मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल को ₹30.86 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया, इससे पहले उनका रोड शो भी हुआ जिसमें जनता ने उन पर फूल बरसाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा की, साथ ही यह भी कहा कि इसी महीने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रयास किया जाएगा क्योंकि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालापीपल को अद्भुत क्षेत्र बताते हुए कहा कि मां राज-राजेश्वरी और पांच नदियों – नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती की इस पर असीम कृपा है। उन्होंने शाजापुर की धरती को 'सोना उगलने वाली' और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली बताया। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अब उन्हें छह महीने के ब्याज के झंझट से मुक्ति मिलेगी और एक साल के लिए लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों के लिए सबकुछ करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नर्मदा शाजापुर से दूर होने के बावजूद, यहां के 118 गांवों में नर्मदा का जल पहुंचता है और आने वाले दिनों में बचे हुए गांवों में भी पानी पहुंचाया जाएगा। डॉ. यादव ने भाजपा सरकार में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1956 से 2002-03 तक कांग्रेस के शासनकाल में सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जबकि भाजपा सरकार बनने के बाद यह 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह गेहूं के भाव में 55 साल में ₹400 की भी वृद्धि नहीं कर पाई, जबकि अभी किसानों ने गेहूं ₹2625 प्रति क्विंटल बेचा है, जो भाजपा को वोट देने का परिणाम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले रात में लाइट नहीं जलती थी, अब दिन में मिलती है, जिससे किसानों को रात में सिंचाई के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस को अपने 'पापों' के लिए किसानों से माफी मांगने को कहा और दावा किया कि भाजपा सरकार किसानों को भगवान के समान पूजती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कभी एमएसपी पर फसल नहीं खरीदी और किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया। उन्होंने जनता से कहा कि कांग्रेसी दरवाजा खटखटाएं तो उनसे ये सारे सवाल करें। उन्होंने कांग्रेस पर एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य से लड़वाने और पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वाने का आरोप लगाया, जिसमें उनके अनुसार किसानों के खून की नदियां बही थीं और कांग्रेसी मजे करते थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की 'बांटो और राज करो' की नीति को कांग्रेसियों ने अपनाया है। उन्होंने राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच पानी के 20-30 साल पुराने झगड़े के समाधान का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया, जिसके तहत पार्वती-कालीसिंध परियोजना से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले मध्य प्रदेश के लाभान्वित होंगे, जिसमें 90% खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। इसी तरह, उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी पर एमओयू और महाराष्ट्र के साथ हुए करार का भी उल्लेख किया, जिससे बुंदेलखंड अब प्यासा नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदरा सरोवर परियोजना के लिए अब मध्य प्रदेश को ₹1500 करोड़ के बजाय मात्र ₹231 करोड़ देने होंगे। उन्होंने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अभी तक ₹60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में जा चुकी है, जबकि कांग्रेसियों ने पहले इस योजना का मजाक उड़ाया था और कथित तौर पर कहा था कि बहनें शराब पीती हैं, उन्हें रुपये नहीं देने चाहिए। उन्होंने महिलाओं से कांग्रेसियों के इस बयान को याद रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने खेत से लेकर बागबां तक सभी के सम्मान की बात करते हुए कहा कि हमारी सरकार पूरे साल काम करती है। उन्होंने दोहराया कि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए और मुस्लिम बहनों के आत्मसम्मान के लिए 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान' आवश्यक है, इसलिए इसी महीने विधानसभा में यूसीसी लागू करने का प्रयास किया जाएगा। अंत में, मुख्यमंत्री ने दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने, दस साल से टली सब इंस्पेक्टर भर्ती को शुरू करने, पदोन्नति देने और रोजगार के रास्ते खोलने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में ₹10 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे आलू की फसल भी उगाएं क्योंकि पेप्सिको प्लांट उन्हीं के पास लग रहा है जो उनसे आलू खरीदेगा। उन्होंने किसानों को अपनी जमीन पर होम स्टे बनाने और बच्चों को सांदीपनि स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह के काम हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल को ₹30.86 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया, इससे पहले उनका रोड शो भी हुआ जिसमें जनता ने उन पर फूल बरसाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा की, साथ ही यह भी कहा कि इसी महीने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रयास किया जाएगा क्योंकि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालापीपल को अद्भुत क्षेत्र बताते हुए कहा कि मां राज-राजेश्वरी और पांच नदियों – नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती की इस पर असीम कृपा है। उन्होंने शाजापुर की धरती को 'सोना उगलने वाली' और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली बताया। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अब उन्हें छह महीने के ब्याज के झंझट से मुक्ति मिलेगी और एक साल के लिए लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों के लिए सबकुछ करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नर्मदा शाजापुर से दूर होने के बावजूद, यहां के 118 गांवों में नर्मदा का जल पहुंचता है और आने वाले दिनों में बचे हुए गांवों में भी पानी पहुंचाया जाएगा। डॉ. यादव ने भाजपा सरकार में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1956 से 2002-03 तक कांग्रेस के शासनकाल में सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जबकि भाजपा सरकार बनने के बाद यह 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह गेहूं के भाव में 55 साल में ₹400 की भी वृद्धि नहीं कर पाई, जबकि अभी किसानों ने गेहूं ₹2625 प्रति क्विंटल बेचा है, जो भाजपा को वोट देने का परिणाम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले रात में लाइट नहीं जलती थी, अब दिन में मिलती है, जिससे किसानों को रात में सिंचाई के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस को अपने 'पापों' के लिए किसानों से माफी मांगने को कहा और दावा किया कि भाजपा सरकार किसानों को भगवान के समान पूजती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कभी एमएसपी पर फसल नहीं खरीदी
और किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया। उन्होंने जनता से कहा कि कांग्रेसी दरवाजा खटखटाएं तो उनसे ये सारे सवाल करें। उन्होंने कांग्रेस पर एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य से लड़वाने और पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वाने का आरोप लगाया, जिसमें उनके अनुसार किसानों के खून की नदियां बही थीं और कांग्रेसी मजे करते थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की 'बांटो और राज करो' की नीति को कांग्रेसियों ने अपनाया है। उन्होंने राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच पानी के 20-30 साल पुराने झगड़े के समाधान का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया, जिसके तहत पार्वती-कालीसिंध परियोजना से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले मध्य प्रदेश के लाभान्वित होंगे, जिसमें 90% खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। इसी तरह, उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी पर एमओयू और महाराष्ट्र के साथ हुए करार का भी उल्लेख किया, जिससे बुंदेलखंड अब प्यासा नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदरा सरोवर परियोजना के लिए अब मध्य प्रदेश को ₹1500 करोड़ के बजाय मात्र ₹231 करोड़ देने होंगे। उन्होंने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अभी तक ₹60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में जा चुकी है, जबकि कांग्रेसियों ने पहले इस योजना का मजाक उड़ाया था और कथित तौर पर कहा था कि बहनें शराब पीती हैं, उन्हें रुपये नहीं देने चाहिए। उन्होंने महिलाओं से कांग्रेसियों के इस बयान को याद रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने खेत से लेकर बागबां तक सभी के सम्मान की बात करते हुए कहा कि हमारी सरकार पूरे साल काम करती है। उन्होंने दोहराया कि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए और मुस्लिम बहनों के आत्मसम्मान के लिए 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान' आवश्यक है, इसलिए इसी महीने विधानसभा में यूसीसी लागू करने का प्रयास किया जाएगा। अंत में, मुख्यमंत्री ने दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने, दस साल से टली सब इंस्पेक्टर भर्ती को शुरू करने, पदोन्नति देने और रोजगार के रास्ते खोलने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में ₹10 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे आलू की फसल भी उगाएं क्योंकि पेप्सिको प्लांट उन्हीं के पास लग रहा है जो उनसे आलू खरीदेगा। उन्होंने किसानों को अपनी जमीन पर होम स्टे बनाने और बच्चों को सांदीपनि स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह के काम हो रहे हैं।
