सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह 27वें दिन भी जारी रहा। पार्षद इस संघर्ष में "जनता जवाब चाहती है, दिखावा नहीं; पारदर्शिता चाहती है, बहाने नहीं" का संदेश लेकर डटे हुए हैं। यह सत्याग्रह नगर में फैली जनसमस्याओं, बदहाल सफाई व्यवस्था, अधूरे विकास कार्यों और नगर पालिका के कामकाज में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया जा रहा है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने आरोप लगाया कि नालियों की सफाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है, क्योंकि नालियों से निकाला गया कचरा कई दिनों से सड़कों के किनारे ही पड़ा रहता है। इससे पूरे नगर में दुर्गंध फैल रही है और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि केवल फोटो खिंचवाने के लिए सफाई अभियान चलाना समाधान नहीं है, बल्कि निकाले गए कचरे का तत्काल उठाव भी बेहद ज़रूरी है। पार्षद पचौरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर सड़क किनारे पड़े इस कचरे को नहीं हटाया गया, तो सभी पार्षद नगर पालिका पहुंचकर वही कचरा सीधे सीएमओ कक्ष में भर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सत्याग्रह के दौरान पार्षदों ने आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी अब तक उपलब्ध न कराए जाने पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि नगर पालिका के सभी कार्य पूरी तरह पारदर्शी हैं, तो जानकारी देने में अनावश्यक देरी क्यों की जा रही है। पार्षदों का आरोप है कि आरटीआई की जानकारी को रोककर कहीं न कहीं बड़े भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सच जनता के सामने न आ सके। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि नगर की जनता के अधिकारों, पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक नगर की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता और मांगी गई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक जनहित सत्याग्रह निरंतर जारी रहेगा। इस आंदोलन में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, कैलाश चंद भगत, राकेश शिवहरे, रामकुमार प्रजापति सहित अन्य पार्षद पूरे दिन सक्रिय रूप से शामिल रहे।
सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह 27वें दिन भी जारी रहा। पार्षद इस संघर्ष में "जनता जवाब चाहती है, दिखावा नहीं; पारदर्शिता चाहती है, बहाने नहीं" का संदेश लेकर डटे हुए हैं। यह सत्याग्रह नगर में फैली जनसमस्याओं, बदहाल सफाई व्यवस्था, अधूरे विकास कार्यों और नगर पालिका के कामकाज में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया जा रहा है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने आरोप लगाया कि नालियों की सफाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है, क्योंकि नालियों से निकाला गया कचरा कई दिनों से सड़कों के किनारे ही पड़ा रहता है। इससे पूरे नगर में दुर्गंध फैल रही है और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि केवल फोटो खिंचवाने के लिए सफाई अभियान चलाना समाधान नहीं है, बल्कि निकाले गए कचरे का तत्काल उठाव भी बेहद ज़रूरी है। पार्षद पचौरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर सड़क किनारे पड़े इस कचरे को नहीं हटाया गया, तो सभी पार्षद नगर पालिका पहुंचकर वही कचरा सीधे सीएमओ कक्ष में भर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सत्याग्रह के दौरान पार्षदों ने आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी अब तक उपलब्ध न कराए जाने पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि नगर पालिका के सभी कार्य पूरी तरह पारदर्शी हैं, तो जानकारी देने में अनावश्यक देरी क्यों की जा रही है। पार्षदों का आरोप है कि आरटीआई की जानकारी को रोककर कहीं न कहीं बड़े भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सच जनता के सामने न आ सके। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि नगर की जनता के अधिकारों, पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक नगर की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता और मांगी गई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक जनहित सत्याग्रह निरंतर जारी रहेगा। इस आंदोलन में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, कैलाश चंद भगत, राकेश शिवहरे, रामकुमार प्रजापति सहित अन्य पार्षद पूरे दिन सक्रिय रूप से शामिल रहे।
- कैलारस ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम विज़न में सकल पंच की भागवत कथा चल रही है।1
- बाड़ी में एएसपी श्रवण कुमार झोरड के निर्देशों पर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान, कुल 14 वाहनों का चालान किया गया। यह कार्रवाई बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में ट्रैफिक इंचार्ज जितेंद्र कुमार द्वारा अंजाम दी गई। ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया जो यातायात के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले के बसेड़ी में एक बाबू को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।1
