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कल का समस्तीपुर और आज का समस्तीपुर — क्या हुआ बदलाव..? कल का समस्तीपुर और आज का समस्तीपुर — क्या हुआ बदलाव..? जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट कल का समस्तीपुर संघर्ष और सीमित सुविधाओं का प्रतीक था, जबकि आज का समस्तीपुर विकास, अवसर और नई उम्मीदों की पहचान बनता जा रहा है। समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 17 अप्रैल, 2026)। समस्तीपुर कभी अपनी पहचान खेती-किसानी, छोटे बाज़ार और सीमित सुविधाओं वाले जिले के रूप में रखता था। लेकिन समय के साथ-साथ समस्तीपुर ने विकास की कई सीढ़ियाँ चढ़ी हैं। कल के समस्तीपुर और आज के समस्तीपुर में साफ-साफ बदलाव दिखाई देता है — चाहे बात शिक्षा की हो, सड़क की, रोजगार की या डिजिटल सुविधाओं की। 1. शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव पहले समस्तीपुर में उच्च शिक्षा के सीमित विकल्प हुआ करते थे। छात्रों को बेहतर पढ़ाई के लिए पटना या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। आज समस्तीपुर में: नए कॉलेज और कोचिंग संस्थान खुले हैं डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन पढ़ाई का विस्तार हुआ है प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हैं अब स्थानीय स्तर पर ही छात्रों को अवसर मिल रहे हैं। 2. सड़क और यातायात में सुधार कल का समस्तीपुर कच्ची सड़कों और सीमित यातायात सुविधाओं से जूझता था। आज: कई प्रमुख सड़कें चौड़ी और पक्की हो चुकी हैं बस और ट्रेन की सुविधाओं में विस्तार हुआ है ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोड़ने वाली सड़कें बेहतर हुई हैं इससे व्यापार और आवागमन दोनों आसान हुए हैं। 3. बाज़ार और व्यापार का विस्तार पहले छोटे दुकानों और साप्ताहिक हाट तक सीमित रहने वाला समस्तीपुर अब तेजी से विकसित हो रहा है। आज: नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बने हैं बैंक और एटीएम की संख्या बढ़ी है छोटे व्यवसाय और स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। 4. डिजिटल और तकनीकी बदलाव कल: इंटरनेट सीमित था सरकारी सेवाएँ पाने में समय लगता था आज: ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध हैं डिजिटल पेमेंट का उपयोग बढ़ा है सरकारी योजनाओं की जानकारी मोबाइल तक पहुंच रही है यह बदलाव युवाओं के लिए खास अवसर लेकर आया है। 5. सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन समस्तीपुर में अब: सांस्कृतिक कार्यक्रम बढ़े हैं युवाओं की भागीदारी बढ़ी है जागरूकता अभियान और सामाजिक संगठन सक्रिय हुए हैं समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। निष्कर्ष कल का समस्तीपुर संघर्ष और सीमित सुविधाओं का प्रतीक था, जबकि आज का समस्तीपुर विकास, अवसर और नई उम्मीदों की पहचान बनता जा रहा है। हालांकि अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, लेकिन समस्तीपुर का बदलता चेहरा यह संकेत देता है कि आने वाले समय में यह जिला और भी आगे बढ़ेगा। समस्तीपुर बदल रहा है — और यह बदलाव भविष्य की नई कहानी लिख रहा है। ✨ समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

5 hrs ago
user_Jan-Kranti hindi news bulletin
Jan-Kranti hindi news bulletin
Voice of people समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
5 hrs ago
b11c55a0-53fc-4a14-b69c-b28e1f418393

कल का समस्तीपुर और आज का समस्तीपुर — क्या हुआ बदलाव..? कल का समस्तीपुर और आज का समस्तीपुर — क्या हुआ बदलाव..? जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट कल का समस्तीपुर संघर्ष और सीमित सुविधाओं का प्रतीक था, जबकि आज का समस्तीपुर विकास, अवसर और नई उम्मीदों की पहचान बनता जा रहा है। समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 17 अप्रैल, 2026)। समस्तीपुर कभी अपनी पहचान खेती-किसानी, छोटे बाज़ार और सीमित सुविधाओं वाले जिले के रूप में रखता था। लेकिन समय के साथ-साथ समस्तीपुर ने विकास की कई सीढ़ियाँ चढ़ी हैं। कल के समस्तीपुर और आज के समस्तीपुर में साफ-साफ बदलाव दिखाई देता है — चाहे बात शिक्षा की हो, सड़क की, रोजगार की या डिजिटल सुविधाओं की। 1. शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव पहले समस्तीपुर में उच्च शिक्षा के सीमित विकल्प हुआ करते थे। छात्रों को बेहतर पढ़ाई के लिए पटना या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। आज समस्तीपुर में: नए कॉलेज और कोचिंग संस्थान खुले हैं डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन पढ़ाई का विस्तार हुआ है प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हैं अब स्थानीय स्तर पर ही छात्रों को अवसर मिल रहे हैं। 2. सड़क और यातायात में सुधार कल का समस्तीपुर कच्ची सड़कों और सीमित यातायात सुविधाओं से जूझता था। आज: कई प्रमुख सड़कें चौड़ी और पक्की हो चुकी हैं बस और ट्रेन की सुविधाओं में विस्तार हुआ है ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोड़ने वाली सड़कें बेहतर हुई हैं इससे व्यापार और आवागमन दोनों आसान हुए हैं। 3. बाज़ार और व्यापार का विस्तार पहले छोटे दुकानों और साप्ताहिक हाट तक सीमित रहने वाला समस्तीपुर अब तेजी से विकसित हो रहा है। आज: नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बने हैं बैंक और एटीएम की संख्या बढ़ी है छोटे व्यवसाय और स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। 4. डिजिटल और तकनीकी बदलाव कल: इंटरनेट सीमित था सरकारी सेवाएँ पाने में समय लगता था आज: ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध हैं डिजिटल पेमेंट का उपयोग बढ़ा है सरकारी योजनाओं की जानकारी मोबाइल तक पहुंच रही है यह बदलाव युवाओं के लिए खास अवसर लेकर आया है। 5. सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन समस्तीपुर में अब: सांस्कृतिक कार्यक्रम बढ़े हैं युवाओं की भागीदारी बढ़ी है जागरूकता अभियान और सामाजिक संगठन सक्रिय हुए हैं समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। निष्कर्ष कल का समस्तीपुर संघर्ष और सीमित सुविधाओं का प्रतीक था, जबकि आज का समस्तीपुर विकास, अवसर और नई उम्मीदों की पहचान बनता जा रहा है। हालांकि अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, लेकिन समस्तीपुर का बदलता चेहरा यह संकेत देता है कि आने वाले समय में यह जिला और भी आगे बढ़ेगा। समस्तीपुर बदल रहा है — और यह बदलाव भविष्य की नई कहानी लिख रहा है। ✨ समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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    🔴बेटी की शादी से दो दिन पहले मां की उठी अर्थी, शोक में डूबा परिवार पिंकी की बेटी के हाथ पीले करने की हसरत नहीं हो सकी पूरी
    user_Mritunjay Kumar Thakur
    Mritunjay Kumar Thakur
    समस्तीपुर पत्रकार समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    35 min ago
  • Post by Arvind Kumar News 7 Samastipur
    1
    Post by Arvind Kumar News 7 Samastipur
    user_Arvind Kumar News 7 Samastipur
    Arvind Kumar News 7 Samastipur
    Samastipur, Bihar•
    2 hrs ago
  • कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के बागी गांव में किसान रामचंद्र सिंह की हत्या के बाद में गुरुवार को उनके पुत्र के दिल्ली से लौटने पर गुरुवार की शाम उनका अंतिम संस्कार किया गया है।
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    user_Abhinav Kumar
    Abhinav Kumar
    समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    15 hrs ago
  • uufd king kingf Hudson jobs certificate Cassie nkodfbkkfdd hhdsdhj Java junk hung hhhfg ddh nhi
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    uufd king kingf Hudson jobs certificate Cassie nkodfbkkfdd hhdsdhj Java junk hung hhhfg ddh nhi
    user_SEV Factory
    SEV Factory
    Two Wheeler Dealer समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    16 hrs ago
  • लखनऊ में दिल दहला देने वाला मंजर #ईलमासनगरटुडे
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    लखनऊ में दिल दहला देने वाला मंजर #ईलमासनगरटुडे
    user_ईलमासनगर टुडे
    ईलमासनगर टुडे
    Voice of people Khanpur, Samastipur•
    41 min ago
