भारतीय सेना के गौरवशाली डोगरा रेजिमेंट के इतिहास में अयोध्या स्थित रेजिमेंटल सेंटर के जमीदार लाला परेड ग्राउंड में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। अग्निवीर योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित सातवें बैच के 835 अग्निवीर जवानों ने अपना कठोर सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद एक भव्य पासिंग आउट परेड के माध्यम से भारतीय सेना में प्रवेश किया। इस गरिमामयी समारोह के दौरान, अग्निवीर जवानों ने अनुशासन, साहस, समर्पण और सैन्य उत्कृष्टता का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए अंतिम पग पार किया। ब्रिगेडियर जितेन्द्र शर्मा, कमांडेंट डोगरा रेजिमेंटल सेंटर एवं स्काउट्स ने परेड की समीक्षा की। इन अग्निवीर जवानों को पिछले 24 सप्ताहों के दौरान आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक दक्षता, युद्ध कौशल और भारतीय सेना के उच्चतम मूल्यों के अनुरूप तैयार किया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उन्हें केवल एक सैनिक बनाना नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत, दृढ़ चरित्रवान और हर चुनौती का सामना करने वाले योद्धा के रूप में तैयार करना था। समारोह के दौरान, मुख्य अतिथि ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सम्मानित किया। उन्होंने सभी नवप्रशिक्षित सैनिकों को राष्ट्रसेवा के प्रति निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और सेना की गौरवशाली परंपराओं को सदैव बनाए रखने का संदेश दिया।
भारतीय सेना के गौरवशाली डोगरा रेजिमेंट के इतिहास में अयोध्या स्थित रेजिमेंटल सेंटर के जमीदार लाला परेड ग्राउंड में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। अग्निवीर योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित सातवें बैच के 835 अग्निवीर जवानों ने अपना कठोर सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद एक भव्य पासिंग आउट परेड के माध्यम से भारतीय सेना में प्रवेश किया। इस गरिमामयी समारोह के दौरान,
अग्निवीर जवानों ने अनुशासन, साहस, समर्पण और सैन्य उत्कृष्टता का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए अंतिम पग पार किया। ब्रिगेडियर जितेन्द्र शर्मा, कमांडेंट डोगरा रेजिमेंटल सेंटर एवं स्काउट्स ने परेड की समीक्षा की। इन अग्निवीर जवानों को पिछले 24 सप्ताहों के दौरान आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक दक्षता, युद्ध कौशल और भारतीय सेना के उच्चतम मूल्यों के अनुरूप तैयार किया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य
उन्हें केवल एक सैनिक बनाना नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत, दृढ़ चरित्रवान और हर चुनौती का सामना करने वाले योद्धा के रूप में तैयार करना था। समारोह के दौरान, मुख्य अतिथि ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सम्मानित किया। उन्होंने सभी नवप्रशिक्षित सैनिकों को राष्ट्रसेवा के प्रति निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और सेना की गौरवशाली परंपराओं को सदैव बनाए रखने का संदेश दिया।
- मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर 21 वर्षीय अदीबा की उसके भाई द्वारा गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक और अन्य पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, यह वारदात इसलिए अंजाम दी गई क्योंकि युवती किसी युवक से बातचीत करती थी, जिससे उसका भाई नाराज था। इसी नाराजगी के चलते भाई ने इस घटना को अंजाम दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया है कि आरोपी भाई घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- निरंकरपुर हैबतपुर स्थित राणा पाली चौकी के तहत एक किसान की भूमि पर पुलिस और राजस्व प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करा दिया गया है। इस घटनाक्रम के दौरान, पीड़ित किसान लगातार रोता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा, परंतु उसकी एक भी नहीं सुनी गई।3
- लखनऊ के चारबाग रेलवे प्लेटफॉर्म पर 'स्वच्छ भारत अभियान' का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके चलते यह प्लेटफॉर्म बेहद सुंदर और आकर्षक नज़र आ रहा है। लाल चंद सोनी ने 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें प्लेटफॉर्म की स्वच्छता और सुंदरता की सराहना की गई है।1
