82 वर्षों से परंपरा का अनुपम संगम: आंध्र समाज मनेन्द्रगढ़ का भव्य श्री राम नवमी उत्सव सम्पन्न मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। आंध्र समाज मनेन्द्रगढ़ द्वारा परंपरागत रूप से आयोजित श्री राम नवमी पूजा उत्सव इस वर्ष भी भव्यता और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन अपने 82वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है। दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव में मनेन्द्रगढ़ के विभिन्न समाजों के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। आंध्र समाज के टी. विजय गोपाल राव ने बताया कि क्षेत्र में कोयला खदानों और रेलवे की स्थापना के समय आंध्र प्रदेश से आए लोग यहीं बस गए थे, जिनकी तीसरी पीढ़ी आज भी इस परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ निभा रही है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में श्री राम जन्मोत्सव, मंडप पूजन, श्री राम-जानकी विवाह और पट्टाभिषेकम जैसे धार्मिक अनुष्ठान दक्षिण भारत से आए पंडित चैतन्य द्वारा विधि-विधान के साथ संपन्न कराए गए। श्री राम-जानकी विवाह में वर-वधू के माता-पिता के रूप में एस. हरिप्रसाद एवं एस. सुनीता तथा एम. प्रसाद राव एवं एम. पद्मा ने सहभागिता निभाकर आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। उत्सव के दौरान मुख्य प्रसाद के रूप में पारंपरिक ‘खट्टाभात (पुलिआहारम)’ का वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े चाव से ग्रहण किया। समापन दिवस पर पट्टाभिषेकम के पश्चात दक्षिण भारतीय भोजन—चावल, सांभर, दही, खीर एवं सब्जियों के साथ श्रद्धालुओं को विधिवत बैठाकर भोजन कराया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में समाज के बी. एम. राम, पी. रविशंकर, एस. सत्यनारायणा, जी. शंकर राव, व्ही. रमना, बी. व्ही. राव, लोकेश्वर राव, संन्यासी राव, डी. गोपाल राव, चन्ना राव, पी. शंकर, पी. सूरी, ए. मुरली राव, श्रीनिवास राव, चिट्टी बाबू, पी. रमना, टी. राजू, अप्पा राव, राजशेखर राव सहित सभी श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी रही। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मनेन्द्रगढ़ में सांस्कृतिक समरसता और परंपरा की जीवंत मिसाल भी प्रस्तुत करता है।
82 वर्षों से परंपरा का अनुपम संगम: आंध्र समाज मनेन्द्रगढ़ का भव्य श्री राम नवमी उत्सव सम्पन्न मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। आंध्र समाज मनेन्द्रगढ़ द्वारा परंपरागत रूप से आयोजित श्री राम नवमी पूजा उत्सव इस वर्ष भी भव्यता और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन अपने 82वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है। दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुरूप आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव में मनेन्द्रगढ़ के विभिन्न समाजों के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। आंध्र समाज के टी. विजय गोपाल राव ने बताया कि क्षेत्र में कोयला खदानों और रेलवे की स्थापना के समय आंध्र प्रदेश से आए लोग यहीं बस गए थे, जिनकी तीसरी पीढ़ी आज भी इस परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ निभा रही है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में श्री राम जन्मोत्सव, मंडप पूजन, श्री राम-जानकी विवाह और पट्टाभिषेकम जैसे धार्मिक अनुष्ठान दक्षिण भारत से आए पंडित चैतन्य द्वारा विधि-विधान के साथ संपन्न कराए गए। श्री