- रायसेन: एसबीआई कियोस्क संचालक गोपाल राजपूत की बड़ी हेराफेरी उजागर, ग्राहकों में हड़कंप** ### ** **रायसेन।** विदिशा रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा के कियोस्क संचालक गोपाल राजपूत द्वारा ग्राहकों के खातों में बड़ी हेराफेरी करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी संचालक ने सीधे-साधे खाताधारकों के विश्वास का फायदा उठाकर भारी वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम दिया। कई ग्राहकों के खातों से बिना उनकी जानकारी के राशि पार कर दी गई, जिसके बाद से क्षेत्र के खाताधारकों में भारी आक्रोश और हड़कंप है। पीड़ितों ने मामले की शिकायत बैंक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन से की है। बैंक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल को ₹30.86 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया, इससे पहले उनका रोड शो भी हुआ जिसमें जनता ने उन पर फूल बरसाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा की, साथ ही यह भी कहा कि इसी महीने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रयास किया जाएगा क्योंकि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालापीपल को अद्भुत क्षेत्र बताते हुए कहा कि मां राज-राजेश्वरी और पांच नदियों – नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती की इस पर असीम कृपा है। उन्होंने शाजापुर की धरती को 'सोना उगलने वाली' और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली बताया। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अब उन्हें छह महीने के ब्याज के झंझट से मुक्ति मिलेगी और एक साल के लिए लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों के लिए सबकुछ करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नर्मदा शाजापुर से दूर होने के बावजूद, यहां के 118 गांवों में नर्मदा का जल पहुंचता है और आने वाले दिनों में बचे हुए गांवों में भी पानी पहुंचाया जाएगा। डॉ. यादव ने भाजपा सरकार में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1956 से 2002-03 तक कांग्रेस के शासनकाल में सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जबकि भाजपा सरकार बनने के बाद यह 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह गेहूं के भाव में 55 साल में ₹400 की भी वृद्धि नहीं कर पाई, जबकि अभी किसानों ने गेहूं ₹2625 प्रति क्विंटल बेचा है, जो भाजपा को वोट देने का परिणाम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले रात में लाइट नहीं जलती थी, अब दिन में मिलती है, जिससे किसानों को रात में सिंचाई के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस को अपने 'पापों' के लिए किसानों से माफी मांगने को कहा और दावा किया कि भाजपा सरकार किसानों को भगवान के समान पूजती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कभी एमएसपी पर फसल नहीं खरीदी और किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया। उन्होंने जनता से कहा कि कांग्रेसी दरवाजा खटखटाएं तो उनसे ये सारे सवाल करें। उन्होंने कांग्रेस पर एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य से लड़वाने और पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वाने का आरोप लगाया, जिसमें उनके अनुसार किसानों के खून की नदियां बही थीं और कांग्रेसी मजे करते थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की 'बांटो और राज करो' की नीति को कांग्रेसियों ने अपनाया है। उन्होंने राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच पानी के 20-30 साल पुराने झगड़े के समाधान का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया, जिसके तहत पार्वती-कालीसिंध परियोजना से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले मध्य प्रदेश के लाभान्वित होंगे, जिसमें 90% खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। इसी तरह, उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी पर एमओयू और महाराष्ट्र के साथ हुए करार का भी उल्लेख किया, जिससे बुंदेलखंड अब प्यासा नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदरा सरोवर परियोजना के लिए अब मध्य प्रदेश को ₹1500 करोड़ के बजाय मात्र ₹231 करोड़ देने होंगे। उन्होंने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अभी तक ₹60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में जा चुकी है, जबकि कांग्रेसियों ने पहले इस योजना का मजाक उड़ाया था और कथित तौर पर कहा था कि बहनें शराब पीती हैं, उन्हें रुपये नहीं देने चाहिए। उन्होंने महिलाओं से कांग्रेसियों के इस बयान को याद रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने खेत से लेकर बागबां तक सभी के सम्मान की बात करते हुए कहा कि हमारी सरकार पूरे साल काम करती है। उन्होंने दोहराया कि देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए और मुस्लिम बहनों के आत्मसम्मान के लिए 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान' आवश्यक है, इसलिए इसी महीने विधानसभा में यूसीसी लागू करने का प्रयास किया जाएगा। अंत में, मुख्यमंत्री ने दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने, दस साल से टली सब इंस्पेक्टर भर्ती को शुरू करने, पदोन्नति देने और रोजगार के रास्ते खोलने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में ₹10 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे आलू की फसल भी उगाएं क्योंकि पेप्सिको प्लांट उन्हीं के पास लग रहा है जो उनसे आलू खरीदेगा। उन्होंने किसानों को अपनी जमीन पर होम स्टे बनाने और बच्चों को सांदीपनि स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह के काम हो रहे हैं।2
