समाजवादी पार्टी की पूर्व कैंट विधानसभा प्रत्याशी पूजा यादव (काशी पुत्री) ने वाराणसी के शिवपुर स्थित डी.पी. नर्सिंग होम मैटरनिटी एंड सर्जिकल केयर पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) वाराणसी को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि रोहनियां क्षेत्र के अवलेशपुर निवासी रमेश पाल की पुत्री ज्योति पाल का किडनी स्टोन का ऑपरेशन 10 अप्रैल 2026 को डी.पी. नर्सिंग होम में डॉ. ए.के. सिंह द्वारा किया गया था, जिसके बाद मरीज की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में हेरिटेज हॉस्पिटल में जांच के दौरान मरीज की किडनी क्षतिग्रस्त होने का खुलासा हुआ। पीड़ित परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल ने उपचार के नाम पर उनसे ₹1.32 लाख वसूले, जबकि अब अस्पताल और संबंधित चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी से इनकार कर रहे हैं। पीड़िता की माता सरोज पाल की शिकायत के आधार पर, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने CMO कार्यालय पहुंचकर यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से डी.पी. नर्सिंग होम और चिकित्सक के खिलाफ क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को वसूली गई धनराशि वापस दिलाने, वर्तमान इलाज का पूरा खर्च अस्पताल से वहन कराने, संबंधित चिकित्सक का लाइसेंस निलंबित करने और नर्सिंग होम का पंजीकरण निरस्त करने की भी मांग की गई है। पूजा यादव ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मिलकर CMO कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदहाल बताते हुए आरोप लगाया कि निजी नर्सिंग होम मरीजों के शोषण का माध्यम बन गए हैं। ज्ञापन सौंपते समय महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा सिंह, राष्ट्रीय सचिव मंजू कन्नौजिया, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ महानगर उपाध्यक्ष अविजित सोनी, पूर्व पार्षद प्रत्याशी आशीष यादव, मंगलजीत कौर सहित पीड़ित परिवार के सदस्य और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह आरोप पीड़ित परिवार और समाजवादी पार्टी नेताओं द्वारा लगाए गए हैं। इस मामले में अभी तक अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सक का पक्ष सामने नहीं आया है। तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
समाजवादी पार्टी की पूर्व कैंट विधानसभा प्रत्याशी पूजा यादव (काशी पुत्री) ने वाराणसी के शिवपुर स्थित डी.पी. नर्सिंग होम मैटरनिटी एंड सर्जिकल केयर पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) वाराणसी को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि रोहनियां क्षेत्र के अवलेशपुर निवासी रमेश पाल की पुत्री ज्योति पाल का किडनी स्टोन का ऑपरेशन 10 अप्रैल 2026 को डी.पी. नर्सिंग होम में डॉ. ए.के. सिंह द्वारा किया गया था, जिसके बाद मरीज की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में हेरिटेज हॉस्पिटल में जांच के दौरान मरीज की किडनी क्षतिग्रस्त होने का खुलासा हुआ। पीड़ित परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल ने उपचार के नाम पर उनसे ₹1.32 लाख वसूले, जबकि अब अस्पताल और संबंधित चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी से इनकार कर रहे हैं। पीड़िता की माता सरोज पाल की शिकायत के आधार पर, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने CMO कार्यालय पहुंचकर यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से डी.पी. नर्सिंग होम और चिकित्सक के खिलाफ
क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को वसूली गई धनराशि वापस दिलाने, वर्तमान इलाज का पूरा खर्च अस्पताल से वहन कराने, संबंधित चिकित्सक का लाइसेंस निलंबित करने और नर्सिंग होम का पंजीकरण निरस्त करने की भी मांग की गई है। पूजा यादव ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मिलकर CMO कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदहाल बताते हुए आरोप लगाया कि निजी नर्सिंग होम मरीजों के शोषण का माध्यम बन गए हैं। ज्ञापन सौंपते समय महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा सिंह, राष्ट्रीय सचिव मंजू कन्नौजिया, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ महानगर उपाध्यक्ष अविजित सोनी, पूर्व पार्षद प्रत्याशी आशीष यादव, मंगलजीत कौर सहित पीड़ित परिवार के सदस्य और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह आरोप पीड़ित परिवार और समाजवादी पार्टी नेताओं द्वारा लगाए गए हैं। इस मामले में अभी तक अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सक का पक्ष सामने नहीं आया है। तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