राम-जानकी विवाह में वर-वधू के माता-पिता के रूप में एस. हरिप्रसाद एवं एस. सुनीता तथा एम. प्रसाद राव एवं एम. पद्मा ने सहभागिता निभाकर आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। उत्सव के दौरान मुख्य प्रसाद के रूप में पारंपरिक ‘खट्टाभात (पुलिआहारम)’ का वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े चाव से ग्रहण किया। समापन दिवस पर पट्टाभिषेकम के पश्चात दक्षिण भारतीय भोजन—चावल, सांभर, दही, खीर एवं सब्जियों के साथ श्रद्धालुओं को विधिवत बैठाकर भोजन कराया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में समाज के बी. एम. राम, पी. रविशंकर, एस. सत्यनारायणा, जी. शंकर राव, व्ही. रमना, बी. व्ही. राव, लोकेश्वर राव, संन्यासी राव, डी. गोपाल राव, चन्ना राव, पी. शंकर, पी. सूरी, ए. मुरली राव, श्रीनिवास राव, चिट्टी बाबू, पी. रमना, टी. राजू, अप्पा राव, राजशेखर राव सहित सभी श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी रही। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मनेन्द्रगढ़ में सांस्कृतिक समरसता और परंपरा की जीवंत मिसाल भी प्रस्तुत करता है।
- विशेष आलेख कहते हैं कि सत्ता और प्रशासन की नाक बहुत तेज होती है, उसे दूर से ही घोटाले और गड़बड़ियां सूंघने की आदत होती है। लेकिन बनारसी फेब्रिकेटर के बगल में लालपुर और चैनपुर दुग्गड की चिप्स फैक्ट्री के मामले में शायद यह 'घ्राण शक्ति' (सूंघने की क्षमता) जवाब दे गई है। आज आलम यह है कि फैक्ट्री से निकलने वाली सड़ांध ने पूरे इलाके के जन-जीवन को 'नर्क' बना दिया है, लेकिन विडंबना देखिए—ग्रामीणों के लिए जो 'असहनीय दुर्गंध' है, वह शायद जिले के आला अधिकारियों और कलेक्टर साहब के लिए किसी 'मधुर सुगंध' से कम नहीं है! तभी तो महीनों से ग्रामीण अपनी बदहाली का रोना रो रहे हैं, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। साहब! यह सिर्फ बदबू नहीं, प्रशासनिक विफलता की सड़न है जब हैंडपंपों और बोरवेल से पानी की जगह 'बदबूदार जहर' निकलने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि सिस्टम सड़ चुका है। चिप्स फैक्ट्री का गंदा पानी जमीन के अंदर रिसकर ग्रामीणों की नसों में जहर घोल रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, बुजुर्गों का दम घुट रहा है, और लोग अपने ही घरों में रुमाल बांधकर बैठने को मजबूर हैं। क्या एसी कमरों में बैठने वाले अधिकारियों को इस बात का अंदाजा भी है कि एक लोटा साफ पानी न मिल पाने का दर्द क्या होता है? फैक्ट्री की मनमानी या 'सुगंधित' सांठगांठ? सवाल यह उठता है कि क्या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आंखें बंद हैं? या फिर फैक्ट्री के 'रसूख' की खुशबू इतनी तेज है कि उसके आगे गरीब ग्रामीणों की चीखें और सड़ते हुए पानी की दुर्गंध दब गई है? अगर कलेक्टर साहब की नाक तक यह दुर्गंध नहीं पहुंच रही, तो यह मान लेना चाहिए कि विकास की चकाचौंध में 'आम आदमी' की बुनियादी जरूरतें—साफ हवा और शुद्ध पानी—अब गौण हो चुकी हैं। निष्कर्ष ग्रामीणों का आक्रोश अब ज्वालामुखी की तरह फटने को तैयार है। अगर प्रशासन ने जल्द ही अपनी 'सुगंधित नींद' से जागकर इस चिप्स फैक्ट्री पर नकेल नहीं कसी, तो जनता को अपनी नाक बचाने के लिए सड़कों पर उतरने से कोई नहीं रोक पाएगा। याद रहे साहब, जनता की बदुआओं की दुर्गंध बहुत लंबी चलती है!3
- Post by Ramesh Kumar Kewat1
- एंकर - सूरजपुर में जमीन खरीद फरोख्त करने का मामले सामने आया है जहां संगीता साहू ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँच अपनी भाभी पर अपने सुसर पर दबाव डालकर जमीन की बिक्री कराने के गम्भीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है,,,,वहीं दूसरी ओर जमीन मालिक और संगीता साहू की भाभी ने अपने ससुर के साथ कोतवाली थाने पहुँच धोखाधड़ी कर फर्जी पावर आफ अटर्नी बनवा जमीन की बिक्री करने के आरोप बेटीयों पर लगाए है,,,, बहरहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत पर अपनी जांच शुरु कर दी है ,,,,और आगे देखने वाली बात होगी कि जांच में क्या निकलकर सामने आता है वहीं संगीता साहू ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि क्या बेटियों का पिता की सम्पति पर कोई हक नही होता और एक वीडियो भी अपने पिता का जारी किया है जिसमे वह अपनी सम्पति देने की बात करते नज़र आ रहे है ,,,, बाइट - संगीता,,,,, शिकायत कर्ता बेटी बाइट - अभिषेक पैकरा,,,, एसडीओपी,, सूरजपुर7
