रायबरेली में भाकपा (माले) का बड़ा धरना: यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 बहाल करने, मनरेगा बकाया मजदूरी और जल संकट पर जोर रायबरेली, भाकपा (माले) जिला इकाई और इससे जुड़े संगठनों ने 12 मार्च 2026 को हरचंदपुर (रायबरेली) में सुबह 10:30 बजे से विशाल धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह प्रदर्शन उच्च शिक्षा में जातीय उत्पीड़न रोकने के लिए जारी यूजीसी (प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस) रेगुलेशन 2026 को बहाल करने, रोहित वेमुला एक्ट की तर्ज पर प्रभावी कानून बनाने, मनरेगा की बकाया मजदूरी भुगतान, हर घर नल जल योजना की हकीकत बेनकाब करने और ग्रामीण मजदूरों के पलायन रोकने की मांगों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकर्ताओं का आरोप है कि 13 जनवरी 2026 को जारी यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को सत्ता-प्रायोजित प्रचार और विरोध के बाद 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे कर दिया। यह रेगुलेशन रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मजबूरन जारी किया गया था, जो उच्च शिक्षा संस्थानों में एससी, एसटी, ओबीसी और अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों के खिलाफ जातीय भेदभाव रोकने के लिए था। इसमें इक्विटी कमिटी गठन, शिकायत निवारण तंत्र और समावेशी प्रतिनिधित्व जैसे प्रावधान थे, लेकिन इसे "सामान्य वर्ग के खिलाफ फांसी का फंदा" बताकर विरोध किया गया। हनोमान अम्बेडकर ने कहा, "यह रेगुलेशन किसी अपराधिक दंड का प्रावधान नहीं रखता था, बल्कि संस्थानों में फासिस्ट-मनुवादी ताकतों के वर्चस्व को चुनौती देता था। एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार जातीय उत्पीड़न की घटनाओं में 110% वृद्धि हुई है, खासकर आईआईटी-आईआईएम जैसे संस्थानों में, लेकिन इन्हें रेगुलेशन की परिधि से बाहर रखा गया। सुप्रीम कोर्ट का स्टे फासिस्ट सत्ता की जीत है।" प्रदर्शन की अन्य प्रमुख मांगें: - रोहित एक्ट की तर्ज पर यूजीसी गाइडलाइन तुरंत लागू हो, जिसमें त्वरित सुनवाई और प्रभावी न्याय हो। - मनरेगा कानून बहाल करो, वर्षों से बकाया करोड़ों की मजदूरी का भुगतान हो, ग्रामीण पलायन रोको। - हर घर नल जल योजना महज छलावा है; महिपत खेड़ा, ढखवा मजरे डिघौरा सोममऊ, दुलारा मजरे जोहवाशर्की आदि गांवों में साफ पानी की भयंकर कमी है। - उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी, जेएनयू में 1000 और देशभर में 84,000 पीएचडी सीटें खत्म, एमफिल समाप्त, छात्रवृत्ति रोकना बंद करो—यह वंचित छात्रों का रास्ता बंद करने की साजिश है। - फासिस्ट सत्ता की काली नीतियों के खिलाफ मजदूर-किसान-छात्र-दलित एकता मजबूत करो। निवेदक सुरेश शर्मा (जिलाध्यक्ष, आइलॉज), डॉ. राम कुमार निषाद (संयोजक, जन संस्कृति मंच), मेवा लाल, मंशा देवी (ऐपवा), सुनील कुमार (खेग्रामस) आदि ने अपील की है कि सभी प्रगतिशील ताकतें बड़ी संख्या में शामिल हों।
रायबरेली में भाकपा (माले) का बड़ा धरना: यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 बहाल करने, मनरेगा बकाया मजदूरी और जल संकट पर जोर रायबरेली, भाकपा (माले) जिला इकाई और इससे जुड़े संगठनों ने 12 मार्च 2026 को हरचंदपुर (रायबरेली) में सुबह 10:30 बजे से विशाल धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह प्रदर्शन उच्च शिक्षा में जातीय उत्पीड़न रोकने के लिए जारी यूजीसी (प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस) रेगुलेशन 2026 को बहाल करने, रोहित वेमुला एक्ट की तर्ज पर प्रभावी कानून बनाने, मनरेगा की बकाया मजदूरी भुगतान, हर घर नल जल योजना की हकीकत बेनकाब करने और ग्रामीण मजदूरों के पलायन रोकने की मांगों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकर्ताओं का आरोप है कि 13 जनवरी 2026 को जारी यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को सत्ता-प्रायोजित प्रचार और विरोध के बाद 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे कर दिया। यह रेगुलेशन रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मजबूरन जारी किया गया था, जो उच्च शिक्षा संस्थानों में एससी, एसटी, ओबीसी और अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों के खिलाफ जातीय भेदभाव रोकने के लिए था। इसमें इक्विटी कमिटी गठन, शिकायत निवारण तंत्र और समावेशी प्रतिनिधित्व जैसे प्रावधान थे, लेकिन इसे "सामान्य वर्ग के खिलाफ फांसी का फंदा" बताकर विरोध किया गया। हनोमान अम्बेडकर ने कहा, "यह रेगुलेशन किसी अपराधिक दंड का प्रावधान नहीं रखता था, बल्कि संस्थानों में फासिस्ट-मनुवादी ताकतों के वर्चस्व को चुनौती देता था। एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार जातीय उत्पीड़न की घटनाओं में 110% वृद्धि हुई है, खासकर आईआईटी-आईआईएम जैसे संस्थानों में, लेकिन इन्हें रेगुलेशन की परिधि से बाहर रखा गया। सुप्रीम कोर्ट का स्टे फासिस्ट सत्ता की जीत है।" प्रदर्शन की अन्य प्रमुख मांगें: - रोहित एक्ट की तर्ज पर यूजीसी गाइडलाइन तुरंत लागू हो, जिसमें त्वरित सुनवाई और प्रभावी न्याय हो। - मनरेगा कानून बहाल करो, वर्षों से