झाँसी में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 437 लीटर कच्ची शराब बरामद, 6100 किलो लहन नष्ट झाँसी में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 437 लीटर कच्ची शराब बरामद, 6100 किलो लहन नष्ट शॉर्ट खबर: झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देशन में आबकारी विभाग ने 14 सितंबर को विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। उप आबकारी आयुक्त उमेश चन्द्र पाण्डेय और जिला आबकारी अधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में 5 टीमों ने गणेश चौराहा सब्जी मंडी, पंचवटी रेलवे क्रॉसिंग, गोविंदपुरी कॉलोनी, लक्ष्मी तालाब, खजराहा, बांसार, डेरा श्रीनगर, बरल, फरीदा, अशोकनगर समेत कई जगहों पर दबिश दी। कार्रवाई में 437.60 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई और 6100 किग्रा लहन मौके पर नष्ट किया गया। इस मामले में 6 अभियोग दर्ज कर 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 1 को जेल भेजा गया। साथ ही अवैध शराब और ओवर रेटिंग रोकने के लिए देसी व कंपोजिट दुकानों पर टेस्ट परचेजिंग और औचक निरीक्षण किया गया, स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर POS मशीन से ही बिक्री के निर्देश दिए गए।
झाँसी में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 437 लीटर कच्ची शराब बरामद, 6100 किलो लहन नष्ट झाँसी में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 437 लीटर कच्ची शराब बरामद, 6100 किलो लहन नष्ट शॉर्ट खबर: झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देशन में आबकारी विभाग ने 14 सितंबर को विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। उप आबकारी आयुक्त उमेश चन्द्र पाण्डेय और जिला आबकारी अधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में 5 टीमों ने गणेश चौराहा सब्जी मंडी, पंचवटी रेलवे क्रॉसिंग, गोविंदपुरी कॉलोनी, लक्ष्मी तालाब, खजराहा, बांसार, डेरा श्रीनगर, बरल, फरीदा, अशोकनगर समेत कई जगहों पर दबिश दी। कार्रवाई में 437.60 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई और 6100 किग्रा लहन मौके पर नष्ट किया गया। इस मामले में 6 अभियोग दर्ज कर 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 1 को जेल भेजा गया। साथ ही अवैध शराब और ओवर रेटिंग रोकने के लिए देसी व कंपोजिट दुकानों पर टेस्ट परचेजिंग और औचक निरीक्षण किया गया, स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर POS मशीन से ही बिक्री के निर्देश दिए गए।
- झांसी ।विवेक निरंजन स्मृति महोत्सव के अंतर्गत विवेक निरंजन मेमोरियल फाउंडेशन एवं विवेक निरंजन खेल अकादमी संयुक्त तत्वाधान में विवेक निरंजन महिला वॉलीबॉल टूर्नामेंट का आयोजन विवेक निरंजन वॉलीबॉल कोर्ट पर किया गया।1
- निधि बैंक का लक्ष्य पूरा होने पर संदीप सरावगी का हुआ भव्य स्वागत एवं सम्मान झाँसी। महिला ग्राम विकास निधि बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूरा होने की खुशी में बैंक परिसर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ संदीप सरावगी का बैंक स्टाफ एवं पदाधिकारियों द्वारा स्वागत और सम्मान किया गया। समारोह के आयोजक युवा समाजसेवी आनंद सिंह चौहान रहे। कार्यक्रम में बैंक के ऑनर शकील अहमद, ब्रांच मैनेजर प्रेरणा श्रीवास्तव, बैंक मैनेजर रोशनी तथा फील्ड मैनेजर आनंद सिंह चौहान सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा। इस अवसर पर निधि, अंजली, सविता, राखी, हार्दिक, अमन, सरिता, सोनू भदौरिया एवं विशाल खटीक सहित बैंक के कर्मचारियों ने समारोह में सहभागिता की और डॉ. संदीप सरावगी का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बैंक की टीम ने लक्ष्य प्राप्ति पर खुशी व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।3
- सीपरी ओवर ब्रिज के पास पड़े लावारिश बैग से निकल रहा था धुआं पुलिस मौके पर पहुंची, बैग खोलने पर निकला नाइट्रोजन गैस का सिलेंडर।1
- ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 10 फीट लंबा अजगर, वाहन चालकों में दहशत दतिया के ग्वालियर-झांसी हाईवे पर अब्बास के ढाबे के सामने करीब 10 फीट लंबा अजगर बीच सड़क पर पहुंच गया। अजगर के सड़क पर होने से वाहन चालकों और राहगीरों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते अजगर को नहीं पकड़ा गया तो वह किसी वाहन की चपेट में आकर घायल या मृत हो सकता है। वहीं, सड़क से हटने के बाद अजगर आसपास की कॉलोनी में घुसकर लोगों के लिए खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।1
- *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।1
- *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।1
- सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है।1
- डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का सराहनीय कदम: झाँसी में रक्तदान शिविर लगाकर किया 75 यूनिट से अधिक रक्त संग्रह झाँसी स्वर्गीय आर के दत्ता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर 15 सितम्बर को उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ जनपद झाँसी के तत्वावधान में जिला चिकित्सालय, झाँसी में वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महासंघ के विभिन्न घटक संघों के डिप्लोमा इंजीनियर्स, पदाधिकारी, सदस्य, कार्यालय स्टॉफ, परिवारीजन एवं मित्रगणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। शिविर का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त झाँसी श्री विमल कुमार दुबे ने दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण एवं फीता काटकर किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रान्तीय महासचिव श्री नितेन्द्र श्रीवास्तव उपस्थित रहे। इस अवसर पर इंजीनियर संजीव कुमार, अधीक्षण अभियन्ता तथा इंजीनियर ए.पी. सिंह, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई विभाग सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। रक्तदान शिविर में कुल 75 से अधिक यूनिट रक्तदान किया गया। कार्यक्रम के उपरान्त दरिद्र नारायण भोज का आयोजन किया गया तथा मरीजों एवं असहाय लोगों को फल वितरित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री संजीव शुक्ला ने की, जबकि संचालन जनपद सचिव श्री रजनीश पुरोहित ने किया। महासंघ के घटक संघों के सक्रिय सदस्यों की उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।4