वाराणसी *अमूल डेयरी के बाहर मजदूरों का हंगामा, 3 साल से वेतन न बढ़ने पर फूटा गुस्सा | महिला कर्मी भी शामिल* फूलपुर, वाराणसी। जनपद के फूलपुर क्षेत्र स्थित बनास अमूल डेयरी के बाहर उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में मजदूर अपने वेतनमान में वृद्धि की मांग को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन करने लगे। यह डेयरी प्लांट, जिसका उद्घाटन कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, आज मजदूर असंतोष का केंद्र बनता नजर आया। मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके वेतन में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वर्तमान वेतन में गुजर-बसर करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। इसी के चलते मजदूरों ने सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला मजदूर भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने अधिकारों और सम्मानजनक वेतन की मांग को लेकर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। मजदूरों का कहना है कि कई बार प्रबंधन से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। वहीं, जब अमूल कंपनी के कुछ कर्मचारी बाहर आकर मजदूरों से बातचीत करने पहुंचे, तो कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ पाया। इससे मजदूरों में नाराजगी और बढ़ गई है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल मौके पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।
वाराणसी *अमूल डेयरी के बाहर मजदूरों का हंगामा, 3 साल से वेतन न बढ़ने पर फूटा गुस्सा | महिला कर्मी भी शामिल* फूलपुर, वाराणसी। जनपद के फूलपुर क्षेत्र स्थित बनास अमूल डेयरी के बाहर उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में मजदूर अपने वेतनमान में वृद्धि की मांग को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन करने लगे। यह डेयरी प्लांट, जिसका उद्घाटन कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, आज मजदूर असंतोष का केंद्र बनता नजर आया। मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके वेतन में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वर्तमान वेतन में गुजर-बसर करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। इसी के चलते मजदूरों ने सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला मजदूर भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने अधिकारों और सम्मानजनक वेतन की मांग को लेकर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। मजदूरों का कहना है कि कई बार प्रबंधन से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। वहीं, जब अमूल कंपनी के कुछ कर्मचारी बाहर आकर मजदूरों से बातचीत करने पहुंचे, तो कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ पाया। इससे मजदूरों में नाराजगी और बढ़ गई है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल मौके पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।
- वाराणसी *अमूल डेयरी के बाहर मजदूरों का हंगामा, 3 साल से वेतन न बढ़ने पर फूटा गुस्सा | महिला कर्मी भी शामिल* फूलपुर, वाराणसी। जनपद के फूलपुर क्षेत्र स्थित बनास अमूल डेयरी के बाहर उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में मजदूर अपने वेतनमान में वृद्धि की मांग को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन करने लगे। यह डेयरी प्लांट, जिसका उद्घाटन कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, आज मजदूर असंतोष का केंद्र बनता नजर आया। मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके वेतन में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वर्तमान वेतन में गुजर-बसर करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। इसी के चलते मजदूरों ने सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला मजदूर भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने अधिकारों और सम्मानजनक वेतन की मांग को लेकर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। मजदूरों का कहना है कि कई बार प्रबंधन से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। वहीं, जब अमूल कंपनी के कुछ कर्मचारी बाहर आकर मजदूरों से बातचीत करने पहुंचे, तो कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ पाया। इससे मजदूरों में नाराजगी और बढ़ गई है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल मौके पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।1
- Post by REPORTER ANKIT1