- बारिश के मौसम में अक्सर घरों और आसपास के इलाकों से जहरीले सांप निकलने की घटनाएं सामने आती हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए विदिशा में एक विशेष टीम सक्रिय है, जो जनहित में अपनी सेवाएं प्रदान करती है। सर्प विशेषज्ञ फिरोज खान और उनके सहयोगी, जिनमें राजेश विश्वाकर्मा भी शामिल हैं, ने बताया कि अगर किसी के आसपास इस प्रकार के सांप दिखाई देते हैं, तो उन्हें तुरंत सूचित किया जाना चाहिए। यह टीम मौके पर पहुंचकर सांपों को पकड़ती है और फिर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ने का कार्य करती है।3
- आज दिनांक 09 जुलाई 2026 को पुलिस महानिरीक्षक भोपाल (देहात) ज़ोन श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र ने विदिशा का दौरा किया। उनके आगमन पर पुलिस कंट्रोल रूम में उन्हें सलामी दी गई, जिसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम और फिंगरप्रिंट शाखा का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, श्रीमती मिश्र ने अपराध अनुसंधान में फिंगरप्रिंट शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका, वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग और शाखा की उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर विवेचना को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं परिणाममुखी बनाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत, पुलिस कंट्रोल रूम विदिशा में आईजीपी महोदया की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी की उपस्थिति में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे सहित समस्त एसडीओपी, थाना प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत हार्टफुलनेस सत्र के अंतर्गत 10 मिनट के ध्यान से हुई, जिस पर श्रीमती मिश्र ने नियमित ध्यान एवं हार्टफुलनेस सत्र आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मअनुशासन से कार्यक्षमता बढ़ती है, जिससे पुलिसकर्मी अधिक संवेदनशील और प्रभावी ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकते हैं। समीक्षा बैठक के दौरान, उन्होंने आगामी त्योहारों की तैयारियों, कानून-व्यवस्था, प्रभावी पुलिसिंग एवं विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, साइबर जागरूकता अभियान, महिला संबंधी अपराधों में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई, नशे के विरुद्ध अभियान, गौवंश के अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आईजीपी महोदया ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ आमजन को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक अधिकारी को जनसंपर्क बढ़ाते हुए संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता देने तथा आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को संबोधित करते हुए, श्रीमती मिश्र ने कहा कि पुलिस सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि करुणा, संवेदनशीलता और जनसेवा का संकल्प है, और पुलिस का ध्येय 'देशभक्ति-जनसेवा' है। उन्होंने जोर दिया कि 'देशभक्ति-जनसेवा' कार्य संस्कृति का आधार बने और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की संवेदनशीलता के साथ सेवा की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय सीमित है, इसलिए हर अवसर को जनहित में सार्थक बनाएं, क्योंकि अच्छी नीयत से अच्छे कार्य करने वाले लोग ही विभाग और समाज को सही दिशा देते हैं। बैठक के समापन पर, उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुशासित, जवाबदेह एवं संवेदनशील पुलिसिंग करते हुए प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।2
- भोपाल से राजगढ़ की ओर यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। इस सूचना में यह सवाल उठाया गया है कि क्या अब लोगों के लिए इस मार्ग पर जाना संभव नहीं होगा।1
- आज 9 जुलाई 2026 को भोपाल कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कॉलोनी संबंधी मामलों के समाधान हेतु एक विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एडीएम श्री सुमित पांडे ने की। इस दौरान नागरिकों की कॉलोनियों से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं को सुना जा रहा है, और संबंधित अधिकारियों को इनके त्वरित निराकरण के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक कियोस्क संचालक द्वारा लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम देने के बाद, आरोपी कियोस्क संचालक मौके से फरार हो गया है। इस पूरी घटना और बैंक के जवाब को लेकर अब दर्शक ही यह तय करेंगे कि इस मामले में आगे क्या निष्कर्ष निकलता है और उन्हें इस पर क्या विचार करना चाहिए।1
- आज सुबह भोपाल में आयशर कॉलेज के पास एथेनॉल से भरे एक टैंकर के केबिन में अचानक आग लग गई। सुबह करीब 11:15 बजे हुई इस घटना के बाद, समय पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एक फायर ब्रिगेड वाहन की मदद से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। आग केवल टैंकर के केबिन तक ही सीमित रही, जिससे टैंकर में भरा एथेनॉल पूरी तरह सुरक्षित बचा रहा। दमकलकर्मियों की तत्परता से आग बुझने के कारण एक बड़ा हादसा और संभावित विस्फोट टल गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। हादसे में टैंकर का केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग लगने के समय ट्रक चालक मौके पर मौजूद नहीं था, और उसकी तलाश के साथ-साथ पूछताछ भी की जा रही है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है, और पुलिस तथा संबंधित विभाग इसकी जांच में जुटे हुए हैं।1