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9 जुलाई 2026 को इटारसी रेलवे आउटर, ग्वाल बाबा/सी-केबिन के पास एक दुखद घटना में दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन) से एर्नाकुलम जा रही मंगला एक्सप्रेस (12618) में एक युवक रेलवे की 25,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। बोगी पर चढ़े इस युवक को जोरदार करंट लगा, जिससे वह बुरी तरह झुलसकर ट्रैक पर गिर गया और वर्तमान में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल युवक की पहचान 27 वर्षीय धन बहादुर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और शिमला में मजदूरी करता है। वह अपनी पत्नी नेहा और दो छोटे बच्चों के साथ गोवा जा रहा था। यह घटना शाम करीब 6:20 बजे हुई जब मंगला एक्सप्रेस इटारसी स्टेशन से रवाना होकर आउटर पर रुकी थी। युवक बोगी के ऊपर चढ़ गया, जिसे देखकर यात्रियों में हड़कंप मच गया और तुरंत आरपीएफ (RPF) व जीआरपी (GRP) को इसकी सूचना दी गई। सुरक्षाकर्मी उसे नीचे उतारने के लिए आगे बढ़े, लेकिन इससे पहले ही युवक ऊपर से गुजर रही इलेक्ट्रिक लाइन की चपेट में आ गया। आरपीएफ थाना प्रभारी मनीष पांडेय के अनुसार, शुरुआती जांच में युवक मानसिक रूप से अस्थिर या विक्षिप्त लग रहा है। करंट लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों की टीम ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाई और गंभीर रूप से झुलसे युवक को इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका इलाज जारी है। आरपीएफ ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक सुरक्षाकर्मियों के पहुंचने से पहले ट्रेन की छत पर कब और कैसे चढ़ गया था।

7 hrs ago
user_ABDUL
ABDUL
Reporter Hoshangabad, Narmadapuram•
7 hrs ago

9 जुलाई 2026 को इटारसी रेलवे आउटर, ग्वाल बाबा/सी-केबिन के पास एक दुखद घटना में दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन) से एर्नाकुलम जा रही मंगला एक्सप्रेस (12618) में एक युवक रेलवे की 25,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। बोगी पर चढ़े इस युवक को जोरदार करंट लगा, जिससे वह बुरी तरह झुलसकर ट्रैक पर गिर गया और वर्तमान में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल युवक की पहचान 27 वर्षीय धन बहादुर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और शिमला में मजदूरी करता है। वह अपनी पत्नी नेहा और दो छोटे बच्चों के साथ गोवा जा रहा था। यह घटना शाम करीब 6:20 बजे हुई जब मंगला एक्सप्रेस इटारसी स्टेशन से रवाना होकर आउटर पर रुकी थी। युवक बोगी के ऊपर चढ़ गया, जिसे देखकर यात्रियों में हड़कंप मच गया और तुरंत आरपीएफ (RPF) व जीआरपी (GRP) को इसकी सूचना दी गई। सुरक्षाकर्मी उसे नीचे उतारने के लिए आगे बढ़े, लेकिन इससे पहले ही युवक ऊपर से गुजर रही इलेक्ट्रिक लाइन की चपेट में आ गया। आरपीएफ थाना प्रभारी मनीष पांडेय के अनुसार, शुरुआती जांच में युवक मानसिक रूप से अस्थिर या विक्षिप्त लग रहा है। करंट लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों की टीम ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाई और गंभीर रूप से झुलसे युवक को इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका इलाज जारी है। आरपीएफ ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक सुरक्षाकर्मियों के पहुंचने से पहले ट्रेन की छत पर कब और कैसे चढ़ गया था।