- अयोध्या को मुख्यमंत्री योगी की ओर से एक और नई और बड़ी सौगात मिली है, जहाँ अब एक भव्य "लवकुश पार्क" का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 17.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा, जिसमें "वेस्ट टू आर्ट" की थीम पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को 3D और लाइट-साउंड तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस "लवकुश पार्क" को अयोध्या के मऊशिवाला क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।1
- जनपद अयोध्या के बीकापुर तहसील में किसान मस्त राम वर्मा का चार दिनों से चल रहा अनशन प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर ही तुड़वा दिया। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे नायब तहसीलदार राम खेलावन ने तारुन और बीकापुर के कोतवाल के साथ मिलकर शहीद स्मारक पर किसान से वार्ता की। इस वार्ता के बाद किसान मस्त राम वर्मा को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया, जिसके बाद किसान अपने गांव लौट गया। किसान का आरोप था कि SDM और नायब उन्हें पुराने घर के स्थान पर नया घर बनाने नहीं दे रहे थे, क्योंकि इस संबंध में कोई मुकदमा चल रहा है। प्रशासन के हरकत में आने से पहले बकरीद के दिन LIU ने भी अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी, जिसके बाद SDM बीकापुर ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। इसी पृष्ठभूमि में किसान और प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप यह मामला निपट गया।1
- अयोध्या के नगर निगम अंतर्गत आचार्य नरेंद्र वार्ड में चल रहा नाली निर्माण कार्य प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। शासन की स्पष्ट मंशा और जिलाधिकारी व नगर आयुक्त के सख्त आदेशों के बावजूद, निर्माण की जमीनी हकीकत बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है। नियमावली के तहत 4:1 के मसाले और 'अव्वल दर्जे' की ईंटों का उपयोग होना चाहिए, लेकिन मौके पर इन मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय पार्षद अनूप श्रीवास्तव ने भी इन अनियमितताओं की पुष्टि की है। उन्होंने अधिकारियों को मनमानी की जानकारी दी थी, पर इसके बावजूद स्थिति नहीं बदली। जब निर्माण की देखरेख के लिए जिम्मेदार जेई अमित जायसवाल से मानकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने '4:1 के मसाले और अव्वल ईंट' का रटा-रटाया जवाब दिया। हालांकि, जब उनसे मौके पर मानकों का पालन न होने और वीडियो-फोटो साक्ष्य देखने का आग्रह किया गया, तो वे सवालों का सामना नहीं कर पाए और बात पूरी होने से पहले ही फोन काट दिया। बाद में उन्होंने जवाबदेही से बचने के लिए दोबारा कॉल उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। जेई की यह चुप्पी केवल जवाबदेही से कतराना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर अपनी गलतियों को छुपाने और जनता व मीडिया से दूरी बनाने का प्रमाण है। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या नाली का निर्माण पुरानी संरचना को खोदकर किया जा रहा है या पुरानी नाली के ऊपर ही नई जुड़ाई हो रही है? यदि नाली के ऊपर नाली बन रही है, तो क्या यह तकनीकी रूप से सफल और टिकाऊ होगी? वार्ड में कुल कितनी नाली नई बननी हैं और कुल कार्य की लंबाई क्या है? क्या स्वीकृत बजट और कार्य की वास्तविक गुणवत्ता में कोई तालमेल है? मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, क्या जेई साहब को इन आदेशों की अनदेखी करने की खुली छूट मिली है? क्या ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए अधिकारियों द्वारा जानबूझकर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है? आखिर नगर निगम का बजट आम जनता की सुविधा के लिए है या ठेकेदारों की जेब भरने के लिए? आचार्य नरेंद्र वार्ड की जनता देख रही है कि आधे से ज्यादा निर्माण पूरा हो चुका है। अब सवाल यह है कि बचे हुए हिस्से में क्या प्रशासन कोई सुधार करेगा या कागजी खानापूर्ति के जरिए भ्रष्टाचार की इस फाइल को भी दबा दिया जाएगा। नगर आयुक्त और डीएम साहब के सख्त आदेशों के बावजूद जेई साहब की यह 'गर्मी' और सवालों से भागने की आदत कहीं न कहीं विकास के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। अब देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार पर लीपा-पोती होती है या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है।1
- अयोध्या कैंट क्षेत्र में स्थित जमथरा बांध को भारी भरकम वाहनों के लगातार आवागमन से नुकसान पहुँचा है। वाहनों के दबाव के कारण बांध की संरचना क्षतिग्रस्त हो गई है।1
- रानू पाली चौकी से संबंधित एक मामले में, एक किसान की जमीन पर रात करीब 7:30 बजे जबरन कब्जा कर लिया गया है। यह घटना किसान की भूमि पर अवैध अधिकार जमाने से जुड़ी है।1