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दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?

3 hrs ago
user_Bhupendra Rai दबंग इंडिया
Bhupendra Rai दबंग इंडिया
Journalist दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?

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  • हम्मालों और व्यापारियों में विवाद से कृषि उपज मंडी में नीलामी ठप, विरोध में किसानों ने सागर स्टेट हाईवे पर लगाया चक्का जाम मौके पर पहुंची सागर नाका चौकी पुलिस.. दमोह। शहर की सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में शनिवार को व्यापारियों और तुलावटियों के बीच तुलाई को लेकर विवाद होने से डांक नीलामी और तुलाई का कार्य पूरी तरह बंद हो गया। इससे जिलेभर से उपज लेकर पहुंचे किसानों की फसल मंडी में ही अटक गई। आक्रोशित किसानों ने शाम करीब 4 बजे दमोह–सागर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों का कहना था कि वे हजारों रुपये किराया खर्च कर उपज लेकर मंडी पहुंचे हैं। यदि शनिवार को तुलाई नहीं हुई तो उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाकर फिर आना पड़ेगा। व्यापारियों ने भी विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ने की बात कही। चक्का जाम के दौरान कई राहगीर जाम में फंसे रहे, जबकि कुछ ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। सूचना पर देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय और सागर नाका चौकी प्रभारी अरविंद दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समझाइश के बावजूद किसान नहीं माने, जिसके बाद तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया। दमोह। शहर की सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में शनिवार को व्यापारियों और तुलावटियों के बीच तुलाई को लेकर विवाद होने से डांक नीलामी और तुलाई का कार्य पूरी तरह बंद हो गया। इससे जिलेभर से उपज लेकर पहुंचे किसानों की फसल मंडी में ही अटक गई। आक्रोशित किसानों ने शाम करीब 4 बजे दमोह–सागर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों का कहना था कि वे हजारों रुपये किराया खर्च कर उपज लेकर मंडी पहुंचे हैं। यदि शनिवार को तुलाई नहीं हुई तो उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाकर फिर आना पड़ेगा। व्यापारियों ने भी विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ने की बात कही। चक्का जाम के दौरान कई राहगीर जाम में फंसे रहे, जबकि कुछ ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। सूचना पर देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय और सागर नाका चौकी प्रभारी अरविंद दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समझाइश के बावजूद किसान नहीं माने, जिसके बाद तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया।
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    हम्मालों और व्यापारियों में विवाद से कृषि उपज मंडी में नीलामी ठप, विरोध में किसानों ने सागर स्टेट हाईवे पर लगाया चक्का जाम

मौके पर पहुंची सागर नाका चौकी पुलिस..

दमोह। शहर की सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में शनिवार को व्यापारियों और तुलावटियों के बीच तुलाई को लेकर विवाद होने से डांक नीलामी और तुलाई का कार्य पूरी तरह बंद हो गया। इससे जिलेभर से उपज लेकर पहुंचे किसानों की फसल मंडी में ही अटक गई। आक्रोशित किसानों ने शाम करीब 4 बजे दमोह–सागर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

किसानों का कहना था कि वे हजारों रुपये किराया खर्च कर उपज लेकर मंडी पहुंचे हैं। यदि शनिवार को तुलाई नहीं हुई तो उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाकर फिर आना पड़ेगा। व्यापारियों ने भी विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ने की बात कही। चक्का जाम के दौरान कई राहगीर जाम में फंसे रहे, जबकि कुछ ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। सूचना पर देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय और सागर नाका चौकी प्रभारी अरविंद दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समझाइश के बावजूद किसान नहीं माने, जिसके बाद तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया।
दमोह। शहर की सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में शनिवार को व्यापारियों और तुलावटियों के बीच तुलाई को लेकर विवाद होने से डांक नीलामी और तुलाई का कार्य पूरी तरह बंद हो गया। इससे जिलेभर से उपज लेकर पहुंचे किसानों की फसल मंडी में ही अटक गई। आक्रोशित किसानों ने शाम करीब 4 बजे दमोह–सागर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
किसानों का कहना था कि वे हजारों रुपये किराया खर्च कर उपज लेकर मंडी पहुंचे हैं। यदि शनिवार को तुलाई नहीं हुई तो उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाकर फिर आना पड़ेगा। व्यापारियों ने भी विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ने की बात कही। चक्का जाम के दौरान कई राहगीर जाम में फंसे रहे, जबकि कुछ ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। सूचना पर देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय और सागर नाका चौकी प्रभारी अरविंद दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समझाइश के बावजूद किसान नहीं माने, जिसके बाद तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?
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    दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल

जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।

आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?
    user_Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Journalist दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची दमोह -पटेरा कृषि कार्यालय से शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे जिंक की लगभग 50 बोरियां एक छोटा हाथी वाहन में लोड कर कुम्हारी क्षेत्र भेजे जाने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे कुछ युवाओं ने वाहन की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए मामले की जानकारी जुटाई। पूछताछ के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारी अंकुश शिवहरे ने बताया कि वाहन कुम्हारी क्षेत्र में किसानों के लिए जिंक पहुंचाने भेजा जा रहा था। अंकुश शिवहरे के अनुसार, कार्यालय का नियमित कार्य समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:30 बजे सभी कर्मचारी घर चले गए थे। रात करीब 9:30 बजे वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया, जिसमें बताया गया कि जमुनिया एवं कुम्हारी क्षेत्र के किसानों के लिए जिंक उपलब्ध हो गई है और किसानों के लगातार फोन आने के कारण इसे तत्काल भिजवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद कार्यालय पहुंचकर ताला खोला गया और लगभग 50 बोरियां वाहन में लोड करने में समय लगने के कारण रात 11:30 बजे तक कार्य चलता रहा। इसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। शिवहरे ने बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया। पहली बार बात हुई, लेकिन बाद में फोन बंद मिलने पर एहतियात के तौर पर वाहन सहित जिंक की बोरियों को पुलिस थाना पटेरा की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया गया।इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी दिनेश कुमार साहू ने बताया कि जिंक किसानों को वितरण के लिए भेजी जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृषि विभाग का सरकारी माल नहीं, बल्कि एक संस्था द्वारा उपलब्ध कराया गया स्टॉक है। किसानों को 50 किलोग्राम की एक बोरी लगभग ₹3,700 के निर्धारित शुल्क पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि बिना राशि जमा कराए किसी को भी जिंक नहीं दी जा सकती, क्योंकि संस्था के भुगतान की जिम्मेदारी विभागीय प्रक्रिया के तहत रहती है। कुम्हारी क्षेत्र में जिंक उपलब्ध नहीं थी, इसलिए पटेरा से वहां भेजी जा रही मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय दमोह से तीन सदस्यीय जांच दल पटेरा पहुंचा। टीम ने कृषि कार्यालय का निरीक्षण कर दस्तावेजों एवं परिस्थितियों की जांच की। जांच दल में परियोजना संचालक आत्मा एस.एल. कुर्मी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.के. जैन तथा कृषि जिला समन्वयक गिरवर पटेल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट अनियमितता सामने नहीं आई है।इस बीच कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि एक दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा कृषि कार्यालय के स्टोर एवं एक अन्य कक्ष को सील किया गया था। इस पर दिनेश कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि जिन कमरों को सील किया गया है, उनमें बीज एवं अन्य सामग्री रखी हुई है। जिंक जिस कक्ष में रखी गई थी, वह सील नहीं था, क्योंकि वह संस्था का स्टॉक था। उन्होंने कहा कि सील किए गए कमरों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जिला स्तरीय टीम की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची 
पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची 
दमोह -पटेरा कृषि कार्यालय से शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे जिंक की लगभग 50 बोरियां एक छोटा हाथी वाहन में लोड कर कुम्हारी क्षेत्र भेजे जाने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे कुछ युवाओं  ने वाहन की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए मामले की जानकारी जुटाई। पूछताछ के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारी अंकुश शिवहरे ने बताया कि वाहन कुम्हारी क्षेत्र में किसानों के लिए जिंक पहुंचाने भेजा जा रहा था। अंकुश शिवहरे के अनुसार, कार्यालय का नियमित कार्य समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:30 बजे सभी कर्मचारी घर चले गए थे। रात करीब 9:30 बजे वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया, जिसमें बताया गया कि जमुनिया एवं कुम्हारी क्षेत्र के किसानों के लिए जिंक उपलब्ध हो गई है और किसानों के लगातार फोन आने के कारण इसे तत्काल भिजवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद कार्यालय पहुंचकर ताला खोला गया और लगभग 50 बोरियां वाहन में लोड करने में समय लगने के कारण रात 11:30 बजे तक कार्य चलता रहा। इसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। शिवहरे ने बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया। पहली बार बात हुई, लेकिन बाद में फोन बंद मिलने पर एहतियात के तौर पर वाहन सहित जिंक की बोरियों को पुलिस थाना पटेरा की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया गया।इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी दिनेश कुमार साहू ने बताया कि जिंक किसानों को वितरण के लिए भेजी जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृषि विभाग का सरकारी माल नहीं, बल्कि एक संस्था द्वारा उपलब्ध कराया गया स्टॉक है। किसानों को 50 किलोग्राम की एक बोरी लगभग ₹3,700 के निर्धारित शुल्क पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि बिना राशि जमा कराए किसी को भी जिंक नहीं दी जा सकती, क्योंकि संस्था के भुगतान की जिम्मेदारी विभागीय प्रक्रिया के तहत रहती है। कुम्हारी क्षेत्र में जिंक उपलब्ध नहीं थी, इसलिए पटेरा से वहां भेजी जा रही मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय दमोह से तीन सदस्यीय जांच दल पटेरा पहुंचा। टीम ने कृषि कार्यालय का निरीक्षण कर दस्तावेजों एवं परिस्थितियों की जांच की। जांच दल में परियोजना संचालक आत्मा एस.एल. कुर्मी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.के. जैन तथा कृषि जिला समन्वयक गिरवर पटेल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट अनियमितता सामने नहीं आई है।इस बीच कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि एक दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा कृषि कार्यालय के स्टोर एवं एक अन्य कक्ष को सील किया गया था। इस पर दिनेश कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि जिन कमरों को सील किया गया है, उनमें बीज एवं अन्य सामग्री रखी हुई है। जिंक जिस कक्ष में रखी गई थी, वह सील नहीं था, क्योंकि वह संस्था का स्टॉक था। उन्होंने कहा कि सील किए गए कमरों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जिला स्तरीय टीम की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • आबादी में पहुंचे चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान अजबधाम/फतेहपुर (दमोह)। शुक्रवार को अजबधाम फतेहपुर क्षेत्र में जंगल से भटककर एक चीतल बस स्टैंड के पास आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। खुले क्षेत्र में घूम रहे चीतल पर आवारा कुत्तों एवं अन्य जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ था। स्थिति को देखते हुए गांव के तीन युवकों—आयुष तिवारी, राजपूत और कार्तिक कुर्मी—ने सूझबूझ एवं सावधानी का परिचय देते हुए चीतल को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चीतल को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से चीतल की जान बच गई। स्थानीय लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाने वाले युवकों और वन विभाग की सराहना की।
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    आबादी में पहुंचे चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान
अजबधाम/फतेहपुर (दमोह)। शुक्रवार को अजबधाम फतेहपुर क्षेत्र में जंगल से भटककर एक चीतल बस स्टैंड के पास आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। खुले क्षेत्र में घूम रहे चीतल पर आवारा कुत्तों एवं अन्य जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ था।
स्थिति को देखते हुए गांव के तीन युवकों—आयुष तिवारी, राजपूत और कार्तिक कुर्मी—ने सूझबूझ एवं सावधानी का परिचय देते हुए चीतल को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और चीतल को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से चीतल की जान बच गई। स्थानीय लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाने वाले युवकों और वन विभाग की सराहना की।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • दमोह पटेरा में बीज वितरण घोटाले का आरोप! कृषि समिति अध्यक्ष उमाबाई ने कृषि विकास अधिकारी पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग*
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    दमोह पटेरा में बीज वितरण घोटाले का आरोप! कृषि समिति अध्यक्ष उमाबाई ने कृषि विकास अधिकारी पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग*
    user_सचिन सिंह राजपूत  प्रदेश समय
    सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय
    Court reporter पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल
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    सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल

सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल
    user_Ramjan रिपोर्टर जिला ब्यूरो चीफ Khan
    Ramjan रिपोर्टर जिला ब्यूरो चीफ Khan
    Amusement Centre पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • गंगा झिरिया धाम में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम सम्पन्न 11 वर्षों से निरंतर पौधरोपण कर जन्मदिवस मनाने की अनूठी पहल
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    गंगा झिरिया धाम में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम सम्पन्न
11 वर्षों से निरंतर पौधरोपण कर जन्मदिवस मनाने की अनूठी पहल
    user_Pushpendra hatta  Press reporter
    Pushpendra hatta Press reporter
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?
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    दमोह: जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल

जिला अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एम्बुलेंस कई बार समय पर नहीं पहुंचती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मजबूरीवश निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।

आम नागरिकों का कहना है कि यदि आपातकालीन सेवा ही समय पर उपलब्ध न हो, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस व्यवस्था में कभी सुधार हो पाएगा? क्या प्रशासन इस ओर गंभीरता से कदम उठाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, या फिर लापरवाही और मनमानी का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा?
    user_Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Journalist दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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