शिक्षक समस्याओं के समाधान एवं शैक्षिक उन्नयन को लेकर जिला स्तरीय सम्मेलन में हुआ मंथन राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का शुभारंभ सवाई माधोपुर। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला शाखा सवाई माधोपुर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का उद्घाटन समारोह शुक्रवार को मानटाउन क्लब, बजरिया, सवाई माधोपुर में आयोजित हुआ। सम्मेलन में जिलेभर से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा शिक्षक हितों, विभागीय समस्याओं एवं शैक्षिक उन्नयन से जुड़े विषयों पर विस्तार से मंथन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश चंद मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार रहे, जबकि समारोह की अध्यक्षता जगदीश नागर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सवाई माधोपुर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अजय कुमार शर्मा एवं संतोष मीणा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, विशाल चौधरी, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार, शिवचरण मीणा, सहायक निदेशक समसा सवाई माधोपुर, प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैयालाल सैनी, प्रदेश संयुक्त महामंत्री गिर्राज वर्मा तथा जिला सलाहकार पारसचंद जैन सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष राहुल सिंह गुर्जर ने बताया कि अतिथियों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संगठन की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि रमेश चंद मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन शिक्षकों को अपने अनुभव एवं सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में जगदीश नागर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सवाई माधोपुर ने कहा कि शैक्षिक सम्मेलन शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा शिक्षक समस्याओं पर सकारात्मक संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुनकर विभागीय स्तर पर नियमानुसार समाधान की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन एवं विद्यार्थियों के हित में सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अजय कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं विद्यालयों के शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने, विभागीय समस्याओं पर चर्चा करने तथा शिक्षा में सुधार के लिए सार्थक सुझाव देने का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने शिक्षकों एवं विभाग के बीच सकारात्मक समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक संतोष मीना ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं को समझते हुए नवाचार एवं प्रभावी शिक्षण विधियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समस्याओं पर संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है। अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार विशाल चौधरी ने कहा कि शिक्षक एवं विभागीय अधिकारी शिक्षा व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। आपसी समन्वय एवं संवाद से विद्यालयों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने शिक्षक हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा एवं सहयोग की आवश्यकता बताई। सहायक निदेशक समसा सवाई माधोपुर शिवचरण मीणा ने समसा के माध्यम से संचालित शैक्षिक योजनाओं एवं गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने शिक्षकों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार तथा विद्यार्थियों के हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैयालाल सैनी ने कहा कि शिक्षक संगठन का उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाना तथा उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना है। उन्होंने शिक्षक एकता को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि संगठित प्रयासों के माध्यम से शिक्षक हितों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश संयुक्त महामंत्री गिर्राज वर्मा ने कहा कि जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शिक्षकों की समस्याओं, सुझावों एवं मांगों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों एवं हितों के लिए निरंतर सक्रिय है तथा सम्मेलन से प्राप्त सुझावों को उचित स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। जिला सलाहकार पारसचंद जैन ने कहा कि शिक्षक समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आपसी एकता, अनुशासन एवं संगठन के प्रति समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सम्मेलन के माध्यम से शिक्षक समस्याओं पर सार्थक चर्चा को आवश्यक बताया। खुले सत्र में शिक्षक समस्याओं पर हुआ विस्तार से मंथन सम्मेलन के खुले सत्र में जिलेभर से आए शिक्षकों ने विभिन्न विभागीय एवं शैक्षिक समस्याओं, स्थानांतरण, पदोन्नति, वेतन एवं सेवा संबंधी विषयों, शिक्षक दायित्वों तथा विद्यालयों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार एवं सुझाव रखे। शिक्षकों