कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव में रविवार दोपहर एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुँचे और पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, सबलपुर निवासी मोहित की शादी करीब पाँच वर्ष पूर्व उइछा निवासी जूली के साथ हुई थी। दंपति की एक तीन वर्षीय पुत्री परी है, जबकि जूली ने 25 मई को एक पुत्र को जन्म दिया था, यानी 13 दिन पहले ही वह माँ बनी थी। मोहित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव में एक प्लॉट पर बने टीनशेड वाले मकान में रहता था। बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार समझौता भी कराया जा चुका था। प्रसव के बाद जूली की देखभाल के लिए उसकी भांजी मधु भी वहीं रह रही थी। मधु के मुताबिक, रविवार दोपहर वह बिस्किट लेने दुकान पर गई थी और वापस लौटने पर उसने अपनी मौसी जूली को चारपाई पर मृत अवस्था में पाया, जबकि मोहित मौके पर ही मौजूद था। वहीं, पति मोहित का दावा है कि वह दोपहर में काम के सिलसिले में रूरा जा रहा था, लेकिन रास्ते में किसी से बात होने के बाद वापस लौट आया। घर पहुँचने पर उसने अपनी पत्नी को फांसी पर लटका देखा और तत्काल उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतका के परिजनों का आरोप है कि मोहित आए दिन जूली के साथ मारपीट करता था। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मोहित ने फोन कर जूली की आग लगने से मौत होने की झूठी सूचना दी थी, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव पैदा हुआ था। मृतका की भांजी मधु ने भी आरोप लगाया कि रविवार को घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। मोहित ने यह स्वीकार किया कि नवजात बच्चे की तबीयत खराब होने और रहने की जगह को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जहाँ वह बच्चे को अपनी माँ के पास पुराने घर में रखना चाहता था, जबकि जूली प्लॉट वाले मकान में ही रहने की जिद कर रही थी। घटना की सूचना पर पहुँची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मंगलपुर पुलिस ने सोमवार सुबह 9 बजे बताया कि पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव में रविवार दोपहर एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुँचे और पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, सबलपुर निवासी मोहित की शादी करीब पाँच वर्ष पूर्व उइछा निवासी जूली के साथ हुई थी। दंपति की एक तीन वर्षीय पुत्री परी है, जबकि जूली ने 25 मई को एक पुत्र को जन्म दिया था, यानी 13 दिन पहले ही वह माँ बनी थी। मोहित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव में एक प्लॉट पर बने टीनशेड वाले मकान में रहता था। बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार समझौता भी कराया जा चुका था। प्रसव के बाद जूली की देखभाल के लिए उसकी भांजी मधु भी वहीं रह रही थी। मधु के मुताबिक, रविवार दोपहर वह बिस्किट लेने दुकान पर गई थी और वापस लौटने पर उसने अपनी मौसी जूली को चारपाई पर मृत अवस्था में पाया, जबकि मोहित मौके पर ही मौजूद था। वहीं, पति मोहित का दावा है कि वह दोपहर में काम के सिलसिले में रूरा जा रहा था, लेकिन रास्ते में किसी से बात होने के बाद वापस लौट आया। घर पहुँचने पर उसने अपनी पत्नी को फांसी पर लटका देखा और तत्काल उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतका के परिजनों का आरोप है कि मोहित आए दिन जूली के साथ मारपीट करता था। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मोहित ने फोन कर जूली की आग लगने से मौत होने की झूठी सूचना दी थी, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव पैदा हुआ था। मृतका की भांजी मधु ने भी आरोप लगाया कि रविवार को घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। मोहित ने यह स्वीकार किया कि नवजात बच्चे की तबीयत खराब होने और रहने की जगह को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जहाँ वह बच्चे को अपनी माँ के पास पुराने घर में रखना चाहता था, जबकि जूली प्लॉट वाले मकान में ही रहने की जिद कर रही थी। घटना की सूचना पर पहुँची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मंगलपुर पुलिस ने सोमवार सुबह 9 बजे बताया कि पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- कानपुर देहात के राजपुर कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ बंदरों के झुंड बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। ताजा घटना में, रविवार सुबह करीब 11 बजे कन्हैया नगर निवासी रिहाना की 8 वर्षीय बेटी रमसा पर बंदरों ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, रमसा जब घर के आंगन में लघुशंका के लिए जा रही थी, तभी वहाँ बैठे बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। एक बंदर बच्ची के बाएं हाथ से लिपट गया और उसका मांस नोच लिया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे बंदरों से बचाया, लेकिन तब तक उसके हाथ से