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  • नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित राजेंद्र वार्ड निवासी श्री राहुल दुबे ने अपने पूज्य पिताजी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटरी स्वर्गीय श्री भगवती प्रसाद जी दुबे की पांचवीं पुण्यतिथि पर एक नेक पहल की। उन्होंने अपने पिता की पुण्य स्मृति में राम रहीम रोटी बैंक पहुँचकर जरूरतमंद, बेघर और बेसहारा लोगों को अपने हाथों से स्वादिष्ट भोजन परोसा और पुण्य लाभ अर्जित किया। यह कार्य 'अन्नदान_महादान_पितृ_स्मृति सेवा_परमो_धर्म' के आदर्शों को दर्शाता है, और श्री राहुल दुबे के अनुसार, सेवा ही सच्चा धर्म है। यह पहली बार नहीं है जब श्री राहुल दुबे ने ऐसा सेवाकार्य किया हो। इससे पहले वे अपनी पूज्यनीय माताजी स्वर्गीय श्रीमती मीना दुबे जी की स्मृति में भी भोजन वितरण कर चुके हैं। वे हर साल अपने पूर्वजों की स्मृति में इन गरीब और असहाय लोगों की सहायता अवश्य करते हैं। राम रहीम रोटी बैंक की समस्त सेवादार टीम ने श्री राहुल दुबे के इस अनुकरणीय सेवाकार्य को नमन किया है। टीम ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि स्वर्गीय श्री भगवती प्रसाद जी दुबे की आत्मा को शांति प्रदान करें और श्री राहुल दुबे को ऐसी सेवा करने का बल सदा देते रहें।
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    नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित राजेंद्र वार्ड निवासी श्री राहुल दुबे ने अपने पूज्य पिताजी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटरी स्वर्गीय श्री भगवती प्रसाद जी दुबे की पांचवीं पुण्यतिथि पर एक नेक पहल की। उन्होंने अपने पिता की पुण्य स्मृति में राम रहीम रोटी बैंक पहुँचकर जरूरतमंद, बेघर और बेसहारा लोगों को अपने हाथों से स्वादिष्ट भोजन परोसा और पुण्य लाभ अर्जित किया। यह कार्य 'अन्नदान_महादान_पितृ_स्मृति सेवा_परमो_धर्म' के आदर्शों को दर्शाता है, और श्री राहुल दुबे के अनुसार, सेवा ही सच्चा धर्म है।

यह पहली बार नहीं है जब श्री राहुल दुबे ने ऐसा सेवाकार्य किया हो। इससे पहले वे अपनी पूज्यनीय माताजी स्वर्गीय श्रीमती मीना दुबे जी की स्मृति में भी भोजन वितरण कर चुके हैं। वे हर साल अपने पूर्वजों की स्मृति में इन गरीब और असहाय लोगों की सहायता अवश्य करते हैं।

राम रहीम रोटी बैंक की समस्त सेवादार टीम ने श्री राहुल दुबे के इस अनुकरणीय सेवाकार्य को नमन किया है। टीम ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि स्वर्गीय श्री भगवती प्रसाद जी दुबे की आत्मा को शांति प्रदान करें और श्री राहुल दुबे को ऐसी सेवा करने का बल सदा देते रहें।
    user_जमील खान  "राम रहीम रोटी बैंक
    जमील खान "राम रहीम रोटी बैंक
    Voice of people सोहागपुर, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • भारतीय किसान संघ ने मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखा है। इसी कड़ी में, आज किसान संघ के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शासन और प्रशासन से भिक्षा मांगकर अपना अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान अपने हाथों में कटोरा लिए, भजन गाते हुए सरकार और प्रशासन के सामने आए और भीख मांगी, यह दर्शाते हुए कि 'सरकार मूंग नहीं खरीद रही तो अन्नदाता भूखा न रहे' और उन्हें अपना गुजारा करने में मदद करें। भारतीय किसान संघ के आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान ने बताया कि यह आंदोलन बीते तीन दिनों से लगातार चल रहा है, जिसमें किसान अपने खर्च पर खाना बना रहे हैं, टेंट लगाए हैं और कूलर की व्यवस्था भी की है ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। उन्होंने शिकायत की कि सरकार ने अभी तक मूंग की खरीदी की कोई घोषणा नहीं की है, और किसानों को दो महीने पहले बेचे गए गेहूं का भुगतान भी नहीं मिला है। किसानों के पास आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए उन्होंने भिक्षा मांगकर शासन-प्रशासन से सहयोग की अपील की है। संघ के संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि किसान अन्नदाता और प्रजापालक हैं, जो अन्न का उत्पादन कर प्रजा का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन आज अन्नदाता के पास स्वयं के पालन-पोषण के लिए भी पैसे नहीं हैं और वह परिवार छोड़कर आंदोलन में बैठा है। सरकार द्वारा कोई भुगतान न होने से किसान परेशान हैं और आंदोलन का खर्च कैसे उठाएं, इसी वजह से भिक्षा मांगकर सहयोग चाहा गया है। जिला सहमंत्री रजत दुबे ने बताया कि किसानों ने कड़ी मेहनत से प्रति एकड़ 4-5 क्विंटल मूंग का बंपर उत्पादन किया है। हालांकि, सरकार ने केवल 1 क्विंटल 20 किलो प्रति किसान की उपज खरीदने की घोषणा की है, जो बहुत कम है। इससे किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर मंडियों में बेचनी पड़ेगी, जहां भाव ₹4500-₹5000 प्रति क्विंटल चल रहे हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान होगा। संघ ने सरकार से शीघ्रता से शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा करने की मांग की है। इस विरोध प्रदर्शन में डोलरिया, नर्मदापुरम और इटारसी के कार्यकर्ता शामिल रहे। उपस्थित पदाधिकारियों में संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल, जिला सहमंत्री रजत दुबे, आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान, श्रीराम दुबे, डोलरिया तहसील अध्यक्ष बदामीलाल साध, विनोद दुबे, राजकुमार राजपूत, श्यामशरण तिवारी, शरद पटेल, अविनेश चौधरी, सुभाष साध, राजेश साध, पन्नालाल गौर और ब्रजकिशोर लोवंशी प्रमुख थे।
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    भारतीय किसान संघ ने मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखा है। इसी कड़ी में, आज किसान संघ के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शासन और प्रशासन से भिक्षा मांगकर अपना अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान अपने हाथों में कटोरा लिए, भजन गाते हुए सरकार और प्रशासन के सामने आए और भीख मांगी, यह दर्शाते हुए कि 'सरकार मूंग नहीं खरीद रही तो अन्नदाता भूखा न रहे' और उन्हें अपना गुजारा करने में मदद करें।

