था। परिजन आनन-फानन में बच्ची को राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार ने उसे एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाने के साथ प्राथमिक उपचार दिया। उपचार के बाद रमसा को घर भेज दिया गया। कस्बे के लोहिया नगर निवासी अनीश सिद्दीकी ने बताया कि बंदरों के डर से अब बच्चे घरों से बाहर खेलने जाने से भी कतराने लगे हैं। वहीं, मुखर्जी नगर निवासी दीपक मिश्रा और रामू कटियार ने बताया कि कुछ समय पहले बंदरों के हमले के कारण एक 60 वर्षीय वृद्धा छत से गिरकर घायल हो गई थीं। अंबेडकर नगर निवासी अनीश खान ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि लगभग चार वर्ष पहले बंदरों के झुंड ने एक महिला को दौड़ा लिया था, जिससे घबराहट में वह खुले आंगन में गिर गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। पटेल नगर निवासी अरशद मंसूरी के मुताबिक, उनके मोहल्ले में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं, और स्थिति यह है कि सुबह टहलने निकलने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के लिए हाथों में डंडा लेकर चलते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस संबंध में, राजपुर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीति त्रिपाठी ने बताया कि जिन वार्डों में बंदरों का आतंक अधिक है, उनका विवरण तैयार किया जा रहा है और जल्द ही वन विभाग को पत्र भेजकर बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था की जाएगी।
कानपुर देहात के राजपुर कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ बंदरों के झुंड बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। ताजा घटना में, रविवार सुबह करीब 11 बजे कन्हैया नगर निवासी रिहाना की 8 वर्षीय बेटी रमसा पर बंदरों ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, रमसा जब घर के आंगन में लघुशंका के लिए जा रही थी, तभी वहाँ बैठे बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। एक बंदर बच्ची के बाएं हाथ से लिपट गया और उसका मांस नोच लिया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे बंदरों से बचाया, लेकिन तब तक उसके हाथ से काफी खून बह चुका था। परिजन आनन-फानन में बच्ची को राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार ने उसे एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाने के साथ प्राथमिक उपचार दिया। उपचार के बाद रमसा को घर भेज दिया गया। कस्बे के लोहिया नगर निवासी अनीश सिद्दीकी ने बताया कि बंदरों के डर से अब बच्चे घरों से बाहर खेलने जाने से भी कतराने लगे हैं। वहीं, मुखर्जी नगर निवासी दीपक मिश्रा और रामू कटियार ने बताया कि कुछ समय पहले बंदरों के हमले के कारण एक 60 वर्षीय वृद्धा छत से गिरकर घायल हो गई थीं। अंबेडकर नगर निवासी अनीश खान ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि लगभग चार वर्ष पहले बंदरों के झुंड ने एक महिला को दौड़ा लिया था, जिससे घबराहट में वह खुले आंगन में गिर गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। पटेल नगर निवासी अरशद मंसूरी के मुताबिक, उनके मोहल्ले में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं, और स्थिति यह है कि सुबह टहलने निकलने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के लिए हाथों में डंडा लेकर चलते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस संबंध में, राजपुर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीति त्रिपाठी ने बताया कि जिन वार्डों में बंदरों का आतंक अधिक है, उनका विवरण तैयार किया जा रहा है और जल्द ही वन विभाग को पत्र भेजकर बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था की जाएगी।
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित हवासपुर में एसकेआईटी महाविद्यालय के पास से गुजर रही सेगुर नदी में सोमवार सुबह करीब 7 बजे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। दरअसल, सोमवार सुबह आराजी गांव के कुछ ग्रामीण शौच क्रिया के लिए नदी किनारे गए थे, तभी उनकी नजर नदी में बहते हुए एक शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 और मंगलपुर पुलिस को इस घटना की जानकारी दी। सूचना पर एएसआई कमलेश कुमार यादव, महिला कांस्टेबल अंशू राजपूत और करिश्मा मौके पर पहुंचे, जिन्होंने शव को नदी से बाहर निकलवाया। पुलिस के अनुसार, मृतका ने लाल रंग का कुर्ता-सलवार तथा अंदर बनियान और चड्डी पहन रखी थी। शव काफी पुराना होने के कारण सड़ चुका था और उससे दुर्गंध आ रही थी, साथ ही चेहरे का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की वजह से उसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। प्रारंभिक जांच में मृतका के पैरों में बिछिया न मिलने के कारण उसके अविवाहित होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मंगलपुर पुलिस की सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी निरीक्षक महेश दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह शव लगभग 10 से 12 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है और संभवतः बहकर यहां तक आया है। पुलिस द्वारा मृतका की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- जनपद में वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत शिवली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 वारंटियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्राधिकारी रसूलाबाद के पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार किए गए वारंटियों में नुना री बहादुरपुर निवासी रामू पुत्र श्यामलाल, खलकपुर बिठूर निवासी रामजी पुत्र महेश चंद्र और महेश चंद्र पुत्र स्व. सीताराम, चम्पतपुर निवासी वीरेंद्र पुत्र मिसिर उर्फ़ सहदेव और राजेंद्र पुत्र सहदेव, लालपुर शिवराजपुर निवासी ज्ञानू उर्फ ज्ञानेंद्र सिंह पुत्र संत सिंह, मैथा निवासी मोहम्मद इस्लाम पुत्र ईशा, मकरंदपुर निवासी राजेंद्र पुत्र ठाकुर प्रसाद, वार्ड नंबर-2 नगर पंचायत शिवली निवासी संजय कुमार पुत्र बालकराम, जवाहर नगर शिवली निवासी सुशील पुत्र रामप्रसाद, भोलानिवादा निवासी ओमप्रकाश पुत्र बृज नारायण, भंगापुरवा निवासी दीपक पुत्र स्व. सुरेन्द्र, बैरीबस्ता निवासी रामबाबू पुत्र रामविलास तथा बाघपुर निवासी शैलेन्द्र पुत्र तेजराम और तेजराम पुत्र रामविलास शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी विभिन्न मुकदमों में न्यायालय से जारी वारंट के बावजूद फरार चल रहे थे और लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे। पुलिस टीम ने दबिश देकर इन वारंटियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र सिंह ने बताया कि अपराधियों और वारंटियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, क्योंकि पुलिस न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, उपनिरीक्षक अजय कुमार, उपनिरीक्षक आनंद कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल श्यामलाल, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।1
- कानपुर देहात के थाना डेरापुर क्षेत्र की कांधी चौकी अंतर्गत गुनगुन पेट्रोल पंप के पास एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक तेज रफ्तार लोडर वाहन ने, जिसमें लगभग 11 भैंसों को बेरहमी से भरकर ले जाया जा रहा था, एक बाइक और एक साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन बाइक सवार और एक साइकिल सवार सहित कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लोडर में दम घुटने से एक भैंस की भी दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अनियंत्रित लोडर की टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद कुछ राहगीरों ने इस पूरे मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वायरल वीडियो के साथ लोग कांधी चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि चौकी इंचार्ज ने लोडर चालक को मौके पर पकड़ लिया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया या कहीं और भेज दिया गया। हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट जानकारी देने से बचती नजर आ रही है और केवल यह कह रही है कि वह मामले की जांच में जुटी है। इस घटना को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम सभा ऊमरपुर-जफरापुर में 7 जून को एक ग्रामीण चौपाल का आयोजन किया गया। सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी एवं जिला कांग्रेस कमेटी कानपुर देहात के पूर्व अध्यक्ष श्री नरेश कटियार की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस चौपाल में क्षेत्र के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यहाँ स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों और समसामयिक राजनीतिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्री इंद्रपाल कठेरिया, श्री पप्पू कटियार, श्री सतीश कटियार, श्री देवेंद्र कटियार, श्री जंटर कटियार और श्री दिलीप कटियार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इसके उपरांत, श्री नरेश कटियार एवं कांग्रेसजनों ने ग्राम हाजिरपुर पहुंचकर संगठन के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं पूर्व जिला सचिव श्री प्रेम सिंह की धर्मपत्नी के निधन उपरांत आयोजित त्रयोदशी कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री प्रेम सिंह एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। श्री नरेश कटियार ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता के सुख-दुख में सहभागी रही है और आगे भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का कार्य करती रहेगी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों, शुभचिंतकों, रिश्तेदारों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुन्ना भैया, सीपू कटियार, रामचंद्र जी, सोशल मीडिया विभाग, उत्तर प्रदेश के महासचिव आदर्श कटियार, विजय सिंह तोमर और यश कटियार सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी भी मौजूद थे।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के पदमपुर गांव में रविवार सुबह गांव से कुछ दूरी पर स्थित जंगल में एक युवक का शव बबूल के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है, और मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए हैं। मृतक की पहचान पदमपुर निवासी अरविंद उर्फ कल्लू (25) के रूप में हुई है, जो नशे का आदी बताया गया है। उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले लक्ष्मी देवी से हुई थी। परिवार में उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी के अलावा मां लज्जा देवी और दो छोटे भाई विकास तथा धर्मेंद्र हैं। परिजनों के अनुसार, लगभग डेढ़ वर्ष पहले बाहर काम करते समय अरविंद का सड़क हादसा हो गया था, जिसमें वह घायल हो गया था। इसके बाद से वह घर पर ही रह रहा था। जानकारी के मुताबिक, अरविंद शनिवार दोपहर नशे की हालत में घर से निकला था। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पूरी रात खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल में तलाश की, तो गांव से लगभग 500 मीटर दूर घनी झाड़ियों के बीच बबूल के पेड़ से उसका शव लटका हुआ मिला। शव मिलने की खबर सुनते ही पत्नी लक्ष्मी देवी बदहवास हो गईं, जबकि मां और दोनों भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। हल्का इंचार्ज एसआई मिलन सिरोही ने रविवार सुबह 11 बजे बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।3
