एन एच 52 पर गहरे गड्ढों को बचाने के चक्कर में कंटेनर हादसे का शिकार हाइड्रा मशीन की मदद से खींच कर निकाला मोड़क क्षेत्र निकल रहें कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 कि बदहाली आमजन का आक्रोश ,दरा नाल से कमलपुरा फोर-लेन तक सड़क में भरपूर 2-3 फिट गहरे गड्ढों से राहगीर वाहन चालक परेशान हैं आएं दिन वाहन हादसे का शिकार हो रहें शनिवार को भी कोटा कि तरफ़ से आ रहा एक कंटेनर गहरे गड्ढे कों बचाने के चक्कर में दरा अंडरपास के समीप हादसे का शिकार हो गया, जिससे ज़ाम कि स्थिति बन गई, मौके पर पहुंची पुलिस ने हाइड्रा मशीन की मदद से कंटेनर को खींचकर बाहर निकाला, गहरे गड्ढों से आएं दिन वाहन चालकों व यात्रियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसके बाद आनन-फानन में प्रशासन ने जेसीबी मशीन से गहरे गड्ढों में गिट्टी बिछाने का कार्य शुरू कर दिया, जिससे कुछ हद तक वाहन चालकों को राहत मिल सकेगी हालांकि आमजन और वाहन चालकों का कहना है कि बाहर बाहर अस्थाई गड्डे भरवाना स्थाई समाधान नहीं है जब तक छतिग्रस्त सड़क कि मरम्मत रिपेयरिंग नहीं होती है तब तक वाहन चालकों और आमजन को इसी प्रकार से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
एन एच 52 पर गहरे गड्ढों को बचाने के चक्कर में कंटेनर हादसे का शिकार हाइड्रा मशीन की मदद से खींच कर निकाला मोड़क क्षेत्र निकल रहें कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 कि बदहाली आमजन का आक्रोश ,दरा नाल से कमलपुरा फोर-लेन तक सड़क में भरपूर 2-3 फिट गहरे गड्ढों से राहगीर वाहन चालक परेशान हैं आएं दिन वाहन हादसे का शिकार हो रहें शनिवार को भी
कोटा कि तरफ़ से आ रहा एक कंटेनर गहरे गड्ढे कों बचाने के चक्कर में दरा अंडरपास के समीप हादसे का शिकार हो गया, जिससे ज़ाम कि स्थिति बन गई, मौके पर पहुंची पुलिस ने हाइड्रा मशीन की मदद से कंटेनर को खींचकर बाहर निकाला, गहरे गड्ढों से आएं दिन वाहन चालकों व यात्रियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसके बाद आनन-फानन में प्रशासन
ने जेसीबी मशीन से गहरे गड्ढों में गिट्टी बिछाने का कार्य शुरू कर दिया, जिससे कुछ हद तक वाहन चालकों को राहत मिल सकेगी हालांकि आमजन और वाहन चालकों का कहना है कि बाहर बाहर अस्थाई गड्डे भरवाना स्थाई समाधान नहीं है जब तक छतिग्रस्त सड़क कि मरम्मत रिपेयरिंग नहीं होती है तब तक वाहन चालकों और आमजन को इसी प्रकार से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
- एसआरजी अस्पताल में शनिवार को करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा झालावाड़। शहर के एसआरजी अस्पताल में शनिवार को करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 10 बजे से 12 बजे तक बिजली बंद रहने के दौरान अस्पताल के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया। कुछ स्थानों पर इन्वर्टर के जरिए व्यवस्था संभालने का प्रयास किया गया, लेकिन पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित नजर आईं। बिजली कटौती के दौरान डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ को मरीजों के उपचार में परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों ने भी अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। सबसे अधिक परेशानी आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड में सामने आने की बात कही गई, जहां लगातार बिजली आपूर्ति जरूरी होती है। अस्पताल के आईसीयू में स्थिति देखने पर कुछ मॉनिटर चलते हुए नजर आए, जबकि कुछ उपकरण बंद दिखाई दिए। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से वार्ड में गर्मी का असर भी दिखाई दिया। कई मरीजों के परिजन हाथ से हवा करते हुए नजर आए। वहीं कुछ स्थानों पर डॉक्टर और स्टाफ टॉर्च की रोशनी में मरीजों का उपचार करते दिखाई दिए। मरीजों के परिजनों का कहना था कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर लंबे समय तक बिजली गुल होना चिंता का विषय है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर रखने और आपात स्थिति में पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।