*जिला कलक्टर ने किया रियासतकालीन जल महलों का निरीक्षण: 20 करोड़ की बजट घोषणा से होगा डीग एस्केप का जीर्णोद्धार, सरोवरों की सफाई के दिए निर्देश* डीग, 05 मई। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित विश्वविख्यात रियासतकालीन जल महलों का निरीक्षण कर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण व विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने महल परिसर में स्थित गोपाल भवन, नंद भवन, कृष्ण भवन और हरदेव भवन का अवलोकन किया। साथ ही, उन्होंने महल के प्रमुख आकर्षण गोपाल सागर और रूप सागर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों ने जिला कलक्टर को जल महल की ऐतिहासिक विशेषताओं, वास्तुकला और इसकी महत्ता के बारे में विस्तार से अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने सरोवरों को स्वच्छ जल से भरने हेतु निर्मित डीग एस्केप के रिनोवेशन कार्य की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अंतर्गत डीग एस्केप के सुदृढ़ीकरण हेतु 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि वर्तमान में डीग एस्केप के जीर्णोद्धार कार्य के लिए सैंक्शन की प्रक्रिया चल रही है। सैंक्शन प्राप्त होते ही सिंचाई विभाग द्वारा त्वरित निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि डीग एस्केप के निर्माण के दौरान बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण किया जाए, जिससे शहर के नालों का गंदा पानी इन सरोवरों में मिलने से रोका जा सके और सरोवरों में केवल स्वच्छ जल की आवक सुनिश्चित हो। इस प्राचीन और मान्यता प्राप्त धरोहर के संरक्षण को लेकर जिला कलक्टर ने दोनों सरोवरों और किले की खाई की नियमित साफ-सफाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को निर्देशित किया कि वे सरोवरों की सघन सफाई, पानी के एरियेशन और फव्वारे लगवाने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार को भिजवाया जाएगा, ताकि आवश्यक फंड उपलब्ध कराकर जल महल के सौन्दर्यीकरण और साफ-सफाई के कार्य को शीघ्र मूर्त रूप दिया जा सके। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी, नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग योगेश कुमार, सहायक अभियंता देवेंद्र कुमार, चरण सिंह गुर्जर और बच्चू सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
*जिला कलक्टर ने किया रियासतकालीन जल महलों का निरीक्षण: 20 करोड़ की बजट घोषणा से होगा डीग एस्केप का जीर्णोद्धार, सरोवरों की सफाई के दिए निर्देश* डीग, 05 मई। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित विश्वविख्यात रियासतकालीन जल महलों का निरीक्षण कर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण व विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने महल परिसर में स्थित गोपाल भवन, नंद भवन, कृष्ण भवन और हरदेव भवन का अवलोकन किया। साथ ही, उन्होंने महल के प्रमुख आकर्षण गोपाल सागर और रूप सागर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों ने जिला कलक्टर को जल महल की ऐतिहासिक विशेषताओं, वास्तुकला और इसकी महत्ता के बारे में विस्तार से अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने सरोवरों को स्वच्छ जल से भरने हेतु निर्मित डीग एस्केप के रिनोवेशन कार्य की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अंतर्गत डीग एस्केप के सुदृढ़ीकरण हेतु 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि वर्तमान में डीग एस्केप के जीर्णोद्धार कार्य के लिए सैंक्शन की प्रक्रिया चल रही है। सैंक्शन प्राप्त होते ही सिंचाई विभाग द्वारा त्वरित निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि डीग एस्केप के निर्माण के दौरान बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण किया जाए, जिससे शहर के नालों का गंदा पानी इन सरोवरों में मिलने से रोका जा सके और सरोवरों में केवल स्वच्छ जल की आवक सुनिश्चित हो। इस प्राचीन और मान्यता प्राप्त धरोहर के संरक्षण को लेकर जिला कलक्टर ने दोनों सरोवरों और किले की खाई की नियमित साफ-सफाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को निर्देशित किया कि वे सरोवरों की सघन सफाई, पानी के एरियेशन और फव्वारे लगवाने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार को भिजवाया जाएगा, ताकि आवश्यक फंड उपलब्ध कराकर जल महल के सौन्दर्यीकरण और साफ-सफाई के कार्य को शीघ्र मूर्त रूप दिया जा सके। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी, नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग योगेश कुमार, सहायक अभियंता देवेंद्र कुमार, चरण सिंह गुर्जर और बच्चू सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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- *जिला कलक्टर ने किया रियासतकालीन जल महलों का निरीक्षण: 20 करोड़ की बजट घोषणा से होगा डीग एस्केप का जीर्णोद्धार, सरोवरों की सफाई के दिए निर्देश* अमर दीप सेन डीग, 05 मई। