कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने देहरादून में मुस्लिम दुकानदारों को हिंदू बहुल इलाक़ों से भगाने वाले हिंदुत्ववादी तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई न होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान न लिए जाने को न्यायपालिका द्वारा सांप्रदायिक तत्वों के आगे आत्म समर्पण करार दिया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का हवाला दिया, जिसमें हिंदुत्ववादी गिरोहों से जुड़े लोग मुस्लिम दुकानदार को इलाक़ा ख़ाली करने की धमकी देते नज़र आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में इससे पहले भी मुस्लिम दुकानदारों, ठेले वालों और फेरीवालों को निशाना बनाने, धमकाने और पीटने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। इन मामलों में पुलिस कोई कार्यवायी करने के बजाय उल्टा मुस्लिम दुकानदारों को ही डराती-धमकाती रही है। शाहनवाज़ आलम के अनुसार, यह साफ़ तौर पर साबित करता है कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार ख़ुद इन गुंडा तत्वों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने न्यायपालिका की ज़िम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15 के तहत धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव निषेध है। ऐसे में राज्य में संविधान के अभिरक्षक होने के नाते उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मनोज गुप्ता की यह संवैधानिक ज़िम्मेदारी थी कि वे अनुच्छेद 226 के तहत स्वतः संज्ञान लेकर सरकार को नोटिस जारी करते। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य न्यायाधीश का ऐसी घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेने में विफल रहना सरकार के दबाव या उनकी व्यक्तिगत विचारधारा के कारण हो सकता है, जो उन्हें इस पद के लिए अनुपयुक्त बनाता है। उन्होंने मांग की है कि धमकी देने वालों को सरकार तुरंत जेल भेजे और घोषणा की कि जल्द ही एक कमेटी इन सांप्रदायिक घटनाओं की जाँच के लिए उत्तराखंड का दौरा करेगी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने देहरादून में मुस्लिम दुकानदारों को हिंदू बहुल इलाक़ों से भगाने वाले हिंदुत्ववादी तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई न होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान न लिए जाने को न्यायपालिका द्वारा सांप्रदायिक तत्वों के आगे आत्म समर्पण करार दिया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का हवाला दिया, जिसमें हिंदुत्ववादी गिरोहों से जुड़े लोग मुस्लिम दुकानदार को इलाक़ा ख़ाली करने की धमकी देते नज़र आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में इससे पहले भी मुस्लिम दुकानदारों, ठेले वालों और फेरीवालों को निशाना बनाने, धमकाने और पीटने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। इन मामलों में पुलिस कोई कार्यवायी करने के बजाय उल्टा मुस्लिम दुकानदारों को ही डराती-धमकाती रही है। शाहनवाज़ आलम के अनुसार, यह साफ़ तौर पर साबित करता है कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार ख़ुद इन गुंडा तत्वों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने न्यायपालिका की ज़िम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15 के तहत धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव निषेध है। ऐसे में राज्य में संविधान के अभिरक्षक होने के नाते उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मनोज गुप्ता की यह संवैधानिक ज़िम्मेदारी थी कि वे अनुच्छेद 226 के तहत स्वतः संज्ञान लेकर सरकार को नोटिस जारी करते। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य न्यायाधीश का ऐसी घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेने में विफल रहना सरकार के दबाव या उनकी व्यक्तिगत विचारधारा के कारण हो सकता है, जो उन्हें इस पद के लिए अनुपयुक्त बनाता है। उन्होंने मांग की है कि धमकी देने वालों को सरकार तुरंत जेल भेजे और घोषणा की कि जल्द ही एक कमेटी इन सांप्रदायिक घटनाओं की जाँच के लिए उत्तराखंड का दौरा करेगी।
- गाजियाबाद के इंदिरापुरम ज्ञान खंड प्रथम स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर लगातार ओवर रेटिंग की जा रही है, लेकिन एक्साइज डिपार्टमेंट इस पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। इस पूरे मामले में गाजियाबाद एक्साइज डिपार्टमेंट की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है, क्योंकि संबंधित अधिकारी इस गड़बड़ी को जानने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों की इसी निष्क्रियता के चलते शराब की दुकान पर तय कीमत से अधिक दाम वसूलने का खेल बिना किसी डर के जारी है।1
- गाजियाबाद के थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र की रतिराम कॉलोनी में देर रात करीब 12 बजे मामूली कहासुनी के बाद एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान विपिन के रूप में हुई है, जो अपने किसी रिश्तेदार के यहां से बाइक पर सवार होकर लौट रहा था। मोहल्ले में पहुंचने पर उसकी स्थानीय निवासी सोनू से कहासुनी हो गई। इसके बाद जब विपिन अपनी बाइक का हॉर्न बजाकर आगे बढ़ने लगा, तभी सोनू ने उस पर गोली चला दी। गोली सीधे विपिन के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल विपिन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना लोनी बॉर्डर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। इस संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त अंकुर, अमरदीप मौर्य ने पूरी जानकारी दी है।1
- गाजियाबाद कमिश्नरेट के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक की पुलिस टीम ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध गांजे की तस्करी करने वाले 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से कुल 21 किलो 20 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस बड़ी कार्रवाई के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया श्री पाल ने वीडियो बाइट के जरिए विस्तृत जानकारी साझा की है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये आरोपी काफी लंबे समय से ओडिशा से गांजे की खेप लाकर दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में सप्लाई करने का काम कर रहे थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तस्करी रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और किन-किन जिलों में इसकी सप्लाई की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि चल रही जांच के आधार पर जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।1
- शामली जनपद में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कांधला पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 500 ग्राम अवैध चरस बरामद की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सलेमपुर रोड, थाना कोतवाली निवासी कलीम पुत्र इस्तकार के रूप में हुई है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना कांधला में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि नशे के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस द्वारा फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की गहनता से जांच की जा रही है।1
- आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई घटना के संबंध में रेलवे प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने प्रथम दृष्टया प्राप्त तथ्यों के आधार पर 2 एएसआई (ASI) समेत 4 आरपीएफ (RPF) कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 3 सदस्यीय जांच समिति का भी गठन किया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत रेलवे नियमों के अनुसार आगे की आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।1
- दिल्ली के स्वरूप नगर थाना क्षेत्र के चार बच्चे जमुना नदी पर नहाने गए थे, जो वापस नहीं लौटे हैं। इस घटना के बाद से बच्चों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। नदी में डूबे बच्चों को तलाशने के लिए फिलहाल मौके पर बचाव कार्य जारी है।1
- गाजियाबाद के वैशाली मोहल्ले में मन्नत फार्महाउस के पास स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर लगातार ओवर रेटिंग की जा रही है। इस गंभीर मामले में संबंधित अधिकारी पूरी तरह निष्क्रिय बने हुए हैं और कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। जनपद गाजियाबाद की इस अंग्रेजी शराब की दुकान पर धड़ल्ले से चल रही ओवर रेटिंग के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर गोवा से पहुंचे लोगों ने गोवा की जमीन को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ये लोग गोवा से दिल्ली पहुंचे और जंतर-मंतर पर एकत्रित होकर अपना विरोध जताया।1
- गाजियाबाद में सोशल मीडिया पर सामने आए एक सीसीटीवी (CCTV) वीडियो में एक बच्चा औद्योगिक रोलर मशीन के बेहद करीब पहुंच जाता है। इसके बाद, कुछ ही सेकंड में वह इस भारी मशीन की चपेट में आता दिखाई देता है। खेल-खेल में मशीन के पास पहुंचे बच्चे के साथ हुआ यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि भारी मशीनों के आसपास बच्चों को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।1