सिखा देंगे सभी आदाब जो होते हैं उल्फत में -चले आना हमारे पास किसी भी रोज फुर्सत में सिखा देंगे सभी आदाब जो होते हैं उल्फ़त में- चले आना हमारे पास किसी भी रोज़ फ़ुर्सत में} हलीमा पब्लिक स्कूल पीर बटावन में बज़्म अदबी कैनवस ने आयोजित किया तरही मुशायरा बाराबंकी। () नगर के मोहल्ला पीर-बटावन निकट जलील होटल स्थित मदर हलीमा पब्लिक स्कूल में बज़्म अदबी कैनवस द्वारा मासिक तरही मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे की अध्यक्षता बज़्म के सदर ज़ियाउद्दीन साहिब (माडर्न शूज़) ने तथा संचालन आदर्श बाराबंकवी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में शहेब कौसर रुदौलवी, तथा मास्टर अदील मंसूरी की विशेष उपस्थिति रही। वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर रुदौली से आए मास्टर अलीम रुदौलवी मौजूद थे। शायरों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं। पसंद किए गए कुछ अशआर आपकी ख़िदमत में हाज़िर हैं। शहेब कौसर रुदौलवी- नहीं आएगा तेरे काम कोई भी मुसीबत में। अदालत में, शहादत में, ज़मानत में, क़यामत में।। मोहसिन क़िदवई - जो रिश्तों को समझने की कभी कोशिश नहीं करता। गुज़र जाती है सारी ज़िंदगी उसकी शिकायत में।। अदील मंसूरी - अदील इस दौर में ईमान का है इम्तिहां हरदम। झुकाना सर ना तुम अग़यार के आगे हक़ीक़त में।। मास्टर अलीम रुदौलवी- कभी इन शाह राहों पर हमारी हुक्मरानी थी। लुटा है कारवां अपना हमारी अपनी ग़फ़लत में।। मास्टर इरफ़ान बाराबंकवी- उन्हें तो रूठ जाने में अभी कुछ देर बाकी है। अभी कुछ देर बाकी है समझ लीजे क़यामत में।। डॉक्टर रेहान अलवी- सिखा देंगे सभी आदाब जो होते हैं उल्फ़त में। चले आना हमारे पास किसी भी रोज़ फ़ुर्सत में।। आदर्श बाराबंकवी - तुम्हारी बस अना ने तुमको उलझाया फ़ज़ीहत में। जो लाए आपसी अपनों का बंटवारा अदालत में।। मिस्टर अमेठवी- बसर हो किस तरह ये ज़िंदगी तू ही बता मिस्टर। हुआ है ख़ून कितनों का यहां राहे सदाक़त में।। इनके अलावा नफ़ीस अहमदपुरी,डॉक्टर ख़ालिद क़िदवई,क़ारी मक़बूल अहमद, अफ़ज़ालुर रहमान और अरीबा ख़ातून ने भी अपनी ग़ज़लें पेश कीं। मुशायरे के समापन पर बज़्म के जनरल सेक्रेटरी डॉक्टर रेहान अलवी और मदर हलीमा पब्लिक स्कूल के मैनेजर मौलाना सलीम उल्लाह ने सभी शोअरा और श्रोताओं का शुक्रिया अदा किया। बज़्म के सदर जनाब ज़ियाउद्दीन साहिब ने कहा कि आप लोगों की क़ीमती मौजूदगी ने आज के इस मुशायरे को काफ़ी कामयाब बना दिया। अध्यक्ष ने कहा कोई शायर छोटा- बड़ा नहीं होता। जिसके शेर अच्छे होते हैं वही अस्ल शायर होता है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द एक बड़े मुशायरे का भी आयोजन किया जाएगा।
सिखा देंगे सभी आदाब जो होते हैं उल्फत में -चले आना हमारे पास किसी भी रोज फुर्सत में सिखा देंगे सभी आदाब जो होते हैं उल्फ़त में- चले आना हमारे पास किसी भी रोज़ फ़ुर्सत में} हलीमा पब्लिक स्कूल पीर बटावन में बज़्म अदबी कैनवस ने आयोजित किया तरही मुशायरा बाराबंकी। () नगर के मोहल्ला पीर-बटावन निकट जलील होटल स्थित मदर हलीमा पब्लिक स्कूल में बज़्म अदबी कैनवस द्वारा मासिक तरही मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे की अध्यक्षता बज़्म के सदर ज़ियाउद्दीन साहिब (माडर्न शूज़) ने तथा संचालन आदर्श बाराबंकवी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में शहेब कौसर रुदौलवी, तथा मास्टर अदील मंसूरी की विशेष उपस्थिति रही। वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर रुदौली से आए मास्टर अलीम रुदौलवी मौजूद थे। शायरों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं। पसंद
