पश्चिम चंपारण जिले के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना ने जिलेभर के पत्रकारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस गंभीर घटना के बाद पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वरीय पत्रकार मोहन सिंह ने की। बैठक में सर्वसम्मति से एक निंदा प्रस्ताव पारित कर घटना की कड़ी भर्त्सना की गई। वक्ताओं ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जहाँ डॉक्टरों को समाज में भगवान का दर्जा प्राप्त है, वहीं जीएमसीएच में मरीजों, उनके परिजनों और अब पत्रकारों के साथ लगातार हो रही मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएँ गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। पत्रकारों ने सीधा आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के कुछ इंटर्न छात्रों की मनमानी और गुंडागर्दी बढ़ रही है, जिससे अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट करना और मोबाइल छीनना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अभी तक छीने गए मोबाइल फोन की बरामदगी न होने और दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर पत्रकारों ने गहरी नाराजगी जताई। इस बैठक में पत्रकारों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें घटना की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच, दोषी इंटर्न छात्रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, पत्रकारों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराना और छीने गए सामान की तत्काल बरामदगी सुनिश्चित करने की मांगें प्रमुख थीं। पत्रकारों ने घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा, क्योंकि बेतिया के जीएमसीएच में पत्रकारों से मारपीट के इस मामले पर ज़िले के पत्रकारों में उबाल है और वे दोषी इंटर्नों पर कार्रवाई तथा अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
पश्चिम चंपारण जिले के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना ने जिलेभर के पत्रकारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस गंभीर घटना के बाद पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वरीय पत्रकार मोहन सिंह ने की। बैठक में सर्वसम्मति से एक निंदा प्रस्ताव पारित कर घटना की कड़ी भर्त्सना की गई। वक्ताओं ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जहाँ डॉक्टरों को समाज में भगवान का दर्जा प्राप्त है, वहीं जीएमसीएच में मरीजों, उनके परिजनों और अब पत्रकारों के साथ लगातार हो रही मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएँ गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। पत्रकारों ने सीधा आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के कुछ इंटर्न छात्रों की मनमानी और गुंडागर्दी बढ़ रही है, जिससे अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट करना और मोबाइल छीनना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अभी तक छीने गए मोबाइल फोन की बरामदगी न होने और दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर पत्रकारों ने गहरी नाराजगी जताई। इस बैठक में पत्रकारों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें घटना की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच, दोषी इंटर्न छात्रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, पत्रकारों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराना और छीने गए सामान की तत्काल बरामदगी सुनिश्चित करने की मांगें प्रमुख थीं। पत्रकारों ने घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा, क्योंकि बेतिया के जीएमसीएच में पत्रकारों से मारपीट के इस मामले पर ज़िले के पत्रकारों में उबाल है और वे दोषी इंटर्नों पर कार्रवाई तथा अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
- मझौलिया थाना परिसर में सोमवार दोपहर करीब तीन बजे आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता बीडीओ डॉ. राजीव रंजन कुमार ने की, जिसमें अंचलाधिकारी राजीव रंजन और थानाध्यक्ष अमर कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मुहर्रम पर्व के लिए विधि-व्यवस्था, ताजिया जुलूसों, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा हुई। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने स्पष्ट किया कि सभी ताजिया और जुलूसों के लिए प्रशासनिक लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, और बिना अनुमति किसी भी जुलूस को निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से अफवाहों से बचने, सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना प्रशासन को देने की अपील की। बीडीओ ने जोर दिया कि मुहर्रम सामाजिक एकता और अनुशासन का पर्व है, जिसे शांति और भाईचारे के साथ मनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने पर्व को लेकर अपनी पूरी तैयारी होने का भरोसा भी दिलाया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बेतिया में कई स्थानों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।1
