Shuru
Apke Nagar Ki App…
बलरामपुर जिले में एक महिला सरपंच का परिवार पिछले एक साल से सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहा है। यह मामला अब थाने तक पहुंच गया है।
Vijay Singh
बलरामपुर जिले में एक महिला सरपंच का परिवार पिछले एक साल से सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहा है। यह मामला अब थाने तक पहुंच गया है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- बलरामपुर जिले में एक महिला सरपंच का परिवार पिछले एक साल से सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहा है। यह मामला अब थाने तक पहुंच गया है।1
- गढ़वा जिले के रंका में आगामी 15 जुलाई को रंका टाउन हॉल में राजकुमारी विशाखा सिंह स्मृति प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां ज़ोरों पर हैं। इस समारोह को सफल बनाने के उद्देश्य से आयोजन समिति के सदस्यों ने शनिवार को क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों और गणमान्य लोगों के बीच पहुंचकर आमंत्रण पत्र वितरित किए और समारोह में शामिल होने का आग्रह किया। शनिवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक समिति के सदस्यों ने रंका एवं आसपास के क्षेत्रों के कई विद्यालयों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जी.सी. झा उच्च विद्यालय, तमगे विद्यालय, रामकंडा विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, गोदरमाना विद्यालय सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, समाजसेवियों और अन्य गणमान्य नागरिकों को सम्मान समारोह का निमंत्रण दिया। आयोजन समिति ने बताया कि यह समारोह स्वर्गीय राजकुमारी विशाखा सिंह की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर शिक्षा, समाज सेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो, मेडल एवं सम्मान प्रदान किया जाएगा। समारोह में क्षेत्र के शिक्षाविदों, समाजसेवियों और अभिभावकों की भी उपस्थिति रहेगी। समिति ने सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से 15 जुलाई को रंका टाउन हॉल में आयोजित इस गरिमामय समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने की अपील की है।1
- छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से एक अपील की गई है, जिसमें यह आग्रह किया गया है कि उन मामलों की बारीकी से जांच की जाए जहाँ सच्चाई उजागर करने वालों पर कथित तौर पर कार्यवाही की जाती है, या गलत व्यक्तियों को आरोपी बनाया जाता है। इस अपील में विशेष रूप से लावा बगरा के मामले का उल्लेख किया गया है। अपीलकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि सच्चाई को सामने लाना ही गलत है, तो फिर जनता द्वारा दी गई खबरें भी गलत मानी जाएंगी। उन्होंने तर्क दिया है कि कोई भी अपराधी अपना अपराध करने के बाद खुद को दोषी नहीं स्वीकारता, और लावा बगरा का मामला भी इसी तर्ज पर सामने आया है।1
- चिनिया प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र की ग्राम पंचायत डोल में युवा समाजसेवी अभिमन्यु गुप्ता उर्फ बाराती ने एक बेहतरीन सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अपने निजी खर्च पर गांव की उन जर्जर सड़कों की मरम्मत कराई, जो हर साल बरसात के मौसम में कीचड़ और दलदल में बदल जाती थीं, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों की इसी समस्या को देखते हुए, अभिमन्यु गुप्ता ने किसी भी सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना, शुक्रवार को अपनी लागत पर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर लगाकर कई प्रमुख सड़कों को ठीक करवाया। उनके इस प्रयास से अब ग्रामीणों को बरसात के मौसम में काफी राहत मिलेगी और आवागमन पहले से कहीं अधिक सुगम हो सकेगा। अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि गांव की सड़कें लोगों की जीवनरेखा होती हैं, और बरसात के दिनों में जब लोगों को आवागमन में परेशानी होती है, तो उसे दूर करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे आगे भी गांव और पंचायत के विकास तथा जनहित से जुड़े कार्यों में अपनी ओर से हरसंभव सहयोग करते रहेंगे। इस सड़क मरम्मत कार्य के दौरान गांव के कई युवा भी अभिमन्यु गुप्ता के साथ सहयोग करते नजर आए। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे समाजसेवी युवाओं की बदौलत ही गांव की समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल और "छत्तीसगढ़ का शिमला" कहे जाने वाले मैनपाट में सीएमडीसी (छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम) की प्रस्तावित खदानों का मामला अब प्रदेश सरकार के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गया है। सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और अन्य मंत्रियों से भेंट कर प्रस्तावित खदानों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मैनपाट के पर्यटन, पर्यावरण, धार्मिक स्थलों और स्थानीय ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी पहल का आग्रह किया। हाल ही में मैनपाट में सीएमडीसी द्वारा आयोजित लोक जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने प्रस्तावित खदानों का विरोध किया था। जनसुनवाई में स्वयं उपस्थित विधायक श्री रामकुमार टोप्पो ने ग्रामीणों की आपत्तियों को गंभीरता से लिया और प्रस्तावित खदानों से संबंधित दस्तावेजों एवं सर्वे रिपोर्ट का परीक्षण कराया। विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के समक्ष यह जानकारी रखी कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख पर्यटन स्थल, धार्मिक आस्था के केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का समुचित उल्लेख दस्तावेजों में नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार शासन को गुमराह किया गया है और इन तथ्यों के अभाव में वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ सकी है। इस संबंध में, विधायक टोप्पो ने मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा करने और जनभावनाओं तथा मैनपाट के पर्यटन महत्व को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपस्थित मंत्रियों ने विधायक द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने मैनपाट के पर्यटन महत्व, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय ग्रामीणों के हितों को महत्वपूर्ण बताते हुए मामले की समीक्षा का भरोसा दिया। सूत्रों के अनुसार, सरकार द्वारा प्रस्तुत तथ्यों की जांच के बाद इन प्रस्तावित खदानों को निरस्त किया जा सकता है। यदि ऐसा निर्णय होता है, तो वर्ष 1984 से अब तक खदान लीज के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जाएगा। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो द्वारा लिए गए त्वरित संज्ञान की शीर्ष नेताओं द्वारा सराहना की जा रही है। इस अवसर पर, विधायक श्री रामकुमार टोप्पो ने कहा कि "मैनपाट केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, पर्यावरण और स्थानीय ग्रामीणों के हितों का संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विकास आवश्यक है, लेकिन वह जनभावनाओं और प्रकृति के संरक्षण के साथ होना चाहिए। मैनपाट की अस्मिता और यहाँ के लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे।"1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार के पिछले 11 वर्षों की अभूतपूर्व उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्रों में हासिल हुई प्रगति पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के साथ देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण पर लगातार कार्य किया जा रहा है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके लिए केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया, जिसके तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताया और कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम तथा स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर सृजित किए हैं, उनसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने न केवल क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।1
- आजसू पार्टी की महिला कार्यकर्ता 4 जुलाई को रांची के टाना भगत स्टेडियम में एक विशाल जुटान करेंगी। इस आयोजन में पार्टी की महिला कार्यकर्ताएँ बड़ी संख्या में एकत्रित होंगी।1
- नालसा नई दिल्ली, झालसा रांची और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) गढ़वा के सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार 90 दिवसीय आउटरीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, रंका प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत में पीएलवी राजेश कुमार चौधरी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों की हर संभव मदद कर उन्हें सहारा देने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में, ग्राम गासेदाग, खडयाहि, बहाहारा निवासी सकेंद्र कुमार भुइयां (उम्र 22 साल) जो कई सालों से फाइलेरिया से जूझ रहे हैं, उन्हें सहायता प्रदान की गई। सकेंद्र कुमार भुइयां का इलाज कराया गया है और जल्द ही दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर उनका प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर नीतीश कुमार और डॉक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाला एक गंभीर और स्थायी रोग है। इस बीमारी में शरीर के अंग, खासकर पैर, अत्यधिक सूजकर हाथी के पैर जैसे मोटे और बेडौल हो जाते हैं। यह बीमारी संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलती है। रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के पंकज कुमार विश्वकर्मा और तरुण विश्वास ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सकेंद्र कुमार का पहले लेप्रोशी का इलाज चल रहा था। किन्हीं कारणों से समय पर दवा न लेने और सही देखभाल न होने से उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। चिकित्सक पंकज कुमार विश्वकर्मा की निगरानी में उन्हें दवा खिलाई गई और आवश्यकतानुसार इंजेक्शन, किट तथा दवा भी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि बहुत जल्द उन्हें उचित और बेहतर उपचार प्रदान किया जाएगा।1