किए गए कुछ अशआर आपकी ख़िदमत में हाज़िर हैं। शहेब कौसर रुदौलवी- नहीं आएगा तेरे काम कोई भी मुसीबत में। अदालत में, शहादत में, ज़मानत में, क़यामत में।। मोहसिन क़िदवई - जो रिश्तों को समझने की कभी कोशिश नहीं करता। गुज़र जाती है सारी ज़िंदगी उसकी शिकायत में।। अदील मंसूरी - अदील इस दौर में ईमान का है इम्तिहां हरदम। झुकाना सर ना तुम अग़यार के आगे हक़ीक़त में।। मास्टर अलीम रुदौलवी- कभी इन शाह राहों पर हमारी हुक्मरानी थी। लुटा है कारवां अपना हमारी अपनी ग़फ़लत में।। मास्टर इरफ़ान बाराबंकवी- उन्हें तो रूठ जाने में अभी कुछ देर बाकी है। अभी कुछ देर बाकी है समझ लीजे क़यामत में।। डॉक्टर रेहान अलवी- सिखा देंगे सभी आदाब जो होते हैं उल्फ़त में। चले आना हमारे पास किसी भी रोज़ फ़ुर्सत में।। आदर्श बाराबंकवी - तुम्हारी बस अना ने तुमको उलझाया फ़ज़ीहत में। जो लाए आपसी अपनों
का बंटवारा अदालत में।। मिस्टर अमेठवी- बसर हो किस तरह ये ज़िंदगी तू ही बता मिस्टर। हुआ है ख़ून कितनों का यहां राहे सदाक़त में।। इनके अलावा नफ़ीस अहमदपुरी,डॉक्टर ख़ालिद क़िदवई,क़ारी मक़बूल अहमद, अफ़ज़ालुर रहमान और अरीबा ख़ातून ने भी अपनी ग़ज़लें पेश कीं। मुशायरे के समापन पर बज़्म के जनरल सेक्रेटरी डॉक्टर रेहान अलवी और मदर हलीमा पब्लिक स्कूल के मैनेजर मौलाना सलीम उल्लाह ने सभी शोअरा और श्रोताओं का शुक्रिया अदा किया। बज़्म के सदर जनाब ज़ियाउद्दीन साहिब ने कहा कि आप लोगों की क़ीमती मौजूदगी ने आज के इस मुशायरे को काफ़ी कामयाब बना दिया। अध्यक्ष ने कहा कोई शायर छोटा- बड़ा नहीं होता। जिसके शेर अच्छे होते हैं वही अस्ल शायर होता है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द एक बड़े मुशायरे का भी आयोजन किया जाएगा।
- #बाराबंकी #कोठी #थाना क्षेत्र डीहा रहीमपुर में #आग का #तांडव': #भीषण आग लगी आज इतनी भयंकर थी आसपास के गांव में आग और धुएं के अलावा आसमान नहीं दिखाई दे रहा था #Barabanki #FireAccident #AgniTandav #आग_का_तांडव #भीषण_आग #VillageFire #BreakingNewsUP #BarabankiNews #Siddhaur #KothiPolice #बाराबंकी_न्यूज़ #कोठी_थाना #सिद्धौर #UPPolice #BarabankiPolice #UPFireService #CMYogi #UPGovt #DMBarabanki #Barabanki #BreakingNews #Fire #UP"1
- UP: गोंडा में सर्राफा व्यापारी समर कसौधन को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी और ज्वेलरी का भरा बैग लूट कर ले गए1
- बाराबंकी जनपद के कस्बा रसौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बदहाली का शिकार है। विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार है, हैंडपंप और पानी की टंकी टूटी पड़ी है, और मुख्य द्वार भी महीनों से क्षतिग्रस्त है। दैनिक भास्कर की टीम ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय की दयनीय स्थिति देखी। