दमोह जिले के संजीवनी अस्पताल से जुड़े कथित फर्जी डॉक्टर भर्ती कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस रैकेट से जुड़े दो आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से तीन लग्जरी वाहन और ₹5 लाख 36 हजार 900 नकद सहित कुल लगभग ₹45 लाख का मशरूका बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले का खुलासा 16 मई को सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में हुआ था। इसमें यह सामने आया कि डॉ. कुमार सचिन यादव (निवासी ग्वालियर) और डॉ. राजपाल गौर (निवासी सीहोर) की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई थी। इस जांच के दौरान डॉ. अजय मौर्य को भी जबलपुर से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच और पूछताछ के आधार पर, पुलिस ने अब हीरा सिंह कौशल (44), निवासी कोहेफिजा भोपाल, और आदिल सिद्दीकी (37), निवासी बाग दिलखुश भोपाल, को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से डॉक्टरों की नियुक्ति कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों से एक थार, एक स्कॉर्पियो, एक आई-20 कार और नकद राशि जब्त की है। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज है। भर्ती प्रक्रिया, आर्थिक लेन-देन और इस कांड में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस फर्जी भर्ती नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। टीआई मनीष कुमार ने सोमवार दोपहर 2 बजे मीडिया को इस मामले की जानकारी दी।
दमोह जिले के संजीवनी अस्पताल से जुड़े कथित फर्जी डॉक्टर भर्ती कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस रैकेट से जुड़े दो आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से तीन लग्जरी वाहन और ₹5 लाख 36 हजार 900 नकद सहित कुल लगभग ₹45 लाख का मशरूका बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले का खुलासा 16 मई को सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में हुआ था। इसमें यह सामने आया कि डॉ. कुमार सचिन यादव (निवासी ग्वालियर) और डॉ. राजपाल गौर (निवासी सीहोर) की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई थी। इस जांच के दौरान डॉ. अजय मौर्य को भी जबलपुर से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच और पूछताछ के आधार पर, पुलिस ने अब हीरा सिंह कौशल (44), निवासी कोहेफिजा भोपाल, और आदिल सिद्दीकी (37), निवासी बाग दिलखुश भोपाल, को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से डॉक्टरों की नियुक्ति कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों से एक थार, एक स्कॉर्पियो, एक आई-20 कार और नकद राशि जब्त की है। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज है। भर्ती प्रक्रिया, आर्थिक लेन-देन और इस कांड में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस फर्जी भर्ती नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। टीआई मनीष कुमार ने सोमवार दोपहर 2 बजे मीडिया को इस मामले की जानकारी दी।
- मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री जीतू पटवारी जी के विरुद्ध की गई अमर्यादित एवं आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी शहर कटनी द्वारा एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से इस टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की। पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद आदरणीय श्री राजमणि पटेल जी ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव लोकतांत्रिक मूल्यों, राजनीतिक शुचिता और मर्यादित संवाद की पक्षधर रही है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी जननेता के विरुद्ध अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करता है, जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करती है। पटेल जी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जनहित के मुद्दों को लगातार मजबूती से उठा रहे हैं, और उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर भाजपा के नेता इस प्रकार की अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं के सम्मान और कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने इस अमर्यादित टिप्पणी को न केवल एक व्यक्ति का, बल्कि समूचे कांग्रेस परिवार का अपमान बताया। एडवोकेट शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाए जाने से घबराकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निम्नस्तरीय राजनीति पर उतर आए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेसजन लोकतांत्रिक एवं गांधीवादी तरीकों से इस मानसिकता का विरोध करते रहेंगे तथा जनहित, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला, पूर्व मंत्री राजमणि पटेल, रजनी वर्मा, राजेश जाटव, जितेन्द्र गुप्ता, अजय जैसवानी, मंगल सिंह, कमलेश यादव, आनंद पटेल, राकेश गुड्डू द्विवेदी, राम मुलवानी, आदिता वर्मा, मारूफ अहमद हनीफ, अहमद कुरैशी, नारायण निषाद, संदीप यादव, इमरान खान, मुन्ना कुशवाहा, रंजीत सिंह, श्याम पाहुजा, अजय कोल, विजय मंगल चौधरी, राजकुमार विश्वकर्मा, रमेश अहिरवार, विनोद अहिरवार, अजय खटीक, जितेन्द्र बड़गैया, शशांक गुप्ता, सुरजीत सिंह सोलंकी, अजय वर्मा, एड. तरुण दुबे, अंशु गुप्ता, माधवेंद्र सिंह, मुकेश बर्मन, दिलदार खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।4
- केसली विकासखंड के पठाखुर्द गांव में गहराते पेयजल संकट और प्रशासन की उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन भीषण गर्मी के बीच पानी की बढ़ती समस्या के कारण हुआ है, जिसने ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। चक्काजाम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे और उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के प्रति तीव्र नाराजगी व्यक्त की। इस चक्काजाम के कारण टड़ा-केसली मार्ग पर सुबह से ही यातायात पूरी तरह से बंद हो गया, और सूचना मिलने तक मार्ग अवरुद्ध रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलाशय निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया और पेयजल संकट का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। उन्होंने ग्राम पठाखुर्द में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की जायज मांग की है।1
