जिला अस्पताल में पलंग नहीं मिले तो जमीन पर लेटे मरीज, वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन दमोह। जिला अस्पताल एक बार फिर व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ मरीज पलंग नहीं मिलने के कारण वार्ड के फर्श पर लेटे दिखाई दिए। वीडियो सामने आते ही अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इसके बाद कुछ ही घंटों में मरीजों को पलंग उपलब्ध करा दिए गए। हालांकि, इस लापरवाही का खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को उठाना पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से गंभीर मरीजों को भी फर्श पर लेटना पड़ा। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिला अस्पताल पहले भी इलाज में लापरवाही, अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। अब वायरल वीडियो ने एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला अस्पताल में पलंग नहीं मिले तो जमीन पर लेटे मरीज, वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन दमोह। जिला अस्पताल एक बार फिर व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ मरीज पलंग नहीं मिलने के कारण वार्ड के फर्श पर लेटे दिखाई दिए। वीडियो सामने आते ही अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इसके बाद कुछ ही घंटों में मरीजों को पलंग उपलब्ध करा दिए गए। हालांकि, इस लापरवाही का खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को उठाना पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से गंभीर मरीजों को भी फर्श पर लेटना पड़ा। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिला अस्पताल पहले भी इलाज में लापरवाही, अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। अब वायरल वीडियो ने एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- हम्मालों और व्यापारियों में विवाद से कृषि उपज मंडी में नीलामी ठप, विरोध में किसानों ने सागर स्टेट हाईवे पर लगाया चक्का जाम मौके पर पहुंची सागर नाका चौकी पुलिस.. दमोह। शहर की सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में शनिवार को व्यापारियों और तुलावटियों के बीच तुलाई को लेकर विवाद होने से डांक नीलामी और तुलाई का कार्य पूरी तरह बंद हो गया। इससे जिलेभर से उपज लेकर पहुंचे किसानों की फसल मंडी में ही अटक गई। आक्रोशित किसानों ने शाम करीब 4 बजे दमोह–सागर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों का कहना था कि वे हजारों रुपये किराया खर्च कर उपज लेकर मंडी पहुंचे हैं। यदि शनिवार को तुलाई नहीं हुई तो उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाकर फिर आना पड़ेगा। व्यापारियों ने भी विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ने की बात कही। चक्का जाम के दौरान कई राहगीर जाम में फंसे रहे, जबकि कुछ ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। सूचना पर देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय और सागर नाका चौकी प्रभारी अरविंद दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समझाइश के बावजूद किसान नहीं माने, जिसके बाद तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया। दमोह। शहर की सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में शनिवार को व्यापारियों और तुलावटियों के बीच तुलाई को लेकर विवाद होने से डांक नीलामी और तुलाई का कार्य पूरी तरह बंद हो गया। इससे जिलेभर से उपज लेकर पहुंचे किसानों की फसल मंडी में ही अटक गई। आक्रोशित किसानों ने शाम करीब 4 बजे दमोह–सागर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों का कहना था कि वे हजारों रुपये किराया खर्च कर उपज लेकर मंडी पहुंचे हैं। यदि शनिवार को तुलाई नहीं हुई तो उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाकर फिर आना पड़ेगा। व्यापारियों ने भी विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ने की बात कही। चक्का जाम के दौरान कई राहगीर जाम में फंसे रहे, जबकि कुछ ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। सूचना पर देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय और सागर नाका चौकी प्रभारी अरविंद दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समझाइश के बावजूद किसान नहीं माने, जिसके बाद तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया।1
- दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?1
- आबादी में पहुंचे चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान अजबधाम/फतेहपुर (दमोह)। शुक्रवार को अजबधाम फतेहपुर क्षेत्र में जंगल से भटककर एक चीतल बस स्टैंड के पास आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। खुले क्षेत्र में घूम रहे चीतल पर आवारा कुत्तों एवं अन्य जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ था। स्थिति को देखते हुए गांव के तीन युवकों—आयुष तिवारी, राजपूत और कार्तिक कुर्मी—ने सूझबूझ एवं सावधानी का परिचय देते हुए चीतल को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चीतल को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से चीतल की जान बच गई। स्थानीय लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाने वाले युवकों और वन विभाग की सराहना की।1
- दमोह पटेरा में बीज वितरण घोटाले का आरोप! कृषि समिति अध्यक्ष उमाबाई ने कृषि विकास अधिकारी पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग*2
- सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल1
- गंगा झिरिया धाम में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम सम्पन्न 11 वर्षों से निरंतर पौधरोपण कर जन्मदिवस मनाने की अनूठी पहल1
- दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?1
- भटिया गांव में 4 बर्षीय बच्ची पोखर में डूबी, मंगलवार से लापता बच्ची वैष्णवी का शव हटा -भटिया गांव में 4 बर्षीय बच्ची पोखर में डूबी, मंगलवार से लापता बच्ची वैष्णवी का शव कल रात रेस्क्यू कर पुलिस ने निकाला,हटा sdop कृष्णपाल सिंह के नेतृत्व में रेस्कयू के दौरान हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी,रनेह थाना प्रभारी चंदन सिंह निरंजन और स्टाफ मोजूद1