बुरहानपुर के गुड हॉस्पिटल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देशों की अनदेखी कर मरीजों को भर्ती किए जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल पर मरीजों को गुमराह करने और आयुष्मान योजना के नाम पर ठगी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने शिकायत की है कि उन्हें पहले मुफ्त उपचार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में आयुष्मान कार्ड लाने को कहा गया और इस तरह गुमराह कर भर्ती किया गया। कई मरीजों का यह भी आरोप है कि 5 जून से उन्हें केवल आईवी लगाकर इलाज किया जा रहा है। शिकायतें यह भी मिली हैं कि जब मरीजों ने छुट्टी मांगी, तो उन्हें 8 दिन तक डिस्चार्ज नहीं करने की बात कही गई। मरीज के परिजन सुमित वारूडे ने विशेष रूप से आरोप लगाया है कि छोटी बीमारी को बड़ी बीमारी बताकर आयुष्मान योजना से लाखों के बिल निकाले जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मरीजों को झूठे आश्वासन देकर भर्ती किया जा रहा है और खंडवा क्षेत्र से आए मरीजों को छोटे कमरों में जमीन पर लिटाकर उपचार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि CMHO ने अस्पताल में खामियों के चलते उसे एक महीने तक मरीज भर्ती नहीं करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया जारी रहने के आरोप लगे हैं, जिससे CMHO के आदेशों की अनदेखी स्पष्ट होती है। हालांकि, अस्पताल संचालक ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं पूरी हैं और आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार जारी है।
बुरहानपुर के गुड हॉस्पिटल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देशों की अनदेखी कर मरीजों को भर्ती किए जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल पर मरीजों को गुमराह करने और आयुष्मान योजना के नाम पर ठगी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने शिकायत की है कि उन्हें पहले मुफ्त उपचार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में आयुष्मान कार्ड लाने को कहा गया और इस तरह गुमराह कर भर्ती किया गया। कई मरीजों का यह भी आरोप है कि 5 जून से उन्हें केवल आईवी लगाकर इलाज किया जा रहा है। शिकायतें यह भी मिली हैं कि जब मरीजों ने छुट्टी मांगी, तो उन्हें 8 दिन तक डिस्चार्ज नहीं करने की बात कही गई। मरीज के परिजन सुमित वारूडे ने विशेष रूप से आरोप लगाया है कि छोटी बीमारी को बड़ी बीमारी बताकर आयुष्मान योजना से लाखों के बिल निकाले जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि मरीजों को झूठे आश्वासन देकर भर्ती किया जा रहा है और खंडवा क्षेत्र से आए मरीजों को छोटे कमरों में जमीन पर लिटाकर उपचार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि CMHO ने अस्पताल में खामियों के चलते उसे एक महीने तक मरीज भर्ती नहीं करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया जारी रहने के आरोप लगे हैं, जिससे CMHO के आदेशों की अनदेखी स्पष्ट होती है। हालांकि, अस्पताल संचालक ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं पूरी हैं और आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार जारी है।
- बुरहानपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन इन केंद्रों पर स्टाफ की नियुक्ति न होने के कारण उन पर ताले लटके हुए हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों में बने ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर फिलहाल 'पीले हाथी' साबित हो रहे हैं।1
- यहाँ पर सफाई का काम नहीं हो रहा है।1
- खंडवा में स्थित दादाजी मंदिर निर्माण समिति ने मंदिर के लिए पत्थरों के निरीक्षण हेतु राजस्थान के मकराना का दौरा किया। समिति ने निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त पत्थरों का जायजा लिया। इसी बीच, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बुरहानपुर जिले की धुलकोट तहसील में एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान "एक पेड़ मां के नाम" पहल के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया।1
- खंडवा के गशपुरा स्थित बांग्लादेश उर्दू स्कूल के पीछे गली नंबर 8 में पिछले 30 सालों से नाली का निर्माण नहीं किया गया है। इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर इस नाली के निर्माण के लिए आवंटित पैसों का गबन किसने किया है, जिसकी जानकारी आज तक सामने नहीं आई है। श्रीमन् महोदय जी, नगर निगम आयुक्त जी से इस समस्या का तत्काल निराकरण करने की विनती की गई है।1
- खरगोन ज़िले के सनावद के पास सुलगांव गाँव में एक विधवा महिला की ज़मीन पर जबरन मोबाइल टावर खड़ा करने का मामला गरमा गया है। महिला को उचित मुआवजा न दिए जाने और उसे प्रताड़ित करने के विरोध में ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों ने उग्र आंदोलन किया, जिसके बाद पुलिस ने 18 लोगों को हिरासत में ले लिया। पीड़ित विधवा महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी सहमति के बिना और बिना किसी उचित मुआवजे के उसके खेत पर यह टावर खड़ा किया जा रहा है। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसे मानसिक और प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित किया गया। महिला का दावा है कि शासन-प्रशासन ने उसकी मदद करने के बजाय, एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और पुलिस बल की मौजूदगी में जबरन निर्माण कार्य शुरू कराया गया। प्रशासन की इस एकतरफा और बर्बर कार्रवाई के विरोध में किसान मजदूर महासंघ और करणी सेना सहित क्षेत्र के कई सामाजिक संगठन एकजुट हुए। पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया, जो देखते ही देखते उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सुलगांव की इस घटना ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में इस 'प्रशासनिक तानाशाही' के खिलाफ भारी आक्रोश है और वे कहते हैं कि जहाँ सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की बात करती है, वहीं एक विधवा महिला को उसकी ही ज़मीन के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है।4
- खरगोन नगर पालिका क्षेत्र में कुंदा नदी के पुराने पुल से गुजर रही एक पेयजल पाइपलाइन अचानक फट गई। इस घटना के कारण पाइपलाइन से करीब 50 फीट से भी अधिक ऊंचा फव्वारा छूट गया, जिससे हजारों गैलन लीटर पानी व्यर्थ बह गया। यह पाइपलाइन वॉटर वर्क्स से रहीमपुरा क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति के लिए इस्तेमाल की जाती है। पाइपलाइन फटने की खबर मिलते ही नगर पालिका के अधिकारी मौके पर पहुँचे। उन्होंने तत्काल पानी की सप्लाई रोकी और नगर पालिका की टीम अब क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त करने के काम में जुट गई है।4
- NDTV MP पर शारिक अख्तर की एक विशेष रिपोर्ट के माध्यम से यह प्रश्न उठाया गया है कि किराए के भवनों में संचालित हो रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को आखिर कब अपने स्वयं के भवन मिलेंगे। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में ही 189 आंगनवाड़ी केंद्र वर्तमान में किराए की इमारतों में चलाए जा रहे हैं।1
- बटानागझारी के एक व्यक्ति ने पलंग चोरी करने की कोशिश की, जिसके बाद जनता ने उसे पीट-पीटकर बेहोश कर दिया। यह घटना शाम करीब 7 बजे की है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने वास्तव में चोरी की थी या केवल प्रयास किया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची है, लेकिन यह साफ नहीं है कि वे आगे क्या कार्रवाई करेंगे।1