ने कहा कि विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए नियमित संवाद एवं प्रभावी पहल आवश्यक है। संगठन की ओर से बताया गया कि सम्मेलन में शिक्षकों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को संकलित कर मांग पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे संबंधित स्तर पर समाधान के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षक हितों की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है। जिला शाखा के पदाधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में जिले के विभिन्न ब्लॉकों—चौथ का बरवाड़ा, खंडार, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बौंली एवं बामनवास—से शिक्षक शामिल हुए। दो दिवसीय सम्मेलन में शिक्षक समस्याओं, शैक्षिक विषयों एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर आगे भी चर्चा जारी रहेगी। जिलाध्यक्ष राहुल सिंह गुर्जर ने सभी अतिथियों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों तथा उपस्थित शिक्षक साथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षक हितों से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाने तथा समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
शिक्षक समस्याओं के समाधान एवं शैक्षिक उन्नयन को लेकर जिला स्तरीय सम्मेलन में हुआ मंथन राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का शुभारंभ सवाई माधोपुर। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला शाखा सवाई माधोपुर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का उद्घाटन समारोह शुक्रवार को मानटाउन क्लब, बजरिया, सवाई माधोपुर में आयोजित हुआ। सम्मेलन में जिलेभर से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा शिक्षक हितों, विभागीय समस्याओं एवं शैक्षिक उन्नयन से जुड़े विषयों पर विस्तार से मंथन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश चंद मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार रहे, जबकि समारोह की अध्यक्षता जगदीश नागर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सवाई माधोपुर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अजय कुमार शर्मा एवं संतोष मीणा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, विशाल चौधरी, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार, शिवचरण मीणा, सहायक निदेशक समसा सवाई माधोपुर, प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैयालाल सैनी, प्रदेश संयुक्त महामंत्री गिर्राज वर्मा तथा जिला सलाहकार पारसचंद जैन सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष राहुल सिंह गुर्जर ने बताया कि अतिथियों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संगठन की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि रमेश चंद मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन शिक्षकों को अपने अनुभव एवं सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में जगदीश नागर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सवाई माधोपुर ने कहा कि शैक्षिक सम्मेलन शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा शिक्षक समस्याओं पर सकारात्मक संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुनकर विभागीय स्तर पर नियमानुसार समाधान की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन एवं विद्यार्थियों के हित में सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अजय कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं विद्यालयों के शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने, विभागीय समस्याओं पर चर्चा करने तथा शिक्षा में सुधार के लिए सार्थक सुझाव देने का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने शिक्षकों एवं विभाग के बीच सकारात्मक समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक संतोष मीना ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं को समझते हुए नवाचार एवं प्रभावी शिक्षण विधियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समस्याओं पर संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है। अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खंडार विशाल चौधरी ने कहा कि शिक्षक एवं विभागीय अधिकारी शिक्षा व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। आपसी समन्वय एवं संवाद से विद्यालयों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने शिक्षक हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा एवं सहयोग की आवश्यकता बताई। सहायक निदेशक समसा सवाई माधोपुर शिवचरण मीणा ने समसा के माध्यम से संचालित शैक्षिक योजनाओं एवं गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने शिक्षकों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार तथा विद्यार्थियों के हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैयालाल सैनी ने कहा कि शिक्षक संगठन का उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाना तथा उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना है। उन्होंने शिक्षक एकता को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि संगठित प्रयासों के माध्यम से शिक्षक हितों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश संयुक्त महामंत्री गिर्राज वर्मा ने कहा कि जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शिक्षकों की समस्याओं, सुझावों एवं मांगों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों एवं हितों के लिए निरंतर सक्रिय है तथा सम्मेलन से प्राप्त सुझावों को उचित स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। जिला सलाहकार पारसचंद जैन ने कहा कि शिक्षक समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आपसी एकता, अनुशासन एवं संगठन के प्रति समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सम्मेलन के माध्यम से शिक्षक समस्याओं पर सार्थक चर्चा को आवश्यक बताया। खुले सत्र में शिक्षक समस्याओं पर हुआ विस्तार से मंथन सम्मेलन के खुले सत्र में जिलेभर से आए शिक्षकों ने विभिन्न विभागीय एवं शैक्षिक समस्याओं, स्थानांतरण, पदोन्नति, वेतन एवं सेवा संबंधी विषयों, शिक्षक दायित्वों तथा विद्यालयों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार एवं सुझाव रखे। शिक्षकों ने कहा कि विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए नियमित संवाद एवं प्रभावी पहल आवश्यक है। संगठन की ओर से बताया गया कि सम्मेलन में शिक्षकों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को संकलित कर मांग पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे संबंधित स्तर पर समाधान के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षक हितों की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है। जिला शाखा के पदाधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में जिले के विभिन्न ब्लॉकों—चौथ का बरवाड़ा, खंडार, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बौंली एवं बामनवास—से शिक्षक शामिल हुए। दो दिवसीय सम्मेलन में शिक्षक समस्याओं, शैक्षिक विषयों एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर आगे भी चर्चा जारी रहेगी। जिलाध्यक्ष राहुल सिंह गुर्जर ने सभी अतिथियों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों तथा उपस्थित शिक्षक साथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षक हितों से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाने तथा समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
- रणथंभौर नेशनल पार्क से बडी खबर । बारिश के चलते वाहन पंजीकरण और नवीनीकरण की अंतिम तिथि 20 सितंबर शाम 5 बजे तक बढ़ाई गई, 2 हजार रुपए विलंब शुल्क के साथ 25 सितंबर शाम 5 बजे तक आवेदन का मौका, सफारी वाहनों की फिटनेस जांच की अंतिम तिथि भी 20 सितंबर, नया पर्यटन सत्र 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा रणथंभौर नेशनल पार्क से बडी खबर । बारिश के चलते वाहन पंजीकरण और नवीनीकरण की अंतिम तिथि 20 सितंबर शाम 5 बजे तक बढ़ाई गई, 2 हजार रुपए विलंब शुल्क के साथ 25 सितंबर शाम 5 बजे तक आवेदन का मौका, सफारी वाहनों की फिटनेस जांच की अंतिम तिथि भी 20 सितंबर, नया पर्यटन सत्र 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा1
- मानव सेवा प्रकृति प्रेमी ग्रुप के तत्वावधान मे हों रहा 5 वां गणेश महोत्सव का बहुत ही शानदार कार्यक्रम1
- पर्युषण पर्व पर सारसोप का जिनालय गूंजा भक्ति से सारसोप। कस्बे स्थित दिगंबर जैन मंदिर में इन दिनों पर्युषण पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के चलते जिनालय में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। कमलेश जैन, मनोज जैन, हेमंत जैन, कुबेर चंद जैन एवं गंभीरमल जैन ने बताया कि पर्युषण पर्व के दौरान श्रद्धालु नियमित रूप से ठाकुर जी की पूजा-अर्चना एवं प्रक्षाल करते हैं। इसके बाद अनुष्ठान तथा णमोकार मंत्र का जाप किया जाता है। मंदिर परिसर में धर्म एवं शास्त्र चर्चा के साथ प्रवचन कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं। धार्मिक आयोजनों में समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चे उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। णमोकार मंत्र के जाप और धार्मिक भजनों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। प्रवचन के दौरान धर्म, संयम और आत्मशुद्धि का महत्व बताया जा रहा है। पर्युषण पर्व को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर धर्मलाभ ले रहे हैं।1
- चौथ का बरवाड़ा में किसानों की समस्या को लेकर उपखंड अधिकारी को सौपा ज्ञापन चौथ का बड़ा उपखंड मुख्यालय पर शुक्रवार को किसानों ने प्रदर्शन करते हुए उपखंड अधिकारी के नाम किसने की समस्या को लेकर ज्ञापन सोपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने बताया कि बारिश से किसानों की फैसले बर्बाद हो चुकी है लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से गिरदावरी नहीं करवाई गई है। इसी तरह ने मांगों को लेकर उन्होंने ज्ञापन सोपा।1