हालांकि, बिजली आपूर्ति बाधित रहने के दौरान आईसीयू और इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण वार्डों में मरीजों को हुई परेशानी ने अस्पताल की बैकअप व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों के परिजनों ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा होने पर पर्याप्त वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध रखने की मांग की है। कटौती की सूचना नहीं मिलने से हुई परेशानी इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक शर्मा ने बताया कि बिजली कटौती की पूर्व सूचना नहीं मिली थी, जिसके कारण बिजली बंद होने पर अचानक परेशानी आई। बाद में इन्वर्टर के माध्यम से व्यवस्था कर ली गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आवश्यक सेवाओं को संचालित किया गया। टिकट के लिए लगी रही भीड़ एसआरजी अस्पताल के ओपीडी परिसर में विंडो पर टिकट लेने के लिए रोगियों को घंटा इंतजार करना पड़ा इसके चलते पूरा परिसर भरा हुआ नजर आया। बिजली व्यवस्था के चलते यहां से टिकट लेने जांच और अन्य केंद्रों पर भीड़ लगी रही। पूरे अस्प्ताल में अंधेरा बना रहा।1
- प्रदेश के 472 सरकारी स्कूलों में भवन निर्माण के लिए 401.3 करोड रुपए स्वीकृत* * कोटा। राजस्थान सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों के भवनों की मरम्मत एवं नवीन भवन निर्माण के लिए निरंतर बजट जारी कर रही है। इसी संदर्भ में आज सरकार ने प्रदेश के 472 सरकारी स्कूलों में नवीन भवन निर्माण/भवन मरम्मत के लिए 401.3 करोड रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है । आदेश अनुसार प्रदेश के 261 प्राथमिक विद्यालयों के लिए 41 लाख रुपए प्रति विद्यालय, 128 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 65 लाख रुपए प्रति विद्यालय तथा 83 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 2 करोड़ 54 लाख रुपए प्रति विद्यालय के हिसाब से कुल 401करोड़ 3 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की है। सूची में कोटा संभाग के बारां जिले के 27 विद्यालय,बूंदी जिले के 12 विद्यालय,झालावाड़ के 84 विद्यालय तथा कोटा के 3 विद्यालय शामिल है। स्वीकृत की गई राशि में भवन निर्माण,फर्नीचर,प्रयोगशाला उपकरण,स्मार्ट क्लास रूम व्यय तथा बिजली,पानी की सुविधा पर व्यय राशि भी शामिल है। *अब तक 3 हजार करोड़ रुपए किए स्वीकृत*-- शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि अब तक राज्य सरकार विद्यालयों में भवन निर्माण के लिए 3000 करोड रुपए की राशि जारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में सरकार प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी विद्यालय भवन विहीन ना रहे। राज्य सरकार विद्यालयों के आधारभूत विकास के लिए कृत संकल्प है क्रमिक रूप से प्राथमिकता के आधार पर सभी विद्यालयों में नवीन भवन निर्माण,भवन मरम्मत , कमरों के निर्माण एव लैब निर्माण के लिए निरंतर राशि जारी की जा रही है | इसके अतिरिक्त विभिन्न योजनाओं में भी विद्यालय विकास हेतु राशि स्वीकृत कि जा रही है। *बारां के इन स्कूलों को मिला बजट* -महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चोपना बस्ती 65 लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,अमली, अटरू 65 लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, भगवानपुर, मांगरोल 65 लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपलिया जागीर, छाबड़ा 65 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सहरिया बस्ती, कड़ियावन,छाबड़ा, 41लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय राजपुरा छाबड़ा, 65 लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खानखड़ा, छाबड़ा 65 लाख, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोलू खेड़ा छाबड़ा,254 लाख, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भीलवाड़ा नीचा,छाबड़ा 254 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय,घाटी, छाबड़ा 41 लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,शेखपुरा, छाबड़ा 65 लाख, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मदनखेड़ी-1, छाबड़ा 254 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय किशोरपुरा,छाबड़ा 41 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, चरपुर,छीपाबड़ौद 41 लाख, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बोरिना प्रथम,किशनगंज 254 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गजरौन, किशनगंज 41 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय महोदरी,खेरवान 41 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मोयदा ,किशनगंज 41 लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, लक्ष्मीपुर, पटपड़ी, किशनगंज 65 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सहरिया