- ज्येष्ठ पूर्णिमा के तुरंत बाद कृष्ण पक्ष के आगाज़ के साथ ही मौसम ने भी करवट बदली है, जहाँ आसमान में घने और स्याह बादल छा गए हैं। इस बदलते मौसम के बीच भी आसमान में चांद अपनी रोशनी बिखेरने के लिए लगातार जद्दोजहद कर रहा है। चांद न तो रुका है और न ही पूरी तरह बादलों में छिपा है; बल्कि उसकी धीमी, किंतु खूबसूरत रोशनी बादलों को चीरकर धरती तक पहुँच रही है। यह दृश्य हमें एक गहरा संदेश देता है कि जीवन में मुश्किलें चाहे बादलों की तरह कितनी भी घनी क्यों न हों, भीतर की उम्मीद और चमक को कोई दबा नहीं सकता। यह खगोलीय नजारा इस बात का प्रतीक है कि संघर्ष जितना गहरा होगा, उससे उभरने वाली रोशनी उतनी ही अधिक शांति और सुकून देने वाली होगी।2
- सागर में मोतीनगर थाना पुलिस ने एक बुजुर्ग पर चाकू से हमला कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो बालिग और दो नाबालिग शामिल हैं, जिनका सोमवार दोपहर करीब 3 बजे इलाके में जुलूस भी निकाला गया। इस दौरान आरोपी “अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है” जैसे नारे लगाते हुए नजर आए। यह घटना 29 मई की रात करीब 10 बजे की है, जब वल्लभनगर वार्ड निवासी घनश्याम राय अपने घर के बाहर टहल रहे थे। तभी चार युवकों ने उनसे शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। बुजुर्ग द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर, आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से बुजुर्ग के कंधे पर चाकू से वार किया और उनकी जेब से करीब दो हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित एक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि गिरफ्तार बालिग आरोपियों में नितिन उर्फ आकाश अहिरवार और चंदन अहिरवार, दोनों काकागंज निवासी हैं, जबकि अन्य दो विधि-विरुद्ध बालक हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात से जुड़े साक्ष्य भी बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक चर्चा रही और लोगों ने इसकी सराहना की। मोतीनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गंभीर वारदात का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।1
- सागर में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी विश्लेषण की मदद से एक महिला का लाखों रुपये मूल्य का गुम हुआ बैग मात्र तीन घंटे के भीतर खोजकर उसे सुरक्षित वापस दिलाया गया है। रहली तहसील के ग्राम रजवास निवासी निधि कुर्मी परकोटा स्थित एचडीएफसी बैंक के पास सागर बस स्टैंड जाने के लिए एक ऑटो में बैठी थीं, तभी जल्दबाजी में उनका पर्स ऑटो में ही छूट गया। इस पर्स में सोने की अंगूठी, सोने के कान के आभूषण और नकदी सहित करीब एक लाख रुपये मूल्य का सामान मौजूद था। पर्स गुम होने का पता चलते ही निधि कुर्मी ने तुरंत पुलिस से सहायता मांगी। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देश पर पुलिस कंट्रोल रूम की सीसीटीवी टीम सक्रिय हो गई। उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में टीम ने शहरभर के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ऑटो की पहचान करने के प्रयास शुरू किए। तकनीकी माध्यमों से पूरी जानकारी न मिलने पर ऑटो का फोटो और विवरण पुलिस व सोशल मीडिया समूहों में साझा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप संबंधित ऑटो चालक तक सूचना पहुंची। ऑटो चालक ने रात करीब 12 बजे स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर बैग पुलिस को सौंप दिया। जांच में बैग में रखा पूरा सामान सुरक्षित पाया गया, जिसे विधिवत निधि कुर्मी को वापस कर दिया गया। अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलने पर निधि कुर्मी और उनके परिजनों ने सागर पुलिस एवं सीसीटीवी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्य में उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान, आरक्षक रूद्रेश और आरक्षक नितेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- महाराष्ट्र के धुले जिले से मिली एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, भामेर किले के नीचे सदियों पुरानी एक प्राचीन और दिव्य प्रतिमा प्राप्त हुई है। यह प्रतिमा जैनधर्म के 23वें तीर्थंकर के रूप में पूजनीय श्री पार्श्वनाथ जी भगवान की है, जो जैन समुदाय के लिए विशेष महत्व रखती है।1
- दमोह जिले के संजीवनी अस्पताल से जुड़े कथित फर्जी डॉक्टर भर्ती कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस रैकेट से जुड़े दो आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से तीन लग्जरी वाहन और ₹5 लाख 36 हजार 900 नकद सहित कुल लगभग ₹45 लाख का मशरूका बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले का खुलासा 16 मई को सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में हुआ था। इसमें यह सामने आया कि डॉ. कुमार सचिन यादव (निवासी ग्वालियर) और डॉ. राजपाल गौर (निवासी सीहोर) की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई थी। इस जांच के दौरान डॉ. अजय मौर्य को भी जबलपुर से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच और पूछताछ के आधार पर, पुलिस ने अब हीरा सिंह कौशल (44), निवासी कोहेफिजा भोपाल, और आदिल सिद्दीकी (37), निवासी बाग दिलखुश भोपाल, को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से डॉक्टरों की नियुक्ति कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों से एक थार, एक स्कॉर्पियो, एक आई-20 कार और नकद राशि जब्त की है। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज है। भर्ती प्रक्रिया, आर्थिक लेन-देन और इस कांड में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस फर्जी भर्ती नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। टीआई मनीष कुमार ने सोमवार दोपहर 2 बजे मीडिया को इस मामले की जानकारी दी।1