देश में हो रहे पेपर लीक और युवा पीढ़ी के साथ हो रही गद्दारी के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल पिछले 19 दिनों से लगातार जारी है। इस आंदोलन में बैठे समाजसेवी और वैज्ञानिक शिक्षाविद सोनम वांगचुक, छात्र नेता नेहा, मनीष और आइसा (AISA) के कार्यकर्ताओं की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक और गंभीर हो गई है, लेकिन इसके बावजूद उनका अनशन और आंदोलन पूरी दृढ़ता से जारी है। आज सोनम वांगचुक की तरफ से एक संदेश भी जारी किया गया है। आंदोलनकारियों की इस बिगड़ती हालत पर गहरी चिंता और निराशा व्यक्त करते हुए यह बात उठाई जा रही है कि सोनम वांगचुक और इन छात्र नेताओं को अपनी भूख हड़ताल अब समाप्त कर देनी चाहिए। अत्यंत दुखी और आक्रोशित मन से यह सवाल उठाया जा रहा है कि जिस युवा पीढ़ी के अधिकारों और भविष्य के लिए ये लोग अपनी जान दांव पर लगा रहे हैं, क्या उस पीढ़ी को सचमुच इस संघर्ष से कोई सरोकार है? लोग बेहद हताशा में यह कह रहे हैं कि इस जिंदा लाशों के देश में अपनी जान की शहादत देने वालों को मूर्ख समझा जाता है। इस दर्दनाक और उपेक्षित स्थिति के बीच भी पेपर लीक के खिलाफ इन आंदोलनकारियों की भूख हड़ताल लगातार जारी है।
देश में हो रहे पेपर लीक और युवा पीढ़ी के साथ हो रही गद्दारी के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल पिछले 19 दिनों से लगातार जारी है। इस आंदोलन में बैठे समाजसेवी और वैज्ञानिक शिक्षाविद सोनम वांगचुक, छात्र नेता नेहा, मनीष और आइसा (AISA) के कार्यकर्ताओं की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक और गंभीर हो गई है, लेकिन इसके बावजूद उनका अनशन और आंदोलन पूरी दृढ़ता से जारी है। आज सोनम वांगचुक की तरफ से एक संदेश भी जारी किया गया है। आंदोलनकारियों की इस बिगड़ती हालत पर गहरी चिंता और निराशा व्यक्त करते हुए यह बात उठाई जा रही है कि सोनम वांगचुक और इन छात्र नेताओं को अपनी भूख हड़ताल अब समाप्त कर देनी चाहिए। अत्यंत दुखी और आक्रोशित मन से यह सवाल उठाया जा रहा है कि जिस युवा पीढ़ी के अधिकारों और भविष्य के लिए ये लोग अपनी जान दांव पर लगा रहे हैं, क्या उस पीढ़ी को सचमुच इस संघर्ष से कोई सरोकार है? लोग बेहद हताशा में यह कह रहे हैं कि इस जिंदा लाशों के देश में अपनी जान की शहादत देने वालों को मूर्ख समझा जाता है। इस दर्दनाक और उपेक्षित स्थिति के बीच भी पेपर लीक के खिलाफ इन आंदोलनकारियों की भूख हड़ताल लगातार जारी है।
- User9864Aurangabad, Bihar😤2 hrs ago
- औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को आजन थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर झिकटिया गांव में छापेमारी कर 25 लीटर देशी शराब बरामद की। यह कार्रवाई आजन थाना कांड संख्या-279/26 के तहत बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद (संशोधित) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत की गई है। इस विशेष अभियान का नेतृत्व पी.टी.सी. होसिल महतो एवं थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने किया। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर शराब जब्त की है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा और शराब तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- बिहार के औरंगाबाद जिले में 'लेबर अड्डा' (LABOUR ADDAA) के जरिए कुशल श्रमिकों और कारीगरों को डिजिटल पहचान देकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू की गई है। इसके तहत प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, कारपेंटर, लेबर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक जैसे सभी कुशल कामगारों को अपने हुनर को दुनिया के सामने लाने का अवसर मिल रहा है, ताकि उन्हें घर बैठे ही सीधे काम के ऑर्डर मिल सकें। इस मंच से जुड़ने के लिए केवल एक बार पंजीकरण कराना होगा, जिसकी वैधता जीवनभर के लिए होगी। इस पूरी प्रक्रिया में कामगारों से कोई कमीशन, मासिक शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। कारीगर अपने काम की तस्वीरें अपलोड करके सीधे ग्राहकों से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। 'मेरा काम — मेरी पहचान' के ध्येय के साथ यह पहल कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।1
