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हरियाणा सरकार ने पंचायती (शामलात) भूमि पर बने मकानों के मालिकाना हक के लिए 'समाधान' पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से उन ग्रामीणों को मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा जिन्होंने वर्ष 2004 से पहले पंचायती जमीन पर 500 वर्ग गज तक की सीमा में अपने मकान बनाए हुए हैं। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने इस नए पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि अब पात्र ग्रामीण ऑनलाइन आवेदन कर कानूनी मालिकाना हक प्राप्त कर सकेंगे। इस नई पहल से पूरी आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनेगी।
Raj Pal Sharma
हरियाणा सरकार ने पंचायती (शामलात) भूमि पर बने मकानों के मालिकाना हक के लिए 'समाधान' पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से उन ग्रामीणों को मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा जिन्होंने वर्ष 2004 से पहले पंचायती जमीन पर 500 वर्ग गज तक की सीमा में अपने मकान बनाए हुए हैं। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने इस नए पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि अब पात्र ग्रामीण ऑनलाइन आवेदन कर कानूनी मालिकाना हक प्राप्त कर सकेंगे। इस नई पहल से पूरी आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनेगी।
More news from हरियाणा and nearby areas
- हरियाणा के अंबाला में एक सुखद मामला सामने आया है, जहां पिछले 6 वर्षों से लापता चल रहे पिता आखिरकार हरिद्वार से मिल गए हैं। इस लंबे अंतराल के बाद लापता पिता के सकुशल मिल जाने पर अंबाला पुलिस का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया है। छह साल से लापता व्यक्ति का पता लगाने के पुलिस के इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस प्रशासन का धन्यवाद जताया गया है।1
- Post by Ankur Saini2
- हरियाणा के यमुनानगर जिले के जगाधरी में इस्कॉन प्रचार सभा द्वारा जगन्नाथ रथ यात्रा के उपलक्ष्य में भजन संध्या का आयोजन किया गया।1
- चंडीगढ़ के इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम में प्रदेश स्तरीय 'नवा मुक्त हरियाणा' कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस विशेष कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक यमुनानगर की ओर से साढ़ौरा की 'सही राह' टीम को आमंत्रित किया गया था। साढ़ौरा से सर्वश्री सतपाल शर्मा, नरेश कुमार बक्शी, कुलविंद्र सिंह चड्डा, चमनलाल सैनी, शिवम् अग्रवाल एवं मण्डल महामंत्री मंगत राम सैनी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। कार्यक्रम के बाद माननीय मुख्यमंत्री जी ने साढ़ौरा की 'सही राह' टीम को मंच पर आमंत्रित किया, जहां टीम के सदस्यों को मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने का गौरवपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के सभी कस्बों और गांवों में नशा विरोधी टास्क फोर्स टीम गठित करने के कड़े आदेश दिए। जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के दिशा-निर्देशों के तहत इस 'सही राह' टीम ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की।1
- फोर्टिस मोहाली के डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से जटिल ईएनटी रोगियों को नई जिंदगी दी है। इसके साथ ही, डॉ. अशोक गुप्ता अब तक 1000 से अधिक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कर चुके हैं।1
- यमुनानगर में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, फोर्टिस अस्पताल मोहाली के ईएनटी विभाग ने चौथी पीढ़ी के उन्नत रोबोट 'दा विंची एक्सआई' की मदद से जटिल कान, नाक और गले (ईएनटी) के विकारों से पीड़ित मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया है। ईएनटी और हेड एंड नेक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. अशोक गुप्ता के नेतृत्व में इस रोबोट-सहायक सर्जरी तकनीक का उपयोग किया गया, जिसे कान, स्ट्रेप थ्रोट, साइनसाइटिस और स्लीप एपनिया के जटिल संक्रमणों में स्वर्ण मानक उपचार माना जाता है। इसी कड़ी में विभाग ने देश के कोने-कोने तक बहरेपन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक अनोखा 'बहरापन-मुक्त