सायला ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र में रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित सायला। प्रियंक दवे । आत्म दर्शन ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र, सायला में रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों भाई-बहनों, माताओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक ज्ञान, परमात्मा की महिमा एवं रक्षाबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। जालौर से पधारीं रंजू दीदी ने सावन मास के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए कहा कि मनुष्य को प्रतिदिन भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए तथा परमात्मा का ज्ञान सुनना चाहिए। इससे मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और पापों के बोझ से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। भावना दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें परमात्मा से सर्व संबंध जोड़ने चाहिए। सच्चे मन से परमात्मा को याद करने पर जीवन में सुरक्षा, शांति और शक्ति का अनुभव होता है। मीनाक्षी दीदी ने ज्ञान की मुरली सुनाई तथा परमात्मा की महिमा का वर्णन करते हुए उपस्थित भाई-बहनों को आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में जालौर से आए कंज्यूमर कोर्ट से घनश्याम यादव ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए परमात्मा को याद करने और अपने मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने के विषय में विचार व्यक्त किए। केंद्र प्रभारी पावनी दीदी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हम मन से अपने जीवन में अच्छे संस्कारों और गुणों को धारण करें तो समाज को भी गुणवान एवं श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। इस अवसर पर सुमन दीदी ने सभी मेहमानों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी भाई-बहनों को तिलक लगाकर राखी बांधी गई तथा नारियल, मिश्री एवं प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का समापन आध्यात्मिक वातावरण में “ओम शांति” के संदेश के साथ हुआ।
सायला ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र में रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित सायला। प्रियंक दवे । आत्म दर्शन ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र, सायला में रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों भाई-बहनों, माताओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक ज्ञान, परमात्मा की महिमा एवं रक्षाबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। जालौर से पधारीं रंजू दीदी ने सावन मास के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए कहा कि मनुष्य को प्रतिदिन भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए तथा परमात्मा का ज्ञान सुनना चाहिए। इससे मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और पापों के बोझ से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। भावना दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें परमात्मा से सर्व संबंध जोड़ने चाहिए। सच्चे मन से परमात्मा को याद करने पर जीवन में सुरक्षा, शांति और शक्ति का अनुभव होता है। मीनाक्षी दीदी ने ज्ञान की मुरली सुनाई तथा परमात्मा की महिमा का वर्णन करते हुए उपस्थित भाई-बहनों को आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में जालौर से आए कंज्यूमर कोर्ट से घनश्याम यादव ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए परमात्मा को याद करने और अपने मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने के विषय में विचार व्यक्त किए। केंद्र प्रभारी पावनी दीदी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हम मन से अपने जीवन में अच्छे संस्कारों और गुणों को धारण करें तो समाज को भी गुणवान एवं श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। इस अवसर पर सुमन दीदी ने सभी मेहमानों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी भाई-बहनों को तिलक लगाकर राखी बांधी गई तथा नारियल, मिश्री एवं प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का समापन आध्यात्मिक वातावरण में “ओम शांति” के संदेश के साथ हुआ।
- आहोर। आधा दर्जन भर चोरी वारदात का पुलिस ने किया खुलासा दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।1