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित विश्वविख्यात रियासतकालीन जल महलों का निरीक्षण कर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण व विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने महल परिसर में स्थित गोपाल भवन, नंद भवन, कृष्ण भवन और हरदेव भवन का अवलोकन किया। साथ ही, उन्होंने महल के प्रमुख आकर्षण गोपाल सागर और रूप सागर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों ने जिला कलक्टर को जल महल की ऐतिहासिक विशेषताओं, वास्तुकला और इसकी महत्ता के बारे में विस्तार से अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने सरोवरों को स्वच्छ जल से भरने हेतु निर्मित डीग एस्केप के रिनोवेशन कार्य की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अंतर्गत डीग एस्केप के सुदृढ़ीकरण हेतु 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि वर्तमान में डीग एस्केप के जीर्णोद्धार कार्य के लिए सैंक्शन की प्रक्रिया चल रही है। सैंक्शन प्राप्त होते ही सिंचाई विभाग द्वारा त्वरित निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि डीग एस्केप के निर्माण के दौरान बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण किया जाए, जिससे शहर के नालों का गंदा पानी इन सरोवरों में मिलने से रोका जा सके और सरोवरों में केवल स्वच्छ जल की आवक सुनिश्चित हो। इस प्राचीन और मान्यता प्राप्त धरोहर के संरक्षण को लेकर जिला कलक्टर ने दोनों सरोवरों और किले की खाई की नियमित साफ-सफाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को निर्देशित किया कि वे सरोवरों की सघन सफाई, पानी के एरियेशन और फव्वारे लगवाने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार को भिजवाया जाएगा, ताकि आवश्यक फंड उपलब्ध कराकर जल महल के सौन्दर्यीकरण और साफ-सफाई के कार्य को शीघ्र मूर्त रूप दिया जा सके। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी, नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग योगेश कुमार, सहायक अभियंता देवेंद्र कुमार, चरण सिंह गुर्जर और बच्चू सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- कुम्हेर (डीग) में उस समय हड़कंप मच गया जब भारतीय सेना के एक हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। हेलीकॉप्टर मथुरा से जयपुर जा रहा था, जिसमें सेना के अधिकारी सवार थे। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए पला हवाई पट्टी पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हेलीकॉप्टर में सवार सभी अधिकारी और जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना की सूचना मिलते ही सेना का दूसरा हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा और अधिकारियों को जयपुर के लिए रवाना किया गया। वहीं स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। सेना की तकनीकी टीम हेलीकॉप्टर की जांच में जुटी हुई है। कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है।1
- Post by Deshraj sharma1
- आज के पंचांग संबंधी संपूर्ण जानकारी नदबई भरतपुर से लाइव अपडेट। जानकारी पसंद आई है तो लाइक शेयर और कमेंट करें। तो बने रहें शुरू ऐप पर इसके लिए आप हमें Follow 🎉 करें।1
- फरह क्षेत्र में अपनी ही रिश्ते की बहन की अस्मत लूटने में नाकाम रहने पर उसे जिंदा जलाने वाले दोषी उमेश को को सुनाई गई फांसी की सजा अदालत ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (विरलतम) मामला मानते हुए दोषी पर 1.30 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। यह रूह कंपा देने वाली घटना 11 मार्च 2025 की है जब हरियाणा के पलवल (थाना हसनपुर) का रहने वाला उमेश, मथुरा के फरह थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में अपनी रिश्ते की बहन (जेठानी की देवरानी) के घर महिला के कपड़े पहनकर कर पहुंचा था। आरोपी उमेश दुपट्टा ओढ़कर और महिला का वेश धारण कर उसने महिला के साथ किया था दुष्कर्म का प्रयास जब महिला ने कड़ा विरोध किया, तो हैवान बने उमेश ने उस पर ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ डालकर आग लगा दी। आग लगने से महिला की चीखें सुनकर जब परिजन उसे बचाने दौड़े, तो उमेश छत से कूद गया जिससे उसके सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने अदालत में प्रभावी पैरवी की। जिला जज विकास कुमार की अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों को देखने के बाद उमेश को दोषी करार दिया। अदालत ने फैसले में साफ किया कि ऐसे जघन्य कृत्य करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है और उसे फांसी देने की सजा4
- Post by Brajvir Singh1
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