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पटना के चर्चित 10 सर्कुलर रोड से राबड़ी देवी का नाम हटाए जाने की खबर ने बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर राबड़ी देवी का नाम क्यों हटाया गया और इसके पीछे क्या वजह बताई जा रही है।
Bihar Sharif Times
पटना के चर्चित 10 सर्कुलर रोड से राबड़ी देवी का नाम हटाए जाने की खबर ने बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर राबड़ी देवी का नाम क्यों हटाया गया और इसके पीछे क्या वजह बताई जा रही है।
- User6523Faridpur💣3 hrs ago
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- पटना के चर्चित 10 सर्कुलर रोड से राबड़ी देवी का नाम हटाए जाने की खबर ने बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर राबड़ी देवी का नाम क्यों हटाया गया और इसके पीछे क्या वजह बताई जा रही है।1
- नालंदा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कतरीसराय थाना क्षेत्र से एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान में पुलिस ने छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए ठगों के पास से दस स्मार्ट मोबाइल फोन, कई फर्जी सिम कार्ड और लोगों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज डेटा शीट बरामद की है। इस कार्रवाई की जानकारी डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने दी।2
- यह पोस्ट दर्शकों को एक खास जगह पर ध्यान देने के लिए कहती है, और इस बात पर ज़ोर देती है कि यह नजारा वाकई बहुत ही खूबसूरत है।1
- पुलिस राज के खिलाफ, जिसमें मॉब लिंचिंग, फर्जी इनकाउंटर और बुलडोजर जैसी कार्रवाई शामिल है, भाकपा माले (CPI ML) द्वारा आयोजित विरोध मार्च संपन्न हो गया है।1
- 04 जुलाई 2026 को भाकपा माले ने बिहारशरीफ में 'पुलिस राज' के खिलाफ एक सशक्त विरोध मार्च निकाला, जो माले कार्यालय से शुरू होकर अस्पताल मोड़ पर एक सभा में तब्दील हो गया। यह राज्यव्यापी कार्यक्रम मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर की कार्रवाई और ज़िले में बढ़ती हिंसा, बलात्कार एवं अपराध की बेतहाशा घटनाओं के खिलाफ आयोजित किया गया था। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में नालंदा पुलिस प्रशासन का काम सिर्फ लाशें गिनती करना रह गया है और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व जिला सचिव कामरेड श्रीनिवास शर्मा, इंकलाब नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष कामरेड बिरेश कुमार, वेन प्रखंड प्रभारी कामरेड महेन्द्र राम, बिहारशरीफ ग्रामीण प्रखंड प्रभारी कामरेड सुनिल कुमार, सिलाव प्रखंड प्रभारी कामरेड रामधीन प्रसाद, रहुई प्रभारी कामरेड शिवशंकर प्रसाद, जिला कमिटी सदस्य कामरेड अनिल पटेल, कामरेड रेनु देवी, कामरेड गिरिजा देवी, ठेला फूटपाथ भेंड़र के जिला सचिव कामरेड किशोर साव, इंसाफ़ मंच के जिला संयोजक कामरेड सरफराज, नुरसराय पार्टी प्रभारी कामरेड मकसुदन शर्मा और युवा नेता कामरेड राजेश रविदास सहित कई अन्य नेताओं ने किया। जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा ने कहा कि एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहार में लोकतंत्र की जगह बुलडोजर और पुलिस का राज कायम हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों-मुसहरों को उजाड़ा जा रहा है, फर्जी मुठभेड़ों में कत्ल किया जा रहा है, और मॉब लिंचिंग की घटनाएं आम हो गई हैं। जिला मुख्यालय में हत्या और अपराध की घटनाओं की बाढ़ आ गई है, वहीं ज़िले के वरीय पदाधिकारियों को कोई फिक्र नहीं है और मंत्री, विधायक सिर्फ भ्रमण कर चले जाते हैं। उन्होंने विधि व्यवस्था को पूरे राज्य में चौपट करार दिया। श्रीनिवास शर्मा ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर गरीबों के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ₹10,000 देने का वादा किया गया था, लेकिन अब गरीबों के घरों पर बुलडोजर चल रहे हैं। उन्होंने हरनौत में 2 जुलाई को हुई चाकू से हत्या, चण्डी में वर्षों से बसे मुसहरों को पर्चा न मिलने, और सरमेरा में अंचल अधिकारी को धमकाए जाने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब सुशासन की बात पुरानी हो गई है, क्योंकि अब पुलिस और अपराधी दोनों ही कानून को ताक पर रखकर गोली मार रहे हैं। भाकपा माले ने अपनी पाँच प्रमुख माँगें रखीं: मॉब लिंचिंग की सभी घटनाओं की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो; फर्जी मुठभेड़ों पर रोक लगे और दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा चले; राजगीर में दो दलित युवकों के हत्यारों को तीन महीने में स्पीडी ट्रायल चलाकर कठोर सज़ा, ₹50-50 लाख मुआवजा और राजगीर थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग की; नगरनौसा डिग्री कॉलेज आंदोलन में गिरफ्तार सभी छात्र-छात्राओं की बिना शर्त रिहाई, नगरनौसा थाना प्रभारी को निलंबित करने और डिग्री कॉलेज प्रखंड मुख्यालय नगरनौसा में ही चलाने की मांग की; तथा हरनौत हत्याकांड के आरोपियों को 48 घंटे में गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए। नेताओं ने नालंदा की जनता से अपील की कि वे 'पुलिस राज' के खिलाफ ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में सड़कों पर उतरकर आवाज़ बुलंद करें, और चेतावनी दी कि यदि दमन, अपराध, हिंसा और बलात्कार नहीं रुका तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।1
- बिहारशरीफ में भाकपा-माले ने एक राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत जोरदार विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन मॉब लिंचिंग की घटनाओं, कथित फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई और राज्य में लगातार बढ़ते अपराध के खिलाफ था। इस दौरान पार्टी के नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विशेष रूप से राजगीर दलित हत्याकांड, हरनौत हत्याकांड और नगरनौसा डिग्री कॉलेज आंदोलन जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एक पांच सूत्री मांगपत्र भी जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि अपराध, हिंसा और दमन पर प्रभावी ढंग से रोक नहीं लगाई गई, तो यह आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।1
- एक भक्तिपूर्ण संदेश में, श्री श्री 108 के साथ 'ऊं नमः शिवाय' और 'हर हर महादेव जी हर हर' का जयघोष किया गया है। इसमें सभी के जीवन के मंगलमय होने और खुशियों की बरसात होने की कामना की गई है। इस संदेश के अंत में 'जय बाबा शिव गुरु' का उद्घोष भी किया गया है, जिसका संदर्भ वीडियो न0-543 से है।1
- सोशल मीडिया पर एक भक्तिमय संदेश साझा किया गया है, जिसमें 'राम जपो राम जपो राम जपो बावरे' का आह्वान किया गया है। यह पोस्ट उपयोगकर्ताओं को प्रेम और आस्था के साथ भगवान राम के नाम का जाप करने के लिए प्रेरित करती है, जिसमें 'बावरे' शब्द का उपयोग स्नेहपूर्ण और भक्तिपूर्ण ढंग से किया गया है। साझा किए गए दिल, चमक और फूलों के इमोजी इस आध्यात्मिक आह्वान में श्रद्धा और शांति का भाव जोड़ते हैं।1