- एक ऑनलाइन एजुकेटर, जिन्हें 'कॉकरोच' नाम से संबोधित किया गया, ने खुद को एक ऑनलाइन शिक्षक बताया जो छात्रों को पढ़ाते हैं। जब उनसे उनकी शैक्षिक योग्यता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने यह जानकारी साझा करने से साफ इनकार कर दिया। 'कॉकरोच' ने आशंका जताई कि यदि वे अपनी योग्यता बताते हैं और कल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उनकी लोकेशन पर आ गए, तो उन्हें कौन संभालेगा।1
- सारनाथ थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में पुलिस गहन जांच कर रही है। हालांकि, पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक पुलिस को कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन हिरासत में लिए गए आरोपी बॉयफ्रेंड ने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। जौनपुर निवासी आरोपी बॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि छात्रा सुबह नौ बजे उसके लिए खाना लेकर पहुंची थी, जिसके बाद दोनों ने बातचीत की। जब उसे पता चला कि छात्रा तीन महीने की गर्भवती है, तो उसने उस पर गर्भपात की दवा खाने का दबाव बनाया। छात्रा के इनकार के बावजूद, उसने जबरन उसे दवा लेने के लिए मजबूर किया। दवा के सेवन के ठीक डेढ़ घंटे बाद छात्रा की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई, उसे असहनीय दर्द हुआ और खून निकलने लगा। अस्पताल जाने की तैयारी के दौरान वह सीढ़ियों पर अचेत होकर गिर गई। आरोपी के मुताबिक, उसने गार्ड की मदद से छात्रा को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से भागकर जौनपुर चला गया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों पिछले 18 महीने से एक-दूसरे के संपर्क में थे और आरोपी ने सात महीने पहले भी छात्रा को गर्भपात की दवा दी थी। उसे लगा था कि इस बार भी पहले की तरह सब ठीक हो जाएगा। आईएमएस बीएचयू की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ने इस संदर्भ में बताया है कि नौ सप्ताह की प्रेग्नेंसी के बाद किसी भी तरह की गर्भपात की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह महिला के लिए जानलेवा हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाएं लेना बेहद खतरनाक है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि छात्रा किन परिस्थितियों में हॉस्टल पहुंची थी।1
- जौनपुर जिले के थाना केराकत अंतर्गत ग्राम धरौरा में खेत में मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गाँव के दो पड़ोसी परिवारों, जो आपस में पट्टिदार भी हैं, के बीच हुए इस झगड़े में 65 वर्षीय रामदुलार सरोज को गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के संबंध में, परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना को लेकर जौनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की बाइट भी जारी की गई है।1
- वाराणसी के टांडा-कैथी में पीपा पुल को हटा दिया गया है। इस बदलाव के बाद, अब यहां यात्रियों के लिए मुफ्त सरकारी नाव सेवा का संचालन शुरू कर दिया गया है। स्थानीय जनता अब भी एक स्थायी पक्के पुल के निर्माण की उम्मीद लगाए हुए है।1
