धार्मिक नगरी Mathura में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरती नजर आई मथुरा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है… धार्मिक नगरी Mathura में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरती नजर आई। क्वालिटी चौराहा स्थित Hanuman Mandir के पास लंबा जाम लगा रहा, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम इतना भयंकर था कि लोग काफी देर तक एक ही जगह फंसे रहे। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं को भी रास्ता बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। आए दिन इस चौराहे पर जाम लगना आम बात हो गई है। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी या तो न के बराबर रही या फिर व्यवस्था को संभालने में नाकाफी साबित हुई। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कब सुधरेगी मथुरा की यातायात व्यवस्था? क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगा या फिर आम लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी? धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण शहर Mathura में इस तरह की अव्यवस्था कहीं न कहीं प्रशासनिक तैयारी पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक मथुरा को जाम की समस्या से राहत मिलती है।
धार्मिक नगरी Mathura में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरती नजर आई मथुरा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है… धार्मिक नगरी Mathura में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरती नजर आई। क्वालिटी चौराहा स्थित Hanuman Mandir के पास लंबा जाम लगा रहा, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम इतना भयंकर था कि लोग काफी देर तक एक ही जगह फंसे रहे। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं को भी रास्ता बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। आए दिन इस चौराहे पर जाम लगना आम बात हो गई है। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी या तो न के बराबर रही या फिर व्यवस्था को संभालने में नाकाफी साबित हुई। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कब सुधरेगी मथुरा की यातायात व्यवस्था? क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगा या फिर आम लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी? धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण शहर Mathura में इस तरह की अव्यवस्था कहीं न कहीं प्रशासनिक तैयारी पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक मथुरा को जाम की समस्या से राहत मिलती है।
- मथुरा जिले के छाता विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसानों के लिए बीमा कंपनियां राहत के बजाय मुसीबत का सबब बनती जा रही हैं। एचडीएफसी बीमा कंपनी (HDFC Insurance) द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और दावों के निपटान में की जा रही लापरवाही को लेकर अब क्षेत्र के किसानों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। कल सोमवार को सभी क्षेत्र के जागरूक किसान भगवत स्वरूप पांडे किसान नेता के नेतृत्व में सुबह 10:00 बजे डीएम मथुरा से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराएंगे। क्षेत्र के जागरूक किसानों का आरोप है कि फसल बर्बादी के बावजूद कंपनी के प्रतिनिधि सर्वे करने नहीं पहुँच रहे हैं ,और न ही दावों का उचित भुगतान किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि:सर्वे में लापरवाही: आपदा के कई दिनों बाद भी अधिकारी खेतों का मुआयना करने नहीं आए।, बीमा कंपनी और राजस्व कर्मी साथ गांठ कर तहसील में ही फर्जी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।सुनवाई का अभाव: कंपनी के हेल्प डेस्क और अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। कल कलेक्ट्रेट कूच की तैयारी अपनी मांगों को लेकर जागरूक किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल कल सुबह 10 बजे जिलाधिकारी (DM) महोदय मथुरा से मुलाकात करेगा। किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं का मांग पत्र सौंपेंगे और बीमा कंपनी की कथित 'बेईमानी' पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। किसान नेता भगवत स्वरूप पांडे का कहना है "हम किसान पहले ही मौसम की मार से टूट चुके हैं। ऊपर से बीमा कंपनी हमारे हक का पैसा दबाकर बैठी है। अगर प्रशासन ने दखल नहीं दिया, तो हम धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगे2