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने अपने खर्च पर एक सफाई कर्मचारी रखा है, जो विद्यालय को साफ रखता है। हालांकि, ग्राम पंचायत की ओर से विद्यालय की देखरेख के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि गांव के लोग शौचालयों के ताले तोड़ देते हैं। विद्यालय परिसर में जगह-जगह घास उग आई है, जिसके लिए उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालय रसौली की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। प्रधानाचार्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार 'स्कूल चलो अभियान' पर लाखों खर्च कर रही है, लेकिन जिस विद्यालय में बच्चे पढ़ते हैं, वहां पीने का पानी और स्वच्छ शौचालय तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी से इस स्थिति पर ध्यान देने की अपील की।1
- रायबरेली। शहर के गुलाब रोड स्थित के.एन. लॉन के प्रांगण में बीते दिन एक भव्य 'नसीस्त' (काव्य गोष्ठी) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय रचनाकारों और साहित्य प्रेमियों का संगम देखने को मिला, जहाँ शब्दों की जादूगरी ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच का संचालन और अध्यक्षता कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए श्री कृष्णानंद श्रीवास्तव ने अध्यक्षता की, जबकि पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन जनाब लईक साहब द्वारा किया गया। लईक साहब के चुटीले अंदाज और बेहतरीन निजामत ने कार्यक्रम में शुरू से अंत तक उत्साह बनाए रखा। कलाम और गजल की गूँज नसीस्त के दौरान अदब की दुनिया के कई चमकते सितारों ने अपनी रचनाएँ पेश कीं। मुख्य रूप से: जनाब लईक साहब ने अपने खास अंदाज में महफ़िल का आगाज किया। दिलबर साहब की गजलों ने प्रेम और दर्शन के नए रंग बिखेरे। इसरार अहमद और जायस से आए कवियों/शायरों ने अपने कलाम से खूब वाह-वाही बटोरी। आए हुए अन्य रचनाकारों ने भी समसामयिक मुद्दों और जज्बातों से ओत-प्रोत रचनाएँ पढ़कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। आयोजन और अतिथि सत्कार इस सफल कार्यक्रम के आयोजक शिशिर श्रीवास्तव और सुमित गुप्ता रहे। आयोजकों ने न केवल साहित्य का सम्मान किया, बल्कि अतिथि सत्कार की परंपरा को निभाते हुए कार्यक्रम के समापन पर सभी के लिए सुरुचिपूर्ण भोज का प्रबंध भी किया। साहित्यिक चर्चा और लजीज भोजन के साथ इस खुशनुमा शाम का समापन हुआ। शहर के प्रबुद्ध जनों ने इस तरह के आयोजनों की सराहना करते हुए इसे गंगा-जमुनी तहजीब को बढ़ावा देने वाला बताया।1
- राजनगर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत झमटुली के पंचायत सचिव राजेंद्र पाण्डेय एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका जुआ खेलते हुए वीडियो लगातार वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि अलग-अलग स्थानों के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पंचायत सचिव ड्यूटी समय के दौरान ही बड़े-बड़े दांव लगाते नजर आ रहे हैं। इससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजेंद्र पाण्डेय पिछले 6-7 वर्षों से एक ही पंचायत में पदस्थ हैं और अपनी मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उनके ऊपर स्थानीय विधायक का संरक्षण होने की बात भी सामने आ रही है, जिसके चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला और कार्रवाई शून्य रही। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और पंचायत कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। इस पूरे मामले में जनपद पंचायत सीईओ राकेश शुक्ला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिल सका। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषी के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।1