- औरैया शहर के मोहल्ला बनारसीदास में सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विष्णु महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन का आरंभ एक शानदार शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण कर पूरे नगर का भ्रमण किया, जिससे भक्तिमय माहौल बन गया। कथा के प्रथम दिवस पर आचार्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के महत्व और मानव जीवन पर इसके आध्यात्मिक प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। आयोजन समिति के अनुसार, इस महायज्ञ के दौरान 60 आचार्यों द्वारा 12 हजार विष्णु सहस्त्रनाम पाठ भी संपन्न कराए जाएंगे।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक और समकक्ष पदों पर भर्ती परीक्षा आज, 8 जून से 10 जून तक संपन्न कराई जा रही है। औरैया में इस परीक्षा के लिए कुल 10 केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ तीन दिनों में कुल 6 पालियों में यह भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। प्रत्येक पाली में 4368 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठेंगे। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक होगी। जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। औरैया के जिला अधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने एक दिन पहले ही परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश दिए थे। जनपद के प्रत्येक परीक्षा केंद्र की हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से नजर रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन और कैलकुलेटर जैसे उपकरण पूर्णतया प्रतिबंधित रहेंगे। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास कैफे और फोटो स्टेट की दुकानें खोलने पर भी रोक लगाई गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की भी ड्यूटी लगाई गई है। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए जनपद पुलिस ने रूट चार्ट जारी किया है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में कोई परेशानी न हो, इसके मद्देनजर लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील भी की गई है। जनपद के आला अधिकारी भी भ्रमणशील रहकर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखेंगे। सुबह परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों ने योगी सरकार द्वारा परिवहन विभाग की बसों में किराए में छूट दिए जाने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।3
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव में रविवार दोपहर एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुँचे और पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, सबलपुर निवासी मोहित की शादी करीब पाँच वर्ष पूर्व उइछा निवासी जूली के साथ हुई थी। दंपति की एक तीन वर्षीय पुत्री परी है, जबकि जूली ने 25 मई को एक पुत्र को जन्म दिया था, यानी 13 दिन पहले ही वह माँ बनी थी। मोहित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव में एक प्लॉट पर बने टीनशेड वाले मकान में रहता था। बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार समझौता भी कराया जा चुका था। प्रसव के बाद जूली की देखभाल के लिए उसकी भांजी मधु भी वहीं रह रही थी। मधु के मुताबिक, रविवार दोपहर वह बिस्किट लेने दुकान पर गई थी और वापस लौटने पर उसने अपनी मौसी जूली को चारपाई पर मृत अवस्था में पाया, जबकि मोहित मौके पर ही मौजूद था। वहीं, पति मोहित का दावा है कि वह दोपहर में काम के सिलसिले में रूरा जा रहा था, लेकिन रास्ते में किसी से बात होने के बाद वापस लौट आया। घर पहुँचने पर उसने अपनी पत्नी को फांसी पर लटका देखा और तत्काल उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतका के परिजनों का आरोप है कि मोहित आए दिन जूली के साथ मारपीट करता था। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मोहित ने फोन कर जूली की आग लगने से मौत होने की झूठी सूचना दी थी, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव पैदा हुआ था। मृतका की भांजी मधु ने भी आरोप लगाया कि रविवार को घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। मोहित ने यह स्वीकार किया कि नवजात बच्चे की तबीयत खराब होने और रहने की जगह को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जहाँ वह बच्चे को अपनी माँ के पास पुराने घर में रखना चाहता था, जबकि जूली प्लॉट वाले मकान में ही रहने की जिद कर रही थी। घटना की सूचना पर पहुँची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मंगलपुर पुलिस ने सोमवार सुबह 9 बजे बताया कि पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1