आज के आधुनिक युग में जब पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है, ऐसे में जनपद उन्नाव के भगवंत नगर क्षेत्र स्थित ग्राम पनई बुजुर्ग से एक सराहनीय और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहाँ ग्रामीण बच्चों को निःशुल्क और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने वाली "अनाया सिंह पाठशाला 1" में बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान बच्चों को 'पेड़-पौधे हैं, तो हम हैं' का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। पाठशाला की मुख्य शिक्षिका श्रीमती शिवानी सिंह जी ने क्लास में उपस्थित बच्चों को अत्यंत सरल और भावुक तरीके से समझाया कि हमारा अस्तित्व पेड़-पौधों पर ही निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि पेड़-पौधे हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं और हमारी धरती को हरा-भरा बनाए रखते हैं। बच्चों ने पूरी निष्ठा के साथ संकल्प लिया कि वे न केवल पेड़ लगाएंगे, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। यह पाठशाला पूरी तरह से निःशुल्क संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के बच्चों को अच्छे संस्कार और उच्च नैतिक शिक्षा देना है। इस पुनीत कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था (बेंच-कुर्सी) और पढ़ाई-लिखाई की अन्य सामग्रियों को आधुनिक स्वरूप देने के लिए समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और जागरूक लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। पाठशाला के संस्थापक अनुज चौहान और मुख्य शिक्षिका शिवानी सिंह जी ने अपील की है कि समाज का एक छोटा सा प्रयास इन ग्रामीण बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है। सहयोग के लिए संपर्क सूत्र 7754057489 और आधिकारिक यूट्यूब चैनल @AnayaSinghPathshala1 पर संपर्क किया जा सकता है।
आज के आधुनिक युग में जब पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है, ऐसे में जनपद उन्नाव के भगवंत नगर क्षेत्र स्थित ग्राम पनई बुजुर्ग से एक सराहनीय और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहाँ ग्रामीण बच्चों को निःशुल्क और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने वाली "अनाया सिंह पाठशाला 1" में बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान बच्चों को 'पेड़-पौधे हैं, तो हम हैं' का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। पाठशाला की मुख्य शिक्षिका श्रीमती शिवानी सिंह जी ने क्लास में उपस्थित बच्चों को अत्यंत सरल और भावुक तरीके से समझाया कि हमारा अस्तित्व पेड़-पौधों पर ही निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि पेड़-पौधे हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं और हमारी धरती को हरा-भरा बनाए रखते हैं। बच्चों ने पूरी निष्ठा के साथ संकल्प लिया कि वे न केवल पेड़ लगाएंगे, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। यह पाठशाला पूरी तरह से निःशुल्क संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के बच्चों को अच्छे संस्कार और उच्च नैतिक शिक्षा देना है। इस पुनीत कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था (बेंच-कुर्सी) और पढ़ाई-लिखाई की अन्य सामग्रियों को आधुनिक स्वरूप देने के लिए समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और जागरूक लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। पाठशाला के संस्थापक अनुज चौहान और मुख्य शिक्षिका शिवानी सिंह जी ने अपील की है कि समाज का एक छोटा सा प्रयास इन ग्रामीण बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है। सहयोग के लिए संपर्क सूत्र 7754057489 और आधिकारिक यूट्यूब चैनल @AnayaSinghPathshala1 पर संपर्क किया जा सकता है।
- आज के आधुनिक युग में जब पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है, ऐसे में जनपद उन्नाव के भगवंत नगर क्षेत्र स्थित ग्राम पनई बुजुर्ग से एक सराहनीय और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहाँ ग्रामीण बच्चों को निःशुल्क और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने वाली "अनाया सिंह पाठशाला 1" में बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान बच्चों को 'पेड़-पौधे हैं, तो हम हैं' का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। पाठशाला की मुख्य शिक्षिका श्रीमती शिवानी सिंह जी ने क्लास में उपस्थित बच्चों को अत्यंत सरल और भावुक तरीके से समझाया कि हमारा अस्तित्व पेड़-पौधों पर ही निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि पेड़-पौधे हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं और हमारी धरती को हरा-भरा बनाए रखते हैं। बच्चों ने पूरी निष्ठा के साथ संकल्प लिया कि वे न केवल पेड़ लगाएंगे, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। यह पाठशाला पूरी तरह से निःशुल्क संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के बच्चों को अच्छे संस्कार और उच्च नैतिक शिक्षा देना है। इस पुनीत कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था (बेंच-कुर्सी) और पढ़ाई-लिखाई की अन्य सामग्रियों को आधुनिक स्वरूप देने के लिए समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और जागरूक लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। पाठशाला के संस्थापक अनुज चौहान और मुख्य शिक्षिका शिवानी सिंह जी ने अपील की है कि समाज का एक छोटा सा प्रयास इन ग्रामीण बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है। सहयोग के लिए संपर्क सूत्र 7754057489 और आधिकारिक यूट्यूब चैनल @AnayaSinghPathshala1 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- बारामुला में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास हुए एक धमाके में दो जवानों की मौत हो गई। इस घटना में चार अन्य जवान घायल भी हुए हैं।1