काफी खून बह चुका था। परिजन आनन-फानन में बच्ची को राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार ने उसे एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाने के साथ प्राथमिक उपचार दिया। उपचार के बाद रमसा को घर भेज दिया गया। कस्बे के लोहिया नगर निवासी अनीश सिद्दीकी ने बताया कि बंदरों के डर से अब बच्चे घरों से बाहर खेलने जाने से भी कतराने लगे हैं। वहीं, मुखर्जी नगर निवासी दीपक मिश्रा और रामू कटियार ने बताया कि कुछ समय पहले बंदरों के हमले के कारण एक 60 वर्षीय वृद्धा छत से गिरकर घायल हो गई थीं। अंबेडकर नगर निवासी अनीश खान ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि लगभग चार वर्ष पहले बंदरों के झुंड ने एक महिला को दौड़ा लिया था, जिससे घबराहट में वह खुले आंगन में गिर गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। पटेल नगर निवासी अरशद मंसूरी के मुताबिक, उनके मोहल्ले में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं, और स्थिति यह है कि सुबह टहलने निकलने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के लिए हाथों में डंडा लेकर चलते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस संबंध में, राजपुर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीति त्रिपाठी ने बताया कि जिन वार्डों में बंदरों का आतंक अधिक है, उनका विवरण तैयार किया जा रहा है और जल्द ही वन विभाग को पत्र भेजकर बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था की जाएगी।1
- कानपुर देहात में अपराध और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत शिवली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी रसूलाबाद के पर्यवेक्षण में थाना शिवली पुलिस टीम ने विभिन्न मामलों में वांछित 15 वारंटियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए ये सभी वारंटी मारपीट, चोरी, दुर्घटना, पारिवारिक विवाद और अन्य धाराओं से संबंधित अलग-अलग मुकदमों में लंबे समय से वांछित चल रहे थे। इन गिरफ्तार वारंटियों में रामू पुत्र श्यामलाल कुशवाहा, रामजी पुत्र महेश चंद्र, वीरेंद्र उर्फ मिसिर, राजेंद्र, ज्ञानू उर्फ ज्ञानेंद्र सिंह, मोहम्मद इस्लाम, संजय कुमार, सुशील, ओमप्रकाश, महेश चंद्र, दीपक, रामबाबू, शैलेंद्र और तेजराम सहित कुल 15 लोग शामिल हैं। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक शिवली अमरेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम द्वारा की गई, जिसमें उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, अजय कुमार, आनंद कुमार पांडेय, नरेंद्र सिंह समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अपराधियों और वारंटियों के बीच हड़कंप मच गया है।2
- उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा सोमवार से औरैया जिले के 10 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा में कुल 28,224 अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। परीक्षा केंद्रों की निगरानी जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने की। सभी अभ्यर्थियों को गहन जांच के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने इस परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।1
- मिर्ज़ापुर के थाना अदलहाट पुलिस ने सुनसान स्थानों पर खड़े वाहनों से बैटरी चोरी करने और वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक कबाड़ व्यवसायी सहित चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक चोरी का पिकअप वाहन, 24 चोरी की बैटरियां और चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल होने वाले आला नकब (चोरी के उपकरण) बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह सुनसान जगहों पर खड़े वाहनों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य पहले वाहनों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही बैटरियां व अन्य सामान चुरा लेते थे। चोरी की गई बैटरियों को कबाड़ के कारोबार की आड़ में बेचा जाता था, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलता था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी चुनार ने बताया कि थाना अदलहाट पुलिस की सक्रियता और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर इस गिरोह का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ है। बरामद सामान के संबंध में भी जांच जारी है तथा आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। मिर्ज़ापुर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में वाहन और बैटरी चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा सोमवार को औरैया जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती की सीधी निगरानी में इस परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाली इस भर्ती परीक्षा में जिलेभर के 10 परीक्षा केंद्रों पर कुल 28,224 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिसके लिए परीक्षा स्थल पर कड़ा पुलिस बल भी तैनात किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती परीक्षा के मद्देनजर, रविवार देर शाम औरैया में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सघन पैदल गश्त की गई। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा और क्षेत्राधिकारी नगर अशोक कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ औरैया कोतवाली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह गश्त की। इस दौरान होटल, ढाबों, बस स्टैंड और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस ने इन जगहों पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन चेकिंग कर अराजक तत्वों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस परीक्षा के चलते प्रशासन की इन सभी सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाली जगहों पर कड़ी नजर बनी हुई है।1
- जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। ग्राम पंचायत संदलपुर निवासी दीपक नामक उपभोक्ता ने बताया कि उन्हें एक सिलेंडर भरवाने के लिए लगभग एक हजार रुपये खर्च करने पड़े। उपभोक्ताओं के अनुसार, हालिया मूल्य वृद्धि के बाद घरेलू गैस सिलेंडर की निर्धारित कीमत करीब 942 रुपये है, लेकिन समय पर डिलीवरी और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अक्सर अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है, जिससे एक सिलेंडर की वास्तविक लागत लगभग एक हजार रुपये तक पहुँच जाती है। इस स्थिति ने परिवारों के मासिक बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है, क्योंकि लोग निर्धारित मूल्य से अधिक भुगतान करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य पदार्थों, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने पहले से ही घरेलू बजट पर दबाव बना रखा है। ऐसे में रसोई गैस के दाम बढ़ने से परिवारों का मासिक खर्च और अधिक बढ़ गया है। लोगों का मानना है कि इस मूल्य वृद्धि का असर केवल घरों की रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बाजार पर भी प्रभाव डालता है। ढाबों, होटलों और छोटे कारोबारियों की परिचालन लागत बढ़ने से वस्तुओं और सेवाओं के दाम भी प्रभावित होते हैं, जिसका बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं को ही उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि रसोई गैस जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में शामिल है और इसके बिना काम चलाना मुश्किल है, इसलिए बढ़ती कीमतों के बावजूद सिलेंडर भरवाना उनकी मजबूरी है। उपभोक्ताओं ने उम्मीद जताई है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार रसोई गैस की कीमतों में राहत देने के लिए कदम उठाएगी, जिससे घरेलू खर्च का बोझ कुछ कम हो सके।1
- कानपुर देहात के थाना डेरापुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इस युवक ने लड़ाई-झगड़े के दौरान अवैध तमंचा लहराया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध देशी तमंचा 315 बोर और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण और घटनाओं के खुलासे के विशेष अभियान के तहत हुई। थाना डेरापुर पुलिस टीम रात्रि गश्त और चेकिंग कर रही थी, जब मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसे मड़नापुर से डेरापुर-गलुआपुर मार्ग पर बड़ागांव जाने वाली पुलिया के पास से पकड़ा गया। पूछताछ में गिरफ्तार युवक ने अपना नाम आयूष यादव उर्फ गोलू यादव, पुत्र सुरेन्द्र सिंह यादव, निवासी ग्राम मड़नापुर, थाना डेरापुर, जनपद कानपुर देहात बताया, जिसकी उम्र लगभग 20 वर्ष है। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि 6 जून की सुबह उसके चाचा से लड़ाई-झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने अपने घर की छत पर खड़े होकर तमंचा लहराया था। किसी व्यक्ति द्वारा इस घटना का वीडियो बना लिए जाने के कारण, वह पुलिस कार्रवाई के डर से उस तमंचे और कारतूस को छिपाने जा रहा था। पुलिस ने आरोपी आयूष यादव उर्फ गोलू यादव के खिलाफ थाना डेरापुर में मु0अ0सं0 101/2026, धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, आरक्षी अहमद खान और आरक्षी मृत्युन्जय शामिल रहे।2
- बरेली के थाना भमोरा क्षेत्र में देवचरा चौराहे के पास पति-पत्नी के बीच हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक महिला कार के बोनट पर बैठी दिखाई दे रही है, जबकि उसका पति कार चला रहा है, जिसने राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मामले का संज्ञान लेते हुए बरेली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके दौरान यह असामान्य स्थिति उत्पन्न हुई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक दक्षिण, बरेली ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें तथा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस की सहायता लें। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।1