- जालौर आज जश्ने ईद मिलादुन्नबी और से उल्लास के साथ मनाया गया आज जालौर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का प्रोग्राम बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया यह प्रोग्राम वीरमदेव चौक से रवाना होकर गांधी चौक सूरजपोल अस्पताल चौराहा पुराना बस स्टैंड बड़ी पल होते हुए जामा मस्जिद में जाकर खत्म हुआ इस अवसर पर कई युवाओं ने रक्तदान भी किया4
- हाथ न सही, प्रेम तो है… भावुक दृश्य – एक छोटी बहन ने अपने भाई के लिए राखी बांधने की जिद पूरी की। हाथ न होने पर भी उसने पैरों से राखी बांधी और माथे पर बिंदी लगाई। - पवित्र बंधन – मिठाई खिलाकर भाई-बहन के रिश्ते की अमूल्य परंपरा निभाई। - सोशल मीडिया सराहना – इस अनोखे प्रेम ने नेटिज़न्स को भावविभोर कर दिया। हर कोई बहन के साहस और लगन की प्रशंसा कर रहा है। - भाई का उपहार – भाई ने पैसे देकर बहन को आशीर्वाद दिया और रिश्ते की गरिमा को और गहरा किया। 👉 यह घटना साबित करती है कि सच्चा भाई-बहन का प्रेम किसी शारीरिक कमी से नहीं रुकता, बल्कि और भी मजबूत हो जाता है।1
- आज श्री बाबा रामदेव सेवा समिति उड़ मे नायरा पैट्रोल पंप के सामने राम रसोड़े का भव्य शुभारंभ किया गया *उड़ में बाबा रामदेव जी के राम रसोड़े का शुभारंभ, 12 साल से जारी है निःशुल्क सेवा * बाबा रामदेव जी के मेले के अवसर पर आज उड़ में राम रसोड़े का शुभारंभ किया गया। यह राम रसोड़ा पिछले *12 वर्षों से लगातार* बाबा के जातरुओं के लिए निःशुल्क सेवा दे रहा है। रसोड़े में दूर-दराज से पैदल आने वाले यात्रियों के लिए *खाना, रहना और दवा आदि* की पूरी व्यवस्था निःशुल्क की जाती है। इस अवसर पर भामाशाह *श्रीमान चंपालाल जी जैन, शैतान सिंह जी आढा, रमेश प्रजापत, प्रशासक ग्राम पंचायत डूंगाराम जी उड़, नंद किशोर सिंह जी व समस्त ग्रामवासी उड़* *सभी जातरुओं से रसोड़े में प्रसादी ग्रहण करने की अपील है।*3
- रक्षाबंधन पर मिसाल बना भाई: 100 से ज्यादा बेसहारा महिलाओं और बुजुर्गों का सहारा बने राज मीणा रक्षाबंधन का पर्व जहां भाई-बहन के रिश्ते और प्रेम का प्रतीक माना जाता है, वहीं राज मीणा इस रिश्ते को सेवा और मानवता के जरिए एक अलग पहचान दे रहे हैं। राज मीणा उन लाचार, बेसहारा और परिवार से ठुकराई गई महिलाओं को सहारा देने का काम कर रहे हैं, जिन्हें समाज में अक्सर अकेला छोड़ दिया जाता है। बताया जाता है कि मानसिक रूप से परेशान या अपने परिवार से बिछड़ी हुई महिलाओं को राज मीणा रेस्क्यू कर अपने आश्रम तक पहुंचाते हैं। यहां उन्हें भोजन, रहने की व्यवस्था, दवाइयों और देखरेख जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। आज उनके आश्रम में 100 से ज्यादा महिलाएं और बुजुर्ग मौजूद हैं। राज मीणा इन सभी महिलाओं को अपनी बहन की तरह मानते हैं और उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार करते हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर ये महिलाएं राज मीणा के लिए राखियां तैयार कर उन्हें अपना भाई मानकर रक्षा का धागा बांधती हैं। राज मीणा का कहना है कि किसी बेसहारा इंसान को सहारा देना ही सबसे बड़ी मानव सेवा है। उनका प्रयास है कि जिन महिलाओं को उनके अपनों ने छोड़ दिया, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और परिवार जैसा अपनापन मिल सके। रक्षाबंधन के इस खास मौके पर राज मीणा और उनके आश्रम की यह कहानी भाई-बहन के रिश्ते को एक भावनात्मक और मानवीय संदेश देती है। अगर आप भी राज मीणा के इस सेवा कार्य का समर्थन करते हैं, तो कमेंट करके जरूर बताएं—“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”1
- नाडोल में ईद-मिलादुन्नबी पर निकला भव्य जुलूस रोशनी से जगमगाए मुस्लिम मोहल्ले, झंडे लहराते बड़ी संख्या में शामिल हुए जायरीन नाडोल। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को नाडोल में ईद-मिलादुन्नबी का पर्व श्रद्धा, उल्लास एवं आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर मुस्लिम मोहल्लों में विशेष उत्साह नजर आया। घरों, मस्जिदों और दरगाहों को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी एवं इस्लामिक झंडों से सजाया गया। इस अवसर पर मौलाना ईसा अशरफी एवं मौलाना नफीस अहमद हैदरी ने तकरीर पेश कर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनकी शिक्षाओं एवं भाईचारे के संदेश पर प्रकाश डाला। इसके बाद मस्जिद से चादर के साथ भव्य जुलूस रवाना हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं एवं जायरीन शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में झंडे और फरियां लहराते हुए धार्मिक नारों के साथ चल रहे थे। जुलूस में धार्मिक गीतों एवं नारों से पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया। जुलूस पुलिस चौकी से रवाना होकर मुख्य चौराहा, बस स्टैंड, ग्राम पंचायत, रतन चौराहा एवं पातालेश्वर मार्ग से होते हुए हजरत दादापीर अशरफ अली बाबा साहब की दरगाह पहुंचा। यहां फैजाने मिल्लत कमेटी की ओर से समापन समारोह आयोजित किया गया। जायरीनों का किया स्वागत, भोजन की व्यवस्था जुलूस में बाहर से आए जायरीनों के लिए फरीद खान पठान वल्द चांद खान की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई। कमेटी की ओर से बाहर से आए जायरीनों एवं उनके परिवारों का स्वागत कर इस्तकबाल किया गया। पुलिस व्यवस्था रही सराहनीय विशाल जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। एएसआई परविंद्र सिंह एवं कांस्टेबल गणेशराम ने जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सराहनीय भूमिका निभाई। शांतिपूर्ण माहौल में जुलूस संपन्न हुआ।2
- नाना में सोनी समाज ने दानदाता शंकरलाल सोनी का किया सम्मान नाना में सोनी समाज ने दानदाता शंकरलाल सोनी का किया सम्मान समाज के विकास के लिए भूमि भेंट करने पर दानदाता परिवार का गाजे-बाजे के साथ स्वागत, सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने लिया भाग बाली उपखंड के नाना ग्राम में सोनी समाज के विकास एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाज को भूमि भेंट करने वाले दानदाता शंकरलाल पुत्र जवेरचंद सोनी एवं उनके परिवार का सोनी समाज की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समाज के लिए भूमि भेंट करने पर दानदाता परिवार के प्रति समाजबंधुओं ने आभार व्यक्त करते हुए उनके इस सामाजिक सहयोग की सराहना की। दानदाता शंकरलाल सोनी परिवार के नाना ग्राम पहुंचने पर ग्रामीणों एवं समाजबंधुओं ने गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद दानदाता परिवार को जैन भवन ले जाया गया, जहां सोनी समाज की ओर से स्वागत सभा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान समाज के लोगों ने दानदाता परिवार का माल्यार्पण एवं साफा पहनाकर स्वागत-सम्मान किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए भूमि उपलब्ध करवाना एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है। ऐसे सामाजिक सहयोग से समाज के लिए आवश्यक भवन, सामाजिक गतिविधियों एवं अन्य जनोपयोगी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है। दानदाता परिवार द्वारा समाज हित में किए गए इस सहयोग को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया गया। इस अवसर पर श्री ब्राह्मण स्वर्णकार समाज एवं कार्यकारी समिति नाना के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सोनी, उपाध्यक्ष प्रकाश सोनी, सचिव सुरेश सोनी एवं कोषाध्यक्ष रूपचंद सोनी सहित समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज की माता-बहनों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह के दौरान समाजबंधुओं ने दानदाता परिवार का आभार जताते हुए कहा कि समाज के विकास में दानदाताओं का योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समाज के हित में किए गए ऐसे कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। कार्यक्रम का माहौल सामाजिक एकता, भाईचारे एवं सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा। समाज के पदाधिकारियों एवं उपस्थित समाजबंधुओं ने दानदाता शंकरलाल सोनी एवं उनके परिवार का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाज के विकास एवं उत्थान के लिए इसी प्रकार सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखने की बात कही।1
- गौ हत्या के खिलाफ विजय थलापति ने की हाई कोर्ट में अपील की तमिलनाडु के सभी हिंदुओं के लिए विजय तलापति ने एक ऐतिहासिक काम करके दिखाया है जो काम पिछले 100 सालों में किसी भी नेता ने नहीं किया। दरअसल सीएम विजय ने हाई कोर्ट में अपील करते हुए कहा कि आज के बाद पूरे तमिलनाडु में कोई भी गायक की हत्या नहीं करेगा क्योंकि हिंदू धर्म के लोग गाय को माता मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं और अगर किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति गाय की हत्या करते हुए पकड़ा गया तो उसे उम्र कैद की सजा होगी और उसके पूरे परिवार को बेघर कर दिया जाएगा1