- उन्नाव के ग्राम बौनामऊ से जुड़ा एक पोस्टर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो दिन पहले महापुरुषों से संबंधित एक बैनर फाड़े जाने की घटना का उल्लेख है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि इस मामले में जानकारी लेने और विरोध दर्ज कराने के बाद शोभित राजवंशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पोस्ट के अनुसार, शोभित राजवंशी को निर्दोष बताया जा रहा है और उनके समर्थक उनके समर्थन में एकजुट हो रहे हैं। इसी के विरोध में, समर्थकों से 17 जून 2026 को शाम 4 बजे थाना माखी पहुंचने की अपील की गई है ताकि बड़ी संख्या में उनकी उपस्थिति दर्ज कराई जा सके। सोशल मीडिया पर इस पूरे मामले को लेकर तीखी चर्चा चल रही है, और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।1
- उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर तिराहे पर नगर पालिका द्वारा राहगीरों को भीषण गर्मी से बचाने और आराम देने के उद्देश्य से बनाए गए विश्रामलय की स्थिति बदहाल है। इस विश्रामलय में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और कई दिनों से साफ-सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। लगभग 20 से 25 हजार रुपये की कीमत का एक बड़ा कूलर भी यहाँ लगाया गया है, लेकिन उसमें पानी न होने के बावजूद उसे चलाया जा रहा है, जिसके कारण कूलर ठंडी हवा देने के बजाय लू जैसी गर्म हवा फेंक रहा है। ऐसी गर्म हवा से राहगीरों को आराम मिलने के बजाय बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यह विश्रामलय लगभग लाखों रुपये की लागत से बनाया गया था, और इसकी बदहाली नगर पालिका के कर्मचारियों की अनदेखी तथा सरकार के धन के दुरुपयोग को दर्शाती है, क्योंकि यहाँ कोई जिम्मेदार कर्मचारी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य नहीं कर रहा है। विश्रामलय में बैठे राहगीरों ने भी इस बात की पुष्टि की कि वे यहाँ आराम तो कर रहे हैं, लेकिन गर्म हवा खाने और साफ-सफाई न होने के कारण बीमारी का शिकार हो सकते हैं। गांधीनगर तिराहे पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी बताया कि सफाई कर्मी पूरी तरह से नदारद रहता है और साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देता। रिपोर्ट के अनुसार, नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी और नगर अध्यक्ष भी इस मामले में लापरवाही बरतते हुए नजर आ रहे हैं।4
- जेष्ठ माह के शुभ मंगलवार के अवसर पर कोतवाली पुलिस द्वारा कोतवाली मार्ग मोड़ पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे का शुभारंभ सर्वप्रथम क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार और एसडीएम ब्रजमोहन शुक्ला ने भगवान बजरंग बली की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन कर किया। तत्पश्चात, हजारों नागरिकों और यात्रियों ने भंडारे में पूड़ी-सब्जी और बूंदी का प्रसाद ग्रहण किया, जिसे कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश चंद्र पांडेय और अपराध निरीक्षक राकेश कुमार ने स्वयं अपने हाथों से लोगों को परोसा। इसी शुभ अवसर पर नगर में अन्य कई स्थानों पर भी भंडारे आयोजित किए गए। नौनिहाल गंज बाजार स्थित बड़े हनुमान मंदिर, मोहल्ला खत्रियाना स्थित संतोषी माता मंदिर और बालाजी मंदिर में सक्षम शुक्ला, अभय रस्तोगी, हर्षित रस्तोगी व योगेश रस्तोगी द्वारा भी भंडारा आयोजित कर प्रसाद वितरित किया गया। श्री पंचेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित भंडारे में पंडित रविशंकर दीक्षित महराज ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, वहीं नानामऊ मार्ग पर विपिन तिवारी ने भी भंडारे में श्रद्धालुओं को बूंदी और तहरी-खिचड़ी का प्रसाद परोसा।1
- उन्नाव नगर पालिका परिषद की वार्षिक प्रेस वार्ता, जिसका विषय 'तीन साल बेमिसाल' था, में विकास, पारदर्शिता और जनसेवा का एक दमदार प्रस्तुतीकरण देखने को मिला। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती श्वेता भानू मिश्रा ने इस अवसर पर स्वच्छता, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों का एक विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्नाव को और अधिक आधुनिक तथा सुविधासंपन्न बनाने के संकल्प को भी दोहराया गया, जो कि नगर पालिका के 'विकास के रिपोर्ट कार्ड' को सशक्त बनाता है।1
- घरेलू कलह के चलते एक पिता अपने बच्चे के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया है, जिससे इस घटना का खौफनाक अंजाम सामने आया है।1
- यह गंभीर चिंता जताई गई है कि अब धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं रहे। इसी कड़ी में हरिद्वार में 40 नकली साधुओं को पकड़ा गया है। इन नकली साधुओं के बारे में जानकारी मिली है कि ये दूसरे धर्म से संबंध रखते हैं। इस घटना ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1