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र स्थित मथेला ग्राम सभा के लोलपुर गांव में तालाब की दुर्व्यवस्था और प्यास से एक नीलगाय की मौत होने के बाद ग्रामीणों की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी जावेद अख्तर ने मंगलवार को गांव का निरीक्षण किया। गांव में खामियां मिलने पर BDO ने जिम्मेदार कर्मियों को फोन पर कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। यह घटना तीन दिन पूर्व हुई थी, जब लोलपुर गांव में तालाब के पास पानी के लिए तरस रही नीलगाय की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब में पानी न होने और झाड़-झंखाड़ से पटा होने के कारण पशु-पक्षियों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गांव में विकास कार्य न कराने और तालाब के रखरखाव में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए सोमवार को BDO को एक प्रार्थना पत्र सौंपा था। शिकायत मिलते ही BDO जावेद अख्तर मंगलवार को अपनी टीम के साथ लोलपुर पहुंचे और तालाब सहित पूरे गांव का गहन निरीक्षण किया। गांव में गंदगी, जलजमाव और तालाब की बदहाली देखकर नाराज BDO ने मौके से ही सचिव और संबंधित कर्मियों को फोन पर फटकार लगाई। BDO जावेद अख्तर ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर वह स्वयं मौके पर पहुंचे हैं, और उन्होंने सचिव को तत्काल तालाब की सफाई कराकर पानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुधार न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। BDO के त्वरित निरीक्षण पर ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया और उन्होंने जल्द से जल्द तालाब में पानी भरवाने तथा गांव की सफाई की मांग की।1
- अब पाकिस्तानियों ने खुद ही इस बात के सबूत पेश किए हैं कि भारत ने बहुत जोरदार कार्रवाई की है, जिसके परिणामस्वरूप आंतक के तीन ठिकाने अब समतल मैदान में बदल गए हैं। यह खबर बीबीसी उर्दू सर्विस के पाकिस्तानी रिपोर्टरों के हवाले से सामने आई है। इस घटना को प्रधानमंत्री के उस बयान से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "ये नया भारत है, घुसकर मारता है", खासकर उन लोगों के संदर्भ में जिन्होंने तब इस दावे के सबूत मांगे थे।1
- पितृ दिवस के अवसर पर, मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने सभी पिताओं को नमन करते हुए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिता का स्नेह, उनका अनुशासन और उनका मार्गदर्शन समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए एक अमूल्य धरोहर के समान हैं। इस विशेष दिन पर, पाण्डेय ने सभी से अपने पिता और पितृतुल्य व्यक्तियों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और प्रेम व्यक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने संदेश दिया कि "पिता का सम्मान, परिवार का अभिमान।" इसके अतिरिक्त, एक पितृ दिवस विशेष संदेश में उन्होंने कहा कि "पिता केवल एक संबंध नहीं, बल्कि जीवन की वह मजबूत नींव हैं जिनके त्याग, संघर्ष और संस्कारों पर हमारा भविष्य खड़ा होता है।"1
- मंगलवार शाम, वाराणसी जिले के पिंडरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल मजबूत करने के उद्देश्य से 91वीं बटालियन आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च फूलपुर थाना क्षेत्र के कठिराव चौकी के अंतर्गत विभिन्न बाजारों और गांवों में किया गया। आरएएफ के कमांडेंट जितेंद्र कुमार ओझा के निर्देश पर सहायक कमांडेंट वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह मार्च कठिराव, नयेपुर, ताड़ी, बरही नेवादा और कुआर सहित लगभग आधा दर्जन प्रमुख बाजारों में भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। शुरुआत में, इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को अचानक देखकर ग्रामीणों में किसी बड़ी घटना की आशंका को लेकर थोड़ी चिंता दिखी। हालांकि, फ्लैग मार्च का उद्देश्य स्पष्ट होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की और कई स्थानों पर इसकी तस्वीरें भी खींचीं। अधिकारियों ने बताया कि इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करना, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखना और क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना था। इस संयुक्त फ्लैग मार्च में आरएएफ के इंस्पेक्टर तेज सिंह यादव, अमित सिंह, फूलपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह, कठिराव चौकी प्रभारी जितेंद्र वर्मा, उपनिरीक्षक रितेश कुमार, राम सिंह, अनिल यादव, आकाश सिंह सहित आरएएफ और पुलिस के कई जवान मौजूद रहे।2