- परिवहन आयुक्त श्री उमेश जोगा ने भिंड जिले में चल रही कार्रवाई और प्रवर्तन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अवैध खनिज, विशेषकर चंबल रेत के परिवहन में संलिप्त वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन वाहनों की सघन जांच की जाए और आवश्यकतानुसार उनमें जीपीएस प्रणाली स्थापित कराई जाए। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार भिंड में आयोजित हुई, जिसमें कलेक्टर भिंड, पुलिस अधीक्षक भिंड सहित वन, पुलिस, खनिज एवं परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के दौरान श्री जोगा ने आदेश दिया कि अवैध चंबल रेत के परिवहन में लगे वाहनों को तत्काल जब्त किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में रखकर उनके चालकों और मालिकों के विरुद्ध परिवहन नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिवहन आयुक्त ने साफ किया कि जिले में कहीं भी अवैध रेत का भंडारण पाए जाने पर उसे तत्काल समाप्त कर विनष्टीकरण की कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी वाहन को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्री बस सेवाओं के संबंध में भी उन्होंने निर्देशित किया कि बिना परमिट के कोई भी बस नहीं चलनी चाहिए, जिनकी समय-समय पर सघन चेकिंग कर परमिट और फिटनेस की जांच की जाए। बैठक में कलेक्टर भिंड ने बताया कि अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा होती है और आकस्मिक निरीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में निगरानी एवं जांच के लिए चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए हैं, जहां वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक भिंड ने पुलिस विभाग की ओर से आवश्यक बल और सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। परिवहन आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि जिले में अवैध खनिज परिवहन और चंबल रेत के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित बल्लू टी स्टॉल सफर के दौरान अचानक रुक जाने वाली गाड़ियों, पंचर होने या किसी अन्य परेशानी में फंसे राहगीरों और यात्रियों की मदद के लिए सबसे पहले आगे आता है। उनका मुख्य प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मुश्किल घड़ी में यात्रियों को अकेला महसूस न हो। बल्लू टी स्टॉल की पहचान एक कप गर्म चाय के साथ सहयोग, अपनापन और इंसानियत का हाथ बढ़ाना है। वे मानते हैं कि सड़क यात्रा के दौरान छोटी-बड़ी परेशानियाँ कभी भी आ सकती हैं, ऐसे में समय पर मिली मदद और हौसला सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सड़क यात्रा के दौरान सहायता और सहयोग को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। बल्लू टी स्टॉल सभी यात्रियों को सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएँ देता है और मदद करने को सबसे बड़ी मानवता बताता है।1
- हिंडौन-नादौती थाना क्षेत्र के एक गाँव में 5 वर्षीय मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना को लगभग 36 घंटे बीत जाने के बाद भी मासूम का शव हिंडौन के राजकीय जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखा हुआ है। परिजन सदमे में हैं और रो-रोकर उनका बुरा हाल है, वे प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए ले जाया गया था, लेकिन इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर परिजनों ने नादौती थाने में शिकायत दर्ज कराई है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पुलिस द्वारा फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार ने बुधवार दोपहर 2:00 बजे स्पष्ट कर दिया कि जब तक मामले में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों की मुख्य मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। इस दौरान समाज के प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत, तहसील अध्यक्ष बबलू चौरसिया, सतवीर सुमन, कमल मेहमदपुरिया सहित सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल परिसर में मौजूद रहे, परिजनों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं।1
- बाड़ी में यूथ कांग्रेस ने नगरपालिका की निविदाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं और संबंधित पक्ष के बीच ज्ञापन देने को लेकर तीखी बहस भी हुई।3
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह 27वें दिन भी जारी रहा। पार्षद इस संघर्ष में "जनता जवाब चाहती है, दिखावा नहीं; पारदर्शिता चाहती है, बहाने नहीं" का संदेश लेकर डटे हुए हैं। यह सत्याग्रह नगर में फैली जनसमस्याओं, बदहाल सफाई व्यवस्था, अधूरे विकास कार्यों और नगर पालिका के कामकाज में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया जा रहा है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने आरोप लगाया कि नालियों की सफाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है, क्योंकि नालियों से निकाला गया कचरा कई दिनों से सड़कों के किनारे ही पड़ा रहता है। इससे पूरे नगर में दुर्गंध फैल रही है और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि केवल फोटो खिंचवाने के लिए सफाई अभियान चलाना समाधान नहीं है, बल्कि निकाले गए कचरे का तत्काल उठाव भी बेहद ज़रूरी है। पार्षद पचौरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर सड़क किनारे पड़े इस कचरे को नहीं हटाया गया, तो सभी पार्षद नगर पालिका पहुंचकर वही कचरा सीधे सीएमओ कक्ष में भर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सत्याग्रह के दौरान पार्षदों ने आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी अब तक उपलब्ध न कराए जाने पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि नगर पालिका के सभी कार्य पूरी तरह पारदर्शी हैं, तो जानकारी देने में अनावश्यक देरी क्यों की जा रही है। पार्षदों का आरोप है कि आरटीआई की जानकारी को रोककर कहीं न कहीं बड़े भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सच जनता के सामने न आ सके। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि नगर की जनता के अधिकारों, पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक नगर की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता और मांगी गई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक जनहित सत्याग्रह निरंतर जारी रहेगा। इस आंदोलन में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, कैलाश चंद भगत, राकेश शिवहरे, रामकुमार प्रजापति सहित अन्य पार्षद पूरे दिन सक्रिय रूप से शामिल रहे।1