  • दरभंगा के लहेरियासराय स्थित नगर निगम की जमीन पर वर्षों से संचालित भारत पेट्रोल पंप अब सवालों के घेरे में आ गया है। वार्ड संख्या 48 के पार्षद राकेश रोशन चौधरी उर्फ बिट्टू जी ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षद ने बताया कि वे पहली बार जनता के मत से निर्वाचित हुए हैं और पिछले तीन वर्षों के दौरान हुई नगर निगम की बैठकों में इस पेट्रोल पंप के किराये या लीज को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्वयं पंप संचालक से जानकारी ली तो पता चला कि कंपनी द्वारा नगर निगम को मात्र ₹10,000 प्रतिमाह दिया जाता है। पार्षद ने इसे जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हाल ही में हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े एरिया में चल रहे पेट्रोल पंप का किराया आखिर इतना कम क्यों है और यह राशि कहां जमा होती है। हालांकि, उन्हें इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि लहेरियासराय में छोटी-छोटी दुकानों का किराया ही 10 से 12 हजार रुपये तक है, जबकि इतने बड़े भूखंड पर चल रहे पेट्रोल पंप का किराया केवल ₹10,000 होना गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है। पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि पेट्रोल पंप नगर निगम की जमीन पर लीज के आधार पर लिया गया था। ऐसे में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नगर निगम के राजस्व को हो रहे नुकसान पर रोक लगाई जा सके।के घेरे में आ गया है। वार्ड संख्या 48 के पार्षद राकेश रोशन चौधरी उर्फ बिट्टू जी ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षद ने बताया कि वे पहली बार जनता के मत से निर्वाचित हुए हैं और पिछले तीन वर्षों के दौरान हुई नगर निगम की बैठकों में इस पेट्रोल पंप के किराये या लीज को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्वयं पंप संचालक से जानकारी ली तो पता चला कि कंपनी द्वारा नगर निगम को मात्र ₹10,000 प्रतिमाह दिया जाता है। पार्षद ने इसे जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हाल ही में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े एरिया में चल रहे पेट्रोल पंप का किराया आखिर इतना कम क्यों है और यह राशि कहां जमा होती है। हालांकि, उन्हें इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि लहेरियासराय में छोटी-छोटी दुकानों का किराया ही 10 से 12 हजार रुपये तक है, जबकि इतने बड़े भूखंड पर चल रहे पेट्रोल पंप का किराया केवल ₹10,000 होना गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है। पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि पेट्रोल पंप नगर निगम की जमीन पर लीज के आधार पर लिया गया था। ऐसे में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नगर निगम के राजस्व को हो रहे नुकसान पर रोक लगाई जा सके।
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    दरभंगा के लहेरियासराय स्थित नगर निगम की जमीन पर वर्षों से संचालित भारत पेट्रोल पंप अब सवालों के घेरे में आ गया है। वार्ड संख्या 48 के पार्षद राकेश रोशन चौधरी उर्फ बिट्टू जी ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पार्षद ने बताया कि वे पहली बार जनता के मत से निर्वाचित हुए हैं और पिछले तीन वर्षों के दौरान हुई नगर निगम की बैठकों में इस पेट्रोल पंप के किराये या लीज को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्वयं पंप संचालक से जानकारी ली तो पता चला कि कंपनी द्वारा नगर निगम को मात्र ₹10,000 प्रतिमाह दिया जाता है।
पार्षद ने इसे जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हाल ही में हुई  बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े एरिया में चल रहे पेट्रोल पंप का किराया आखिर इतना कम क्यों है और यह राशि कहां जमा होती है। हालांकि, उन्हें इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि लहेरियासराय में छोटी-छोटी दुकानों का किराया ही 10 से 12 हजार रुपये तक है, जबकि इतने बड़े भूखंड पर चल रहे पेट्रोल पंप का किराया केवल ₹10,000 होना गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है।
पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि पेट्रोल पंप नगर निगम की जमीन पर लीज के आधार पर लिया गया था। ऐसे में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नगर निगम के राजस्व को हो रहे नुकसान पर रोक लगाई जा सके।के घेरे में आ गया है। वार्ड संख्या 48 के पार्षद राकेश रोशन चौधरी उर्फ बिट्टू जी ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पार्षद ने बताया कि वे पहली बार जनता के मत से निर्वाचित हुए हैं और पिछले तीन वर्षों के दौरान हुई नगर निगम की बैठकों में इस पेट्रोल पंप के किराये या लीज को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्वयं पंप संचालक से जानकारी ली तो पता चला कि कंपनी द्वारा नगर निगम को मात्र ₹10,000 प्रतिमाह दिया जाता है।
पार्षद ने इसे जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हाल ही में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े एरिया में चल रहे पेट्रोल पंप का किराया आखिर इतना कम क्यों है और यह राशि कहां जमा होती है। हालांकि, उन्हें इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि लहेरियासराय में छोटी-छोटी दुकानों का किराया ही 10 से 12 हजार रुपये तक है, जबकि इतने बड़े भूखंड पर चल रहे पेट्रोल पंप का किराया केवल ₹10,000 होना गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है।
पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि पेट्रोल पंप नगर निगम की जमीन पर लीज के आधार पर लिया गया था। ऐसे में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नगर निगम के राजस्व को हो रहे नुकसान पर रोक लगाई जा सके।
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by DEEPAK KUMAR
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    Post by DEEPAK KUMAR
    user_DEEPAK KUMAR
    DEEPAK KUMAR
    Tajpur, Samastipur•
    18 hrs ago
  • 🔴#साले की शादी में ससुराल जा रहा था युवक, रास्ते में हुआ सड़क हादसा, मौत समस्तीपुर में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। जहां एक दूध टैंकर ने बाइक सवार दंपति को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी घायल है। घटना समस्तीपुर-दरभंगा मार्ग पर कल्याणपुर थाना क्षेत्र के समीप गुरुवार शाम की है। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार दूध टैंकर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दंपति सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से दोनों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान ध्रुवगामा गांव वार्ड-10 निवासी 32 वर्षीय अमित कुमार शर्मा के रूप में हुई है, जो फर्नीचर दुकान में काम करते थे। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह उनके साले की शादी थी, इसी सिलसिले में वह अपनी पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे। इस हादसे में उनकी पत्नी भी घायल हुई हैं, जिनका इलाज चल रहा है। वहीं पति की मौत के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त दूध टैंकर को जब्त कर लिया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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    🔴#साले की शादी में ससुराल जा रहा था युवक, रास्ते में हुआ
सड़क हादसा, मौत
समस्तीपुर में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। जहां एक दूध टैंकर ने बाइक सवार दंपति को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी घायल है। घटना
समस्तीपुर-दरभंगा मार्ग पर कल्याणपुर थाना क्षेत्र के समीप गुरुवार शाम की है। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार दूध टैंकर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दंपति सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से दोनों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान ध्रुवगामा गांव वार्ड-10 निवासी 32 वर्षीय अमित कुमार शर्मा के रूप में हुई है, जो फर्नीचर दुकान में काम करते थे। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह उनके साले की शादी थी, इसी सिलसिले में वह अपनी पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे।
इस हादसे में उनकी पत्नी भी घायल हुई हैं, जिनका इलाज चल रहा है। वहीं पति की मौत के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त दूध टैंकर को जब्त कर लिया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
    user_Mritunjay Kumar Thakur
    Mritunjay Kumar Thakur
    समस्तीपुर पत्रकार समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    38 min ago
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