बस्ती,नाहरगढ़,किशनगंज 41 लाख, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भंवरगढ़, किशनगंज 254 लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संस्कृत कर्बला,किशनगंज 65 लाख, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,शाहाबाद 254 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, स्वांस, शाहाबाद 41 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय,धुवां तलहटी, शाहाबाद 41 लाख, राजकीय प्राथमिक विद्यालय,कुंजे, शाहाबाद, 41 लाख, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सेमली तलहटी,शाहाबाद 65 लाख शामिल है। *कोटा के ये स्कूल शामिल* -राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,मंदानीय, कोटा शहर 65 लाख, उच्च प्राथमिक विद्यालय,गुंदी,खैराबाद 65 लाख, उच्च प्राथमिक विद्यालय,मंडली, खैराबाद 65 लाख शामिल है।1
- श्रीरामनगर में रातभर गूंजा तेजाजी का अलगोजा, भोर तक डटे रहे श्रद्धालु देवली-अरनिया स्टेट हाईवे स्थित श्रीरामनगर में वीर तेजाजी मंडल के तत्वावधान में 'एक शाम तेजाजी महाराज के नाम' भजन संध्या का आयोजन हुआ। रात 9 से तड़के 4 बजे तक चले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सरपंच संघ अध्यक्ष अर्जुन सिंह गौड़, थानाधिकारी संपतराज वैष्णव व विशिष्ट अतिथि सलाम भाई रहे, जिनका साफा पहनाकर स्वागत किया गया। भजन संध्या में दुर्गाशंकर मियाड़ा, प्रवीण प्रजापति, रणवीर नागर, भरत गुरायता, संजय मस्ताना और हरिओम वैष्णव बराना की भजन मंडलियों ने अलगोजे की धुन पर शानदार तेजाजी भजन पेश किए। सैकड़ों ग्रामीणों ने रातभर भजनों का आनंद लिया। अंत में मंडलियों को तेजाजी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया।1
- Post by Raghvendra Tiwari reporte1
- वंदे भारत न्यूज चैनल व ZEE 24 NEWS चैनल जिला ब्यूरो चीफ मंदसौर रामप्रसाद धनगर गुर्जर पत्रकार तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र मो.9074650046 वंदे भारत न्यूज चैनल व ZEE 24 NEWS चैनल जिला ब्यूरो चीफ मंदसौर रामप्रसाद धनगर गुर्जर पत्रकार तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र मो.90746500461
- भाई और साले पत्नी ने मिलकर की हत्या मामला मंदसौर का... मंदसौर नई आबादी पुलिस ने महज 24 घंटे मे किया हत्या का खुल्लासा*_ _*भाई -साले -पत्नी ने मिलकर दिया घटना को अंजाम*_1
- इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम ने रचा इतिहास, सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इंदौर! जो दशकों से बीजेपी और आरएसएस का गढ़ और प्रयोगशाला रहा है, गुजरात से भी पहले से वहां ये नजारा अविश्वसनीय, अकल्पनीय और अपने आप में अद्भुत है: ये नजारा है राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम का जिसकी सड़कों पर हर तरफ जनसैलाब उमड़ा हुआ था: इंदौर को इस पर गर्व हो सकता है तो कोटा को भी, क्योंकि इसकी शुरुआत कोटा से ही हुई थी: सरकार ने कार्यक्रम को रोकने के लिए तमाम तरह की अड़चनें डालीं, पहले परमिशन नहीं मिली, फिर 31 शर्तों के साथ परमिशन मिली तो 10 लाख तय होने के बाद जगह के 4 लाख और मांगे गए: फिर पूरे शहर में बीजेपी ने झूठ की गूंज के पोस्टर लगा दिए: इतने पर भी इंदौर ने इतिहास रच दिया...1
- एन एच 52 पर गहरे गड्ढों को बचाने के चक्कर में कंटेनर हादसे का शिकार हाइड्रा मशीन की मदद से खींच कर निकाला मोड़क क्षेत्र निकल रहें कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 कि बदहाली आमजन का आक्रोश ,दरा नाल से कमलपुरा फोर-लेन तक सड़क में भरपूर 2-3 फिट गहरे गड्ढों से राहगीर वाहन चालक परेशान हैं आएं दिन वाहन हादसे का शिकार हो रहें शनिवार को भी कोटा कि तरफ़ से आ रहा एक कंटेनर गहरे गड्ढे कों बचाने के चक्कर में दरा अंडरपास के समीप हादसे का शिकार हो गया, जिससे ज़ाम कि स्थिति बन गई, मौके पर पहुंची पुलिस ने हाइड्रा मशीन की मदद से कंटेनर को खींचकर बाहर निकाला, गहरे गड्ढों से आएं दिन वाहन चालकों व यात्रियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसके बाद आनन-फानन में प्रशासन ने जेसीबी मशीन से गहरे गड्ढों में गिट्टी बिछाने का कार्य शुरू कर दिया, जिससे कुछ हद तक वाहन चालकों को राहत मिल सकेगी हालांकि आमजन और वाहन चालकों का कहना है कि बाहर बाहर अस्थाई गड्डे भरवाना स्थाई समाधान नहीं है जब तक छतिग्रस्त सड़क कि मरम्मत रिपेयरिंग नहीं होती है तब तक वाहन चालकों और आमजन को इसी प्रकार से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।3