logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

रेवाड़ी में गाजर की खेती होती बहुत सारी गाजर होती हैं

14 hrs ago
user_अमित कुमार पत्रकार
अमित कुमार पत्रकार
मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
14 hrs ago

रेवाड़ी में गाजर की खेती होती बहुत सारी गाजर होती हैं

More news from Lakhimpur Kheri and nearby areas
  • कानपुर:-* गर्लफ्रेंड से मिलने चोरी-छिपे खाली घर पहुंचे युवक की हालत तब पतली हो गई जब दरवाजे पर चाची ने दस्तक दे दी, घबराई प्रेमिका ने तुरंत प्रेमी को बक्से में ठूंसकर ताला जड़ दिया, शोर-शराबा हुआ तो पुलिस आ धमकी और ताला तोड़कर मियां मजनूं को बाहर निकाला गया, घटना पूरे इलाके में गपशप का मसाला बन गई_
    1
    कानपुर:-* गर्लफ्रेंड से मिलने चोरी-छिपे खाली घर पहुंचे युवक की हालत तब पतली हो गई जब दरवाजे पर चाची ने दस्तक दे दी, घबराई प्रेमिका ने तुरंत प्रेमी को बक्से में ठूंसकर ताला जड़ दिया, शोर-शराबा हुआ तो पुलिस आ धमकी और ताला तोड़कर मियां मजनूं को बाहर निकाला गया, घटना पूरे इलाके में गपशप का मसाला बन गई_
    user_Awadh News
    Awadh News
    Local News Reporter Mitauli, Lakhimpur Kheri•
    8 hrs ago
  • यूपी के फिरोजाबाद में घुस लेता जेई और बिजली विभाग के कर्मचारी गिरफ्तार एंटी करप्शन टीम ने इन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा, फिर इन्हें घसीटते हुए ले जाया गया
    1
    यूपी के फिरोजाबाद में घुस लेता जेई और बिजली विभाग के कर्मचारी गिरफ्तार
एंटी करप्शन टीम ने इन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा, फिर इन्हें घसीटते हुए ले जाया गया
    user_Lakhimpur Post News
    Lakhimpur Post News
    गोला गोकरन नाथ, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी पन्योरा गाँव रात्रि में लकड़ी काटने वाली मशीन से पेड़ गिरा दिया गया अब इस मामले में फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी और पुलिस क्या-कुछ कार्रवाई करेगी
    1
    लखीमपुर खीरी पन्योरा गाँव रात्रि में लकड़ी काटने वाली मशीन से पेड़ गिरा दिया गया 
अब इस मामले में फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी और पुलिस क्या-कुछ कार्रवाई करेगी
    user_Lakhimpur समाचार
    Lakhimpur समाचार
    मितौली, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • **ब्लैकआउट मॉकड्रिल में परखी गई युद्धकालीन तैयारियां 👉सायरन बजते ही अंधेरे में डूबा कलेक्ट्रेट, प्रशासन और नागरिक सुरक्षा रहे अलर्ट** शाहजहाँपुर/संभावित शत्रु हमले और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को शाहजहाँपुर में ब्लैकआउट मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के निर्देशन में कलेक्ट्रेट परिसर में सायं छह बजे से साढ़े छह बजे तक चले इस अभ्यास ने यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में सतर्कता और अनुशासन ही सबसे बड़ा बचाव है। निर्धारित समय पर जैसे ही खतरे का सायरन (वेलिंग टोन) गूंजा, पूरा कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास का क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई। जिलाधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी मॉकड्रिल की निगरानी करते रहे। नागरिक सुरक्षा के वार्डन और स्वयंसेवकों ने अपनी-अपनी तैनाती संभालते हुए यह सुनिश्चित किया कि कहीं से भी रोशनी बाहर न दिखे। मॉकड्रिल के दौरान नागरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, होमगार्ड, एनसीसी, आपदा मित्र, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। गलियों और सड़कों पर गश्त कर लोगों को घरों के अंदर रहने तथा लाइटें बंद रखने के निर्देश दिए गए। यातायात नियंत्रण के तहत सड़कों पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स भी बंद कराई गईं, जिससे वास्तविक युद्धकालीन हालात का अभ्यास किया जा सके। प्रशासन की ओर से प्रतीकात्मक रूप से प्राथमिक चिकित्सा और अग्निशमन अभ्यास भी किया गया। इस दौरान संचार व्यवस्था, सायरन सिस्टम और स्वयंसेवकों के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई, जो संतोषजनक पाई गई। अभ्यास के समापन पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों, नागरिक सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र निष्काम सेवा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शहरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। ब्लैकआउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि दुश्मन के विमानों या मिसाइलों के लिए लक्ष्य पहचानना असंभव बनाना है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे इस प्रकार की मॉकड्रिल को गंभीरता से लें और प्रशासन का सहयोग करें। भविष्य में भी ऐसे अभ्यास किए जाते रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में अफरा-तफरी न मचे और प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझ सके। सायं साढ़े छह बजे ऑल क्लियर (स्टेडी टोन) सायरन के साथ विद्युत आपूर्ति बहाल की गई और मॉकड्रिल का औपचारिक समापन हुआ। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त), मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत एवं पीडब्ल्यूडी, परिवहन अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ, होमगार्ड कमांडेंट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संगठन उपस्थित रहे।
    4
    **ब्लैकआउट मॉकड्रिल में परखी गई युद्धकालीन तैयारियां
👉सायरन बजते ही अंधेरे में डूबा कलेक्ट्रेट, प्रशासन और नागरिक सुरक्षा रहे अलर्ट**
शाहजहाँपुर/संभावित शत्रु हमले और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को शाहजहाँपुर में ब्लैकआउट मॉकड्रिल का सफल आयोजन किया गया। जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के निर्देशन में कलेक्ट्रेट परिसर में सायं छह बजे से साढ़े छह बजे तक चले इस अभ्यास ने यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में सतर्कता और अनुशासन ही सबसे बड़ा बचाव है।
निर्धारित समय पर जैसे ही खतरे का सायरन (वेलिंग टोन) गूंजा, पूरा कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास का क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई। जिलाधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी मॉकड्रिल की निगरानी करते रहे। नागरिक सुरक्षा के वार्डन और स्वयंसेवकों ने अपनी-अपनी तैनाती संभालते हुए यह सुनिश्चित किया कि कहीं से भी रोशनी बाहर न दिखे।
मॉकड्रिल के दौरान नागरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, होमगार्ड, एनसीसी, आपदा मित्र, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। गलियों और सड़कों पर गश्त कर लोगों को घरों के अंदर रहने तथा लाइटें बंद रखने के निर्देश दिए गए। यातायात नियंत्रण के तहत सड़कों पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स भी बंद कराई गईं, जिससे वास्तविक युद्धकालीन हालात का अभ्यास किया जा सके।
प्रशासन की ओर से प्रतीकात्मक रूप से प्राथमिक चिकित्सा और अग्निशमन अभ्यास भी किया गया। इस दौरान संचार व्यवस्था, सायरन सिस्टम और स्वयंसेवकों के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई, जो संतोषजनक पाई गई।
अभ्यास के समापन पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों, नागरिक सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र निष्काम सेवा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शहरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। ब्लैकआउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि दुश्मन के विमानों या मिसाइलों के लिए लक्ष्य पहचानना असंभव बनाना है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे इस प्रकार की मॉकड्रिल को गंभीरता से लें और प्रशासन का सहयोग करें। भविष्य में भी ऐसे अभ्यास किए जाते रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में अफरा-तफरी न मचे और प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझ सके।
सायं साढ़े छह बजे ऑल क्लियर (स्टेडी टोन) सायरन के साथ विद्युत आपूर्ति बहाल की गई और मॉकड्रिल का औपचारिक समापन हुआ। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त), मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत एवं पीडब्ल्यूडी, परिवहन अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ, होमगार्ड कमांडेंट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संगठन उपस्थित रहे।
    user_विवेक मिश्र
    विवेक मिश्र
