Shuru
Apke Nagar Ki App…
आप सिर्फ बुर्का पहने महिला पर नजर रखिए. हाथ की सफाई दिख जाएगी. मामला यूपी के मुजफ्फरनगर का है.
BSNN
आप सिर्फ बुर्का पहने महिला पर नजर रखिए. हाथ की सफाई दिख जाएगी. मामला यूपी के मुजफ्फरनगर का है.
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- आप सिर्फ बुर्का पहने महिला पर नजर रखिए. हाथ की सफाई दिख जाएगी. मामला यूपी के मुजफ्फरनगर का है.1
- Post by जय हिन्द न्यूज़1
- 22 से अधिक भाषाओं में गाना गाकर हुआ था वायरल मिथुन अब राजू कलाकार को कर रहा कॉपी ▶️▶️▶️▶️1
- जैन चौधरी के आगमन पर विजय यादव ने किया भाव स्वागत जैन चौधरी जी का गोरखपुर एयरपोर्ट पर1
- जमीनी विवाद में आया नया मोड़ हिस्ट्रीशीटर पीड़ित परिवार को दे रहा खुलेआम धमकी, कर दिया है अभद्रता की सारी हदें पार। #crime1
- Post by Abc Hindustan1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- 13 साल के सन्नाटे का अंत: कोमा में पड़े हरीश राणा को अंतिम विदाई गाजियाबाद के हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे। परिवार ने हर दिन उम्मीद के साथ उनकी सेवा की, इस विश्वास में कि शायद एक दिन वे फिर से आंखें खोलेंगे। लेकिन जब उम्मीद की हर किरण मंद पड़ गई, तब परिवार ने भारी मन से एक कठिन निर्णय लिया। हरीश को दिल्ली के एम्स ले जाया गया है, जहां उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह निर्णय केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन माता-पिता के लिए अत्यंत भावुक और पीड़ादायक पल है, जिन्होंने 13 वर्षों तक अपने बेटे की निस्वार्थ सेवा की। किसी भी माता-पिता के लिए अपने जिगर के टुकड़े को इस तरह विदा करना कितना कठिन होगा, इसकी कल्पना मात्र से मन विचलित हो उठता है। फिर भी उन्होंने अपने बेटे के कष्ट को देखकर यह निर्णय लिया, ताकि वह पीड़ा से मुक्त हो सके। यह घटना न केवल मानवीय संवेदना को झकझोरती है, बल्कि समाज और न्याय व्यवस्था के सामने कई गहरे प्रश्न भी खड़े करती है। सुप्रीम कोर्ट के ऐसे फैसलों का दूरगामी प्रभाव होगा—बस यह जरूरी है कि इसका दुरुपयोग न हो। कुछ लोग सचमुच मरकर भी अमर हो जाते हैं—क्योंकि वे हमें जीवन, करुणा और त्याग का सबसे बड़ा अर्थ सिखा जाते हैं।1