- *"बडा खाना" आयोजन पुलिस लाइन सुलतानपुरः-*1
- रायबरेली के बछरावा विधानसभा में आयोजित भगवान परशुराम जी की भव्य जयंती समारोह में उमड़े विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए ऊंचाहार विधायक डॉ मनोज कुमार पांडेय ने भगवान परशुराम के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा भगवान परशुराम ने सदैव कमजोर और गरीबों की मदद की है और धर्म की स्थापना के लिए कार्य किया।1
- 👉 पत्रकार रामजी दीक्षित कि रिपोर्ट बाराबंकी नमस्कार मित्रों, सर श्रीराम जयंती के अवसर पर आपका स्वागत करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। सर श्रीराम भारत के उन जाने माने व्यक्तियों में से हैं, जिन्हे देश के उद्योगपति, महान वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, शिक्षाबादी एवं समाजसेवी सभी बगों के लोग, उनके प्रेरणादायक आदशों के कारण आज भी हृदय से सम्मान देते हैं सर श्रीराम ने अपने करियर की शुरुआत एक बहुत ही साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ की, लेकिन अपनी बसाधारण बुद्धिमत्ता, आसामान्य व्यावसायिक कौशल, दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और अयक परिश्रम से उन्होंने न केवल अपने जीवनकाल में एक विशाल व्यापारिक साम्राज्य का निर्माण किया, बल्कि स्वतंत्र भारत के नव निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सर श्रीराम स्वयं एक अत्यंत बुद्धिमान व्यक्तित्व होने के साथ साथ अपार विनम्रता के धनी थे। जहां एक ओर वे अपनी कुशाग्रता से कठिन से कठिन फैसले लेने में समर्थ थे, नहीं ने दूसरों के लिए फैसलों का बहुत विनम्रता से सम्मान करते थे। वह निःस्वार्थ मेजबान भी थे उनके परस्पर लेन-देन के रवैये ने उन्हें एक मिलनसार व्यक्ति बना दिया। 22, कर्जन रोब, न केवल उनका घर था, यह दिल्ली का सबसे बढ़ा गेस्ट हाउस था और शायद भारत का भी, जहां जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों, विनम्र पुरुष और विद्वान, कलाकार, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, उद्योगपति, चिकित्सा विशेषज्ञ, राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बैंकरों सभी का उनके द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सर श्रीराम का जीवन अध्ययन किसी भी अभ्यासरत प्रबंधक और प्रबंधन छात्र के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इस देश में व्यवसाय प्रबंधन को औपचारिक विषय के रूप में मान्यता मिलने से बहुत पहले, उन्होंने प्रबंधन के कई सिद्धांतों को पूरी तरह से अपने सामान्य ज्ञान और दुर्लभ व्यावसायिक कौशल के आधार पर लागू किया। सर श्रीराम दिल से मानवतावादी थे, मानवीय संबंधों के लिए उनकी चिंता की बराबरी बहुत कम लोग कर सकते थे। उन्होंने कर्मचारियों के बैंक और विवाह कोष की शुरुवात की, पीएफ सुबिधाओं को कानून के तहत अनिवार्य होने से बहुत पहले डीसीएम में पेश किया गया था। एक सच्चे मानवतावादी, सर श्रीराम ने रिवायती कैंटीन, चिकित्सा सहायता आदि जैसे कल्याणकारी उपायों की शुरुआत की। ➡️राधा सीड एण्ड पेस्टीसाइड्स श्री राम कॉलोनी1