logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

आप सिर्फ बुर्का पहने महिला पर नजर रखिए. हाथ की सफाई दिख जाएगी. मामला यूपी के मुजफ्फरनगर का है.

3 hrs ago
user_BSNN
BSNN
Newspaper publisher वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

आप सिर्फ बुर्का पहने महिला पर नजर रखिए. हाथ की सफाई दिख जाएगी. मामला यूपी के मुजफ्फरनगर का है.

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • आप सिर्फ बुर्का पहने महिला पर नजर रखिए. हाथ की सफाई दिख जाएगी. मामला यूपी के मुजफ्फरनगर का है.
    1
    आप सिर्फ बुर्का पहने महिला पर नजर रखिए. 
हाथ की सफाई दिख जाएगी. मामला यूपी के मुजफ्फरनगर का है.
    user_BSNN
    BSNN
    Newspaper publisher वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by जय हिन्द न्यूज़
    1
    Post by जय हिन्द न्यूज़
    user_जय हिन्द न्यूज़
    जय हिन्द न्यूज़
    पत्रकार Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • 22 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल मिथुन अब राजू कलाकार को कर रहा कॉपी ▶️▶️▶️▶️
    1
    22 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल मिथुन अब राजू कलाकार को कर रहा कॉपी ▶️▶️▶️▶️
    user_Sindhu Devi
    Sindhu Devi
    Actor/Actress Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • जैन चौधरी के आगमन पर विजय यादव ने किया भाव स्वागत जैन चौधरी जी का गोरखपुर एयरपोर्ट पर
    1
    जैन चौधरी के आगमन पर विजय यादव ने किया भाव स्वागत जैन चौधरी जी का गोरखपुर एयरपोर्ट पर
    user_पूर्वांचल रफ्तार न्यूज़
    पूर्वांचल रफ्तार न्यूज़
    News Anchor वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जमीनी विवाद में आया नया मोड़ हिस्ट्रीशीटर पीड़ित परिवार को दे रहा खुलेआम धमकी, कर दिया है अभद्रता की सारी हदें पार। #crime
    1
    जमीनी विवाद में आया नया मोड़ हिस्ट्रीशीटर पीड़ित परिवार को दे रहा खुलेआम धमकी, कर दिया है अभद्रता की सारी हदें पार। #crime
    user_Gorakhpurhalchal Saeed Alam Kh
    Gorakhpurhalchal Saeed Alam Kh
    Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • Post by Abc Hindustan
    1
    Post by Abc Hindustan
    user_Abc Hindustan
    Abc Hindustan
    News Anchor Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    1
    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • 13 साल के सन्नाटे का अंत: कोमा में पड़े हरीश राणा को अंतिम विदाई गाजियाबाद के हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे। परिवार ने हर दिन उम्मीद के साथ उनकी सेवा की, इस विश्वास में कि शायद एक दिन वे फिर से आंखें खोलेंगे। लेकिन जब उम्मीद की हर किरण मंद पड़ गई, तब परिवार ने भारी मन से एक कठिन निर्णय लिया। हरीश को दिल्ली के एम्स ले जाया गया है, जहां उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह निर्णय केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन माता-पिता के लिए अत्यंत भावुक और पीड़ादायक पल है, जिन्होंने 13 वर्षों तक अपने बेटे की निस्वार्थ सेवा की। किसी भी माता-पिता के लिए अपने जिगर के टुकड़े को इस तरह विदा करना कितना कठिन होगा, इसकी कल्पना मात्र से मन विचलित हो उठता है। फिर भी उन्होंने अपने बेटे के कष्ट को देखकर यह निर्णय लिया, ताकि वह पीड़ा से मुक्त हो सके। यह घटना न केवल मानवीय संवेदना को झकझोरती है, बल्कि समाज और न्याय व्यवस्था के सामने कई गहरे प्रश्न भी खड़े करती है। सुप्रीम कोर्ट के ऐसे फैसलों का दूरगामी प्रभाव होगा—बस यह जरूरी है कि इसका दुरुपयोग न हो। कुछ लोग सचमुच मरकर भी अमर हो जाते हैं—क्योंकि वे हमें जीवन, करुणा और त्याग का सबसे बड़ा अर्थ सिखा जाते हैं।
    1
    13 साल के सन्नाटे का अंत: कोमा में पड़े हरीश राणा को अंतिम विदाई
गाजियाबाद के हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे। परिवार ने हर दिन उम्मीद के साथ उनकी सेवा की, इस विश्वास में कि शायद एक दिन वे फिर से आंखें खोलेंगे। लेकिन जब उम्मीद की हर किरण मंद पड़ गई, तब परिवार ने भारी मन से एक कठिन निर्णय लिया।
हरीश को दिल्ली के एम्स ले जाया गया है, जहां उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह निर्णय केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन माता-पिता के लिए अत्यंत भावुक और पीड़ादायक पल है, जिन्होंने 13 वर्षों तक अपने बेटे की निस्वार्थ सेवा की।
किसी भी माता-पिता के लिए अपने जिगर के टुकड़े को इस तरह विदा करना कितना कठिन होगा, इसकी कल्पना मात्र से मन विचलित हो उठता है। फिर भी उन्होंने अपने बेटे के कष्ट को देखकर यह निर्णय लिया, ताकि वह पीड़ा से मुक्त हो सके।
यह घटना न केवल मानवीय संवेदना को झकझोरती है, बल्कि समाज और न्याय व्यवस्था के सामने कई गहरे प्रश्न भी खड़े करती है। सुप्रीम कोर्ट के ऐसे फैसलों का दूरगामी प्रभाव होगा—बस यह जरूरी है कि इसका दुरुपयोग न हो।
कुछ लोग सचमुच मरकर भी अमर हो जाते हैं—क्योंकि वे हमें जीवन, करुणा और त्याग का सबसे बड़ा अर्थ सिखा जाते हैं।
    user_BSNN
    BSNN
    Newspaper publisher वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.