AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा जी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह आरोप लगाया है कि वे अमेरिकी नेता ट्रंप के सामने देश से जुड़े कई जरूरी और महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने में विफल रहे। खेड़ा ने मोदी के कार्यकाल की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल से करते हुए मौजूदा सरकार की आलोचना की। उन्होंने 1986 की घटना का उदाहरण दिया, जब 'वॉइस ऑफ अमेरिका' श्रीलंका में भारतीय तट के बगल में अपना ट्रांसमीटर स्थापित करना चाहता था, लेकिन राजीव गांधी ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। खेड़ा ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका ने भारत के मेहमान रहे 'IRIS Dena' को टॉरपीडो कर डुबो दिया था, लेकिन दुर्भाग्य देखिए, नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर मुद्दे पर भी ट्रंप से कोई सवाल नहीं पूछा। खेड़ा ने ट्रंप के एक बयान पर भी गहरी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी के प्रधानमंत्री रहते अगर कोई भारत पर हमला करेगा तो अमेरिका मदद करेगा। पवन खेड़ा ने इस बयान को इस तरह बताया, "जैसे हम अमेरिका की कॉलोनी हों," और इस बात पर जोर दिया कि भारत ने अपने दम पर कई युद्ध जीते हैं। पवन खेड़ा के अनुसार, ये सभी जरूरी मुद्दे थे, जिन्हें नरेंद्र मोदी को ट्रंप के सामने उठाना चाहिए था। मगर इसके बजाय मोदी "Melody वाली Insta Reel पर खिलखिला रहे थे और दमकती त्वचा की तारीफ सुन शर्म से लाल हो रहे थे।"
AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा जी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह आरोप लगाया है कि वे अमेरिकी नेता ट्रंप के सामने देश से जुड़े कई जरूरी और महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने में विफल रहे। खेड़ा ने मोदी के कार्यकाल की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल से करते हुए मौजूदा सरकार की आलोचना की। उन्होंने 1986 की घटना का उदाहरण दिया, जब 'वॉइस ऑफ अमेरिका' श्रीलंका में भारतीय तट के बगल में अपना ट्रांसमीटर स्थापित करना चाहता था, लेकिन राजीव गांधी ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। खेड़ा ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका ने भारत के मेहमान रहे 'IRIS Dena' को टॉरपीडो कर डुबो दिया था, लेकिन दुर्भाग्य देखिए, नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर मुद्दे पर भी ट्रंप से कोई सवाल नहीं पूछा। खेड़ा ने ट्रंप के एक बयान पर भी गहरी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी के प्रधानमंत्री रहते अगर कोई भारत पर हमला करेगा तो अमेरिका मदद करेगा। पवन खेड़ा ने इस बयान को इस तरह बताया, "जैसे हम अमेरिका की कॉलोनी हों," और इस बात पर जोर दिया कि भारत ने अपने दम पर कई युद्ध जीते हैं। पवन खेड़ा के अनुसार, ये सभी जरूरी मुद्दे थे, जिन्हें नरेंद्र मोदी को ट्रंप के सामने उठाना चाहिए था। मगर इसके बजाय मोदी "Melody वाली Insta Reel पर खिलखिला रहे थे और दमकती त्वचा की तारीफ सुन शर्म से लाल हो रहे थे।"
- AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा जी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह आरोप लगाया है कि वे अमेरिकी नेता ट्रंप के सामने देश से जुड़े कई जरूरी और महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने में विफल रहे। खेड़ा ने मोदी के कार्यकाल की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल से करते हुए मौजूदा सरकार की आलोचना की। उन्होंने 1986 की घटना का उदाहरण दिया, जब 'वॉइस ऑफ अमेरिका' श्रीलंका में भारतीय तट के बगल में अपना ट्रांसमीटर स्थापित करना चाहता था, लेकिन राजीव गांधी ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। खेड़ा ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका ने भारत के मेहमान रहे 'IRIS Dena' को टॉरपीडो कर डुबो दिया था, लेकिन दुर्भाग्य देखिए, नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर मुद्दे पर भी ट्रंप से कोई सवाल नहीं पूछा। खेड़ा ने ट्रंप के एक बयान पर भी गहरी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी के प्रधानमंत्री रहते अगर कोई भारत पर हमला करेगा तो अमेरिका मदद करेगा। पवन खेड़ा ने इस बयान को इस तरह बताया, "जैसे हम अमेरिका की कॉलोनी हों," और इस बात पर जोर दिया कि भारत ने अपने दम पर कई युद्ध जीते हैं। पवन खेड़ा के अनुसार, ये सभी जरूरी मुद्दे थे, जिन्हें नरेंद्र मोदी को ट्रंप के सामने उठाना चाहिए था। मगर इसके बजाय मोदी "Melody वाली Insta Reel पर खिलखिला रहे थे और दमकती त्वचा की तारीफ सुन शर्म से लाल हो रहे थे।"1
- अग्निवीर सैनिक विक्रम यादव चंद्रवंशी देश सेवा के लिए रवाना हो गए हैं। उनकी रवानगी पर ग्राम सुरेल में उन्हें एक भावुक विदाई दी गई।1
- मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के बड़ौद स्थित श्री महावीर जैन विद्या मंदिर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 46 पात्र छात्र-छात्राओं को मध्य प्रदेश शासन की लैपटॉप योजना के तहत और संस्था के 22 पूर्व छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। ये पूर्व छात्र वर्तमान में शासकीय सेवा या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं। यह समारोह जिला शिक्षा अधिकारी (आगर मालवा) सौरभ जैन के मुख्य आतिथ्य तथा बाबूलाल जैन, प्रकाश नाहर, राजेंद्र जैन, अशोक मोदी और कन्हैयालाल नौलखा सहित प्रबंध समिति सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बड़ौद श्री वर्धमान शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अजीत कुमार जैन ने की। समारोह का शुभारंभ सरस्वती माता, भारत माता और भगवान श्री महावीर स्वामी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत विद्यालय के स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल बोर्ड की हायर सेकेंडरी परीक्षा में जिला स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले जयेश जैन को ₹1100 और हाई स्कूल में जिला स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली किरण मालवीय को विद्यालय की ओर से ₹1100 की राशि प्रदान कर विशेष सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त, विद्यालय के कुल 282 छात्र-छात्राओं को प्रतिभा सम्मान के तहत सम्मानित किया गया, जिसमें कक्षा पाँचवीं के 68, आठवीं के 98, दसवीं के 48 और बारहवीं के 46 छात्र-छात्राएँ शामिल थे। साथ ही, 22 पूर्व छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया जो शासकीय सेवा या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि सौरभ जैन ने सभी छात्र-छात्राओं को जीवन में कठिन परिश्रम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस समारोह में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ और समिति सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पुरुषोत्तम व्यास ने किया, और आभार संस्था प्रबंधक संतोष जैन ने व्यक्त किया।4
- मंदसौर जिले के चंदवासा से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी एक खास खबर सामने आई है।1
- एक विशेष रिपोर्ट में यह गहरा प्रश्न उठाया गया है कि यदि वे लोग ही सुरक्षित नहीं हैं जिनके लिए हम कमा रहे हैं, तो ऐसी कमाई का क्या अर्थ। यह सवाल सीधे तौर पर व्यक्ति के अपने अस्तित्व से जुड़ा है।1
- एक विशेष रिपोर्ट में महर्षि पतंजलि को योग का प्रथम गुरु बताया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें सूर्य से जन्मा हुआ और शेषनाग का अवतार भी कहा गया है।1
- अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इस अवसर को एक 'बड़ी सौगात' के रूप में देखा गया, जो इस नई ट्रेन सेवा के माध्यम से यात्रियों को मिलने वाले लाभों को रेखांकित करता है।1
- मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के राणापुर में आदिवासी समुदाय की शादी के विशेष रीति-रिवाज और संस्कृति देखने को मिली। इस अवसर पर आदिवासी परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न हुआ, जो स्थानीय संस्कृति को दर्शाता है।1