- 5वें गणेश महोत्सव कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में दिखा उत्साह विभिन्न वर्गों में कनिष्का सैनी, अंजू सैनी, एवं आर्टिस्ट विनोद कुमावत रहें प्रथम स्थान पर सवाई माधोपुर। मानव सेवा प्रकृति प्रेमी ग्रुप सवाई माधोपुर के तत्वावधान में सामाजिक वानिकी शहर रोड़ पर चल रहे 5वें भव्य श्री गणेश महोत्सव के पांचवें दिवस संध्या काल में गणपति बप्पा की आरती धूमधाम से हुई। अध्यक्ष रामबाबू कुमावत ने बताया कि इस अवसर पर पं मुकेश गौतम के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कन्हैयालाल सैनी एवं उनकी धर्मपत्नी अंजू सैनी, तथा राकेश अग्रवाल पत्रकार परिवार की ओर से भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना व संध्या आरती की गई। आरती के पश्चात ग्रुप की ओर से अतिथियों का दूपट्टा उडाकर स्मृति चिन्ह देकर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गणेश महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बच्चे वर्ग में कनिष्का सैनी, महिला वर्ग में अंजू सैनी, पुरुष वर्ग में आर्टिस्ट विनोद कुमावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया प्रतिदिन विभिन्न प्रतियोगिताओ के विजेताओं को 23 को पुरस्कृत किया जाएगा। ग्रुप पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। 23 सितंबर को 56 भोग एवं भव्य भजन संध्या आयोजित होगी जिसमें प्रिंस म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार अपनी प्रस्तुति देगे। साथ ही विशेष झांकी सजाई जाएगी। इस अवसर पर संरक्षक रोहित गुप्ता पत्रकार, रूपेन्द्र सिंह सोलंकी, मीडिया प्रभारी राजमल सैनी, सचिव राजेश सैनी, धर्मवीर कुमावत, आर्टिस्ट विनोद कुमावत, नेमीचंद, कन्हैयालाल, रामसहाय साहू सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।4
- देव धाम जोधपुरिया यात्रा पर शानदार भीड़ में डास किया गुर्जर भाई ने देव धाम जोधपुरिया यात्रा पर शानदार डांस1
- मलारनाडूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा चौहानपुर में स्थित भगवान देवनारायण के मंदिर पर बरसात के बीच कन्हैया पद दंगल भंडारा भजन संध्या का आयोजन दानवीरों की 11 लाख की घोषणा मलारनाडूंगर उपखंड क्षेत्र के मकसूदनपुरा चौहानपुर में स्थित भगवान देवनारायण के मंदिर पर बरसात के बीच कन्हैया पद दंगल भंडारा भजन संध्या का आयोजन दानवीरों की 11 लाख की घोषणा मकसूदनपुरा चौहानपुर स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में गुरुवार को भगवान देवनारायण जी का एक दिवसीय मेला बरसात के बीच सम्पन्न हुआ। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग झंडे एवं डीजे के साथ यात्रा के रूप में मंदिर पहुंचे। श्रद्धालु बरसात में भीगते हुए भगवान देवनारायण के दर्शन करते नजर आए। मेले के दौरान कन्हैया पद गायन एवं कन्हैया दंगल का आयोजन हुआ, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों का मंदिर समिति की ओर से साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मंदिर समिति अध्यक्ष एडवोकेट विनोद गुर्जर ने बताया कि मेले में दिनभर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं को खीर, पुआ और कढ़ी का प्रसाद वितरित किया गया। भंडारे में करीब 10 क्विंटल आटा, 20 पीपे तेल और 7 क्विंटल दूध का उपयोग हुआ। मेले के दौरान प्रशासन की मौजूदगी भी रही। भजन संध्या में देर रात तक झूमे श्रद्धालु शाम को आयोजित भजन संध्या की शुरुआत राजू मलारना डूंगर ने गणेश वंदना एवं गुरु वंदना से की। इसके बाद धनराज मीणा सपोटरा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। भजन संध्या का मंच आगे एचआर गोठ ने भगवान देवनारायण के भजनों के साथ संभाला। भजनों पर श्रद्धालु नाचते और झूमते नजर आए तथा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। मंदिर निर्माण के लिए सहयोग की घोषणाएं मेले के दौरान मंदिर के मुख्य तोरण द्वार के निर्माण के लिए सांगानेर से आए गुर्जर समाज के कपड़ा व्यापारियों द्वारा 10 लाख रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की गई। वहीं भरोसी जमादार, बिलोली ने चदर डोम निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपए देने की घोषणा की। सहयोग की घोषणाओं पर मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं ने आभार जताया।1
- पानी की टंकी के आसपास गंदगी का आलम, अंग्रेजी बबूलों ने घेरा परिसर सारसोप कस्बे में जलदाय विभाग की पानी की टंकी के आसपास इन दिनों गंदगी का आलम बना हुआ है। टंकी के समीप जगह-जगह कचरा और झाड़ियां फैली होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं चारों तरफ अंग्रेजी बबूलों की झाड़ियां उग आई हैं, जिससे पूरा क्षेत्र जंगलनुमा नजर आने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सफाई और झाड़ियों की कटाई नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। अंग्रेजी बबूलों के बीच जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे रहने की आशंका भी बनी रहती है। पानी की टंकी जैसे महत्वपूर्ण स्थान के आसपास सफाई व्यवस्था दुरुस्त होना जरूरी है। लोगों ने जलदाय विभाग से टंकी परिसर की नियमित सफाई करवाने, कचरा हटाने तथा अंग्रेजी बबूलों की कटाई करवाने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके।2