- मथुरा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है… धार्मिक नगरी Mathura में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरती नजर आई। क्वालिटी चौराहा स्थित Hanuman Mandir के पास लंबा जाम लगा रहा, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम इतना भयंकर था कि लोग काफी देर तक एक ही जगह फंसे रहे। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं को भी रास्ता बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। आए दिन इस चौराहे पर जाम लगना आम बात हो गई है। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी या तो न के बराबर रही या फिर व्यवस्था को संभालने में नाकाफी साबित हुई। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कब सुधरेगी मथुरा की यातायात व्यवस्था? क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगा या फिर आम लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी? धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण शहर Mathura में इस तरह की अव्यवस्था कहीं न कहीं प्रशासनिक तैयारी पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक मथुरा को जाम की समस्या से राहत मिलती है।1
- प्रथम पहल धर्मार्थ क्लिनिक एवं श्रीनाथ जी धर्मार्थ ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय जाहरवीर बाबा मंदिर के सामने, वृंदावन गेट, मथुरा में आयोजित निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही शिविर स्थल पर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक के सैकड़ों लोगों ने इस शिविर का लाभ उठाया। कई मरीजों ने वर्षों से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कराई और विशेषज्ञ डॉक्टरों से नि:शुल्क परामर्श प्राप्त किया। इस शिविर में डॉक्टरों की टीम ने धैर्यपूर्वक प्रत्येक मरीज को देखा तथा उचित परामर्श दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ संरक्षक महामंडलेश्वर योगी श्री नवल गिरी जी महाराज, संयोजक मोहन लाल अग्रवाल (श्री ज्वेलर्स, आगरा), नितिन अग्रवाल भगवती, राम निवास अग्रवाल टोटी वाले, गोवर्धन दास अग्रवाल नीनू मुकुट वाले, भगवत शरण अग्रवाल, ठाकुर राजा भोज, कन्हैया लाल अग्रवाल कोषादा ज्वेलर्स, संस्थापक सीए अमित अग्रवाल, सभासद नीलम गोयल, महामंत्री योगेश गोयल, उपाध्यक्ष मनोज बंसल, योगेश अग्रवाल, मनीष शोरावाला, सह-कोषाध्यक्ष नारायण हरि गोयल, प्रचार मंत्री सुधीर अग्रवाल, नकुल खंडेलवाल, जितेंद्र गोयल, अमित मित्तल पोशाक वाले, मनीष भार्गव, मोती लाल अग्रवाल, योगेंद्र गोयल, अनुपम शर्मा, प्रमोद अग्रवाल, त्रिलोकी नाथ अग्रवाल, उमेश कुमार बंसल, गजानंद अग्रवाल, डॉ. चंद्र मोहन अग्रवाल, गिरीश वर्मा, रूपेश अग्रवाल, अमित सराफ, केशव देव सराफ, सुनील अग्रवाल, पवन अग्रवाल, अर्पित अग्रवाल, हर्षित अग्रवाल, तुषार अग्रवाल, मयंक अग्रवाल एवं समस्त श्री नाथ दास जी छर्रा परिवार सहित इत्यादि ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर संरक्षक महामंडलेश्वर योगी श्री नवल गिरी जी महाराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वास्थ्य सेवा सबसे बड़ा धर्म है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचना ही सच्ची सेवा है। ऐसे आयोजन मानवता को मजबूत करते हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं। समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर ऐसे कार्यों में सहयोग करना चाहिए। महेश चन्द कसेरे ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में महँगाई के दौर में गरीब वर्ग का इलाज कराना कठिन हो गया है गरीब वर्ग के हित के लिए बहुत जल्द संस्था द्वारा हॉस्पिटल का निर्माण होगा जो जन जन को लाभान्वित करेगा और प्रथम पहल धर्मार्थ क्लिनिक द्वारा किया गया यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है। शिविर स्थल पर सुव्यवस्थित पंजीकरण, दवाइयों की व्यवस्था, ईसीजी जांच एवं स्वास्थ्य परामर्श की व्यवस्था देखकर लोगों ने संस्था के कार्यों की प्रशंसा की। इस जनकल्याणकारी सेवा कार्य में नितिन अग्रवाल (भगवती ज्वेलर्स) के सहयोग को विशेष रूप से सराहा गया। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने इसे मथुरा में हाल के वर्षों का सबसे प्रभावशाली स्वास्थ्य शिविर बताया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रकार के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं। आयोजकों ने भविष्य में भी इसी तरह के और बड़े शिविर आयोजित करने की घोषणा की, ताकि कोई भी जरूरतमंद इलाज से वंचित न रहे। संरक्षक महेश चन्द अग्रवाल कसेरे ने गरीब वर्ग के हित में प्रस्तावित हॉस्पिटल निर्माण की दिशा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। यह शिविर मोहन लाल अग्रवाल (श्री ज्वेलर्स, आगरा) के सानिध्य में ये शिविर सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर धीरेन्द्र बंसल, राज कुमारी खंडेलवाल पैरामेडिकल स्टाफ काजल ठाकुर, दीपक चौहान, रोशनी, संतोष इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।1