भारतीय किसान संघ के आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान ने बताया कि यह आंदोलन बीते तीन दिनों से लगातार चल रहा है, जिसमें किसान अपने खर्च पर खाना बना रहे हैं, टेंट लगाए हैं और कूलर की व्यवस्था भी की है ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। उन्होंने शिकायत की कि सरकार ने अभी तक मूंग की खरीदी की कोई घोषणा नहीं की है, और किसानों को दो महीने पहले बेचे गए गेहूं का भुगतान भी नहीं मिला है। किसानों के पास आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए उन्होंने भिक्षा मांगकर शासन-प्रशासन से सहयोग की अपील की है।

संघ के संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि किसान अन्नदाता और प्रजापालक हैं, जो अन्न का उत्पादन कर प्रजा का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन आज अन्नदाता के पास स्वयं के पालन-पोषण के लिए भी पैसे नहीं हैं और वह परिवार छोड़कर आंदोलन में बैठा है। सरकार द्वारा कोई भुगतान न होने से किसान परेशान हैं और आंदोलन का खर्च कैसे उठाएं, इसी वजह से भिक्षा मांगकर सहयोग चाहा गया है। जिला सहमंत्री रजत दुबे ने बताया कि किसानों ने कड़ी मेहनत से प्रति एकड़ 4-5 क्विंटल मूंग का बंपर उत्पादन किया है। हालांकि, सरकार ने केवल 1 क्विंटल 20 किलो प्रति किसान की उपज खरीदने की घोषणा की है, जो बहुत कम है। इससे किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर मंडियों में बेचनी पड़ेगी, जहां भाव ₹4500-₹5000 प्रति क्विंटल चल रहे हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान होगा। संघ ने सरकार से शीघ्रता से शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा करने की मांग की है।

इस विरोध प्रदर्शन में डोलरिया, नर्मदापुरम और इटारसी के कार्यकर्ता शामिल रहे। उपस्थित पदाधिकारियों में संभागीय मंत्री देवेंद्र पटेल, जिला सहमंत्री रजत दुबे, आंदोलन संयोजक ललित सिंह चौहान, श्रीराम दुबे, डोलरिया तहसील अध्यक्ष बदामीलाल साध, विनोद दुबे, राजकुमार राजपूत, श्यामशरण तिवारी, शरद पटेल, अविनेश चौधरी, सुभाष साध, राजेश साध, पन्नालाल गौर और ब्रजकिशोर लोवंशी प्रमुख थे।
    user_Praveen Gour पत्रकार
    Praveen Gour पत्रकार
    डोलरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रायसेन में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की विदिशा रोड स्थित शाखा के कियोस्क संचालक गोपाल राजपूत द्वारा ग्राहकों के खातों में बड़ी हेराफेरी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि संचालक ने सीधे-साधे खाताधारकों के विश्वास का फायदा उठाकर भारी वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम दिया। इस घटना के परिणामस्वरूप, कई ग्राहकों के खातों से उनकी जानकारी के बिना ही राशि निकाल ली गई है, जिससे क्षेत्र के खाताधारकों में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया है। पीड़ितों ने इस मामले को लेकर बैंक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन से शिकायत की है। इसके बाद, बैंक अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
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    रायसेन में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की विदिशा रोड स्थित शाखा के कियोस्क संचालक गोपाल राजपूत द्वारा ग्राहकों के खातों में बड़ी हेराफेरी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि संचालक ने सीधे-साधे खाताधारकों के विश्वास का फायदा उठाकर भारी वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम दिया।

