मध्य प्रदेश के सिलवानी में 73 लाख 60 हजार रुपये मूल्य की 1760 बोरी मूंग रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। यह मामला तब और चौंकाने वाला हो जाता है, जब यह सामने आता है कि जिस जगह से यह सरकारी अनाज गायब हुआ, वहाँ के 11 शटर और सभी ताले पूरी तरह से सलामत पाए गए हैं। इस घटना के बाद अब 'त्रिमूर्ति' के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। जाँच में पहले भी इस तरह के 'खेल' होने की बातें सामने आई हैं, जो सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पूरे मामले में कई ऐसे सवाल उठ रहे हैं जो व्यवस्था की नींद उड़ा सकते हैं, जैसे कि 'अगर सब कुछ सुरक्षित था, तो मूंग आखिर गई कहाँ?' और क्या 'रक्षक ही भक्षक' बन बैठे हैं? लोग कहते हैं कि मूंग में घुन लगता है, लेकिन सिलवानी के इस मामले में तो पूरी की पूरी मूंग ही गायब हो गई है। यह 'खुरपेंची कहानी' आरोपों और ट्विस्ट से भरी हुई है, जिसमें यह सवाल भी बना हुआ है कि आखिर 'सर्वोदय का गब्बर' कौन है, जिसने सरकारी माल को ही हवा कर दिया।
मध्य प्रदेश के सिलवानी में 73 लाख 60 हजार रुपये मूल्य की 1760 बोरी मूंग रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। यह मामला तब और चौंकाने वाला हो जाता है, जब यह सामने आता है कि जिस जगह से यह सरकारी अनाज गायब हुआ, वहाँ के 11 शटर और सभी ताले पूरी तरह से सलामत पाए गए हैं। इस घटना के बाद अब 'त्रिमूर्ति' के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। जाँच में पहले भी इस तरह के 'खेल' होने की बातें सामने आई हैं, जो सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पूरे मामले में कई ऐसे सवाल उठ रहे हैं जो व्यवस्था की नींद उड़ा सकते हैं, जैसे कि 'अगर सब कुछ सुरक्षित था, तो मूंग आखिर गई कहाँ?' और क्या 'रक्षक ही भक्षक' बन बैठे हैं? लोग कहते हैं कि मूंग में घुन लगता है, लेकिन सिलवानी के इस मामले में तो पूरी की पूरी मूंग ही गायब हो गई है। यह 'खुरपेंची कहानी' आरोपों और ट्विस्ट से भरी हुई है, जिसमें यह सवाल भी बना हुआ है कि आखिर 'सर्वोदय का गब्बर' कौन है, जिसने सरकारी माल को ही हवा कर दिया।
- सर्वोदय वेयरहाउस से जुड़े एक महाघोटाले में आखिरकार बड़ा खुलासा हो गया है। लगभग पौने 1 करोड़ रुपये मूल्य की 1760 बोरी सरकारी मूंग डकारने के आरोप में वेयरहाउस मालिक अर्पित जैन, एकता जैन और मैनेजर अवधेश गौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस घटना से सिस्टम के 'डबल लॉक' का तिलिस्म टूट गया है। अब यह देखना बाकी है कि ये रसूखदार 'सफेदपोश' हवालात की चक्की पीसते हैं या खुद को बचाने के लिए कोई नया 'चमत्कार' कर पाते हैं, वहीं यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि आखिर 'सर्वोदय का गब्बर कौन' है।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सागर जिले के केसली पहुँचे। उनके केसली आगमन पर, मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए हेलीपेड पर पूर्व मंत्री, वर्तमान मंत्री, विधायक और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई पदाधिकारी मौजूद थे।1
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ एक डंपर की टक्कर से बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा भड़क उठा, जिसके बाद उन्होंने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक संजय शर्मा द्वारा राजमार्ग देवरी में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करवाया जा रहा है। यह कथा 9 जून से शुरू हुई है और 15 जून तक चलेगी। इस कथा का वाचन श्री विभिन्न बिहारी जी कर रहे हैं। संजू भैया ने सभी से अपील की है कि वे शेष बचे दो दिनों की कथा का श्रवण अवश्य करें। पूर्व विधायक संजय शर्मा ने भी लोगों से श्रीमद् भागवत कथा अवश्य सुनने का आग्रह किया है।1
- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और फोगसी सागर शाखा ने चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला PICSEP (Programme for Inculcating Culture of Scientific Enquiry and Pursuit) के अंतर्गत आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों, निजी प्रैक्टिशनरों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान की संस्कृति को विकसित करना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अहमदाबाद के डॉ. सुनील ताम्बवेकर ने साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-Based Medicine) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा में केवल रोगों का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवीन शोधों और वैज्ञानिक तथ्यों को समझकर उन्हें व्यवहार में लागू करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में शोध विषय चयन, अध्ययन डिज़ाइन, डेटा विश्लेषण, बायोस्टैटिस्टिक्स, वैज्ञानिक लेखन, शोध पत्र प्रकाशन तथा अनुसंधान नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की। फोगसी सागर अध्यक्ष डॉ. ज्योति चौहान ने बताया कि कार्यशाला से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि कैसे एक सामान्य चिकित्सीय प्रश्न को वैज्ञानिक अध्ययन में परिवर्तित कर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए योगदान दिया जा सकता है। वहीं, आईएमए अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने अनुसंधान को न केवल ज्ञान के विस्तार का माध्यम बताया, बल्कि रोगियों को बेहतर एवं प्रमाण-आधारित उपचार उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण साधन भी करार दिया। उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले शोधों की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस कार्यशाला ने विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और सहयोगात्मक शोध परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, युवा चिकित्सकों और शोधार्थियों को अनुभवी विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। आयोजकों के अनुसार, आईएमए और फोगसी सागर शाखा की यह पहल चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो चिकित्सकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा चिकित्सा विज्ञान में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।1
- मध्य प्रदेश के सिलवानी में 73 लाख 60 हजार रुपये मूल्य की 1760 बोरी मूंग रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। यह मामला तब और चौंकाने वाला हो जाता है, जब यह सामने आता है कि जिस जगह से यह सरकारी अनाज गायब हुआ, वहाँ के 11 शटर और सभी ताले पूरी तरह से सलामत पाए गए हैं। इस घटना के बाद अब 'त्रिमूर्ति' के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। जाँच में पहले भी इस तरह के 'खेल' होने की बातें सामने आई हैं, जो सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पूरे मामले में कई ऐसे सवाल उठ रहे हैं जो व्यवस्था की नींद उड़ा सकते हैं, जैसे कि 'अगर सब कुछ सुरक्षित था, तो मूंग आखिर गई कहाँ?' और क्या 'रक्षक ही भक्षक' बन बैठे हैं? लोग कहते हैं कि मूंग में घुन लगता है, लेकिन सिलवानी के इस मामले में तो पूरी की पूरी मूंग ही गायब हो गई है। यह 'खुरपेंची कहानी' आरोपों और ट्विस्ट से भरी हुई है, जिसमें यह सवाल भी बना हुआ है कि आखिर 'सर्वोदय का गब्बर' कौन है, जिसने सरकारी माल को ही हवा कर दिया।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में नर्मदा नदी के सतधारा भीमकुंड में एक बार फिर एक बड़ा हादसा हुआ है। इस घटना में दो युवक डूब गए हैं, और फिलहाल उनकी तलाश जारी है।1