बड़ी खबर | टीकमगढ़, मध्यप्रदेश भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी लगाने का विरोध! आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रात 11 बजे तक काम कराने पर जताई चिंता बड़ी खबर | टीकमगढ़, मध्यप्रदेश भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी लगाने का विरोध! आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रात 11 बजे तक काम कराने पर जताई चिंता जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़ जिले से इस वक्त की खबर सामने आ रही है, जहां भू-स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्यूटी लगाए जाने को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने आपत्ति जताई है। दरअसल, मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने 28 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर टीकमगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भू-स्वामित्व योजना के कार्य से मुक्त रखने की मांग की है। संघ ने देर रात 11 बजे तक काम कराए जाने पर चिंता जताते हुए महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। संघ की मांग है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनकी जिम्मेदारियों एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए। अब देखना होगा कि संघ की इस मांग पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को इस मामले में क्या राहत मिलती है। फिलहाल, संघ ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग प्रशासन के सामने रख दी है।
बड़ी खबर | टीकमगढ़, मध्यप्रदेश भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी लगाने का विरोध! आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रात 11 बजे तक काम कराने पर जताई चिंता बड़ी खबर | टीकमगढ़, मध्यप्रदेश भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी लगाने का विरोध! आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रात 11 बजे तक काम कराने पर जताई चिंता जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़ जिले से इस वक्त की खबर सामने आ रही है, जहां भू-स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्यूटी लगाए जाने को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने आपत्ति जताई है। दरअसल, मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने 28 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर टीकमगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भू-स्वामित्व योजना के कार्य से मुक्त रखने की मांग की है। संघ ने देर रात 11 बजे तक काम कराए जाने पर चिंता जताते हुए महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। संघ की मांग है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनकी जिम्मेदारियों एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए। अब देखना होगा कि संघ की इस मांग पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को इस मामले में क्या राहत मिलती है। फिलहाल, संघ ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग प्रशासन के सामने रख दी है।
- बड़ी खबर | टीकमगढ़, मध्यप्रदेश भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी लगाने का विरोध! आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रात 11 बजे तक काम कराने पर जताई चिंता बड़ी खबर | टीकमगढ़, मध्यप्रदेश भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी लगाने का विरोध! आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रात 11 बजे तक काम कराने पर जताई चिंता जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़ जिले से इस वक्त की खबर सामने आ रही है, जहां भू-स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्यूटी लगाए जाने को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने आपत्ति जताई है। दरअसल, मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने 28 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर टीकमगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भू-स्वामित्व योजना के कार्य से मुक्त रखने की मांग की है। संघ ने देर रात 11 बजे तक काम कराए जाने पर चिंता जताते हुए महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। संघ की मांग है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनकी जिम्मेदारियों एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए। अब देखना होगा कि संघ की इस मांग पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को इस मामले में क्या राहत मिलती है। फिलहाल, संघ ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग प्रशासन के सामने रख दी है।1