- साइबर ठगी का बड़ा खुलासा बैंक खातों की खरीद फरोख्त करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार...... डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा मामले मे आरोपियों के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही। आरोपीगण मामले मे शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री कर घटना कर रहे थे कारित। आरोपियों द्वारा प्रार्थी के एकाउंट मे अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम कुल 48500/- रुपये का ट्रांजेक्शन करवाकर रकम निकलावकर कारित की गई थी घटना। मामले मे शामिल अन्य आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा है, फरार आरोपियों कों शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जायगा। मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी शौर्य प्रताप साकिन गांधीनगर हनुमान मंदिर के पास थाना गांधीनगर द्वारा दिनांक 29/03/26 को थाना गांधीनगर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी का ऋत्विक सिंह निवासी सब्जी मार्केट के पीछे गांधीनगर से बहुत पहले से परिचय है जो दुध डेयरी और चाय दुकान का संचालन करता था। इस दौरान दिसम्बर 2024 मे ऋत्विक सिंह प्रार्थी के घर आकर उसका खाता काम नहीं करने की बात बोलकर झांसे मे लेकर 48500/- रुपये डेयरी का रकम बोलकर मंगा लिया एवं एटीएम लेकर उक्त रकम निकाल लिया, उसके कुछ दिन बाद प्रार्थी का खाता होल्ड हो गया था। खाता के सम्बन्ध मे अग्रिम जानकारी लेने पर अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम लेंन देन करने पर खाता होल्ड होने की जानकारी प्रार्थी को प्राप्त हुई है, इसी दौरान प्रार्थी को जानकारी मिला कि रित्विक सिंह अपने दोस्त अमन गुप्ता निवासी देवीगंज रोड अम्बिकापुर के साथ मिलकर इसी प्रकार से कई लोगों के खाता में रूपये मंगाये है। मामले मे प्रार्थी कि रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर मे अपराध क्रमांक 168/26 धारा 318(4),3(5) बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। मामले को संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना गांधीनगर पुलिस टीम को मामले मे सख़्ती से कार्यवाही कर प्रकरण मे शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा दौरान विवेचना प्रार्थी व गवाहों का कथन दर्ज किया गया, खाता में ट्रांसफर रकम के संबंध में ऑनलाईन पोर्टल पर चेक किये जाने पर शिकायत दर्ज होना पाया गया, विवेचना दौरान आरोपी ऋत्विक सिंह और अमन गुप्ता को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया जो आरोपियों द्वारा अपना नाम (01) ऋत्विक सिंह आत्मज नरेन्द्र कुमार सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी गांधीनगर हाई स्कूल के पिछे थाना गांधीनगर (02)अमन कुमार गुप्ता आत्मज स्व० चंद्रशेखर गुप्ता उम्र 24 वर्ष निवासी देवीगंज रोड, थाना कोतवाली अंबिकापुर का होना बताये, आरोपियों से पूछताछ किये जाने पर बताये कि आरोपीगण मामले मे शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री किया करते थे। आरोपी रित्विक सिंह के द्वारा अपना तीन खाता एवं प्रार्थी का खाता और अमन गुप्ता के द्वारा अपना एक करेंट अकाउंट मय सीम के मामले मे शामिल अन्य आरोपी को दिया गया है। जिन खातों में ऑनलाईन फ्रॉड के माध्यम से रकम ट्रांसफर होना पाया गया। इसके अलावा पियुष तिवारी के खाता में भी रूपये ट्रांसफर कराकर नगदी आहरण कर नगदी प्राप्त कर सीडीएम मशीन के माध्यम से ट्रांसफर करना बताया गया, मामले मे शामिल आरोपी पियुष तिवारी को तलब कर पुछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम (03) पियुष तिवारी आत्मज कृपा शंकर तिवारी उम्र 25 वर्ष निवासी सत्तीपारा थाना अम्बिकापुर* का होना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर अपराध घटित करना स्वीकार किया गया, पियुश कुमार तिवारी के खाता में कई ऑनलाईन शिकायतो का रकम ट्रांसफर होना पाया गया। आरोपीगण एक साथ मिलकर फ्रॉड से संबंधित रकम को प्राप्त करने हेतु अपने और अन्य लोगों के बैंक खाता का उपयोग किये है। जो प्रकरण में धारा 317(4) बी.