    Voice of people Shahjahanpur, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • जिला निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस सुनवाई कार्य का किया निरीक्षण शाहजहांपुर, 23 जनवरी । जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने टाउन हॉलस्थित नगर निगम एवं जिला सूचना कार्यालय में चल रहे नोटिस सुनवाई कार्य का निरीक्षण किया और नो मैपिंग मतदाताओं से उनकी दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नोटिस सुनवाई के दौरान बीएलओ मौजूद रहे और लोगो की आवश्यक जानकारी तुरंत दे उन्होंने बताया गया कि मतदाता को केंद्र/राज्य/सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र सहित भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य वैध दस्तावेज लाना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों की संख्या मतदाता की जन्म तिथि के अनुसार निर्धारित की गई है। 30 जून 1987 तक जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक मान्य दस्तावेज, 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज एवं माता-पिता में से किसी एक का एक दस्तावेज, जबकि 03 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नोटिस पर अंकित सुनवाई स्थल पर स्वयं मतदाता को अवश्य उपस्थित होना है। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त एसके सिंह एवं नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
    2
    जिला निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस सुनवाई कार्य का किया निरीक्षण 
शाहजहांपुर, 23 जनवरी । जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने टाउन हॉलस्थित नगर निगम एवं जिला सूचना कार्यालय में चल रहे नोटिस सुनवाई कार्य का निरीक्षण किया और नो मैपिंग मतदाताओं से उनकी दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नोटिस सुनवाई के दौरान बीएलओ मौजूद रहे और लोगो की आवश्यक जानकारी तुरंत दे 
उन्होंने बताया गया कि मतदाता को केंद्र/राज्य/सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र सहित भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य वैध दस्तावेज लाना अनिवार्य है। 
जिलाधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों की संख्या मतदाता की जन्म तिथि के अनुसार निर्धारित की गई है। 30 जून 1987 तक जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक मान्य दस्तावेज, 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज एवं माता-पिता में से किसी एक का एक दस्तावेज, जबकि 03 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। 
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नोटिस पर अंकित सुनवाई स्थल पर स्वयं मतदाता को अवश्य उपस्थित होना है। 
इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त एसके सिंह एवं नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    पत्रकार शाहजहाँपुर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • ganjepan ka gharelu ilaaj video like Karen follow Karen share Karen
    1
    ganjepan ka gharelu ilaaj video like Karen follow Karen share Karen
    user_Asha Rani
    Asha Rani
    City Star Shahjahanpur, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • लखीमपुर शहर में ब्लैक आउट के दौरान तहसील मार्केट में दुकानों की लाइट बंद कर व्यापारियों ने किया सहयोग।
    1
    लखीमपुर शहर में ब्लैक आउट के दौरान तहसील मार्केट में दुकानों की लाइट बंद कर व्यापारियों ने किया सहयोग।
    user_Awadh News
    Awadh News
    Local News Reporter Mitauli, Lakhimpur Kheri•
    8 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी। लखीमपुर शहर में गढ़ी रोड पर एक तरफ सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि दूसरी तरफ जल मिशन योजना के तहत सड़क को खोद दिया गया है। इस स्थिति को लेकर ठेकेदार की ओर से संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लखीमपुर शहर में यह समस्या कोई नई नहीं है। जब तक सड़कें खराब पड़ी रहती हैं, तब तक किसी भी सरकारी विभाग को काम की याद नहीं आती, लेकिन जैसे ही सड़क बननी शुरू होती है या बनकर तैयार होती है, तभी अलग-अलग विभाग फावड़ा-बेलचा लेकर सड़क खोदने पहुंच जाते हैं। इससे न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी होती है, बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
    1
    लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर शहर में गढ़ी रोड पर एक तरफ सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि दूसरी तरफ जल मिशन योजना के तहत सड़क को खोद दिया गया है। इस स्थिति को लेकर ठेकेदार की ओर से संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लखीमपुर शहर में यह समस्या कोई नई नहीं है। जब तक सड़कें खराब पड़ी रहती हैं, तब तक किसी भी सरकारी विभाग को काम की याद नहीं आती, लेकिन जैसे ही सड़क बननी शुरू होती है या बनकर तैयार होती है, तभी अलग-अलग विभाग फावड़ा-बेलचा लेकर सड़क खोदने पहुंच जाते हैं। इससे न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी होती है, बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
    user_Lakhimpur Post News
    Lakhimpur Post News
    गोला गोकरन नाथ, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • चाइनीज मांझा रोकने की मांग पर समाजसेवी नदी में बैठा, छह घंटे चला अनोखा धरना शाहजहांपुर। जानलेवा चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर समाजसेवी नवी सलमान खान ने शुक्रवार को अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। जिला प्रशासन से कार्रवाई न होने से आहत समाजसेवी खन्नौत नदी के पुल के नीचे गहरी नदी के पानी में बैठकर धरने पर बैठ गए। वह करीब छह घंटे तक ठंडे पानी में बैठे रहे, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। समाजसेवी का कहना है कि चाइनीज मांझे से अब तक एक पुलिसकर्मी समेत कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद शहर में खुलेआम इसकी बिक्री जारी है। उन्होंने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और बेचने वालों के खिलाफ रासुका जैसी सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया गया कि नवी सलमान खान पिछले कई दिनों से डीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे और लगातार ज्ञापन दे रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने नदी में उतरकर धरना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। डूबने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद समाजसेवी नदी से बाहर आए। नदी किनारे बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। लोगों ने चाइनीज मांझे के पूर्ण बहिष्कार की मांग की। समाजसेवी ने चेतावनी दी कि यदि चाइनीज मांझे की बिक्री पर तत्काल रोक नहीं लगी तो वह दोबारा इसी तरह का आंदोलन करेंगे। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शहीदों की प्रतिमाओं की सफाई नहीं हो रही है, दीवारों पर केवल चित्र बने हैं, नालियों के किनारे बैनर लगे हैं और आवारा गोवंश अब भी सड़कों पर घूम रहा है। चार माह से ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं है।
    2
    चाइनीज मांझा रोकने की मांग पर समाजसेवी नदी में बैठा, छह घंटे चला अनोखा धरना
शाहजहांपुर। जानलेवा चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर समाजसेवी नवी सलमान खान ने शुक्रवार को अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। जिला प्रशासन से कार्रवाई न होने से आहत समाजसेवी खन्नौत नदी के पुल के नीचे गहरी नदी के पानी में बैठकर धरने पर बैठ गए। वह करीब छह घंटे तक ठंडे पानी में बैठे रहे, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी।
समाजसेवी का कहना है कि चाइनीज मांझे से अब तक एक पुलिसकर्मी समेत कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद शहर में खुलेआम इसकी बिक्री जारी है। उन्होंने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और बेचने वालों के खिलाफ रासुका जैसी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बताया गया कि नवी सलमान खान पिछले कई दिनों से डीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे और लगातार ज्ञापन दे रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने नदी में उतरकर धरना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। डूबने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद समाजसेवी नदी से बाहर आए।
नदी किनारे बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। लोगों ने चाइनीज मांझे के पूर्ण बहिष्कार की मांग की। समाजसेवी ने चेतावनी दी कि यदि चाइनीज मांझे की बिक्री पर तत्काल रोक नहीं लगी तो वह दोबारा इसी तरह का आंदोलन करेंगे।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शहीदों की प्रतिमाओं की सफाई नहीं हो रही है, दीवारों पर केवल चित्र बने हैं, नालियों के किनारे बैनर लगे हैं और आवारा गोवंश अब भी सड़कों पर घूम रहा है। चार माह से ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं है।
    user_विवेक मिश्र
    विवेक मिश्र
    Voice of people Shahjahanpur, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.