- *खरगापुर में राजस्व अभिलेख सुधार शिविर आयोजित, नामांतरण के 152 प्रकरणों में आदेश वितरित* *खरगापुर में राजस्व अभिलेख सुधार शिविर आयोजित, नामांतरण के 152 प्रकरणों में आदेश वितरित* *कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशानुसार आयोजित शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के दिए निर्देश* टीकमगढ़, 29 अक्टूबर 2026। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशानुसार आज तहसील खरगापुर में राजस्व अभिलेखों में सुधार एवं लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कलेक्टर श्रोत्रिय, एसडीएम बल्देवगढ़ निशांत भूरिया एवं तहसीलदार खरगापुर ओपी गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में पूर्व से प्राप्त नामांतरण के 152 प्रकरणों का निराकरण कर संबंधित हितग्राहियों को आदेश वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकरणों से संबंधित लगभग 35 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कुछ का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार परीक्षण एवं अभिलेख सुधार की कार्रवाई करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर में बीपीएल, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्राम पंचायत एवं राशन दुकान से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने संबंधित अधिकारियों को इन आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा भूमि से संबंधित मामलों को प्राथमिकता से हल करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत राजस्व अभिलेख सुधार शिविर आयोजित कर आमजन को राहत प्रदान करने एवं प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने युवक पर लगाया गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप, थाने में शिकायत* *टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार *, टीकमगढ के बल्देवगढ़ ग्राम प्रेमपुरा में पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रामसखी रजक ने गांव के ही एक युवक पर आंगनबाड़ी केंद्र में आकर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाना बल्देवगढ़ में लिखित शिकायत दी है। *शिकायत में क्या कहा -* आवेदिका रामसखी रजक पति धर्मेन्द्र रजक निवासी ग्राम प्रेमपुरा ने अपने आवेदन में बताया कि वह आंगनबाड़ी केन्द्र बी प्रेमपुरा में कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ हैं। उनके आवेदन के अनुसार, केन्द्र के बगल में सुरेन्द्र उर्फ गाडे यादव का मकान है। आरोप है कि 29.09.2026 को सुरेन्द्र उर्फ गाडे यादव शराब के नशे में केन्द्र पर आया और गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि उसने कहा कि अगर आंगनबाड़ी में नौकरी करना है तो उसके हिसाब से काम करना होगा। आवेदिका के मुताबिक घटना के समय नारायण यादव, रोहित यादव, संध्या यादव मौजूद थे और उसने इसका वीडियो भी बनाया था। आवेदिका का कहना है कि उस दिन उसने 112 नंबर पर पुलिस बुलाई थी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। शिकायत में आगे बताया गया है कि 04.10.2026 को शाम करीब 5 बजे जब वह शासकीय हैंडपंप से पानी भरकर घर लौट रही थीं, तो आरोपी ने तेज गति से मोटरसाइकिल चलाते हुए उन्हें टक्कर मारने की कोशिश की, जिससे वह गिरते-गिरते बचीं। आरोप है कि इस दौरान भी गंदी-गंदी गालियां दी गईं और मोटरसाइकिल चढ़ाकर जान खत्म करने की धमकी दी गई। आवेदिका ने आरोप लगाया कि उसी शाम करीब 7 बजे सुरेन्द्र, उसकी मां रामा, पिता मातादीन और भाई अमर सिंह यादव उनके घर आए और घर पर आकर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी और गांव में नहीं रहने देने की बात कही। आवेदिका का कहना है कि इसका भी वीडियो उसके पास मौजूद है। आवेदिका ने थाना प्रभारी बल्देवगढ़ से मामले की जांच कर आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। _नोट: यह खबर आवेदिका द्वारा थाने में दिए गए शिकायती आवेदन के आधार पर है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।_3
- टीकमगढ़ सड़क दुर्घटना: अस्पताल चौराहे पर ट्रैक्टर ने बच्ची का पैर कुचला1
- भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी का विरोध, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन टीकमगढ़। भू-स्वामित्व योजना के तहत ड्यूटी लगाए जाने से नाराज आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त रखने की मांग की है। मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने अट्ठाईस अक्टूबर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि कार्यकर्ताओं पर पहले से ही विभागीय कार्यों का बोझ है। ऐसे में पटवारियों के साथ भू-स्वामित्व योजना का काम सौंपे जाने से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। संघ ने बताया कि ऑनलाइन कार्य के लिए शाम छह बजे से रात ग्यारह बजे तक का समय मिल रहा है, जबकि इसी दौरान उन्हें अपने विभागीय ऑनलाइन कार्य भी पूरे करने होते हैं। मोबाइल की तकनीकी सीमाओं के कारण भी काम करने में परेशानी आ रही है। संघ ने देर रात तक गांवों में काम करने से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि इस कार्य में अन्य विभागों के पुरुष कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त रखा जाए।1