इस घटना के परिणामस्वरूप, कई ग्राहकों के खातों से उनकी जानकारी के बिना ही राशि निकाल ली गई है, जिससे क्षेत्र के खाताधारकों में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया है।

पीड़ितों ने इस मामले को लेकर बैंक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन से शिकायत की है। इसके बाद, बैंक अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
    user_Vineet maheshwari
    Vineet maheshwari
    पत्रकारिता Raisen, Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • पिपरिया के शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को स्वामी विवेकानंद करियर प्रकोष्ठ और विधि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती दिशा चांडक ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्र-छात्राओं को महिला अधिकारों, साइबर सुरक्षा और मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन और वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.के. मेहरा ने अतिथि का स्वागत किया और विद्यार्थियों से ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का लाभ उठाने की अपील की। न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती दिशा चांडक ने अपने संबोधन में बताया कि डिजिटल युग में साइबर अपराधों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके मद्देनजर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कानूनों, कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्रों के बारे में भी विद्यार्थियों को विस्तार से बताया। इस दौरान एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ विद्यार्थियों ने कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछे और श्रीमती चांडक ने उनके सरल एवं व्यवहारिक उत्तर दिए, साथ ही विधि से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन स्वामी विवेकानंद करियर प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. अनिता सेन ने किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय अर्थव्यवस्था में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की स्थापना, विकास और उसके योगदान के बारे में भी जानकारी दी। शिविर के समापन पर विधि विभाग के श्री योगेश बड़गैया ने सभी का आभार व्यक्त किया। विधिक साक्षरता शिविर के पश्चात् महाविद्यालय के ईको क्लब द्वारा संचालित "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती दिशा चांडक ने वनस्पति उद्यान में पौधरोपण किया। इस अवसर पर रामफल, कदंब, अमलतास, कचनार, आंवला और पाम जैसे पौधे लगाए गए, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस पूरे कार्यक्रम में डॉ. ए.के. राकेशिया, डॉ. एल.एन. मालवीय, श्री तरुण सेंगर, श्री विक्रम चौधरी, श्री अतुल शर्मा, डॉ. राज राठी, डॉ. किटी मौर्य, श्री अजय मिश्रा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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    पिपरिया के शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को स्वामी विवेकानंद करियर प्रकोष्ठ और विधि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती दिशा चांडक ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्र-छात्राओं को महिला अधिकारों, साइबर सुरक्षा और मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन और वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.के. मेहरा ने अतिथि का स्वागत किया और विद्यार्थियों से ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का लाभ उठाने की अपील की। न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती दिशा चांडक ने अपने संबोधन में बताया कि डिजिटल युग में साइबर अपराधों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके मद्देनजर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कानूनों, कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्रों के बारे में भी विद्यार्थियों को विस्तार से बताया। इस दौरान एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ विद्यार्थियों ने कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछे और श्रीमती चांडक ने उनके सरल एवं व्यवहारिक उत्तर दिए, साथ ही विधि से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम का संचालन स्वामी विवेकानंद करियर प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. अनिता सेन ने किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय अर्थव्यवस्था में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की स्थापना, विकास और उसके योगदान के बारे में भी जानकारी दी। शिविर के समापन पर विधि विभाग के श्री योगेश बड़गैया ने सभी का आभार व्यक्त किया।

