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वाराणसी में समान शिक्षा की मांग को लेकर तीन दिवसीय पदयात्रा की शुरुआत हो गई है। विख्यात समाजसेवी और मैगसेसे सम्मान से सम्मानित डॉ. संदीप पांडे की अगुवाई में इस यात्रा का आरंभ मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही में एक जनसभा के आयोजन के साथ किया गया। इस अभियान के तहत "चाहे अमीर की हो या गरीब की संतान, सबकी शिक्षा हो समान" के नारे के साथ सामाजिक समानता की आवाज बुलंद की जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, कल यानी मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को यह यात्रा प्रातः 8:30 बजे कोरौती गांव से प्रारंभ होगी और आगे बढ़ते हुए लोकबंधु राजनारायण के गांव गंजारी तक पहुंचेगी।
गजेन्द्र कुमार सिंह
वाराणसी में समान शिक्षा की मांग को लेकर तीन दिवसीय पदयात्रा की शुरुआत हो गई है। विख्यात समाजसेवी और मैगसेसे सम्मान से सम्मानित डॉ. संदीप पांडे की अगुवाई में इस यात्रा का आरंभ मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही में एक जनसभा के आयोजन के साथ किया गया। इस अभियान के तहत "चाहे अमीर की हो या गरीब की संतान, सबकी शिक्षा हो समान" के नारे के साथ सामाजिक समानता की आवाज बुलंद की जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, कल यानी मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को यह यात्रा प्रातः 8:30 बजे कोरौती गांव से प्रारंभ होगी और आगे बढ़ते हुए लोकबंधु राजनारायण के गांव गंजारी तक पहुंचेगी।
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- वाराणसी में समान शिक्षा की मांग को लेकर तीन दिवसीय पदयात्रा की शुरुआत हो गई है। विख्यात समाजसेवी और मैगसेसे सम्मान से सम्मानित डॉ. संदीप पांडे की अगुवाई में इस यात्रा का आरंभ मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही में एक जनसभा के आयोजन के साथ किया गया। इस अभियान के तहत "चाहे अमीर की हो या गरीब की संतान, सबकी शिक्षा हो समान" के नारे के साथ सामाजिक समानता की आवाज बुलंद की जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, कल यानी मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को यह यात्रा प्रातः 8:30 बजे कोरौती गांव से प्रारंभ होगी और आगे बढ़ते हुए लोकबंधु राजनारायण के गांव गंजारी तक पहुंचेगी।1
- आजमगढ़ के फूलपुर क्षेत्र में भोरमऊ और भाटींपारा गांवों के बीच के रास्ते को सामने लाया गया है। यह मार्ग इन दोनों गांवों और इनके दो ग्राम प्रधानों के बीच का रास्ता है।1
- उत्तर प्रदेश में आधी रात को 182 पीसीएस (PCS) अफसरों का तबादला कर दिया गया है, जिनमें 54 महिला अधिकारी शामिल हैं। इस प्रशासनिक बदलाव के अंतर्गत दीपिका मेहर को शामली की नई एसडीएम (SDM) नियुक्त किया गया है, जबकि लवगीत कौर को नोएडा भेजा गया है। इसी क्रम में जौनपुर की केराकत तहसील के एसडीएम सुनील भारती का तबादला मऊ किया गया है।1
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- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के कैथी में सामाजिक संस्था 'आशा ट्रस्ट' और 'बोधायन' के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय विज्ञान कार्यशाला का आयोजन भंदहा कला स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें भविष्य का वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित करना है। इस आयोजन में तीन जिलों के 28 विद्यालयों के कुल 38 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें कक्षा 7 से लेकर स्नातक स्तर तक के अधिकांशतः ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे शामिल रहे। कार्यशाला के दौरान बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और रिवॉल्विंग गेट से बिजली बनाकर विज्ञान का कमाल कर दिखाया।1
- वाराणसी के काशी में 'ऑपरेशन बेलपत्र' की सफलता पर सभी को बधाई दी गई है। इस अभियान के सफल होने से आज काशी के लोगों को बाबा के दर्शन के लिए एक द्वार सुनिश्चित हो गया है। न्यू काशी व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए काशी के समस्त नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और व्यापारियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा ने इस अभियान में सहयोग देने के लिए सभी व्यापारी बंधुओं, शिव बारात समिति के दिलीप सिंह जी, विधायक नीलकंठ तिवारी जी, कांग्रेस नेता राघवेंद्र चौबे जी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय जी के प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद दिया है। इसके साथ ही उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री योगी जी को भी ऑपरेशन बेलपत्र की इस सफलता पर बधाई दी है।3
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- वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय सैरा गोपालपुर में सोमवार को शिक्षक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। स्कूल चलो अभियान के तहत आयोजित इस बैठक की शुरुआत विद्यालय पहुंचे अभिभावकों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करने के साथ हुई। इस दौरान नवीन नामांकन, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नोडल शिक्षक सिद्धनाथ और वेद प्रकाश ने अभिभावकों से स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की और बच्चों के शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। इसके साथ ही, सभी कक्षाध्यापकों ने अभिभावकों से अलग-अलग संवाद कर बच्चों के व्यवहार, पढ़ाई में रुचि और सीखने की प्रगति पर चर्चा की। प्रधानाध्यापक मनोज सिंह ने कहा कि बिना जरूरी कारण बच्चों को घर पर रोकने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने, आसपास के गैर-नामांकित बच्चों का दाखिला कराने और विद्यालय की स्वच्छता, सुरक्षा व सजावट में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी शिकायत के समाधान के लिए अभिभावक सीधे शिक्षकों से संपर्क कर सकते हैं। इस बैठक में करीब 5 दर्जन अभिभावकों के साथ विद्यालय के सभी शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया और उनसे हर महीने आयोजित होने वाली शिक्षक-अभिभावक बैठक में नियमित रूप से शामिल होने का अनुरोध किया गया।4