- प्रतापगढ़। रानीगंज क्षेत्र की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भाजपा के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पूर्व विधायक धीरज ओझा के व्यवहार ने पार्टी के भीतर अनुशासन और शालीनता पर सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा की गरिमामयी उपस्थिति थी, लेकिन आयोजन के दौरान अप्रत्याशित विवाद उत्पन्न हो गया। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक धीरज ओझा बिना औपचारिक आमंत्रण के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और वहां विवाद की स्थिति बन गई। उनके इस कदम को पार्टी के स्थापित प्रोटोकॉल और अनुशासन के विपरीत माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित भी हुआ, जिससे आयोजन की गरिमा प्रभावित हुई। तीन बड़े सवाल खड़े इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में कई सवाल उठ रहे हैं— 1. असुरक्षा या अहंकार? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिना आमंत्रण कार्यक्रम में पहुंचना और माहौल बिगाड़ना संगठनात्मक अनुशासन को चुनौती देने जैसा है। 2. वरिष्ठ नेता का अपमान? मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ नेता शिवाकांत ओझा के सामने हुए इस घटनाक्रम को कार्यकर्ता अनुचित और असम्मानजनक मान रहे हैं। 3. संगठन पर नकारात्मक असर स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां संगठन को मजबूत करने के बजाय कमजोर करती हैं और जनता के बीच गलत संदेश देती हैं। कार्यकर्ताओं में आक्रोश घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कई कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को पार्टी ने जिम्मेदारी और सम्मान दिया, उसी द्वारा इस प्रकार का व्यवहार निराशाजनक है। राजनीतिक संदेश स्पष्ट स्थानीय राजनीति में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि यह केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि संगठनात्मक अनुशासन और आंतरिक समन्वय का मामला है। अंततः यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि राजनीति में पद से अधिक महत्व व्यवहार और अनुशासन का होता है।1
- गौरीगंज में सपा की मासिक बैठक सम्पन्न, संगठन की सहमति से तय होगा विधायक प्रत्याशी अमेठी। समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक 4 अप्रैल 2026 को जिला मुख्यालय गौरीगंज में उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति तथा पंचायत स्तर तक पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को प्रभावी बनाया। जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने कहा कि संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी का चयन भी संगठन की सहमति से किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर सक्रिय और जनता के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी। बैठक का संचालन जिला महामंत्री डॉ. अरशद अहमद ने किया। इस दौरान पूर्व मंत्री नदीम अशरफ जायसी, प्रवक्ता राजेश मिश्रा, हीरालाल यादव और प्रदेश सचिव संग्राम सिंह समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे। प्रवक्ता राजेश मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अखिलेश यादव की नीतियों और योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाएं, ताकि आम जनता को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जा सके। हीरालाल यादव ने कहा कि मजबूत संगठन ही चुनावी जीत की नींव होता है। वहीं नदीम अशरफ जायसी ने कहा कि बिना संगठन के कोई भी नेता विधायक नहीं बन सकता, इसलिए सभी को एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करना होगा। बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर रणनीति पर भी चर्चा हुई और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, जनसंपर्क बढ़ाने तथा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। DM Amethi Samajwadi Party3
- अमेठी। समाजवादी पार्टी की मासिक जिला मुख्यालय गौरीगंज में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति और पंचायत स्तर तक पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित हुई। जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी का चयन भी संगठन की सहमति से ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर सक्रिय और जनता के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। बैठक का संचालन जिला महामंत्री डॉ. अरशद अहमद ने किया। इस दौरान पूर्व मंत्री नदीम अशरफ जायसी, , हीरालाल यादव, प्रदेश सचिवसमेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे। हीरालाल यादव ने कहा कि संगठन से बड़ी कोई ताकत नहीं होती और मजबूत संगठन ही चुनाव में जीत की नींव रखता है। वहीं पूर्व मंत्री नदीम अशरफ जायसी ने कहा कि बिना संगठन के कोई भी नेता विधायक नहीं बन सकता, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करना होगा। बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। नेताओं ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और जनसंपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर गुंजन सिंह, प्रतिभा यादव, घनश्याम वर्मा, मनीराम वर्मा, तुफैल खान, , महावीर कश्यप, महेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- ठेंगहा नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 का रोमांचक मैच1