- देश में हो रहे पेपर लीक और युवा पीढ़ी के साथ हो रही गद्दारी के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल पिछले 19 दिनों से लगातार जारी है। इस आंदोलन में बैठे समाजसेवी और वैज्ञानिक शिक्षाविद सोनम वांगचुक, छात्र नेता नेहा, मनीष और आइसा (AISA) के कार्यकर्ताओं की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक और गंभीर हो गई है, लेकिन इसके बावजूद उनका अनशन और आंदोलन पूरी दृढ़ता से जारी है। आज सोनम वांगचुक की तरफ से एक संदेश भी जारी किया गया है। आंदोलनकारियों की इस बिगड़ती हालत पर गहरी चिंता और निराशा व्यक्त करते हुए यह बात उठाई जा रही है कि सोनम वांगचुक और इन छात्र नेताओं को अपनी भूख हड़ताल अब समाप्त कर देनी चाहिए। अत्यंत दुखी और आक्रोशित मन से यह सवाल उठाया जा रहा है कि जिस युवा पीढ़ी के अधिकारों और भविष्य के लिए ये लोग अपनी जान दांव पर लगा रहे हैं, क्या उस पीढ़ी को सचमुच इस संघर्ष से कोई सरोकार है? लोग बेहद हताशा में यह कह रहे हैं कि इस जिंदा लाशों के देश में अपनी जान की शहादत देने वालों को मूर्ख समझा जाता है। इस दर्दनाक और उपेक्षित स्थिति के बीच भी पेपर लीक के खिलाफ इन आंदोलनकारियों की भूख हड़ताल लगातार जारी है।1
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- बिहार के औरंगाबाद जिला अंतर्गत रफीगंज प्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी सह जनसेवक घनश्याम राम के सेवानिवृत्त होने पर एक विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमृता कुमारी मौर्या ने की और संचालन तकनीकी प्रबंधक प्रेम रंजन निराला द्वारा किया गया। समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त हुए घनश्याम राम को माला पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमृता कुमारी मौर्या ने घनश्याम राम के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कृषि विभाग में लगभग 36 वर्षों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभाग में उनके द्वारा दिया गया योगदान सदैव याद रखा जाएगा। समारोह में कृषि विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें किसान सलाहकार मनोज कुमार, जनसेवक राम जीवन राम, दिवाकर, रौशन कुमार, मिथलेश साव, अखिलेश कुमार, उपेन्द्र चौधरी, अनिल कुमार, संतोष कुमार चौबे, राजेश कुमार, मुदेव कुमार सिंह, संजय कुमार, संजय कुमार दास, मिथलेश कुमार वर्मा, अभय कुमार, मंजीत कुमार, मेघनाथ चौधरी, प्रशांत सिंह, जितेन्द्र कुमार वर्मा, अनिल कुमार सिंह, कुमार राहुल राज, मनिन्द्र कुमार, सुरेन्द्र कुमार सिंह, बलराम प्रसाद गुप्ता, प्रेम कुमार, मो. असगर इमाम, सुधीर कुमार, हेमन्त कुमार, शकुन्तला कुमारी और विजेन्द्र सिंह शामिल थे।1
- इस बंदे में बेहद गजब का टैलेंट है जिसे बहुत ध्यान से देखने की जरूरत है। अभिषेक कुमार (Abhishek Kumar) के इस वीडियो में दिख रहे बंदे के गजब के टैलेंट की सराहना की जा रही है और लोगों से इसे बेहद ध्यान से देखने की अपील की गई है।1
- औरंगाबाद के रफीगंज प्रखंड अग्निशमनालय की टीम ने अग्निकांड की घटनाओं को रोकने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों, दुकानों और मॉल में विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। अभियान के तहत अग्निशमन विभाग की एमटी वाहन टीम ने लोगों को पटाखों, एलपीजी सिलेंडर, चूल्हे की आग, झुग्गी-झोपड़ियों और बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान आम लोगों के बीच सुरक्षा संबंधी पंपलेट भी बांटे गए। टीम ने लोगों से अपील की कि आग लगने की स्थिति में घबराए बिना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 101 या आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर सूचना दें ताकि समय पर राहत कार्य शुरू किया जा सके। यह अभियान डाकबंगला, बाबूगंज, फेसरा विद्यालय, राजकीय मध्य विद्यालय रफीगंज, स्मार्ट प्वाइंट मॉल, गणेश भंडार, ब्रेनिंग बियर पब्लिक स्कूल, अर्जुन क्लास, सिटी कार्ट मॉल और लक्की इंटरप्राइजेज होंडा शोरूम जैसे विभिन्न स्थानों पर चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व प्रखंड अग्निशमनालय रफीगंज के प्रभारी मुन्ना कुमार ने किया, जिसमें अग्निक सौरव कुमार, रंजीत कुमार पासवान और गृह रक्षक खुशबू कुमारी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।1
- गया के इमामगंज थाना क्षेत्र में एक कुएं से महिला का शव बरामद किया गया है। शव मिलने के बाद से हत्या की आशंका को लेकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बरामद किए गए महिला के शव के सिर और हाथ पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे इस वारदात में हत्या की आशंका जताई जा रही है।1