भारत' अभियान भी शुरू किया है। इस तकनीक के जरिए कई जटिल मामलों को सफलतापूर्वक सुलझाया गया है। पहले मामले में, जन्मजात द्विपक्षीय बहरेपन, टिनिटस और कान से स्राव की समस्या से पीड़ित एक 6 वर्षीय बच्ची की फोर्टिस मोहाली में सफल कॉक्लियर इम्प्लांटेशन सर्जरी की गई। डॉ. अशोक गुप्ता ने बच्ची के कान के अंदर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बाहर प्रोसेसर लगाकर श्रवण तंत्रिका को उत्तेजित किया, जिससे सर्जरी के दो दिन बाद ही उसे छुट्टी दे दी गई और वह अब बेहतर ढंग से सुनने व समझने लगी है। डॉ. गुप्ता अब तक 1000 से अधिक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कर चुके हैं। एक अन्य मामले में, सांस की समस्या और अत्यधिक सुस्ती से पीड़ित 28 वर्षीय मरीज सन्नी गोयल का इलाज किया गया, जो ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित था। डॉ. अशोक गुप्ता और कंसल्टेंट डॉ. अनुरागिनी गुप्ता की टीम ने ट्रांसोरल रोबोट-असिस्टेड यूवुलोप्लाटोफैरिंजोप्लास्टी (यूवीपीपी) सर्जरी के जरिए मरीज के ऊपरी वायुमार्ग का पुनर्निर्माण कर श्वासनली को चौड़ा किया, जिसके दो दिन बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई। डॉ. गुप्ता के अनुसार, रोबोट-सहायक सर्जरी मिनिमल इनवेसिव तकनीक का नवीनतम रूप है, जो 3डी दृश्य प्रदान करती है और इसके 360 डिग्री घूमने वाले उपकरण इंसानी हाथ की पहुंच से दूर अंगों तक आसानी से पहुंच सकते हैं।3
- हरियाणा के यमुनानगर में आगामी 19 जुलाई 2026 को विशाल जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा।1
- कैथल के पट्टी अफगान गली नंबर 5 में सड़क और नाली न बनने से परेशान स्थानीय निवासी सम्राट ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर मदद की अपील की है। सम्राट ठाकुर का कहना है कि उन्होंने गली और नाली बनवाने के लिए सरपंच से कई बार शिकायत की है, लेकिन सरपंच द्वारा उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी वजह से उन्हें मजबूरन सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा है ताकि लोगों के सहयोग से उनकी गली का निर्माण हो सके। बारिश के दिनों में इस गली से लोगों का पैदल चलना भी पूरी तरह दूभर हो गया है। सम्राट ठाकुर ने सभी देशवासियों से इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने की विनती की है और सरपंच से हाथ जोड़कर अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द इस गली का निर्माण करवाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- 17 जुलाई का दिन भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है, जब देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के सक्षम नेतृत्व में हरियाणा इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। यह सिर्फ एक ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह देश को हरित, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने का अवसर है। आने वाले वर्षों में जब भी इस हरित विकास क्रांति की चर्चा होगी, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का नाम हमेशा प्रमुखता से लिया जाएगा, जिन्होंने घोषणाओं से आगे बढ़कर तेज़ गति और पूरी पारदर्शिता के साथ इसे धरातल पर उतारा है। यह ऐतिहासिक ट्रेन जींद–सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो डबल इंजन सरकार के शानदार समन्वय और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त उदाहरण है। तकनीकी रूप से यह ट्रेन अत्याधुनिक फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न की जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल है, जिसमें कोई कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और केवल जलवाष्प निकलती है। इसके अलावा, यह तकनीक उन रेलमार्गों पर भी अत्यधिक कारगर साबित होगी जहाँ ओवरहेड बिजली लाइनें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक किफायती और हरित रेल सेवा का विस्तार मुमकिन होगा। जींद से चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन देश की पटरियों पर दौड़ने के साथ ही विकसित भारत के संकल्प, नई तकनीक और नए आत्मविश्वास को नई गति प्रदान करेगी, जो भारत के हरित और आधुनिक भविष्य की एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगी।1