- Post by Rajesh Kumar1
- कस्बा गोंडा में परशुराम जयंती मनाते हुए..1
- मथुरा जनपद के कोसीकला में नंद गांव रोड स्थित शिव मंदिर सभागार में सती संस्था पांच या प्रचारिणी सभा के तत्व में भगवान परशुराम की जयंती अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्रद्धा वा सादगी के साथ मनाई गई1
- डीग में निकाली भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा,जगह जगह किया भव्य स्वागत अमर दीप सेन डीग। रविवार को शहर के आर्य समाज गली स्थित राधा बल्लभ मंदिर में ब्राम्हण समाज द्वारा विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ में मनाया गया। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई।ब्राम्हण समाज के जिलाध्यक्ष रमेश लवानिया एवं यात्रा संयोजक खगेन्द्र शर्मा खग्गू ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रातः 8 बजे राधा बल्लभ मंदिर में भगवान परशुराम जी का अभिषेक किया गया।तथा सतुआ का प्रसाद वितरण किया गया।जहां पंडित मोहन बंशी वाले ने वैदिक मंत्रोच्चारणों के साथ में पूजा अर्चना कराई गई। इसके तत्पश्चात दोपहर तीन बजे शहर के मुख्य बाजार,नील कंठेश्वर महादेव,लोहा मंडी,चौधरी का कटरा, गोवर्धन गेट,किला,पुराना बस स्टैंड,गणेश मंदिर,पुरानी अनाज मंडी होते हुए शोभायात्रा अपने गंतव्य स्थान पर पहुंची। इस दौरान शोभायात्रा का विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा समाजों द्वारा भगवान परशुराम की आरती उतारते हुए भव्य स्वागत किया और जलपान कराया गया। शोभायात्रा को डीग कुम्हेर विधायक डॉ शैलेष सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं शोभायात्रा में समाज की महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर व युवा भगवान परशुराम की जय के जयघोष करते हुए चल रहे थे। इस अवसर पर समाज के वक्ताओं ने बोलते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता,सद्भाव और सांस्कृतिक परम्पराओं को मजबूती मिलती है। डीग कुम्हेर विधायक डॉ शैलेष सिंह ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के खिलाफ संघर्ष, तपस्या, गुरुभक्ति और धर्म की स्थापना का प्रतीक है। इस मौके पर मनोहर लाल शर्मा, रमाकांत एडवोकेट,पंकज पाराशर, लोकेन्द्र शर्मा,भोली शर्मा,दिनेष पाराशर,राहुल लवानिया,सोहन लाल शर्मा प्रेम,शिवचरन शर्मा,हरिशंकर शर्मा,ज्योति शर्मा,बबीता शर्मा,सुरेश पूंछरी,विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष इन्द्रमोहन शर्मा,युवा जिला अध्यक्ष मोहित पाराशर,ओमा शर्मा,रवि शर्मा,मयंक शर्मा,धीरज शर्मा,गुलाब शर्मा,गिरिश शर्मा,सचिन शर्मा,हरी कृष्ण एडवोकेट,फटू शर्मा सहित बड़ी संख्या में विप्र समाज के लोग उपस्थित थे।4
- केडी अस्पताल ने लाभ देने से किया इनकार, कर्ज लेकर कराया इलाज; न्याय की गुहार लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित। जनपद मथुरा की छाता तहसील के सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस में शेरगढ़ निवासी पीड़ित व्यक्ति ने आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अपने पिता का इलाज कार्ड द्वारा नहीं होने का गंभीर आरोप हॉस्पिटल पर लगाया। सरकार की 'आयुष्मान भारत योजना' जहाँ गरीबों के लिए वरदान मानी जाती है, वहीं जमीनी स्तर पर कुछ अस्पतालों की मनमानी इस योजना को ठेंगा दिखा रही है। ताज़ा मामला छाता के शेरगढ़ से सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मुफ्त इलाज न होने की बात कह रहा है। उसका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने कार्ड स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। और उसके बीमार पिता के इलाज का पूरा खर्च अस्पताल ने ले लिया, और उसके पिता की मौत हो गई। क्या है पूरा मामला? पीड़ित बिजेंदर तिवारी निवासी नगला पछेया शेरगढ़ ने बताया कि वह अपने पिता को लेकर पिछले दिनों केडी अस्पताल में भर्ती के लिए गया हुआ था। उसके पास सरकार द्वारा जारी वैध आयुष्मान कार्ड था। जब उसने अस्पताल प्रशासन से कार्ड के माध्यम से कैशलेस इलाज की मांग की, तो उसे यह कहकर टाल दिया गया कि यह बीमारी इस कार्ड के अंतर्गत कवर नहीं होती"। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल ने उसे इलाज शुरू करने के लिए नकदी जमा करने का दबाव बनाया। मजबूरी में पीड़ित को अपनी जमा-पूंजी खर्च करनी पड़ी और भारी ब्याज पर कर्ज लेकर अस्पताल का बिल चुकाना पड़ा। इलाज में मोटी रकम खर्च होने के बाद अब पीड़ित न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। पीड़ित ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और जिलाधिकारी (DM) को लिखित शिकायत भी की, ओर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई और खर्च हुए पैसों की वापसी की मांग की है।2