विधिक साक्षरता शिविर के पश्चात् महाविद्यालय के ईको क्लब द्वारा संचालित "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती दिशा चांडक ने वनस्पति उद्यान में पौधरोपण किया। इस अवसर पर रामफल, कदंब, अमलतास, कचनार, आंवला और पाम जैसे पौधे लगाए गए, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस पूरे कार्यक्रम में डॉ. ए.के. राकेशिया, डॉ. एल.एन. मालवीय, श्री तरुण सेंगर, श्री विक्रम चौधरी, श्री अतुल शर्मा, डॉ. राज राठी, डॉ. किटी मौर्य, श्री अजय मिश्रा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
    user_Chhagan Kushawaha
    Chhagan Kushawaha
    पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल को ₹30.86 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया, इससे पहले उनका रोड शो भी हुआ जिसमें जनता ने उन पर फूल बरसाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा की, साथ ही यह भी कहा कि इसी महीने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रयास किया जाएगा क्योंकि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालापीपल को अद्भुत क्षेत्र बताते हुए कहा कि मां राज-राजेश्वरी और पांच नदियों – नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती की इस पर असीम कृपा है। उन्होंने शाजापुर की धरती को 'सोना उगलने वाली' और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली बताया। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अब उन्हें छह महीने के ब्याज के झंझट से मुक्ति मिलेगी और एक साल के लिए लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों के लिए सबकुछ करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नर्मदा शाजापुर से दूर होने के बावजूद, यहां के 118 गांवों में नर्मदा का जल पहुंचता है और आने वाले दिनों में बचे हुए गांवों में भी पानी पहुंचाया जाएगा। डॉ. यादव ने भाजपा सरकार में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1956 से 2002-03 तक कांग्रेस के शासनकाल में सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जबकि भाजपा सरकार बनने के बाद यह 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह गेहूं के भाव में 55 साल में ₹400 की भी वृद्धि नहीं कर पाई, जबकि अभी किसानों ने गेहूं ₹2625 प्रति क्विंटल बेचा है, जो भाजपा को वोट देने का परिणाम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले रात में लाइट नहीं जलती थी, अब दिन में मिलती है, जिससे किसानों को रात में सिंचाई के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस को अपने 'पापों' के लिए किसानों से माफी मांगने को कहा और दावा किया कि भाजपा सरकार किसानों को भगवान के समान पूजती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कभी एमएसपी पर फसल नहीं खरीदी और किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया। उन्होंने जनता से कहा कि कांग्रेसी दरवाजा खटखटाएं तो उनसे ये सारे सवाल करें। उन्होंने कांग्रेस पर एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य से लड़वाने और पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वाने का आरोप लगाया, जिसमें उनके अनुसार किसानों के खून की नदियां बही थीं और कांग्रेसी मजे करते थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की 'बांटो और राज करो' की नीति को कांग्रेसियों ने अपनाया है। उन्होंने राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच पानी के 20-30 साल पुराने झगड़े के समाधान का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया, जिसके तहत पार्वती-कालीसिंध परियोजना से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले मध्य प्रदेश के लाभान्वित होंगे, जिसमें 90% खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। इसी तरह, उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी पर एमओयू और महाराष्ट्र के साथ हुए करार का भी उल्लेख किया, जिससे बुंदेलखंड अब प्यासा नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदरा सरोवर परियोजना के लिए अब मध्य प्रदेश को ₹1500 करोड़ के बजाय मात्र ₹231 करोड़ देने होंगे। उन्होंने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अभी तक ₹60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में जा चुकी है, जबकि कांग्रेसियों ने पहले इस योजना का मजाक उड़ाया था और कथित तौर पर कहा था कि बहनें शराब पीती हैं, उन्हें रुपये नहीं देने चाहिए। उन्होंने महिलाओं से कांग्रेसियों के इस बयान को याद रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने खेत से लेकर बागबां तक सभी के सम्मान की बात करते हुए कहा कि हमारी सरकार पूरे साल काम करती है। उन्होंने दोहराया कि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए और मुस्लिम बहनों के आत्मसम्मान के लिए 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान' आवश्यक है, इसलिए इसी महीने विधानसभा में यूसीसी लागू करने का प्रयास किया जाएगा। अंत में, मुख्यमंत्री ने दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने, दस साल से टली सब इंस्पेक्टर भर्ती को शुरू करने, पदोन्नति देने और रोजगार के रास्ते खोलने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में ₹10 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे आलू की फसल भी उगाएं क्योंकि पेप्सिको प्लांट उन्हीं के पास लग रहा है जो उनसे आलू खरीदेगा। उन्होंने किसानों को अपनी जमीन पर होम स्टे बनाने और बच्चों को सांदीपनि स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह के काम हो रहे हैं।
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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल को ₹30.86 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया, इससे पहले उनका रोड शो भी हुआ जिसमें जनता ने उन पर फूल बरसाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा की, साथ ही यह भी कहा कि इसी महीने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रयास किया जाएगा क्योंकि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालापीपल को अद्भुत क्षेत्र बताते हुए कहा कि मां राज-राजेश्वरी और पांच नदियों – नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती की इस पर असीम कृपा है। उन्होंने शाजापुर की धरती को 'सोना उगलने वाली' और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली बताया। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अब उन्हें छह महीने के ब्याज के झंझट से मुक्ति मिलेगी और एक साल के लिए लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों के लिए सबकुछ करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नर्मदा शाजापुर से दूर होने के बावजूद, यहां के 118 गांवों में नर्मदा का जल पहुंचता है और आने वाले दिनों में बचे हुए गांवों में भी पानी पहुंचाया जाएगा।