- *कोतवाली के सामने लगी दुकानें हटाने चली पुलिस की मुहिम, लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया* लोगों ने कहा - शहर के सभी चौराहों और सड़कों पर सभी जगह हो कार्रवाई* *टीकमगढ़।* शहर कोतवाली के सामने सड़क पर लगी दुकानों को हटाए जाने की कार्रवाई पर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। बताया गया है कि कोतवाली के सामने सड़क पर रक्षाबंधन, दशहरा, दीपावली, गणेश चतुर्थी सहित अन्य त्यौहारों पर छोटे दुकानदार, विशेषकर बर्तन व मूर्ति विक्रेता, अपनी दुकानें लगाकर परिवार के लिए रोजी-रोटी जुटाते हैं। बीते रोज शहर में हुए एक सड़क हादसे के बाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कोतवाली के पास सड़क पर बैठे इन दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई की। यहां सड़क के दोनों ओर बैठे दुकानदारों को हटाने कार्रवाई की गई। *दो तरह की राय -* *गरीबों पर अन्याय:* एक पक्ष का कहना है कि केवल गरीब बर्तन विक्रेताओं को निशाना बनाना अन्याय है। साल भर त्यौहारों पर ही इनकी रोजी-रोटी चलती है, ऐसे में केवल इन्हें हटाना उचित नहीं है। *हादसे रोकने के लिए जरूरी:* वहीं दूसरे पक्ष ने पुलिस की इस कार्रवाई को जायज और आवश्यक बताया है। उनका कहना है कि सड़क पर अतिक्रमण से हादसों का खतरा बना रहता है, इसलिए यह कार्रवाई जरूरी थी। *पक्षपात न हो, पूरे शहर में हो कार्रवाई -* स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कार्रवाई करनी ही है तो केवल एक जगह नहीं, पूरे शहर में एक साथ होनी चाहिए। लोगों ने मांग की कि पुलिस और जिला प्रशासन अस्पताल चौराहा, नजाई मंडी, कटरा बाजार, स्टेट बैंक चौराहा, गांधी चौराहा सहित अन्य अतिक्रमित स्थानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई करे। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि केवल गरीबों पर कार्रवाई होती है, जबकि शहर के कई प्रमुख स्थानों पर बड़ा अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। पूर्व में जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया था, वहां अब पहले से भी दोगुना अतिक्रमण हो चुका है और जिम्मेदार अधिकारी मौन स्वीकृति देते नजर आ रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन बिना किसी पक्षपात के शहर के सभी प्रमुख मार्गों और चौराहों को अतिक्रमण मुक्त करे, ताकि आम जनता को आवागमन में सुविधा हो और हादसे भी रुकें।1
- बडौदा घाट खाद्य केंद्र पहुंचे कलेक्टर किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराने के निर्देश वितरण व्यवस्था। का लिया जायज़ा। बड़ौराघाट खाद केंद्र पहुंचे कलेक्टर, किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराने के निर्देश वितरण व्यवस्था का लिया जायजा, अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त रखने की हिदायत टीकमगढ़। किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बीच कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने आज बड़ौराघाट स्थित खाद वितरण केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति मुदित लटौरिया, जिला विपणन अधिकारी अनिल नरवरे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- प्रीति लोधी की मौत पर उठे सवाल मायके के पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया। कलेक्टर पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार। श्यामपुरा चिकनिया गांव का मामला सामने आया है प्रीति लोधी की मौत पर उठे सवाल! मायके पक्ष ने लगाए दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप, कलेक्टर-SP से लगाई न्याय की गुहार श्यामपुरा चिकनियां गांव का मामला टीकमगढ़ जिले के खरगापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम श्यामपुरा चिकनियां में प्रीति लोधी की मौत का मामला सामने आने के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और बेटी की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना से पहले भाई को किया था फोन मायके पक्ष के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले प्रीति का फोन उसके भाई के पास आया था। परिजनों का दावा है कि फोन पर प्रीति ने जल्द आने के लिए कहा और अपनी जान को खतरा होने की बात बताई। परिजनों के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद ससुराल पक्ष की ओर से फोन आया कि प्रीति की मौत हो गई है। सूचना मिलने पर जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे, तो उनके अनुसार घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। दहेज प्रताड़ना और मारपीट के गंभीर आरोप मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के समय आर्थिक मदद देने के बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से लगातार पैसों की मांग की जाती थी। मांग पूरी नहीं होने पर प्रीति को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने दीपक लोधी, अनंतराम लोधी और दीपक लोधी की मां पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रीति के साथ मारपीट करने के बाद उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा। कलेक्टर और एसपी से कार्रवाई की मांग प्रीति के मायके पक्ष ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब पुलिस जांच पर टिकी नजरें प्रीति की मौत के मामले में सामने आए आरोपों के बाद निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब यह महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है। सवाल यही है—प्रीति की मौत के पीछे की सच्चाई क्या है? इसका जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा।1