हमीरपुर के भरुआसुमेरपुर में नेशनल हाइवे चौंतीस, जिसे 'खूनी हाइवे' भी कहा जाता है, पर प्रतिदिन होने वाले सड़क हादसों और मौतों से निजात पाने के लिए विभिन्न राजनीतिक व गैर-राजनीतिक दलों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और महिला संगठनों ने एक विरोध प्रदर्शन किया। ये सभी समूह हाइवे के चौड़ीकरण और डिवाइडर की मांग को लेकर हमीरपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे, ताकि जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा सके। प्रदर्शनकारियों ने चिलचिलाती धूप और हीटवेव की परवाह न करते हुए घंटों इंतजार किया, लेकिन जिलाधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार नहीं किया। ज्ञापन न लिए जाने से आंदोलनकारियों में नोंक-झोंक हुई और उन्होंने नारेबाज़ी की, जिसके बाद कुछ महिलाओं ने अधिकारियों को चूड़ियाँ भेंट कीं। इस घटना के बाद शासन द्वारा लगभग सोलह नामजद व्यक्तियों और पैंतीस से चालीस अज्ञात आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद लोगों में भारतीय जनता युवा मोर्चा के आकाश त्रिपाठी और रावेन्द्र भारतवंशी, भाजपा के बड़का ठाकुर, राम भक्त नीशु गुप्ता, अशोक निषाद, शिवेंद्र सिंह, दीपा तिवारी, वंदना तिवारी, सपा नेता युगांग मिश्रा, मंडल अध्यक्ष भाजपा के रणवीर सिंह उर्फ लाला, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह, नीलम निषाद, उज्जवल पाठक, अमन धुरिया, आशीष कुमार, आजाद पार्टी, गोलू और हसन खान शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद, जन आंदोलनकारियों द्वारा आज पुनः शाम पाँच बजे रोटी राम बाबा की तपोस्थली में आगे की रणनीति तय करने के लिए एक बैठक बुलाई गई है।
हमीरपुर के भरुआसुमेरपुर में नेशनल हाइवे चौंतीस, जिसे 'खूनी हाइवे' भी कहा जाता है, पर प्रतिदिन होने वाले सड़क हादसों और मौतों से निजात पाने के लिए विभिन्न राजनीतिक व गैर-राजनीतिक दलों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और महिला संगठनों ने एक विरोध प्रदर्शन किया। ये सभी समूह हाइवे के चौड़ीकरण और डिवाइडर की मांग को लेकर हमीरपुर स्थित जिलाधिकारी
कार्यालय पहुंचे थे, ताकि जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा सके। प्रदर्शनकारियों ने चिलचिलाती धूप और हीटवेव की परवाह न करते हुए घंटों इंतजार किया, लेकिन जिलाधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार नहीं किया। ज्ञापन न लिए जाने से आंदोलनकारियों में नोंक-झोंक हुई और उन्होंने नारेबाज़ी की, जिसके बाद कुछ महिलाओं ने अधिकारियों को चूड़ियाँ भेंट कीं। इस घटना के बाद
शासन द्वारा लगभग सोलह नामजद व्यक्तियों और पैंतीस से चालीस अज्ञात आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद लोगों में भारतीय जनता युवा मोर्चा के आकाश त्रिपाठी और रावेन्द्र भारतवंशी, भाजपा के बड़का ठाकुर, राम भक्त नीशु गुप्ता, अशोक निषाद, शिवेंद्र सिंह, दीपा तिवारी, वंदना तिवारी, सपा नेता युगांग मिश्रा, मंडल अध्यक्ष
भाजपा के रणवीर सिंह उर्फ लाला, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह, नीलम निषाद, उज्जवल पाठक, अमन धुरिया, आशीष कुमार, आजाद पार्टी, गोलू और हसन खान शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद, जन आंदोलनकारियों द्वारा आज पुनः शाम पाँच बजे रोटी राम बाबा की तपोस्थली में आगे की रणनीति तय करने के लिए एक बैठक बुलाई गई है।
- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था द्वारा 'विमर्श विविधा' के तहत 'जिनका देश ऋणी है' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आजादी के संघर्ष के सूरमा रासबिहारी बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने बोस को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनमें तलवार (असि) और कलम (मसि) का अद्भुत संयोग था। उन्होंने बताया कि रासबिहारी बोस प्रारम्भ से ही देशभक्त थे, जिन्होंने एक क्रांतिकारी संगठन खड़ा कर देश को आजाद कराने का बीड़ा उठाया। वह एक अच्छे लेखक भी थे और उन्होंने 16 पुस्तकें लिखीं। डा. भवानीदीन ने आगे बताया कि रासबिहारी बोस बाद में जापान चले गए, जहाँ उन्होंने एक जापानी महिला से विवाह किया और वहाँ की नागरिकता भी प्राप्त कर ली। इसके बावजूद उनका दिल देश के लिए धड़कता रहा। इसी कड़ी में बोस ने इंडियन इंडिपेंडेंस लीग और आईएनए (INA) का गठन किया। उन्हीं के परामर्श पर सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया और देश की आजादी के लिए कार्य किया। रासबिहारी बोस का निधन 21 जनवरी, 1945 को टोक्यो, जापान में हो गया था। इस कार्यक्रम में बाबूलाल, सागर, प्रिन्स, रिचा, भोलू सिंह, सतेन्द्र और अजय गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (NH-34) पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा, जहाँ हाईवे के अतिक्रमण को हटाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में हाईवे के मध्य से दोनों तरफ 55 फीट तक की जमीन को अतिक्रमण के लिए चिह्नित किया गया है। नापजोख का यह विशेष अभियान बस स्टॉप से नेहा चौराहा तक चला। प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को अपनी दुकानें और अवैध कब्जे हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि इस समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण न हटने पर बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। यह संयुक्त कार्रवाई प्रशासन, नगर पंचायत और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा मिलकर की जा रही है, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। अभियान के दौरान कई स्थानों पर कब्जाधारियों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे सभी को पीछे हटना पड़ा।4
- तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने आज से कानपुर जोन के एडीजी का कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद, उन्होंने कार्यालय का निरीक्षण भी किया। अनुपम कुलश्रेष्ठ 1995 बैच की एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें पूर्व एडीजी आलोक सिंह के स्थान पर यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगरा में अपनी सेवा के दौरान, उन्हें हाईटेक पुलिसिंग और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा मिली थी, और अब कानपुर जोन में भी उनसे स्मार्ट पुलिसिंग तथा मजबूत कानून व्यवस्था की उम्मीदें बढ़ गई हैं।1
- हमीरपुर के भरुआसुमेरपुर स्थित आर्यसमाज सत्संग भवन में साप्ताहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ में डॉ. विवेक आर्य ने मुख्य यजमान के रूप में आहुतियाँ दीं, जबकि मनीष आर्य ने यज्ञ के ब्रह्मा की भूमिका निभाई। यज्ञ संपन्न होने के पश्चात, प्रेमकुमार आर्य द्वारा महर्षि दयानंद सरस्वती जी के जीवन चरित्र का पाठन किया गया। श्रीराम आर्य ने सत्यार्थ प्रकाश का पाठन किया, वहीं कृष्ण कुमार मिश्रा ने भक्तिमय भजन प्रस्तुत किए। रमा आर्या और रुबी आर्या ने ऋषि भजन गाए, और सुधीर आर्य ने आर्य समाज के दस नियमों को दोहराया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ, जिसमें श्रीराम आर्य, डॉ. विवेक आर्य, लोटन प्रसाद आर्य, मनीष आर्य, सुधीर आर्य, प्रेम कुमार आर्य, रामौतार सिपाही, महेंद्र आर्य, कृष्ण कुमार मिश्रा, रमा आर्या, रुबी आर्या, सुमेधा आर्या, अतिभा आर्या, ऐश्वर्य पान्डेय समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।4
- कानपुर नगर के नरवल तहसील क्षेत्र में स्थित बेहटा गम्भीरपुर गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में चौकी प्रभारी साढ़ को एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा गांव की सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि ग्राम समाज की भूमि, जिसका गाटा संख्या 596 बताया गया है, पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किया गया है। ग्रामीणों ने विकल यादव, छोटे यादव और मूलचंद यादव पर इस अवैध निर्माण को अंजाम देने का आरोप लगाया है। इस कब्जे के कारण गांव की सामान्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और ग्राम समाज की भूमि का मौलिक स्वरूप भी बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि इस अवैध कब्जे को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और जो लोग इसमें दोषी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।2
- हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कलारन तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चे गहरे गड्ढे में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि तालाब में पिछले साल हुए अवैध मिट्टी खनन के कारण कई गहरे गड्ढे बन गए थे और इन्हीं गड्ढों में बच्चे फंस गए। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय प्रबल यादव, 9 वर्षीय आदित्य कुशवाहा और 10 वर्षीय भोला कुशवाहा के रूप में हुई है। हादसे के बाद साथी बच्चों और ग्रामीणों ने तीनों को तालाब से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।3
- जालौन जिले के माधौगढ़ क्षेत्र में स्थित भैरव बाबा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती ट्रक में अचानक आग लग गई। आग लगते ही मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और तत्काल इसकी सूचना पुलिस तथा दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ट्रक के पिछले हिस्से में लगी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- हमीरपुर के बिवांर स्थित निवादा भीतर मोहाल में एक घटना सामने आई है, जहाँ रामपाल प्रजापति के चबूतरे को लोडर वाहन से गिराने का विरोध करने पर एक दंपति के साथ मारपीट की गई। रामपाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके पड़ोसी इलियास पुत्र बलवान ने लोडर वाहन से उनके चबूतरे को टक्कर मारकर गिरा दिया था। जब रामपाल की पत्नी जसोदा ने इलियास को इस बात का उलाहना दिया, तो इलियास अभद्रता करने लगा। जसोदा के मना करने पर करीम ने अपने पुत्र शाहरुख के साथ मिलकर उन्हें थप्पड़-घूंसे से मारा। जसोदा द्वारा शोर मचाने पर उनके पति रामपाल वहाँ पहुँचे, तो आरोपी पिता-पुत्र ने रामपाल के साथ भी मारपीट की। मारपीट के बाद आरोपी पिता-पुत्र जान से मार देने की धमकी देते हुए मौके से चले गए। अपनी पत्नी के साथ पुलिस स्टेशन पहुँचे रामपाल ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मारपीट और धमकी देने की तहरीर दी है। इस संबंध में, एसआई जगत नारायण ने बताया कि मिली तहरीर के आधार पर दोनों पिता-पुत्र की तलाश कर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।1