- पश्चिम चंपारण के ठाकुर रामनगर स्थित गल्लू चौधरी सभागार, बलिराम भवन में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) का छठा जिला सम्मेलन उत्साह और जोश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व शिक्षक नेता रवींद्र किशोर राय ने झंडोत्तोलन और शहीद वेदी पर माल्यार्पण करके किया, जहाँ मजदूर आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर एटक के बिहार महासचिव अजय कुमार को अंगवस्त्र और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए अजय कुमार ने एटक के संघर्षपूर्ण इतिहास का उल्लेख किया और कहा कि वर्तमान समय में मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने चार श्रम कोडों को मजदूर विरोधी बताते हुए उन्हें वापस लेने के लिए आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विभिन्न क्षेत्रों में बाहरी एजेंसियों को बढ़ावा देकर स्थायी रोजगार और श्रमिक हितों को कमजोर किया जा रहा है, जिससे मजदूरों की समस्याएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। अजय कुमार ने मजदूरों की एकता को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि आने वाले राज्य सम्मेलन (खगड़िया) तथा राष्ट्रीय सम्मेलन (बेंगलुरु) में श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ एक व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। इस सम्मेलन में आंगनबाड़ी, आशा, रसोईया, घरेलू कामकाजी महिला, 102 एम्बुलेंस कर्मचारी, सफाई कर्मी, पोलदार यूनियन, चीनी मिल खेत मजदूर और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र पांडेय और लालबाबू राम ने संयुक्त रूप से की, और यह सम्मेलन मजदूर एकता, संगठन के विस्तार तथा संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।1
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को मझौलिया थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई। पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमर कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार और अंचलाधिकारी राजीव रंजन ने संयुक्त रूप से इस बैठक की अध्यक्षता की। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले सभी जुलूसों के लिए प्रशासनिक अनुमति और लाइसेंस अनिवार्य होगा, तथा बिना लाइसेंस के किसी भी जुलूस को निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के निर्देशानुसार डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने सभी से मोहर्रम पर्व को शांति और अनुशासन के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और समाज के गणमान्य लोगों से प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। इस बैठक में प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि सह प्रमुख पति मंटू कुशवाहा, उपप्रमुख नरेश यादव, मझौलिया मुखिया संघ अध्यक्ष हरि लाल यादव, मुखिया सौदागर साह, मुखिया प्रतिनिधि खुर्शीद आलम, एकबाली राम, पूर्व मुखिया सोनू राय, सुनील तिवारी, नवीन सिंह, सरपंच नरेश पटेल, संजय पटेल, साहेब यादव, युगल किशोर सिंह, मालिक साह, अब्दुल सतार, उपेंद्र कुमार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने का संकल्प लिया।4
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से नौतन थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसडीपीओ रजनीकांत प्रियदर्शी ने लोगों से एकजुटता और भाईचारे के साथ यह पर्व मनाने का आग्रह किया। उन्होंने जनता से यह भी अपील की कि किसी भी अफवाह या असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतने की बात कही है। बताया गया है कि मोहर्रम के जुलूस मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी संवेदनशील स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।1
- पश्चिम चंपारण, बिहार के हरपुरवा गांव में वार्ड संख्या 09 की सड़क खराब हालत में है और टूट चुकी है।1
- गौतम ब्लॉक के प्रतिनिधियों से गांव की सड़क से संबंधित एक मामले को गंभीरता से देखने और उस पर निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। पोस्ट में एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें इस सड़क की स्थिति को दर्शाया गया है, और प्रतिनिधियों से इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की गई है।1
- पश्चिम चंपारण जिले के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना ने जिलेभर के पत्रकारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस गंभीर घटना के बाद पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वरीय पत्रकार मोहन सिंह ने की। बैठक में सर्वसम्मति से एक निंदा प्रस्ताव पारित कर घटना की कड़ी भर्त्सना की गई। वक्ताओं ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जहाँ डॉक्टरों को समाज में भगवान का दर्जा प्राप्त है, वहीं जीएमसीएच में मरीजों, उनके परिजनों और अब पत्रकारों के साथ लगातार हो रही मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएँ गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। पत्रकारों ने सीधा आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के कुछ इंटर्न छात्रों की मनमानी और गुंडागर्दी बढ़ रही है, जिससे अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट करना और मोबाइल छीनना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अभी तक छीने गए मोबाइल फोन की बरामदगी न होने और दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर पत्रकारों ने गहरी नाराजगी जताई। इस बैठक में पत्रकारों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें घटना की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच, दोषी इंटर्न छात्रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, पत्रकारों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराना और छीने गए सामान की तत्काल बरामदगी सुनिश्चित करने की मांगें प्रमुख थीं। पत्रकारों ने घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा, क्योंकि बेतिया के जीएमसीएच में पत्रकारों से मारपीट के इस मामले पर ज़िले के पत्रकारों में उबाल है और वे दोषी इंटर्नों पर कार्रवाई तथा अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।1