बकाया करोड़ों की मजदूरी का भुगतान हो, ग्रामीण पलायन रोको। - हर घर नल जल योजना महज छलावा है; महिपत खेड़ा, ढखवा मजरे डिघौरा सोममऊ, दुलारा मजरे जोहवाशर्की आदि गांवों में साफ पानी की भयंकर कमी है। - उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी, जेएनयू में 1000 और देशभर में 84,000 पीएचडी सीटें खत्म, एमफिल समाप्त, छात्रवृत्ति रोकना बंद करो—यह वंचित छात्रों का रास्ता बंद करने की साजिश है। - फासिस्ट सत्ता की काली नीतियों के खिलाफ मजदूर-किसान-छात्र-दलित एकता मजबूत करो। निवेदक सुरेश शर्मा (जिलाध्यक्ष, आइलॉज), डॉ. राम कुमार निषाद (संयोजक, जन संस्कृति मंच), मेवा लाल, मंशा देवी (ऐपवा), सुनील कुमार (खेग्रामस) आदि ने अपील की है कि सभी प्रगतिशील ताकतें बड़ी संख्या में शामिल हों।
- आज नील कमल स्वीट्स गूढ़ा के द्वारा मां शीतला अष्टमी के पावन अवसर ऐतिहासिक शिव मंदिर गूढ़ा में फाग का आयोजन किया उक्त अवसर पर मोतीलाल गूढ़ा फाग मंडल साथियों के द्वारा पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1
- सिलेंडर संकट पर अखिलेश का हमला: सरकार की जिम्मेदारी, आम आदमी पर बोझ बढ़ रहा1
- Post by ARYAN KUMAR1
- रायबरेली जिले की डलमऊ तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा सराय दिलावर दरबानीहार में नाली निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी धन से बनने वाली नाली में भारी भ्रष्टाचार किया गया है, जिसके कारण पीड़ित परिवार को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि नाली निर्माण लगभग 25 मीटर कराया जाना तय था, लेकिन कथित भ्रष्टाचार के चलते इसे मात्र करीब 9 मीटर तक ही बनाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और बीडीओ की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, अधूरी नाली के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे आसपास के घरों में गंदा पानी भरने की समस्या बनी हुई है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने बताया कि वह न्याय की उम्मीद में जिलाधिकारी समेत कई उच्च अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा चुका है, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और अधूरी नाली का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- टक्कर लगने से महिला गंभीर रूप से घायल ब्लॉगर श्रृष्टि आयुष ने अपनी कार से पहुंचाया घायल महिला को जिला अस्पताल1
- ऊंचाहार (रायबरेली) । क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से आज पुनः जमुनापुर चौराहे पर क्रिटिकल कोऑर्डिनेशन टीम द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना कागजात, हेलमेट और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। चेकिंग अभियान के दौरान 15 से अधिक वाहनों के चालान किए गए। साथ ही वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई और लोगों को सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने के लिए जागरूक भी किया गया। इस मौके पर ऊंचाहार पुलिस भी मौजूद रही और अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और क्षेत्र में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनी रहे।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था बेपटरी योगी सरकार को बदनाम करने में जुटे डाक्टर भ्रष्टाचार का बोलबाला ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी। विकास खण्ड त्रिवेदीगंज क्षेत्र शुंभा एट परींवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण मरीजों और प्रशासनिक कार्यों के लिए आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक निरीक्षण के दौरान अधीक्षक भी अपनी ड्यूटी से नदारद मिले। स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, वहीं कई लोग अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए अस्पताल के चक्कर लगाकर वापस लौटने को मजबूर हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं शिवाय ब्रिक फील्ड पर मजदूरी करने वाली प्रीति पत्नी संदीप निवासी काशीराम पुरवा, लखीमपुर ने बताया कि वह इलाज के लिए आई थीं, लेकिन स्टॉफ नर्स एवं अधीक्षक उपस्थित नहीं मिले। दिलीप कुमार पुत्र भाई राम निवासी ढोडवापुर शुम्भा बाराबंकी एवं रुद्र प्रताप सिंह निवासी ढोड़वापुर दांत में दर्द होने के कारण सीएससी पर इलाज हेतु आए थे यहां पर डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। इसी तरह, शिवाय ब्रिक फील्ड पर मजदूरी करने आए अनिल कुमार, उदयराज और अमन, तीनों निवासी कटघर, रायबरेली ने बताया कि वे कुत्ते के काटने पर वैक्सीन लगवाने आए थे, लेकिन मौके पर स्टॉफ नर्स नहीं थी तो अधीक्षक कक्ष की ओर गये जहां पर अधिक्षक भी मौजूद नहीं थे। जब शुंभा एट परींवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ मुकुंद कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।4
- एक ही व्यक्ति है इस देश में, जो 12 साल में इनके सामने झुका नहीं है। वो नेता विपक्ष राहुल गांधी जी हैं। वो इस सदन में खड़े होकर बेझिझक सच बोलते हैं और सच इनसे पचता नहीं है। : लोकसभा में कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1