एन.एस. जोड़ा गया, आरोपियों के मोबाईल से खाता एवं रकम लेन देन का डाटा संधारित कर मय मोबाईल के जप्त किया गया। आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है। सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना गांधीनगर से उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, लालदेव, अशोक यादव, घनश्याम देवांगन, राहुल केरकेट्टा, अमन पुरी, विकास मिश्रा, रमेश राजवाड़े सक्रिय रहे।1
- 🛑 ब्रेकिंग न्यूज़ | अंबिकापुर 🛑 ग्राम पंचायत लबजी के आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत, किराए के कच्चे मकान में चल रहा संचालन अंबिकापुर जनपद के ग्राम पंचायत लबजी में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बदहाली के आंसू रो रहा है। केंद्र की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि बच्चों और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र को मजबूरी में पास ही एक किराए के कच्चे मकान में संचालित किया जा रहा है। नया भवन निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण न तो बच्चों को सही सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही कार्यकर्ता एवं सहायिका को उचित कार्यस्थल। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए और आंगनबाड़ी केंद्र को सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान पर संचालित किया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। 📢 रिपोर्टर: हिमांशु राज md news Vice Bureau, Ambikapur (छत्तीसगढ़) 📞 78058380764
- ब्यौहारी/शहडोल: डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग मासूम लोगों की मेहनत की कमाई पर गिद्ध जैसी नजर गड़ाए बैठे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला ब्यौहारी थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहाँ एक जालसाज ने महिला के बैंक खातों से लाखों रुपये पार कर दिए। हालांकि, शहडोल पुलिस की मुस्तैदी के आगे आरोपी की चालाकी धरी की धरी रह गई और उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया गया है। लाखों की ठगी, फिर फरार मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम ब्यौहारी निवासी निर्मला पटेल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के मुताबिक, उसके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खातों से किस्तों में कुल 4,85,307 रुपये गायब कर दिए गए। ठग ने बड़ी ही सफाई से UPI के माध्यम से इन पैसों को अपने कब्जे में लिया था। जब पीड़िता ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, तो आरोपी अभिराज साहू (निवासी जबलपुर) का काला चिट्ठा खुलकर सामने आ गया। पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की गई। घटना के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार, ब्यौहारी पुलिस ने सटीक सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी अभिराज साहू को जबलपुर रेलवे स्टेशन से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। टीम की शानदार सफलता इस कामयाबी में थाना प्रभारी ब्यौहारी निरीक्षक जियाउल हक के नेतृत्व में उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी, आरक्षक सागर गुप्ता, पंकज सिंह और महिला आरक्षक माधुरी साहू सहित साइबर सेल शहडोल की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। चेतावनी: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। डिजिटल लेन-देन में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।2
- Post by Sumit Singh Chandel1
- शहडोल। पेट्रोल पंप पर लिमिट से तेल देने पर हंगामा, भेदभाव का आरोप, वीडियो हुआ वायरल#शहडोल #छत्तीसगढ़ #post #वायरल #शहडोलकलेक्टर1