डॉ. यादव ने भाजपा सरकार में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1956 से 2002-03 तक कांग्रेस के शासनकाल में सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जबकि भाजपा सरकार बनने के बाद यह 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह गेहूं के भाव में 55 साल में ₹400 की भी वृद्धि नहीं कर पाई, जबकि अभी किसानों ने गेहूं ₹2625 प्रति क्विंटल बेचा है, जो भाजपा को वोट देने का परिणाम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले रात में लाइट नहीं जलती थी, अब दिन में मिलती है, जिससे किसानों को रात में सिंचाई के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस को अपने 'पापों' के लिए किसानों से माफी मांगने को कहा और दावा किया कि भाजपा सरकार किसानों को भगवान के समान पूजती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कभी एमएसपी पर फसल नहीं खरीदी और किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया। उन्होंने जनता से कहा कि कांग्रेसी दरवाजा खटखटाएं तो उनसे ये सारे सवाल करें। उन्होंने कांग्रेस पर एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य से लड़वाने और पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वाने का आरोप लगाया, जिसमें उनके अनुसार किसानों के खून की नदियां बही थीं और कांग्रेसी मजे करते थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की 'बांटो और राज करो' की नीति को कांग्रेसियों ने अपनाया है। उन्होंने राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच पानी के 20-30 साल पुराने झगड़े के समाधान का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया, जिसके तहत पार्वती-कालीसिंध परियोजना से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले मध्य प्रदेश के लाभान्वित होंगे, जिसमें 90% खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। इसी तरह, उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी पर एमओयू और महाराष्ट्र के साथ हुए करार का भी उल्लेख किया, जिससे बुंदेलखंड अब प्यासा नहीं रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदरा सरोवर परियोजना के लिए अब मध्य प्रदेश को ₹1500 करोड़ के बजाय मात्र ₹231 करोड़ देने होंगे। उन्होंने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अभी तक ₹60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में जा चुकी है, जबकि कांग्रेसियों ने पहले इस योजना का मजाक उड़ाया था और कथित तौर पर कहा था कि बहनें शराब पीती हैं, उन्हें रुपये नहीं देने चाहिए। उन्होंने महिलाओं से कांग्रेसियों के इस बयान को याद रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने खेत से लेकर बागबां तक सभी के सम्मान की बात करते हुए कहा कि हमारी सरकार पूरे साल काम करती है। उन्होंने दोहराया कि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए और मुस्लिम बहनों के आत्मसम्मान के लिए 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान' आवश्यक है, इसलिए इसी महीने विधानसभा में यूसीसी लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

