सुरसर नदी में अवैध बालू खनन का भंडाफोड़, दो पंप सेट जब्त; खनन माफिया फरार रंजीत ठाकुर, नरपतगंज। सुरसर नदी में अवैध तरीके से बालू खनन कर रहे खनन माफियाओं के खिलाफ फुलकाहा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गश्ती के दौरान पुलिस ने नदी से अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे दो पंप सेट जब्त किए। पुलिस की भनक लगते ही मौके पर मौजूद खनन माफिया फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद खनन निरीक्षक केहकशा फिरदौस ने मामले की जांच की। इसके बाद उनके लिखित आवेदन पर फुलकाहा थाना में अज्ञात खनन माफियाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। खनन विभाग की ओर से नियमों के तहत 76,625 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सुरसर नदी में अवैध तरीके से बालू खनन किया जा रहा है। पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचने पर खनन में लगे लोग दो पंप सेट छोड़कर फरार हो गए। दोनों पंप सेट को जब्त कर लिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। वहीं, खनन निरीक्षक केहकशा फिरदौस ने कहा कि अवैध बालू और मिट्टी खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कई मामलों में केस दर्ज किए जा रहे हैं और जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसके बावजूद अवैध खनन करने वाले लोग बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्य खनन माफियाओं को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और कानून की पकड़ से कोई बच नहीं सकेगा। पुलिस और खनन विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा कि जांच के दौरान अवैध खनन के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय पाए जाते हैं और उनके खिलाफ विभाग कितनी कड़ी कार्रवाई करता है।
सुरसर नदी में अवैध बालू खनन का भंडाफोड़, दो पंप सेट जब्त; खनन माफिया फरार रंजीत ठाकुर, नरपतगंज। सुरसर नदी में अवैध तरीके से बालू खनन कर रहे खनन माफियाओं के खिलाफ फुलकाहा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गश्ती के दौरान पुलिस ने नदी से अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे दो पंप सेट जब्त किए। पुलिस की भनक लगते ही मौके पर मौजूद खनन माफिया फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद खनन निरीक्षक केहकशा फिरदौस ने मामले की जांच की। इसके बाद उनके लिखित आवेदन पर फुलकाहा थाना में अज्ञात खनन माफियाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। खनन विभाग की ओर से नियमों के तहत 76,625 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सुरसर नदी में अवैध तरीके से बालू खनन किया जा रहा है। पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचने पर खनन में लगे लोग दो पंप सेट छोड़कर फरार हो गए। दोनों पंप सेट को जब्त कर लिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। वहीं, खनन निरीक्षक केहकशा फिरदौस ने कहा कि अवैध बालू और मिट्टी खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कई मामलों में केस दर्ज किए जा रहे हैं और जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसके बावजूद अवैध खनन करने वाले लोग बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्य खनन माफियाओं को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और कानून की पकड़ से कोई बच नहीं सकेगा। पुलिस और खनन विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा कि जांच के दौरान अवैध खनन के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय पाए जाते हैं और उनके खिलाफ विभाग कितनी कड़ी कार्रवाई करता है।
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- जोकीहाट में बिजली के लिए हाहाकार, नियमित बिजली की मांग अररिया के जोकीहाट में नियमित बिजली नहीं मिलने से नाराज दर्जनों उपभोक्ता पावर हाउस पहुंच गए। बिजली की अनियमित आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों ने नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। #Jokihat #Araria #BiharNews #PowerCut #ElectricityCrisis #ElectricityProblem #PowerHouse #JokihatNews #ArariaNews #BiharBreaking #LocalNews #KhabarSeemanchal1
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- बच्चों के भविष्य से खिलवाड़? फुलकाहा स्कूल में लैब भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप, लागत बताने से इनकार रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड के सरस्वती विद्या निकेतन कुन-कुन देवी उच्च विद्यालय, फुलकाहा में भारत सरकार की योजना के तहत निर्माणाधीन लैब भवन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भवन निर्माण में कथित तौर पर भारी अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल हो रही लोहे की छड़, गिट्टी, बालू और सीमेंट के मिश्रण की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस लैब भवन का निर्माण विद्यार्थियों को बेहतर एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है, उसके निर्माण में ही गुणवत्ता से कथित समझौता किया जा रहा है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। योजना बोर्ड तक नहीं लगाया गया निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर योजना की कुल लागत, कार्य अवधि, निर्माण एजेंसी, संवेदक और तकनीकी पदाधिकारी से संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनी रहे। ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस लैब भवन के निर्माण की कुल लागत कितनी है और निर्माण कार्य किस एजेंसी या संवेदक के माध्यम से कराया जा रहा है? आरोप है कि संबंधित लोगों से जानकारी मांगने के बावजूद लागत और योजना से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बताई जा रही है। शिक्षा विभाग के जेई अमित कुमार ने जानकारी देने से किया इनकार मामले को लेकर शिक्षा विभाग के जेई अमित कुमार से निर्माण कार्य की लागत, गुणवत्ता और योजना से संबंधित जानकारी लेने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के आरोप और निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं होने के संबंध में पूछे जाने पर जेई अमित कुमार ने मामले में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। इससे ग्रामीणों के बीच निर्माण कार्य की पारदर्शिता को लेकर सवाल और गहरा गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ योजना की स्वीकृत राशि, प्राक्कलन और निर्माण मानकों की भी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यह महज एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत और निर्माण कार्य को लेकर उठ रहे सवालों के बाद शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन मामले की जांच कराता है या नहीं।1
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