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पुरानी मऊ में नौ कुण्डीय सतचंडी महायज्ञ की निकली भव्य शोभायात्रा

2 hrs ago
user_Sanjay kushwaha
Sanjay kushwaha
Local News Reporter टहरौली, झांसी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

पुरानी मऊ में नौ कुण्डीय सतचंडी महायज्ञ की निकली भव्य शोभायात्रा

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  • पुरानी मऊ में नौ कुण्डीय सतचंडी महायज्ञ की निकली भव्य शोभायात्रा
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    पुरानी मऊ में नौ कुण्डीय सतचंडी महायज्ञ की निकली भव्य शोभायात्रा
    user_Sanjay kushwaha
    Sanjay kushwaha
    Local News Reporter टहरौली, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Kshatr Pal shivhare
    1
    Post by Kshatr Pal shivhare
    user_Kshatr Pal shivhare
    Kshatr Pal shivhare
    Actor Moth, Jhansi•
    27 min ago
  • निवाड़ी जिले के धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा को हवाई कनेक्टिविटी की मिलने जा रही बड़ी सौगात तैयारियांपूर्ण निवाड़ी जिला पंचायत के सीईओ रोहन सक्सेना ने दी जानकारी
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    निवाड़ी जिले के धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा को हवाई कनेक्टिविटी की मिलने जा रही बड़ी सौगात तैयारियांपूर्ण निवाड़ी जिला पंचायत के सीईओ रोहन सक्सेना ने दी जानकारी
    user_Hemant verma
    Hemant verma
    South Indian restaurant Niwari, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • मिलिए इन जनाब से झाँसी जिला अंतर्गत तहसील गरौठा के एरच कस्बा निवासी आशीष त्रिपाठी से जो न केवल हरिमोनियम के साथ गायन कर रहे वल्कि सुरों के साथ खेल रहे.... मोहम्मद अजीज साहब का 90 के दशक का वह गीत जो फ़िल्म दूध का कर्ज मे फ़रमाया गया.... शुरू हो रही है प्रेम कहानी... परदे पर अभिनय किया था जैकी श्रफ साहब ने
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    मिलिए इन जनाब से झाँसी जिला अंतर्गत तहसील गरौठा के एरच कस्बा निवासी आशीष त्रिपाठी से जो न केवल हरिमोनियम के साथ गायन कर रहे वल्कि सुरों के साथ खेल रहे.... मोहम्मद अजीज साहब का 90 के दशक का वह गीत जो फ़िल्म दूध का कर्ज मे फ़रमाया गया.... शुरू हो रही है प्रेम कहानी... परदे पर अभिनय किया था जैकी श्रफ साहब ने
    user_मधुर यादव (बरिष्ठ पत्रकार)
    मधुर यादव (बरिष्ठ पत्रकार)
    Lawyer गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ग्राम मडोरी में इंसानियत की जीत, समाजसेवी मांन खां ने 7 बेसहारा हिंदू कन्याओं की कराई शादी धर्म से ऊपर उठकर भाईचारे की बनी ऐतिहासिक मिसाल
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    ग्राम मडोरी में इंसानियत की जीत, समाजसेवी मांन खां ने 7 बेसहारा हिंदू कन्याओं की कराई शादी
धर्म से ऊपर उठकर भाईचारे की बनी ऐतिहासिक मिसाल
    user_Som mishra
    Som mishra
    पत्रकार गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by News24harkhabar
    1
    Post by News24harkhabar
    user_News24harkhabar
    News24harkhabar
    Newsagent झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • **“आज यदि माननीय प्रधानमंत्री संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें एक पुस्तक भेंट करना चाहता हूँ। यह पुस्तक न किसी विपक्षी नेता द्वारा लिखी गई है, न किसी विदेशी लेखक की है। यह पुस्तक भारत के पूर्व थलसेनाध्यक्ष, जनरल एम.एम. नरवणे द्वारा लिखी गई है— और हैरानी की बात यह है कि मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों के अनुसार यह पुस्तक अस्तित्व में ही नहीं है। इस पुस्तक में स्पष्ट उल्लेख है कि जब चीनी सेना भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर चुकी थी, उस अत्यंत संवेदनशील और गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा के समय प्रधानमंत्री ने थलसेनाध्यक्ष को प्रतीक्षा में रखा। और जब निर्णय लेने का क्षण आया, तो प्रधानमंत्री का कथन मात्र इतना था— ‘जो उचित लगे, वो करो।’ माननीय अध्यक्ष महोदय, राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे गंभीर क्षण में यह राजनीतिक नेतृत्व की जिम्मेदारी से पीछे हटने जैसा प्रतीत होता है। जनरल नरवणे स्वयं लिखते हैं कि उस समय उन्हें यह अनुभव हुआ कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को अकेला छोड़ दिया है। यही वह सच्चाई है, जिसे मैं संसद में कहने से रोका जा रहा हूँ। आज देश प्रश्न पूछ रहा है— और सरकार उत्तर देने से बच रही है।”**
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    **“आज यदि माननीय प्रधानमंत्री संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें एक पुस्तक भेंट करना चाहता हूँ।
यह पुस्तक न किसी विपक्षी नेता द्वारा लिखी गई है,
न किसी विदेशी लेखक की है।
यह पुस्तक भारत के पूर्व थलसेनाध्यक्ष, जनरल एम.एम. नरवणे द्वारा लिखी गई है—
और हैरानी की बात यह है कि मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों के अनुसार यह पुस्तक अस्तित्व में ही नहीं है।
इस पुस्तक में स्पष्ट उल्लेख है कि जब चीनी सेना भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर चुकी थी,
उस अत्यंत संवेदनशील और गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा के समय
प्रधानमंत्री ने थलसेनाध्यक्ष को प्रतीक्षा में रखा।
और जब निर्णय लेने का क्षण आया,
तो प्रधानमंत्री का कथन मात्र इतना था—
‘जो उचित लगे, वो करो।’
माननीय अध्यक्ष महोदय,
राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे गंभीर क्षण में
यह राजनीतिक नेतृत्व की जिम्मेदारी से पीछे हटने जैसा प्रतीत होता है।
जनरल नरवणे स्वयं लिखते हैं कि उस समय उन्हें यह अनुभव हुआ
कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को अकेला छोड़ दिया है।
यही वह सच्चाई है,
जिसे मैं संसद में कहने से रोका जा रहा हूँ।
आज देश प्रश्न पूछ रहा है—
और सरकार उत्तर देने से बच रही है।”**
    user_ARIF mansoori
    ARIF mansoori
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Kshatr Pal shivhare
    1
    Post by Kshatr Pal shivhare
    user_Kshatr Pal shivhare
    Kshatr Pal shivhare
    Actor Moth, Jhansi•
    3 hrs ago
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