- लोकेशन - प्रतापगढ़ रिपोर्ट - कृष्णभान सिंह मोबाइल - 6307987643,9628536386 गंदगी से घिरे विद्यालयों में होता शिक्षण कार्य. बड़ी ही हैरत की बात है नौनिहालों को जहां सफाई से रहने की शिक्षा दी जाती है। वहीं गंदगी का अंबार देखने को मिलता है। शौचालयों का हाल तो ऐसा है कि कई महीनों से सफाई न होने पर दुर्गध ही दुर्गध व्याप्त है। इसके बाद बरामदों से लेकर कक्षों तक गंदगी देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि महीनों झाडू नहीं मारी जाती है। हम बात कर रहे हैं शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालयों की। जहां बच्चों को शिक्षक रोज प्रार्थना के दौरान सबसे पहले यही समझाते हैं कि प्रतिदिन नहाना चाहिए और साफ-सुथरे कपड़े पहना चाहिए। शरीर को साफ और स्वच्छ रखने से लोग बीमारियों का शिकार नहीं होते हैं। लेकिन यह ज्ञान देने वाले खुद कितने जागरूक हैं यहां के हालात देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है। हम बात कर रहे है प्रतापगढ़ जिले के सुवंसा नगर पंचायत के नौडेरा के वार्ड नंबर 6 के प्राथमिक विद्यालय द्वितीय की यहां शौचालयों का हाल बहुत ही बुरा है। न तो शौचालयों में दरवाजे हैं और न ही महीनों से इनकी सफाई हुई है। ऐसी स्थित में बच्चे शौच के लिए बाहर ही जाना पसंद करते हैं। इसके बाद विद्यालयों के बरामदे में व्याप्त गंदगी का आलम यह है कि यहां देखने के बाद यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानो महीनों झाडू ही न लगाई जाती हो। तभी तो विद्यालय के अंदर बदबू और गंदगी कूड़ा देखने को मिल रहा है। इस विद्यालय में कुल पचास बच्चो पर चार अध्यापक दो शिक्षामित्र दो रसोइया और दो सफाई कर्मी है प्रधानाध्यापक ज्योत्सना तिवारी ने बताया कि यहां सफाई कर्मी जल्दी आते ही नहीं है इस बारे में खण्ड शिक्षाअधिकारी अमित दुबे से बात करने पर उन्होंने कैमरे पर बोलने से मना कर दिया जब इस बारे में सुवंसा नगर पंचायत के ईओ गौतम से बात करने पर उन्होंने कहा सफाई करा दी जाएगी लेकिन कैमरे पर बोलने से उन्होंने भी साफ साफ मना कर दिया सोचने वाली बात ये है कि जब जिम्मेदार ही इस मामले से दूर भागेंगे तो आखिर कैसे स्वक्ष होगा ये शिक्षा का मंदिर4
- शाहजहांपुर के बंडा चौराहे पर ट्रक- सीएनजी टैंकर की जोरदार टक्कर, ड्राइवर बाल-बाल बचा बंडा, शाहजहांपुर, 4 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के थाना क्षेत्र बंडा के मेन चौराहे पर आज सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। पूरनपुर रोड से आ रहे ट्रक और बिलसंडा रोड से आ रहे सीएनजी टैंकर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन ट्रक चालक बाल-बाल बच गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि चौराहे पर गोल चक्रव्यूह (राउंडअबाउट) न होने के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने वाहनों को हटवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से चौराहे पर तत्काल ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और गोल चक्रव्यूह बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।1
- अमेठी में गैस की किल्लत दूर होने का नाम नही ले रही है।लगातार उपभोक्ता एजेंसी के बाहर कतार में गैस सिलेंडर के लिए लाइन लगा रहे है लेकिन उन्हें गैस सिलेंडर नही मिल पा रही है।आज किसान मजदूर सेवा संस्थान ने सीओ को शिकायती पत्र देते हुए गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है।संगठन ने कहा है कि अगर तीन दिनों में व्यवस्था नही सुधरी तो एजेंसी में ताला बंद कर दिया जाएगा। दरअसल अमेठी कस्बे में संचालित प्रकाश गैस एजेंसी लगातार विवादों में रहा है। पिछले कई दिनों से उपभोक्ता एजेंसी के बाहर सिलेंडर के लिए लाइन लगा रहे हैं।एजेंसी संचालक द्वारा कुछ दिनों पहले गैस गोदाम के बाहर एक रूट मैप लगाया गया कि उपभोक्ता अब एजेंसी पर नही आएंगे और उन्हें घर बैठे ही सिलेंडर मिलेगा जिन लोगों की पर्चियां कटी हुई है।लेकिन इसके बावजूद भी सिलेंडर लोगों के घरों तक नहीं पहुंच रहा है।कई दिन इंतजार के बाद भी जब सिलेंडर घर नहीं पहुंचा तो एक बार फिर उपभोक्ता सिलेंडर के लिए गैस गोदाम के बाहर लाइन में लग रहे है।अब किसान मजदूर सेवा संस्थान के प्रदेश प्रभारी ने गैस एजेंसी संचालक पर कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए आज सीओ अमेठी मनोज मिश्रा को शिकायती पत्र सौंपते हुए जांच की मांग की है।प्रदेश प्रभारी प्रेम शंकर द्विवेदी ने कहा कि गैस एजेंसी संचालक द्वारा गैस की काला बाजारी की जा रही है और जरूरतमंदों को गैस नहीं मिल पा रही है।अगर तीन दिनों के भीतर सुधार नहीं हुआ तो गैस एजेंसी में ताला लगा दिया जाएगा अगर हमारे किसान ही गैस नहीं पाएंगे तो ऐसी एजेंसी का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि सीओ ने भी आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच कराएंगे।2