72 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग, कोरारी गांव से लापता दो नाबालिगों की तलाश जारी बाढ़: बाढ़ अनुमंडल के कोरारी गांव से लापता हुए दो नाबालिग बच्चों का 72 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दोनों बच्चे, करण और अमरजीत, स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों के अनुसार, दोनों को एक बाइक सवार अपने साथ ले गया, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका। घटना के बाद से पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और तकनीकी टीम भी लगातार मामले की जांच कर रही है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस की तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है और जल्द ही दोनों बच्चों का पता लगाकर उन्हें सकुशल उनके परिजनों को सौंपने का प्रयास किया जाएगा। इधर, बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा परिवार बच्चों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। वहीं, घटना के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं
72 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग, कोरारी गांव से लापता दो नाबालिगों की तलाश जारी बाढ़: बाढ़ अनुमंडल के कोरारी गांव से लापता हुए दो नाबालिग बच्चों का 72 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दोनों बच्चे, करण और अमरजीत, स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों के अनुसार, दोनों को एक बाइक सवार अपने साथ ले गया, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका। घटना के बाद से पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और तकनीकी टीम भी लगातार मामले की जांच कर रही है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस की तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है और जल्द ही दोनों बच्चों का पता लगाकर उन्हें सकुशल उनके परिजनों को सौंपने का प्रयास किया जाएगा। इधर, बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा परिवार बच्चों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। वहीं, घटना के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं
- प्रोटेस्ट के दौरान स्टूडेंट के द्वारा की गई अभद्र व्यवहार और गालियों के बारे में सुनिए क्या कुछ कहे pm मोदी1
- स्थानीय विधायक ने मोहिउद्दीन नगर बाजार वासियों को दिया बड़ी सौगात। आम लोगों ने किया सराहना। समस्तीपुर मोहिउद्दीन नगर बाजार में आने वाले आम जनताओं के द्वारा वर्षों से की जा रही है मांग को को लेकर स्थानीय विधायक राजेश कुमार सिंह ने आज फीता काटकर सार्वजनिक शौचालय निर्माण पर जनता को किया समर्पित। इस मौके पर समाज सेवी भाई रणधीर ने सभा को किया संबोधित।1
- सफाई कर्मी के हड़ताल पर चले जाने से शहर में लगा कचरो का अंबार, आमलोग परेशान बाढ नगर परिषद के सफाई कर्मी का हड़ताल का आज तीसरा दिन है। सफाई कर्मी के हड़ताल पर चले जाने से शहर में जगह-जगह सड़क किनारे कचरो का अंबार लग गया है कचरे से बदबू आने जाने वाले आमजन परेशान है। लोगों का कहना है कि बरसात का समय है इस तरह सड़क किनारे कचरो का ढेर बीमारी को आमंत्रण दे रही है। मात्र तीन दिन में शहर की हालत न किए हो गई है। सड़क से जाने वाले लोग कचरे से उठने वाले बदबू को लेकर नाक मुंह ढक करके गुजरते हैं। हालांकि कुछ स्थाई सफाई कर्मी हड़ताल पर नहीं है। नगर परिषद द्वारा स्थाई कर्मी से काम करने पर अस्थाई सफाई कर्मी बाधा पहुंचा रहे हैं। जिस शहर का हालात बिगड़ते जा रहा है। नगर परिषद को सफाई करने के लिए प्रशासनिक मदद की जरूरी है अब देखना होगा कि कब तक नगर परिषद शहर में सफाई करने में सफल होती है। बाइट अनूप कुमार स्थानीय बाइट दीपक कुमार स्थानीय दुकानदार1
- मोकामाघाट सीआरपीएफ़ में गूंजा 'डीआईजी साहब की जय', जवानों ने अनोखे अंदाज़ में किया सम्मान मोकामाघाट सीआरपीएफ़ में भावुक विदाई, डीआईजी रविंद्र भगत को जवानों ने अनोखे अंदाज़ में किया सम्मानित मोकामाघाट स्थित सीआरपीएफ़ ग्रुप सेंटर में सेवानिवृत्त होने के बाद शनिवार शाम डीआईजी रविंद्र भगत को जवानों ने भावपूर्ण और भव्य विदाई दी। सैकड़ों की संख्या में मौजूद अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारों ने उनके प्रति सम्मान और स्नेह का अनूठा उदाहरण पेश किया। जवानों ने डीआईजी रविंद्र भगत को फूलों से सजी जीप पर बैठाकर रस्से से खींचते हुए पूरे सीआरपीएफ़ परिसर का भ्रमण कराया। इसके बाद उन्हें कंधों और गोद में उठाकर उनके सरकारी आवास तक पहुंचाया गया। पूरे परिसर में तालियों की गूंज और "डीआईजी साहब की जय" के नारों से माहौल गूंजता रहा, जिससे विदाई समारोह बेहद भावुक और यादगार बन गया। यात्रा के दौरान कैंप आवास में रहने वाले अधिकारियों एवं जवानों के परिवारों ने जगह-जगह डीआईजी रविंद्र भगत का स्वागत-सत्कार किया। वहीं मोकामाघाट स्थित दिनकर द्वार के समीप स्थानीय दुकानदारों ने भी उन्हें फूल-मालाओं से सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। विदाई यात्रा के दौरान डीआईजी रविंद्र भगत ने शिव मंदिर एवं हनुमान मंदिर में रुककर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद यात्रा पुनः उनके सरकारी आवास तक पहुंची। यह भावुक विदाई समारोह जवानों और अपने वरिष्ठ अधिकारी के बीच गहरे विश्वास, सम्मान, आत्मीयता और पारिवारिक रिश्ते का प्रतीक बन गया। उपस्थित सभी लोगों के लिए यह पल लंबे समय तक यादगार रहेगा।1
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