अंत में, मुख्यमंत्री ने दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने, दस साल से टली सब इंस्पेक्टर भर्ती को शुरू करने, पदोन्नति देने और रोजगार के रास्ते खोलने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में ₹10 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे आलू की फसल भी उगाएं क्योंकि पेप्सिको प्लांट उन्हीं के पास लग रहा है जो उनसे आलू खरीदेगा। उन्होंने किसानों को अपनी जमीन पर होम स्टे बनाने और बच्चों को सांदीपनि स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह के काम हो रहे हैं।
    user_भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • आज 9 जुलाई 2026 को भोपाल कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कॉलोनी संबंधी मामलों के समाधान हेतु एक विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एडीएम श्री सुमित पांडे ने की। इस दौरान नागरिकों की कॉलोनियों से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं को सुना जा रहा है, और संबंधित अधिकारियों को इनके त्वरित निराकरण के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।
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    आज 9 जुलाई 2026 को भोपाल कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कॉलोनी संबंधी मामलों के समाधान हेतु एक विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एडीएम श्री सुमित पांडे ने की। इस दौरान नागरिकों की कॉलोनियों से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं को सुना जा रहा है, और संबंधित अधिकारियों को इनके त्वरित निराकरण के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक कियोस्क संचालक द्वारा लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम देने के बाद, आरोपी कियोस्क संचालक मौके से फरार हो गया है। इस पूरी घटना और बैंक के जवाब को लेकर अब दर्शक ही यह तय करेंगे कि इस मामले में आगे क्या निष्कर्ष निकलता है और उन्हें इस पर क्या विचार करना चाहिए।
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    मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक कियोस्क संचालक द्वारा लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम देने के बाद, आरोपी कियोस्क संचालक मौके से फरार हो गया है। इस पूरी घटना और बैंक के जवाब को लेकर अब दर्शक ही यह तय करेंगे कि इस मामले में आगे क्या निष्कर्ष निकलता है और उन्हें इस पर क्या विचार करना चाहिए।
    user_भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • नर्मदापुरम् के पिपरिया शहर का एकमात्र प्रमुख आरएनए खेल मैदान इन दिनों खेल गतिविधियों के बजाय जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिसके चलते खिलाड़ियों का अभ्यास पूरी तरह ठप पड़ गया है। मैदान में बारिश का पानी भरने से आक्रोशित खिलाड़ियों और स्टूडेंट ऑर्गेनाइज़ेशन के पदाधिकारियों ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को मैदान में धान की रोपाई कर अपना अनोखा विरोध दर्ज कराया। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद मैदान से पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सीएम राइज स्कूल के निर्माण के बाद खेल मैदान का क्षेत्रफल पहले ही कम हो गया था, और इसके बावजूद निर्माण एजेंसी ने बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली तक नहीं बनाई। इसी लापरवाही के कारण हर बारिश में मैदान तालाब में तब्दील हो जाता है और खिलाड़ियों को अभ्यास छोड़ना पड़ता है। स्टूडेंट ऑर्गेनाइज़ेशन के सचिव वैभव शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के हित में किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मैदान से पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा। खिलाड़ियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और मैदान को दोबारा खेल योग्य बनाने की मांग की है।
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    नर्मदापुरम् के पिपरिया शहर का एकमात्र प्रमुख आरएनए खेल मैदान इन दिनों खेल गतिविधियों के बजाय जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिसके चलते खिलाड़ियों का अभ्यास पूरी तरह ठप पड़ गया है। मैदान में बारिश का पानी भरने से आक्रोशित खिलाड़ियों और स्टूडेंट ऑर्गेनाइज़ेशन के पदाधिकारियों ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को मैदान में धान की रोपाई कर अपना अनोखा विरोध दर्ज कराया।

खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद मैदान से पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सीएम राइज स्कूल के निर्माण के बाद खेल मैदान का क्षेत्रफल पहले ही कम हो गया था, और इसके बावजूद निर्माण एजेंसी ने बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली तक नहीं बनाई। इसी लापरवाही के कारण हर बारिश में मैदान तालाब में तब्दील हो जाता है और खिलाड़ियों को अभ्यास छोड़ना पड़ता है।

स्टूडेंट ऑर्गेनाइज़ेशन के सचिव वैभव शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के हित में किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मैदान से पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा। खिलाड़ियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और मैदान को दोबारा खेल योग्य बनाने की मांग की है।
    user_Chhagan Kushawaha
    Chhagan Kushawaha
    पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया है कि वह जीतू पटवारी जी के भाई नाना पटवारी को संरक्षण दे रही है। भाजपा प्रवक्ता डॉ. गुलरेज़ शेख ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नाना पटवारी एक आदतन अपराधी हैं और कांग्रेस उन्हें बचा रही है।
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    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया है कि वह जीतू पटवारी जी के भाई नाना पटवारी को संरक्षण दे रही है। भाजपा प्रवक्ता डॉ. गुलरेज़ शेख ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नाना पटवारी एक आदतन अपराधी हैं और कांग्रेस उन्हें बचा रही है।
    user_Aamir Khan
    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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